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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 2

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 2) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, बौद्ध और जैन धर्म और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासआसान

हड़प्पा सभ्यता का एकमात्र कृत्रिम गोदीबाड़ा किस स्थल पर पहचाना गया है?

  1. A.लोथल
  2. B.सुरकोटदा
  3. C.चन्हूदड़ो
  4. D.बनावली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लोथल

व्याख्या

सही उत्तर A, लोथल है। लोथल गुजरात में साबरमती की सहायक नदी भोगावा के किनारे स्थित है और इसके पूर्वी भाग में ईंटों का बड़ा हौज मिला है जो एक नहर द्वारा नदी से जुड़ा था। अधिकांश पुरातत्वविद इसे गोदीबाड़ा मानते हैं, जहां नावें लाकर माल चढ़ाया-उतारा जाता था। यहां से मिले मनके कारखाने और मुहरें भी इसी बात की पुष्टि करती हैं कि लोथल खाड़ी क्षेत्र से होने वाले व्यापार का बंदरगाह था।

विकल्प B, कच्छ का सुरकोटदा घोड़े की हड्डियों और पत्थर से घिरे शवाधानों के लिए जाना जाता है। विकल्प C, सिंध का चन्हूदड़ो मनके, चूड़ी और मुहर बनाने वाला शिल्प नगर था तथा यह दुर्ग रहित एकमात्र बड़ा नगर है। विकल्प D, हरियाणा के बनावली से मिट्टी का खिलौना हल और जौ के भंडार मिले हैं। इनमें से किसी स्थल पर गोदीबाड़ा नहीं है।

Q2.भारतीय इतिहासआसान

सिंधु घाटी सभ्यता का विशाल स्नानागार किस स्थल से प्राप्त हुआ है?

  1. A.हड़प्पा
  2. B.मोहनजोदड़ो
  3. C.लोथल
  4. D.कालीबंगा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मोहनजोदड़ो

व्याख्या

सही उत्तर B, मोहनजोदड़ो है। विशाल स्नानागार सिंध स्थित मोहनजोदड़ो के दुर्ग क्षेत्र में बना है। यह ईंटों का जलकुंड है, लगभग बारह मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा, जिसके दोनों सिरों पर सीढ़ियां हैं और चारों ओर छोटे कक्ष बने हैं। फर्श के नीचे प्राकृतिक तारकोल की परत लगाकर उसे जलरोधी बनाया गया था। विद्वान इसे धार्मिक स्नान का स्थान मानते हैं और यही इस सभ्यता का सर्वाधिक प्रसिद्ध सार्वजनिक भवन है।

विकल्प A, हड़प्पा से अन्नागार और समाधि स्थल आर-37 मिले हैं, स्नानागार नहीं। विकल्प C, गुजरात के लोथल से गोदीबाड़ा, चावल की भूसी और मनके बनाने का कारखाना मिला है। विकल्प D, राजस्थान के कालीबंगा से जुते हुए खेत और अग्निकुंडों की पंक्ति मिली है। प्रत्येक स्थल एक विशेष प्राप्ति से जुड़ा है, और परीक्षक यही जोड़े जांचता है।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024मध्यम

किस वेद में सभा और समिति को पृथक संस्थाओं के रूप में घोषित किया गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.अथर्ववेद
  4. D.यजुर्वेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अथर्ववेद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अथर्ववेद। अथर्ववेद में सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है, जिससे पता चलता है कि इन्हें दो अलग-अलग जन-संस्थाएँ माना जाता था। सभा वृद्धों और कुलीनों की छोटी परिषद थी, जो न्याय का काम भी करती थी, जबकि समिति आम जनता की बड़ी सभा थी, जो नीतियों पर चर्चा करती थी और राजा के चुनाव में भी भूमिका निभा सकती थी। दोनों का नाम पहली बार ऋग्वेद में आता है, पर अथर्ववेद ही इन्हें अलग-अलग बताता है और कहता है कि अच्छे शासन के लिए राजा को इनका साथ चाहिए। विदथ और गण के साथ ये वैदिक काल की कबीलाई सभाएँ थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऋग्वेद दोनों का उल्लेख तो करता है, पर इन्हें जुड़वाँ संस्थाओं के रूप में नहीं रखता। विकल्प B गलत है, क्योंकि सामवेद यज्ञ में गाए जाने वाले मंत्रों का संगीतमय संग्रह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यजुर्वेद यज्ञ की विधियों और मंत्रों से जुड़ा है। परीक्षा टिप: सभा और समिति, प्रजापति की दो पुत्रियाँ, अथर्ववेद में।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

