मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 23

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें
Read in English

इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 23) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 17 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बौद्ध और जैन धर्म, प्राचीन भारतीय राजवंश और उनके संस्थापक, हर्षवर्धन और दक्षिण भारतीय राज्य और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा 'सुत्त पिटक' का भाग है?

  1. A.दीपवंश
  2. B.मज्झिम निकाय
  3. C.धम्मसंगणि
  4. D.मनुस्मृति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मज्झिम निकाय

व्याख्या

सही उत्तर है B, मज्झिम निकाय। सुत्त पिटक बुद्ध के उपदेशों का संग्रह है और इसे पाँच निकायों में बाँटा गया है: दीघ, मज्झिम, संयुत्त, अंगुत्तर और खुद्दक। मज्झिम निकाय मध्यम लंबाई के उपदेशों का संग्रह है, जिसमें ध्यान, सदाचार और मध्यम मार्ग पर लगभग एक सौ बावन सुत्त हैं। सुत्त पिटक पालि त्रिपिटक के तीन पिटकों में से एक है; शेष दो विनय पिटक हैं, जिसमें संघ के नियम हैं, और अभिधम्म पिटक, जिसमें दर्शन है। A गलत है क्योंकि दीपवंश श्रीलंका का ऐतिहासिक वृत्तांत है, त्रिपिटक का भाग नहीं। C गलत है क्योंकि धम्मसंगणि अभिधम्म पिटक की पहली पुस्तक है। D गलत है क्योंकि मनुस्मृति ब्राह्मण परंपरा का धर्मशास्त्र है और उसका बौद्ध धर्म से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: त्रिपिटक अर्थात विनय, सुत्त और अभिधम्म; सुत्त में पाँच निकाय।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Aug 2021, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किसने राष्ट्रकूट राज्य की स्थापना की थी?

  1. A.अशोक
  2. B.अमोघवर्ष
  3. C.कृष्ण प्रथम
  4. D.दंतिदुर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दंतिदुर्ग

व्याख्या

सही उत्तर है D, दंतिदुर्ग। दंतिदुर्ग ने लगभग 753 ईस्वी में दक्कन में राष्ट्रकूट राज्य की स्थापना की।

दंतिदुर्ग बादामी के चालुक्यों का सामंत था और उसने चालुक्य शासक कीर्तिवर्मन द्वितीय को पराजित कर स्वतंत्र शासन स्थापित किया। इसकी राजधानी मान्यखेट बनी, जो आज कर्नाटक का मलखेड़ है। कन्नौज के लिए चले लंबे त्रिपक्षीय संघर्ष की तीन शक्तियों में राष्ट्रकूट, पाल और प्रतिहार शामिल थे। अरब यात्री अल-मसूदी ने राष्ट्रकूट शासक को विश्व के महान राजाओं में गिना था।

A गलत है: अशोक तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के मौर्य सम्राट थे। B गलत है: अमोघवर्ष बाद के राष्ट्रकूट राजा थे, जिन्होंने कन्नड़ में कविराजमार्ग लिखा। C गलत है: कृष्ण प्रथम दंतिदुर्ग के उत्तराधिकारी थे और एलोरा के शैलकृत कैलाश मंदिर के लिए याद किए जाते हैं।

परीक्षा टिप: राष्ट्रकूट - संस्थापक दंतिदुर्ग, लगभग 753 ईस्वी, राजधानी मान्यखेट, कैलाश मंदिर कृष्ण प्रथम ने बनवाया।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 3आसान

राजा शशांक, जिसके विरुद्ध हर्षवर्धन ने युद्ध की घोषणा की, किस राज्य का शासक था?

  1. A.कान्यकुब्ज
  2. B.जूनागढ़
  3. C.मगध
  4. D.गौड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गौड़

व्याख्या

सही उत्तर D, गौड़ है। शशांक गौड़ का राजा था, अर्थात बंगाल का वह क्षेत्र जिसका केंद्र कर्णसुवर्ण था। उसने हर्ष के बड़े भाई राज्यवर्धन की हत्या की थी, और इसी हत्या का बदला लेने तथा अपनी बहन राज्यश्री को वापस पाने के लिए हर्ष ने युद्ध की घोषणा की और कामरूप के भास्करवर्मन से संधि की।

विकल्प A, कान्यकुब्ज, कन्नौज का प्राचीन नाम है, जो मौखरि राजधानी थी और जिसे हर्ष ने स्वयं अपनी राजधानी बनाया, अतः वह हर्ष का शत्रु राज्य नहीं था। विकल्प B, जूनागढ़, गुजरात के सौराष्ट्र का स्थान है, जो अशोक के शिलालेख तथा रुद्रदामन और स्कंदगुप्त के अभिलेखों के लिए जाना जाता है और शशांक से इसका कोई संबंध नहीं। विकल्प C, मगध, दक्षिण बिहार का राज्य है जहाँ हर्यंक, नंद, मौर्य और गुप्त शासक हुए; हर्ष के समय यह उसके ही साम्राज्य का भाग था।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा के क्षेत्र बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए थे?

  1. A.चौथा
  2. B.तीसरा
  3. C.दूसरा
  4. D.पहला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरा। तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध 1817-18 में लॉर्ड हेस्टिंग्स के समय लड़ा गया और इसी से मराठा शक्ति समाप्त हुई। पेशवा बाजीराव द्वितीय खड़की, कोरेगाँव और अष्टी में पराजित हुआ, पेशवा का पद ही समाप्त कर दिया गया और पूना के आसपास के उसके क्षेत्र लेकर बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए। बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया और शिवाजी के वंशज के लिए सतारा में एक छोटा राज्य बना दिया गया। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की सर्वोपरि शक्ति बन गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि चौथा आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ ही नहीं; मराठों ने तीन युद्ध लड़े। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1803-05 का दूसरा युद्ध बसीन की संधि के बाद हुआ और उसमें मराठों ने ओडिशा, दिल्ली तथा आगरा खोए, पर पेशवा अपने पद पर बना रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1775-82 का पहला युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त हुआ, जिसने युद्ध से पहले की स्थिति बहाल कर दी। परीक्षा टिप: सालबाई 1782, बसीन 1802, पेशवा पद समाप्त 1818।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

किस सुल्तान ने दिल्ली सल्तनत की राजधानी लाहौर से दिल्ली स्थानांतरित की और कुतुब मीनार पूरा कराया?

  1. A.कुतुबुद्दीन ऐबक
  2. B.इल्तुतमिश
  3. C.बलबन
  4. D.जलालुद्दीन खिलजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इल्तुतमिश

व्याख्या

सही उत्तर B, इल्तुतमिश है। शम्सुद्दीन इल्तुतमिश ने 1211 से 1236 तक शासन किया, शासन का केंद्र लाहौर से दिल्ली ले आया, अपने ससुर द्वारा आरंभ कराया गया कुतुब मीनार पूरा कराया, चाँदी का टंका और ताँबे का जीतल जारी किया, भूमि निर्धारण की इक्ता व्यवस्था संगठित की और चालीस तुर्क सरदारों का दल तुर्कान-ए-चहलगानी बनाया। इसी कारण उसे सल्तनत का वास्तविक संगठक कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 में वंश की स्थापना की और लाहौर को ही अपना केंद्र बनाए रखा; उसने कुतुब मीनार केवल आरंभ कराया और 1210 में उसकी मृत्यु हो गई। विकल्प C गलत है क्योंकि बलबन बहुत बाद में, 1266 से 1287 तक शासक रहा और सिजदा तथा पाइबोस की प्रथाओं और चहलगानी की शक्ति तोड़ने के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 में एक भिन्न वंश की स्थापना की, जब राजधानी बहुत पहले बदल चुकी थी।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 03 May 2023, Shift 3मध्यम

किस युद्ध के कारण विजयनगर साम्राज्य का विनाश हुआ?