उत्तर-वैदिक काल में, ‘बलि’ शब्द का अर्थ है

  1. A.बलिदान
  2. B.कर
  3. C.शक्तिशाली जमींदार
  4. D.आमदनी/आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर

व्याख्या

सही उत्तर है B, कर। उत्तर-वैदिक काल तक बलि राजा द्वारा वसूला जाने वाला नियमित कर बन चुकी थी। ऋग्वैदिक काल में बलि एक स्वैच्छिक भेंट थी, जो प्रजा या हारे हुए कबीले अपने मुखिया को देते थे, अक्सर पशु या अनाज के रूप में। लगभग 1000 ई.पू. के बाद जब राज्य बड़े होने लगे और गंगा के मैदान में स्थायी खेती फैली, तो यह भेंट एक अनिवार्य भुगतान में बदल गई। इस काल के ग्रंथों में इससे जुड़े राजकीय अधिकारियों के नाम मिलते हैं, जैसे भागदुघ, जो राजा का हिस्सा वसूलता था, और संग्रहीतृ, जो कोषाध्यक्ष था। इसी आय से राजा अपना दरबार और स्थायी सेना चला पाता था। विकल्प A गलत है, क्योंकि बलिदान या यज्ञ के लिए अलग शब्द था, और यहाँ बलि का अर्थ राजा को दिया जाने वाला भुगतान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बलि किसी व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि दी जाने वाली राशि या वस्तु है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आय बहुत सामान्य शब्द है, जबकि बलि खास तौर पर राजा का हिस्सा थी। परीक्षा टिप: ऋग्वैदिक बलि स्वैच्छिक भेंट थी; उत्तर-वैदिक काल में यह अनिवार्य कर बनी और भागदुघ इसे वसूलता था।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-कौन से सिद्धांत जैन धर्म से संबंधित हैं?

(i) अनेकान्तवाद

(ii) सर्वास्तिवाद

(iii) शून्यवाद

(iv) स्यादवाद

नीचे दिये गये कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.(i) एवं (iv)
  2. B.(ii) एवं (iii)
  3. C.(ii) एवं (iv)
  4. D.(i), (ii) एवं (iii)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. (i) एवं (iv)

व्याख्या

सही उत्तर है A, (i) एवं (iv)। अनेकान्तवाद और स्यादवाद ज्ञान और सत्य से जुड़े जैन दर्शन के दो मुख्य सिद्धांत हैं। अनेकान्तवाद का अर्थ है 'अनेक पक्ष': सत्य के कई पहलू होते हैं और कोई एक दृष्टि पूरे सत्य को नहीं पकड़ सकती। स्यादवाद इसी विचार को भाषा में उतारता है; हर कथन के साथ 'स्यात्' यानी 'किसी अपेक्षा से' जोड़ना चाहिए, और इसी से किसी बात को सात प्रकार से कहने की पद्धति सप्तभंगी बनी। इसे समझाने के लिए अंधों और हाथी की कहानी सुनाई जाती है, जिसमें हर व्यक्ति हाथी का एक अंग छूकर उसे अलग जानवर बताता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सर्वास्तिवाद ('सब कुछ विद्यमान है') प्रारंभिक बौद्ध संप्रदाय था और शून्यवाद नागार्जुन द्वारा स्थापित महायान बौद्ध धर्म का माध्यमिक संप्रदाय है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें एक बौद्ध संप्रदाय को जैन सिद्धांत के साथ जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दो बौद्ध संप्रदाय जुड़े हैं और स्यादवाद छूट गया है। परीक्षा टिप: अनेकान्त और स्यात् जैन हैं; सर्वास्ति और शून्य बौद्ध हैं।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

प्राचीन भारत के संदर्भ में, गौतम बुद्ध सामान्यतः निम्नलिखित में से किन उपाधियों से जाने जाते थे?