  1. A.रायचूर का युद्ध
  2. B.हल्दीघाटी का युद्ध
  3. C.तालिकोटा का युद्ध
  4. D.आरकाट का युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तालिकोटा का युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है C, तालिकोटा का युद्ध। जनवरी 1565 में लड़े गए तालिकोटा के युद्ध ने विजयनगर साम्राज्य की कमर तोड़ दी। बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बीदर की दक्कनी सल्तनतों ने मिलकर इसके विरुद्ध मोर्चा बनाया, और उनकी संयुक्त सेना ने अराविडु वंश के संरक्षक आलिया राम राय को हराया, जिन्हें युद्धभूमि में पकड़कर मार डाला गया। विजेताओं ने तुंगभद्रा किनारे हम्पी में स्थित राजधानी विजयनगर को महीनों तक लूटा और वह नगर फिर कभी नहीं उठ सका। शासक पेनुकोंडा और बाद में चंद्रगिरी चले गए, और अगली शताब्दी में साम्राज्य सिमट गया। इस युद्ध को पास के दो गाँवों के नाम पर राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहा जाता है। A गलत है क्योंकि 1520 का रायचूर युद्ध कृष्णदेवराय के नेतृत्व में विजयनगर की जीत था। B गलत है क्योंकि 1576 का हल्दीघाटी युद्ध मेवाड़ में महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच हुआ। D गलत है क्योंकि 1751 का आरकाट युद्ध कर्नाटक युद्धों का हिस्सा है। परीक्षा टिप: तालिकोटा 1565, राक्षसी-तंगड़ी भी कहा जाता है, राम राय मारे गए और हम्पी लूटी गई।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 1आसान

अहमद शाह अब्दाली ने किस युद्ध में मराठों को हराया था?

  1. A.पानीपत का तृतीय युद्ध
  2. B.खानवा का युद्ध
  3. C.बक्सर का युद्ध
  4. D.तराइन का प्रथम युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पानीपत का तृतीय युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है A, पानीपत का तृतीय युद्ध। अहमद शाह अब्दाली, जिन्हें अहमद शाह दुर्रानी भी कहा जाता है, ने 14 जनवरी 1761 को पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठों को हराया। मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे और उनके साथ युवा विश्वासराव थे, जबकि अब्दाली के साथ रुहेलों के नजीब-उद-दौला और अवध के शुजा-उद-दौला थे। इस युद्ध में मराठों की पूरी एक पीढ़ी के सेनापति मारे गए और उत्तर भारत में उनके प्रभुत्व की दौड़ रुक गई, जिससे अंग्रेजों के लिए रास्ता खुल गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1527 का खानवा का युद्ध बाबर और मेवाड़ के राणा सांगा के बीच हुआ था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1764 के बक्सर के युद्ध में हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में अंग्रेजों ने मीर कासिम, शुजा-उद-दौला और शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हराया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1191 का तराइन का प्रथम युद्ध पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी के विरुद्ध जीता था। परीक्षा टिप: पानीपत 1526 में बाबर-इब्राहिम लोदी, 1556 में अकबर-हेमू और 1761 में अब्दाली-मराठा।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 16th March 2019, Shift 2मध्यम

मराठा शासन में 'सरदेशमुखी' क्या थी?