1. नायपुत्त

2. शाक्यमुनि

3. तथागत

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.उपर्युक्त में से कोई भी गौतम बुद्ध की उपाधि नहीं है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शाक्यमुनि और तथागत बुद्ध की उपाधियाँ हैं, जबकि नायपुत्त महावीर का नाम है। शाक्यमुनि का अर्थ है 'शाक्यों के मुनि', यानी कपिलवस्तु का वह कुल जिसमें सिद्धार्थ जन्मे थे। तथागत का अर्थ है 'जो इस प्रकार चला गया', और पालि ग्रंथों में बुद्ध स्वयं के लिए यही शब्द प्रयोग करते हैं। नायपुत्त (नातपुत्त) का अर्थ है 'नाय या ज्ञातृक कुल का पुत्र', और बौद्ध ग्रंथ महावीर को निगंठ नातपुत्त कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूची में नायपुत्त ही वह नाम है जो बुद्ध का नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह दो सही उपाधियों के साथ नायपुत्त भी जोड़ देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो नाम सचमुच बुद्ध की उपाधियाँ हैं। बुद्ध की अन्य उपाधियाँ सुगत और भगवत हैं, जबकि महावीर को जिन और वर्धमान भी कहा जाता है। परीक्षा टिप: शाक्यमुनि और तथागत यानी बुद्ध, निगंठ नातपुत्त यानी महावीर।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 2आसान

मगध के सिंहासन पर राजा बिंबिसार का उत्तराधिकारी निम्नलिखित में से कौन था?

  1. A.अजातशत्रु
  2. B.उदयिन
  3. C.चंद्रगुप्त मौर्य
  4. D.अशोक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर है A, अजातशत्रु। वह बिंबिसार का पुत्र था और हर्यक वंश में उसके बाद मगध की गद्दी पर बैठा। बुद्ध के समकालीन बिंबिसार ने वैवाहिक संबंधों और अंग की विजय से मगध को ताकतवर बनाया, और उसकी राजधानी राजगृह थी। अजातशत्रु ने इस शक्ति को आगे बढ़ाया: उसने कोसल से युद्ध किया, लिच्छवियों के वज्जि संघ को हराया और गंगा किनारे पाटलिग्राम गांव में किला बनवाया। बुद्ध की मृत्यु के कुछ समय बाद पहली बौद्ध संगीति उसी के शासन में राजगृह में हुई। B गलत है क्योंकि उदयिन अजातशत्रु का पुत्र था, जो बाद में आया और जिसने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया। C गलत है क्योंकि चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग दो सदी बाद, करीब 322 ईसा पूर्व में मौर्य वंश की नींव रखी। D गलत है क्योंकि अशोक चंद्रगुप्त मौर्य का पोता था। परीक्षा टिप: हर्यक वंश का क्रम, बिंबिसार, फिर अजातशत्रु, फिर उदयिन; पहले राजधानी राजगृह, बाद में पाटलिपुत्र।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

तक्षशिला प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस महाजनपद की राजधानी थी?

  1. A.कुरु
  2. B.काशी
  3. C.गांधार
  4. D.अवंति
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गांधार

व्याख्या

सही उत्तर है C, गांधार। बौद्ध ग्रंथों में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपद गिनाए गए हैं, और उत्तर-पश्चिम में पेशावर व रावलपिंडी क्षेत्र वाले गांधार की राजधानी तक्षशिला थी, जो आज पाकिस्तान में इस्लामाबाद के पास है। तक्षशिला उत्तरापथ व्यापार मार्ग पर थी और विद्या का प्रसिद्ध केंद्र बनी, जिसे परंपरा पाणिनि, चाणक्य और वैद्य जीवक से जोड़ती है। इसके खंडहर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। बाद में कुषाणों के समय गांधार कला शैली के लिए भी यह क्षेत्र प्रसिद्ध हुआ। A, कुरु, की राजधानी दिल्ली के पास इंद्रप्रस्थ थी और हस्तिनापुर दूसरा केंद्र था। B, काशी, की राजधानी वाराणसी थी। D, अवंति, मालवा में था, जिसकी राजधानी उज्जैन और दक्षिण में महिष्मती थी। परीक्षा टिप: जोड़ों में याद रखें: गांधार-तक्षशिला, अवंति-उज्जैन, कोसल-श्रावस्ती, वत्स-कौशांबी, और मगध-राजगीर, बाद में पाटलिपुत्र।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 29 Oct 2024, Shift 3आसान

297 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी कौन-सा शासक बना?