  1. A.पेशवा के समकक्ष एक पदनाम
  2. B.मराठा शासन के समय का एक सिक्का
  3. C.राजस्व पर लगाया गया कर
  4. D.छत्रपति शिवाजी महाराज को दिया गया नाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राजस्व पर लगाया गया कर

व्याख्या

सही उत्तर है C, राजस्व पर लगाया गया कर। सरदेशमुखी भू-राजस्व का दसवाँ भाग यानी दस प्रतिशत था, जिसे मराठे अपने राज्य से बाहर के क्षेत्रों में वसूलते थे। छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसे महाराष्ट्र के वंशानुगत सरदेशमुख अर्थात प्रमुख मुखिया के अधिकार के रूप में माँगा, इसलिए इसे नया कर नहीं बल्कि पुराना अधिकार बताया गया। इसे चौथ के साथ वसूला जाता था, जो राजस्व का एक चौथाई यानी पच्चीस प्रतिशत था और रक्षा के बदले लिया जाता था। इस प्रकार दोनों मिलाकर मराठों को उन क्षेत्रों के राजस्व का पैंतीस प्रतिशत मिल जाता था। A गलत है क्योंकि यह कोई पद नहीं था; पेशवा प्रमुख मंत्री होता था। B गलत है क्योंकि यह सिक्का नहीं था, मराठा सिक्कों में होन और शिवराई आते थे। D गलत है क्योंकि यह शिवाजी का नाम कभी नहीं था। परीक्षा टिप: चौथ एक चौथाई, सरदेशमुखी दसवाँ भाग।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2आसान

भारत ने पंचशील समझौते पर किस देश के साथ हस्ताक्षर किए थे?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.बांग्लादेश
  3. C.चीन
  4. D.नेपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, चीन। पंचशील समझौते पर 29 अप्रैल 1954 को भारत और चीन ने हस्ताक्षर किए थे, जो भारत तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार संबंधी संधि का भाग था। जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने इसे पंचशील नाम दिया। इसके पांच सिद्धांत हैं - एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा इन्हीं वर्षों का है और आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन को दिशा दी। 1962 के युद्ध ने दिखा दिया कि यह समझौता कितना कमजोर सिद्ध हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मुख्य समझौते 1960 की सिंधु जल संधि और 1972 का शिमला समझौता हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बांग्लादेश 1971 में बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि 1950 में हुई थी। परीक्षा टिप: पंचशील - भारत और चीन, 29 अप्रैल 1954, पांच सिद्धांत।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 1मध्यम

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने फ्रांसीसियों से पांडिचेरी (पुदुचेरी) को किस वर्ष छीना था?

  1. A.1674
  2. B.1699
  3. C.1738
  4. D.1761
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1761

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1761। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने तीसरे कर्नाटक युद्ध के दौरान 1761 में फ्रांसीसियों से पांडिचेरी छीन लिया था। इससे पहले 1760 में वांडीवाश के युद्ध में सर आयर कूट ने दक्षिण भारत में फ्रांसीसी शक्ति को तोड़ दिया था। 1763 की पेरिस संधि से यह नगर फ्रांस को लौटा दिया गया, परंतु फ्रांसीसियों पर किलेबंदी करने और सेना रखने की रोक लगा दी गई, इसलिए यह केवल व्यापारिक बस्ती बनकर रह गया और भारत की होड़ अंग्रेजों के पक्ष में तय हो गई। पांडिचेरी 1954 में भारत को सौंपे जाने तक फ्रांस के अधिकार में रहा। A गलत है क्योंकि 1674 में फ्रांसुआ मार्टिन के नेतृत्व में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी ने पांडिचेरी की स्थापना की थी। B गलत है क्योंकि 1699 में ऐसा कोई अधिकार नहीं हुआ। C गलत है क्योंकि 1738 कर्नाटक युद्धों के आरंभ (1746) से भी पहले पड़ता है। परीक्षा टिप: वांडीवाश युद्ध 1760, पांडिचेरी पर कब्जा 1761, पेरिस संधि 1763 और भारत में विलय 1954।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 3आसान

मुगलों के प्रशासन में मनसबदारी व्यवस्था किसने आरंभ की?

  1. A.अकबर
  2. B.शाहजहाँ
  3. C.औरंगजेब
  4. D.जहाँगीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अकबर

व्याख्या

सही उत्तर है A, अकबर। अकबर ने सोलहवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में साम्राज्य के हर अधिकारी का श्रेणीकरण करने के लिए मनसबदारी व्यवस्था शुरू की। मनसब का अर्थ पद या श्रेणी है, और हर मनसबदार के दो अंक होते थे: जात, जो उसका व्यक्तिगत दर्जा और वेतन तय करता था, और सवार, यानी उसे कितने सशस्त्र घुड़सवार तैयार रखने थे। श्रेणियाँ दस से पाँच हजार तक थीं और इससे ऊँची श्रेणियाँ शाही परिवार के राजकुमारों के लिए रखी गई थीं। अकबर ने घोड़ों पर सरकारी छाप लगाने की दाग प्रथा और हर सिपाही का हुलिया लिखने की चेहरा प्रथा भी चलाई, जिससे अधिकारी गिनती के समय उधार के सिपाही न दिखा सकें। विकल्प D गलत है, क्योंकि जहाँगीर ने केवल दु-अस्पा सिह-अस्पा व्यवस्था जोड़ी, जिससे जात बढ़ाए बिना घुड़सवार बढ़ जाते थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि शाहजहाँ ने वेतन ठीक करने के लिए माहवार (महाना) पैमाना चलाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि औरंगजेब ने इसे जैसा पाया वैसा ही चलने दिया। परीक्षा टिप: अकबर से मनसबदारी श्रेणियाँ और टोडरमल की दहसाला बंदोबस्त व्यवस्था जुड़ी है।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 9 Nov 2022, Shift 3आसान

लॉर्ड डलहौज़ी ने अवध का विलय कब किया था?

  1. A.1857
  2. B.1855
  3. C.1858
  4. D.1856
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1856

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1856। लॉर्ड डलहौज़ी ने फरवरी 1856 में अवध का विलय किया, जो गवर्नर जनरल के रूप में उनके कार्यकाल का अंतिम महीना था। यहाँ उन्होंने व्यपगत के सिद्धांत का प्रयोग नहीं किया, क्योंकि नवाब वाजिद अली शाह के उत्तराधिकारी मौजूद थे; इसके बजाय अंग्रेज़ों ने कुशासन का आरोप लगाकर 1801 की सहायक संधि की शर्तों के आधार पर इसे अपने अधीन कर लिया। वाजिद अली शाह को पेंशन देकर कलकत्ता भेज दिया गया। इस विलय से वे तालुकदार नाराज़ हुए जिनकी जागीरें छिन गईं, और बंगाल सेना के वे सिपाही भी, जिनमें बड़ी संख्या अवध से थी और जिनके विशेषाधिकार समाप्त हो गए। इसी कारण अगले ही वर्ष अवध विद्रोह का बड़ा केंद्र बना। A गलत है क्योंकि 1857 विद्रोह का वर्ष है। B और C गलत हैं क्योंकि 1855 और 1858 विलय के आगे-पीछे पड़ते हैं। परीक्षा टिप: अवध 1856, वाजिद अली शाह।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 6 Oct 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन भारत का पहला अंग्रेजी भाषा का समाचार पत्र था?

  1. A.हिक्की का बंगाल गजट
  2. B.द मद्रास कूरियर
  3. C.द बॉम्बे हेराल्ड
  4. D.मराठा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हिक्की का बंगाल गजट

व्याख्या

सही उत्तर है A, हिक्की का बंगाल गजट। यह 1780 में कलकत्ता से शुरू हुआ और भारत का पहला मुद्रित समाचार पत्र था।

जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने इसे साप्ताहिक के रूप में निकाला और इसका नाम बंगाल गजट या कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर रखा। इसमें वॉरेन हेस्टिंग्स और ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों पर तीखे हमले छपते थे, इसलिए सरकार ने इसकी डाक सुविधा रोक दी और 1782 में अखबार बंद कर हिक्की को जेल भेज दिया। भारत में प्रेस के इतिहास और प्रेस की स्वतंत्रता की लड़ाई की शुरुआत यहीं से मानी जाती है।