  1. A.कुमारगुप्त
  2. B.बिंदुसार
  3. C.अशोक
  4. D.कनिष्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बिंदुसार

व्याख्या

सही उत्तर है B, बिंदुसार। बिंदुसार चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र था और लगभग 297 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य का दूसरा शासक बना; उसने लगभग 273 ईसा पूर्व तक शासन किया। यूनानी लेखकों ने उसे अमित्रोकेट्स कहा, जो संस्कृत के 'अमित्रघात' से बना है, यानी शत्रुओं का नाश करने वाला। उसने पश्चिम एशिया के यूनानी राज्यों से मित्रता बनाए रखी और यूनानी राजदूत डाइमेकस पाटलिपुत्र में उसके दरबार में रहा। माना जाता है कि उसने साम्राज्य को दक्कन तक फैलाया, और उसका पुत्र अशोक गद्दी पर बैठने से पहले उज्जैन का वायसराय था। A गलत है क्योंकि कुमारगुप्त प्रथम पांचवीं सदी ईस्वी का गुप्त शासक था, जिसे नालंदा की स्थापना के लिए याद किया जाता है। C गलत है क्योंकि अशोक बिंदुसार का पुत्र था और लगभग 273 ईसा पूर्व में उसका उत्तराधिकारी बना, राज्याभिषेक 268 ईसा पूर्व में हुआ। D गलत है क्योंकि कनिष्क कुषाण राजा था जिसने 78 ईस्वी से शासन किया, उसी वर्ष से शक संवत शुरू होता है। परीक्षा टिप: मौर्य क्रम चंद्रगुप्त (322 ईसा पूर्व), बिंदुसार (297 ईसा पूर्व), अशोक (273 ईसा पूर्व); पिता, पुत्र, पौत्र।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 27 Jul 2023, Shift 1मध्यम

मानव-निर्मित लोमस ऋषि गुफा भारत के किस राज्य में स्थित है?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.कर्नाटक
  3. C.मध्य प्रदेश
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बिहार

व्याख्या

सही उत्तर है D, बिहार। लोमस ऋषि गुफा जहानाबाद ज़िले की बराबर पहाड़ियों की बराबर गुफाओं में से एक है, जो गया से लगभग 25 किमी उत्तर में हैं। ये भारत की सबसे पुरानी बची हुई चट्टान-कटी गुफाएँ हैं, जिन्हें मौर्य काल में, तीसरी सदी ईसा पूर्व में कठोर ग्रेनाइट में काटा गया था, और इनकी भीतरी दीवारों पर प्रसिद्ध शीशे जैसी मौर्य पॉलिश है। अशोक और उसके पोते दशरथ ने ये गुफाएँ आजीविक भिक्षुओं को दान दीं, जैसा वहाँ के अभिलेख बताते हैं। लोमस ऋषि गुफा अपने द्वार के लिए सबसे ज़्यादा जानी जाती है, जिसे झोपड़ी के मेहराबदार लकड़ी के प्रवेश जैसा तराशा गया है, यह सबसे पुराना "चैत्य मेहराब" है जो बाद में भाजा, कार्ले और अजंता में दिखता है। A, महाराष्ट्र, में बाद की बौद्ध गुफाएँ अजंता, एलोरा, कार्ले और भाजा हैं। B, कर्नाटक, में चालुक्यों के बादामी गुफा मंदिर हैं। C, मध्य प्रदेश, में भीमबेटका शैलाश्रय और उदयगिरि गुफाएँ हैं, लोमस ऋषि नहीं। परीक्षा टिप: बराबर और लोमस ऋषि, मौर्य, आजीविक, बिहार।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024मध्यम

भारतीय इतिहास में शासकों के नाम और चित्र वाले पहले सिक्के किसने जारी किए?