विकल्प B द मद्रास कूरियर 1785 में निकला, यानी पाँच वर्ष बाद। विकल्प C द बॉम्बे हेराल्ड 1789 में शुरू हुआ। विकल्प D मराठा, बाल गंगाधर तिलक का अंग्रेजी साप्ताहिक था, जो 1881 में शुरू हुआ।

परीक्षा टिप: 1780 बंगाल गजट, 1785 मद्रास कूरियर, 1789 बॉम्बे हेराल्ड; तिलक - मराठी में केसरी, अंग्रेजी में मराठा।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 3कठिन

निम्नलिखित भारतीय क्रांतिकारियों में से किसने जर्मनी के सहयोग से अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह की योजना बनाई थी?

  1. A.प्रफुल्ल चाकी
  2. B.अशफ़ाक़उल्ला खाँ
  3. C.खुदीराम बोस
  4. D.बाघा जतीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बाघा जतीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, बाघा जतीन। जतीन्द्रनाथ मुखर्जी, जिन्हें बाघा जतीन कहा जाता है, ने पहले विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी की मदद से अंग्रेज़ों के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह की योजना बनाई थी। वे बंगाल में युगांतर दल का नेतृत्व करते थे और रासबिहारी बोस के साथ मिलकर उस योजना पर काम किया जिसे भारत-जर्मन षड्यंत्र कहा जाता है। इसके अनुसार जर्मन जहाज़ ओडिशा के तट पर राइफलें उतारते और वे हथियार देश भर के क्रांतिकारियों तक पहुँचकर आम विद्रोह भड़काते। यह योजना ब्रिटिश गुप्तचरों को पता चल गई और सितंबर 1915 में बालासोर में पुलिस से हुई गोलीबारी में जतीन शहीद हो गए। उन्होंने बरसों पहले एक बाघ को खंजर से मारा था, इसी से उनका नाम बाघा जतीन पड़ा। A गलत है क्योंकि प्रफुल्ल चाकी ने 1908 में मुज़फ़्फ़रपुर कांड के बाद खुद को गोली मार ली थी। B गलत है क्योंकि अशफ़ाक़उल्ला खाँ 1925 के काकोरी कांड से जुड़े थे। C गलत है क्योंकि खुदीराम बोस को 1908 में फाँसी हुई थी। परीक्षा टिप: बाघा जतीन – युगांतर, जर्मन हथियार योजना, बालासोर 1915।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

सौ वर्षीय युद्ध किन दो देशों के बीच लड़ा गया था?

  1. A.इंग्लैंड और फ्रांस
  2. B.इंग्लैंड और इटली
  3. C.इंग्लैंड और जर्मनी
  4. D.जर्मनी और फ्रांस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. इंग्लैंड और फ्रांस

व्याख्या

सही उत्तर है A, इंग्लैंड और फ्रांस। सौ वर्षीय युद्ध इंग्लैंड और फ्रांस के बीच 1337 से 1453 तक चला, अर्थात वास्तव में 116 वर्ष, जिसके बीच लंबी संधियों के दौर भी रहे। इसकी शुरुआत तब हुई जब इंग्लैंड के एडवर्ड तृतीय ने फ्रांस की राजगद्दी पर अपना दावा जताया; इसके पीछे फ्रांस में इंग्लैंड की भूमि और फ्लैंडर्स के ऊन व्यापार पर नियंत्रण का प्रश्न भी था। लंबे धनुष की मदद से इंग्लैंड ने क्रेसी, प्वातिए और एजिनकोर्ट के प्रसिद्ध आरंभिक युद्ध जीते, पर 1429 में जोन ऑफ आर्क द्वारा ऑर्लेआं की घेराबंदी तोड़ने के बाद फ्रांस ने वापसी की, और 1453 तक अंग्रेजों के पास केवल कैले बचा। B गलत है क्योंकि इंग्लैंड और इटली के बीच ऐसा कोई युद्ध नहीं हुआ। C गलत है क्योंकि इंग्लैंड और जर्मनी बीसवीं सदी के विश्व युद्धों में आमने-सामने आए, चौदहवीं सदी में नहीं। D गलत है क्योंकि जर्मनी-फ्रांस का टकराव 1870-71 का फ्रांस-प्रशा युद्ध था, जो बहुत बाद का और छोटा था। परीक्षा टिप: सौ वर्षीय युद्ध 1337 से 1453, इंग्लैंड बनाम फ्रांस, 1429 में जोन ऑफ आर्क से मोड़।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 24 Aug 2021, Shift 2मध्यम

विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना किसने की और नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित किया?

  1. A.गोपाल
  2. B.वासुदेव
  3. C.श्रीगुप्त
  4. D.धर्मपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धर्मपाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, धर्मपाल। बंगाल और बिहार के पाल वंश के दूसरे तथा सबसे प्रतापी शासक धर्मपाल ने आठवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में विक्रमशिला महाविहार और विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो आज के बिहार के भागलपुर जिले में स्थित था। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय को भी फिर से संवारा और उसे संरक्षण दिया। विक्रमशिला तांत्रिक बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र बना और यहीं के विद्वान अतीश दीपंकर तिब्बत में बौद्ध धर्म का प्रचार करने गए। पाल शासक पूर्वी भारत में बौद्ध धर्म के अंतिम बड़े संरक्षक थे और लगभग 1200 ईस्वी में बख्तियार खिलजी ने दोनों विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया। A गलत है क्योंकि गोपाल ने पाल वंश तथा ओदंतपुरी विहार की स्थापना की थी, विक्रमशिला की नहीं। B गलत है क्योंकि वासुदेव उत्तर-पश्चिम का कुषाण शासक था और बहुत पहले हुआ। C गलत है क्योंकि श्रीगुप्त ने गुप्त वंश की नींव रखी और पालों से सदियों पहले हुए। परीक्षा टिप: नालंदा - कुमारगुप्त प्रथम, पुनरुद्धार धर्मपाल; ओदंतपुरी - गोपाल; विक्रमशिला - धर्मपाल।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Jan 2022मध्यम

मुगलों द्वारा विविध पृष्ठभूमियों से मनसबदारों की भर्ती करने का कारण था _______।

  1. A.मनसबदारों और प्रजा के बीच भाषा की दूरी कम करना।
  2. B.साम्राज्य के विस्तार के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के अमीरों की सेवाएं लेना।
  3. C.विविध क्षेत्रों के लोगों का समर्थन और निष्ठा जुटाना।
  4. D.समावेश और विश्वबंधुत्व के विचार को बढ़ावा देना।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. साम्राज्य के विस्तार के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के अमीरों की सेवाएं लेना।

व्याख्या

सही उत्तर है B, साम्राज्य के विस्तार के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के अमीरों की सेवाएं लेना। मनसबदार वह अधिकारी था जिसे मनसब यानी एक पद मिलता था, जिससे दरबार में उसका स्थान, वेतन और उसके द्वारा तैयार रखे जाने वाले घुड़सवारों की संख्या तय होती थी। जैसे-जैसे साम्राज्य राजस्थान, दक्कन और पूर्व तक फैला, मुगलों को ऐसे सेनापति और प्रशासक चाहिए थे जो उन क्षेत्रों को जानते हों, इसलिए तूरानी, ईरानी, अफगान, राजपूत और दक्कनी सभी सेवा में लिए गए। अकबर ने इस भर्ती को विशेष रूप से चौड़ा किया, और वेतन जागीर से दिया जाता था, यानी किसी भूभाग के राजस्व का आवंटन। A गलत है क्योंकि भाषा इस नीति का कारण नहीं थी। C गलत है क्योंकि स्थानीय निष्ठा अधिक से अधिक एक परिणाम थी, उद्देश्य नहीं। D गलत है क्योंकि लक्ष्य बढ़ते साम्राज्य का व्यावहारिक प्रशासन था, कोई सामाजिक आदर्श नहीं। परीक्षा टिप: मनसब यानी पद, जात से दर्जा और वेतन, सवार से घुड़सवार तय होते थे।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 Oct 2020, Shift 2मध्यम

मैसूर राज्य और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?

  1. A.1780-1784
  2. B.1769-1775
  3. C.1785-1789
  4. D.1766-1769
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1780-1784

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1780-1784। द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध 1780 से 1784 तक चला। इसकी शुरुआत तब हुई जब अंग्रेजों ने हैदर अली के क्षेत्र में स्थित फ्रांसीसी बंदरगाह माहे पर कब्जा कर लिया और जवाब में हैदर अली ने कर्नाटक पर हमला किया। 1780 में उसने पोल्लिलूर में कर्नल बेली की सेना को बुरी तरह हराया, जो भारत में अंग्रेजों की सबसे बड़ी पराजयों में गिनी जाती है। इसके बाद वॉरेन हेस्टिंग्स ने सर आयर कूट को दक्षिण भेजा, जिसने 1781 में पोर्टो नोवो में हैदर अली को हराया। दिसंबर 1782 में हैदर अली की कैंसर से मृत्यु हो गई और उसके बेटे टीपू सुल्तान ने युद्ध जारी रखा। मार्च 1784 की मंगलोर की संधि से युद्ध समाप्त हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने जीते हुए इलाके लौटा दिए। B गलत है क्योंकि 1769-1775 में कोई आंग्ल-मैसूर युद्ध नहीं हुआ। C गलत है क्योंकि 1785-1789 दो युद्धों के बीच का शांति काल था। D गलत है क्योंकि प्रथम युद्ध 1767-1769 में लड़ा गया और मद्रास की संधि से समाप्त हुआ। परीक्षा टिप: प्रथम 1767-69 मद्रास, द्वितीय 1780-84 मंगलोर, तृतीय 1790-92 श्रीरंगपट्टनम, चतुर्थ 1799।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Dec 2021मध्यम

औपनिवेशिक भारत में भारतीय लोहा और इस्पात धातुकर्म के पतन के कारण के रूप में आप निम्नलिखित में से किसे बताएंगे? A. इंग्लैंड से लोहा और इस्पात आयात किया जाता था। B. नए वन कानूनों ने लोगों को आरक्षित वनों में लकड़ी लेने जाने से रोक दिया।

  1. A.केवल A
  2. B.केवल B
  3. C.A और B दोनों
  4. D.न A न B
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. A और B दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, A और B दोनों। भारत के गांवों के लोहा गलाने वाले कारीगर एक साथ दो दबावों से उजड़ गए। उन्नीसवीं सदी के मध्य से ब्रिटिश कारखानों में बना सस्ता लोहा और इस्पात भारत में बड़ी मात्रा में आने लगा, और स्थानीय कारीगर उस दाम का मुकाबला नहीं कर सके, इसलिए उनके धातु की मांग गिर गई। उसी समय उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध के औपनिवेशिक वन कानूनों ने बड़े इलाकों को आरक्षित वन घोषित कर दिया और गलाने वाले समुदायों का प्रवेश रोक दिया। अब वे अपनी भट्ठियों के लिए कोयला बनाने हेतु लकड़ी नहीं काट सकते थे, और लकड़ी के कोयले के बिना भट्ठियां ठंडी पड़ गईं। कुछ ने भारी शुल्क देकर प्रवेश लिया, पर बहुत से परिवारों ने यह काम छोड़कर खेती या मजदूरी अपना ली। A और B अकेले अधूरे हैं क्योंकि हर कथन केवल एक कारण बताता है। D गलत है क्योंकि दोनों कथन सही हैं। परीक्षा टिप: सस्ता ब्रिटिश आयात और वन कानूनों से कोयले की कमी, दोनों ने गांव का लोहा उद्योग खत्म किया।

सभी क्विज देखें