  1. A.मौर्य
  2. B.पुष्यभूति
  3. C.गुप्त
  4. D.हिंद-यवन (Indo-Greeks)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हिंद-यवन (Indo-Greeks)

व्याख्या

सही उत्तर है D, हिंद-यवन (Indo-Greeks)। लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से भारत के उत्तर-पश्चिम पर राज करने वाले हिंद-यवन राजा भारतीय इतिहास में पहले थे जिन्होंने सिक्कों पर शासक का नाम और चित्र अंकित किया; एक ओर यूनानी लेख और दूसरी ओर खरोष्ठी लिपि में प्राकृत होती थी। मिनांडर (मिलिंद) के सिक्के सबसे प्रसिद्ध हैं, जो बौद्ध ग्रंथ मिलिंदपन्हो में आते हैं। सिक्कों पर राजा का मुख और नाम रखने की यह परंपरा बाद में कुषाणों और गुप्तों ने अपनाई। तीस से अधिक हिंद-यवन राजाओं के नाम मुख्यतः इन्हीं सिक्कों से पता चलते हैं, जिनमें से अधिकांश के बारे में और कोई स्रोत नहीं है। A, मौर्यों ने आहत (punch-marked) चाँदी के सिक्के चलाए, जिन पर प्रतीक थे, नाम या चित्र नहीं। B, थानेसर और कन्नौज के पुष्यभूति, हर्ष का वंश, बहुत बाद, छठी-सातवीं शताब्दी ई. में आए। C, गुप्तों ने राजा के चित्र वाले सुंदर स्वर्ण दीनार चलाए, पर वे हिंद-यवन और कुषाण उदाहरण के अनुयायी थे। परीक्षा टिप: शासक के नाम और चित्र वाले पहले सिक्के = हिंद-यवन; बड़ी मात्रा में पहले स्वर्ण सिक्के = कुषाण; आहत सिक्के = मौर्य।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 Mar 2023, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन शुंग वंश का शासक था?

  1. A.पोरस
  2. B.पुष्यमित्र
  3. C.बिंदुसार
  4. D.अशोक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुष्यमित्र

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुष्यमित्र। पुष्यमित्र शुंग ने लगभग 185 ईसा पूर्व अंतिम मौर्य राजा बृहद्रथ को सेना की परेड के दौरान मारकर शुंग वंश की स्थापना की; वह मौर्य सेना का सेनापति था। शुंगों ने पाटलिपुत्र और बाद में विदिशा से लगभग 112 साल शासन किया, और पुष्यमित्र ने दो अश्वमेध यज्ञ किए, जो अशोक के बौद्ध संरक्षण के बाद ब्राह्मण धर्म के पुनरुत्थान का संकेत है। भरहुत स्तूप की वेदिका और साँची स्तूप का विस्तार इसी काल के हैं, और महाभाष्य के रचयिता पतंजलि उसके दरबार में थे। अंतिम शुंग राजा देवभूति को उसके मंत्री वासुदेव कण्व ने मारकर कण्व वंश शुरू किया। विकल्प A गलत है क्योंकि पोरस पंजाब का राजा था जिसने 326 ईसा पूर्व झेलम (हाइडेस्पीज़) के युद्ध में सिकंदर से लड़ाई की। विकल्प C गलत है क्योंकि बिंदुसार चंद्रगुप्त का पुत्र और दूसरा मौर्य सम्राट था। विकल्प D गलत है क्योंकि अशोक मौर्य था, शुंग नहीं। परीक्षा टिप: मौर्य वंश का अंत बृहद्रथ, शुंग की शुरुआत पुष्यमित्र (185 ईसा पूर्व), कण्व की शुरुआत वासुदेव।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021आसान

निम्नलिखित में से किस प्राचीन भारतीय राजा की प्रयाग प्रशस्ति में भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है?

  1. A.अशोक
  2. B.हर्षवर्धन
  3. C.समुद्रगुप्त
  4. D.बिंदुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. समुद्रगुप्त

व्याख्या

सही उत्तर है C, समुद्रगुप्त। प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ लेख भी कहते हैं, उन्हीं की प्रशंसा में लिखी गई लंबी संस्कृत कविता है। इसे उनके दरबारी कवि और मंत्री हरिषेण ने रचा और यह अशोक के एक पुराने स्तंभ पर खुदी है, जो अब इलाहाबाद (प्रयागराज) किले में है। इसमें समुद्रगुप्त द्वारा उत्तर और दक्षिण में हराए गए राजाओं, कर देने वाले सीमावर्ती राज्यों और आटविक राज्यों की सूची है, और उन्हें कवि तथा वीणा वादक बताया गया है, जैसा उनके सिक्कों पर भी दिखता है। उनकी व्यापक विजयों के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने उन्हें 'भारत का नेपोलियन' कहा। A गलत है, उसी स्तंभ पर अशोक के अपने अभिलेख हैं, उनकी प्रशंसा वाली प्रशस्ति नहीं। B गलत है, हर्षवर्धन की प्रशंसा बाणभट्ट के हर्षचरित में है, इस अभिलेख में नहीं। D गलत है, प्रयाग में अशोक के पिता, मौर्य राजा बिंदुसार की कोई प्रशस्ति नहीं है। परीक्षा टिप: प्रयाग प्रशस्ति, हरिषेण, समुद्रगुप्त; ऐहोल अभिलेख, रविकीर्ति, पुलकेशिन द्वितीय।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023आसान

समुद्रगुप्त की 'प्रयाग प्रशस्ति' की रचना निम्नलिखित में से किसने की?

  1. A.हरिषेण
  2. B.चंद बरदाई
  3. C.विशाखदत्त
  4. D.कालिदास
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हरिषेण

व्याख्या

सही उत्तर है A, हरिषेण। प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख भी कहते हैं, गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त (लगभग 335 से 375 ई.) की संस्कृत में लिखी प्रशंसा है, जिसे उनके दरबारी कवि और मंत्री हरिषेण ने रचा; हरिषेण संधिविग्रहिक (युद्ध और शांति मंत्री) और कुमारामात्य पद पर थे। यह अभिलेख इलाहाबाद किले में रखे अशोक स्तंभ पर खुदा है और उन राजाओं की सूची देता है जिन्हें समुद्रगुप्त ने उत्तर में उखाड़ फेंका और दक्षिण में हराकर छोड़ दिया; इसीलिए इतिहासकार उन्हें भारत का नेपोलियन कहते हैं। चम्पू शैली में लिखी यह प्रशस्ति उन्हें कवि और संगीतज्ञ भी बताती है। B, चंद बरदाई, ने बारहवीं शताब्दी में पृथ्वीराज रासो लिखा। C, विशाखदत्त, ने चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य पर नाटक मुद्राराक्षस लिखा। D, कालिदास, अभिज्ञानशाकुंतलम् और मेघदूत के कवि, चंद्रगुप्त द्वितीय से जुड़े हैं, इस अभिलेख से नहीं। परीक्षा टिप: हरिषेण, प्रयाग प्रशस्ति, समुद्रगुप्त; रविकीर्ति, ऐहोल अभिलेख, पुलकेशिन द्वितीय।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 Apr 2022, Shift 3मध्यम

राजा ललितादित्य मुक्तापीड ने __________ पर शासन किया।

  1. A.गुजरात
  2. B.सिक्किम
  3. C.केरल
  4. D.कश्मीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है D, कश्मीर। ललितादित्य मुक्तापीड आठवीं सदी में कश्मीर के कार्कोट वंश का सबसे शक्तिशाली राजा था, जिसने लगभग 724 से 760 ईस्वी तक शासन किया। उसे अनंतनाग के पास मार्तंड सूर्य मंदिर बनवाने के लिए याद किया जाता है, जिसके खंडहर आज भी खड़े हैं, और उसने परिहासपुर नगर बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसके बारे में लगभग सारी जानकारी कल्हण की राजतरंगिणी से मिलती है, जो बारहवीं सदी में संस्कृत में लिखा कश्मीर के राजाओं का इतिहास है और जिसमें कन्नौज के यशोवर्मन के विरुद्ध उसके अभियान और दूर-दूर तक की विजयें दर्ज हैं। कार्कोट, मार्तंड और राजतरंगिणी, ये तीनों शब्द कश्मीर की ओर इशारा करते हैं, इसलिए इनमें से कोई एक भी याद हो तो प्रश्न हल हो जाता है। A, गुजरात, पर उस समय वल्लभी के मैत्रक और बाद में चालुक्य शासन कर रहे थे। B, सिक्किम, में ऐसा कोई राजा नहीं हुआ; वहाँ नामग्याल राजवंश 1642 में ही शुरू हुआ। C, केरल, चेरों के अधीन था और वहाँ कभी कार्कोट शासक नहीं रहा। परीक्षा टिप: ललितादित्य, कार्कोट, मार्तंड मंदिर, राजतरंगिणी, सबका मतलब कश्मीर।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 12 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 5)मध्यम

राजकुमारी रत्नावली की प्रेमकथा पर आधारित संस्कृत नाटक 'रत्नावली' किसने लिखा माना जाता है?

  1. A.कालिदास
  2. B.हर्ष
  3. C.भवभूति
  4. D.विशाखदत्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हर्ष

व्याख्या

सही उत्तर है B, हर्ष। रत्नावली उन तीन संस्कृत नाटकों में से एक है जो कन्नौज के सम्राट हर्षवर्धन (शासन 606–647 ईस्वी) के लिखे माने जाते हैं; बाकी दो हैं प्रियदर्शिका और नागानंद। रत्नावली में सिंहल की राजकुमारी रत्नावली सागरिका के वेश में रहकर वत्स के राजा उदयन का प्रेम पाती है। हर्ष लेखक होने के साथ विद्या के बड़े संरक्षक थे: बाणभट्ट उनके दरबार में रहे और हर्षचरित तथा कादंबरी लिखी, चीनी यात्री ह्वेनसांग उनसे मिलने आया, और उन्होंने कन्नौज व प्रयाग में सभाएँ कराईं। A गलत है क्योंकि गुप्त युग के कालिदास ने अभिज्ञानशाकुंतलम्, मेघदूत और रघुवंश लिखे। C गलत है क्योंकि यशोवर्मन के दरबारी भवभूति ने उत्तररामचरित और मालतीमाधव लिखे। D गलत है क्योंकि विशाखदत्त ने चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य पर मुद्राराक्षस लिखा। परीक्षा टिप: हर्ष के तीन नाटक रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद; उनके जीवनीकार बाणभट्ट।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 02 Dec 2022, Shift 1मध्यम

दिल्ली सल्तनत के संबंध में 'शासक – पूर्ववर्ती' का निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन सही है?

  1. A.अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी
  2. B.इल्तुतमिश – बलबन
  3. C.मुहम्मद तुगलक – फिरोज शाह तुगलक
  4. D.गयासुद्दीन तुगलक – मुहम्मद तुगलक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी

व्याख्या

सही उत्तर है A, अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी। जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 में खिलजी वंश की स्थापना की और 1296 में उसके भतीजे और दामाद अलाउद्दीन ने कड़ा में उसकी हत्या करवाकर गद्दी ले ली। इसके बाद अलाउद्दीन ने 1316 तक शासन किया, बाज़ार के दाम तय किए, बड़ी स्थायी सेना रखी और मलिक काफूर को दक्कन भेजा। इस जोड़ी में पहला नाम शासक का है और दूसरा उस व्यक्ति का जिसने उससे ठीक पहले शासन किया, इसलिए बस यह देखना है कि पहले कौन आया। B गलत है क्योंकि बलबन इल्तुतमिश के बाद आया: इल्तुतमिश ने 1211 से 1236 तक और बलबन ने 1266 से 1287 तक शासन किया। C गलत है क्योंकि फिरोज शाह तुगलक 1351 में मुहम्मद तुगलक के बाद गद्दी पर बैठा, यानी वह उत्तराधिकारी है, पूर्ववर्ती नहीं। D उल्टे कारण से गलत है: गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 में वंश की स्थापना की और 1324 में मुहम्मद तुगलक उसके बाद आया। परीक्षा टिप: जलालुद्दीन से अलाउद्दीन 1296, गयासुद्दीन से मुहम्मद 1324, मुहम्मद से फिरोज 1351।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

दक्कन सल्तनत और उनके संबंधित क्षेत्र के निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही रूप से सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था; बीजापुर आदिल शाही वंश का था। 1347 में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह द्वारा स्थापित बहमनी सल्तनत 15वीं सदी के अंत और 16वीं सदी की शुरुआत में पाँच दक्कन सल्तनतों में टूट गई: अहमदनगर, बीजापुर, गोलकुंडा, बीदर और बरार। इनमें से चार ने मिलकर 1565 के तालीकोटा युद्ध में विजयनगर को हराया, जबकि बरार इसमें शामिल नहीं था। हर वंश का नाम उसके संस्थापक की उपाधि पर है, इसलिए जोड़ियाँ याद रखना आसान है। विकल्प B सही सुमेलित है, क्योंकि बरीद शाही वंश ने बहमनी की अंतिम राजधानी बीदर पर राज किया। विकल्प C सही सुमेलित है, क्योंकि कुतुब शाही वंश गोलकुंडा का था, जो अपने किले और हीरों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D सही सुमेलित है, क्योंकि इमाद शाही वंश बरार का था, जिसे 1574 में अहमदनगर ने अपने में मिला लिया। परीक्षा टिप: निजाम शाही अहमदनगर, आदिल शाही बीजापुर, कुतुब शाही गोलकुंडा, बरीद शाही बीदर, इमाद शाही बरार।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 1आसान

पहला मुगल बादशाह कौन था?

  1. A.बाबर
  2. B.जहांगीर
  3. C.शेरशाह सूरी
  4. D.हुमायूं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बाबर

व्याख्या

सही उत्तर है A, बाबर। जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर ने 21 अप्रैल 1526 को पानीपत के पहले युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराकर भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी और 1530 में अपनी मृत्यु तक शासन किया। वह मध्य एशिया के फरगना से आया था और पिता की ओर से तैमूर तथा माता की ओर से चंगेज खान का वंशज था। पानीपत के बाद उसने 1527 में खानवा में मेवाड़ के राणा सांगा को और 1529 में घाघरा में अफगानों को हराया। उसने अपनी आत्मकथा 'बाबरनामा' तुर्की भाषा में लिखी और उसे काबुल में दफनाया गया। B गलत है क्योंकि जहांगीर चौथा मुगल बादशाह था, जिसने 1605 से 1627 तक शासन किया। C गलत है क्योंकि शेरशाह सूरी मुगल था ही नहीं; वह अफगान था जिसने हुमायूं को भगाकर 1540 में सूर वंश की स्थापना की। D गलत है क्योंकि हुमायूं बाबर का पुत्र और दूसरा मुगल बादशाह था। परीक्षा टिप: महान मुगलों का क्रम बाबर, हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, औरंगजेब।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

सूफ़ी कृति कश्फ़-अल-महजूब का लेखक कौन था?

  1. A.अबुल हसन अल हुजविरी
  2. B.मोइनुद्दीन चिश्ती
  3. C.शेख निज़ामुद्दीन औलिया
  4. D.अमीर खुसरो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अबुल हसन अल हुजविरी

व्याख्या

सही उत्तर है A, अबुल हसन अल हुजविरी। उन्होंने 11वीं सदी में लाहौर में कश्फ़-अल-महजूब लिखी, जो सूफ़ीवाद पर फ़ारसी का सबसे पुराना ग्रंथ है। अल हुजविरी अफ़गानिस्तान के गज़नी से आकर लाहौर में बस गए थे। पुस्तक के नाम का अर्थ है "पर्दे में छिपे का अनावरण", और इसमें सूफ़ी विचार, साधना और पहले के संतों का जीवन आम पाठकों के लिए समझाया गया है। लाहौर में उनकी दरगाह दाता दरबार आज भी दक्षिण एशिया की सबसे व्यस्त दरगाहों में है और लोग उन्हें दाता गंज बख्श यानी "खज़ाने बाँटने वाला" कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोइनुद्दीन चिश्ती ने 12वीं सदी के अंत में अजमेर में भारत में चिश्ती सिलसिला स्थापित किया, यह ग्रंथ उनका नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निज़ामुद्दीन औलिया की बातें अमीर हसन सिज़्ज़ी ने फ़वाइद-उल-फ़ुआद में दर्ज कीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अमीर खुसरो कवि और संगीतज्ञ थे, जिनकी रचनाएँ ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह और तुगलकनामा हैं। परीक्षा टिप: कश्फ़-अल-महजूब लाहौर के हुजविरी की; फ़वाइद-उल-फ़ुआद में निज़ामुद्दीन औलिया की बातें।

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