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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 16

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 16) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, आंग्ल-मैसूर, आंग्ल-मराठा और आंग्ल-सिख युद्ध, बौद्ध और जैन धर्म और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 Oct 2020, Shift 2आसान

हड़प्पा सभ्यता की खोज सबसे पहले किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1905
  2. B.1921
  3. C.1926
  4. D.1932
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1921

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1921। पंजाब में स्थित हड़प्पा का उत्खनन 1921 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दयाराम साहनी ने किया और इसी खुदाई से यह सभ्यता सामने आई। एक वर्ष बाद 1922 में आर.डी. बनर्जी ने सिंध में सिंधु नदी के किनारे मोहनजोदड़ो को खोजा। तत्कालीन महानिदेशक सर जॉन मार्शल ने दोनों खोजों को जोड़कर 1924 में एक नई कांस्ययुगीन सभ्यता की घोषणा की, जो उस समय भारत में ज्ञात हर सभ्यता से पुरानी थी। सबसे पहले खोदे गए स्थल के नाम पर इसे हड़प्पा सभ्यता और नदी के नाम पर सिंधु घाटी सभ्यता कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1905 में ऐसा कोई उत्खनन नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1926 तक इन स्थलों पर काम पहले से चल रहा था। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1932 खोज के पूरे दस वर्ष बाद आता है। परीक्षा टिप: हड़प्पा 1921 - दयाराम साहनी; मोहनजोदड़ो 1922 - आर.डी. बनर्जी।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा के क्षेत्र बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए थे?

  1. A.चौथा
  2. B.तीसरा
  3. C.दूसरा
  4. D.पहला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरा। तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध 1817-18 में लॉर्ड हेस्टिंग्स के समय लड़ा गया और इसी से मराठा शक्ति समाप्त हुई। पेशवा बाजीराव द्वितीय खड़की, कोरेगाँव और अष्टी में पराजित हुआ, पेशवा का पद ही समाप्त कर दिया गया और पूना के आसपास के उसके क्षेत्र लेकर बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए। बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया और शिवाजी के वंशज के लिए सतारा में एक छोटा राज्य बना दिया गया। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की सर्वोपरि शक्ति बन गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि चौथा आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ ही नहीं; मराठों ने तीन युद्ध लड़े। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1803-05 का दूसरा युद्ध बसीन की संधि के बाद हुआ और उसमें मराठों ने ओडिशा, दिल्ली तथा आगरा खोए, पर पेशवा अपने पद पर बना रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1775-82 का पहला युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त हुआ, जिसने युद्ध से पहले की स्थिति बहाल कर दी। परीक्षा टिप: सालबाई 1782, बसीन 1802, पेशवा पद समाप्त 1818।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भगवान महावीर ने कहाँ निर्वाण प्राप्त किया?

  1. A.सोनागिरि
  2. B.पावापुरी
  3. C.श्रवणबेलगोला
  4. D.माउंट आबू
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पावापुरी

व्याख्या

सही उत्तर है B, पावापुरी। महावीर ने 72 वर्ष की आयु में बिहार के नालंदा ज़िले में स्थित पावापुरी में निर्वाण प्राप्त किया। वे जैन धर्म के चौबीसवें और अंतिम तीर्थंकर थे, जिनका जन्म वैशाली के निकट कुंडग्राम में सिद्धार्थ और त्रिशला के घर हुआ। तीस वर्ष की आयु में उन्होंने गृह त्याग किया, बारह वर्ष की तपस्या के बाद ऋजुपालिका नदी के तट पर जृम्भिकग्राम में ज्ञान पाया, और तीन दशक तक प्राकृत में उपदेश दिया। पावापुरी में आज जल मंदिर है, जो उनके अंतिम संस्कार स्थल पर सरोवर के बीच बना संगमरमर का मंदिर है, और जैन समाज दीपावली को उनके निर्वाण दिवस के रूप में मनाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मध्य प्रदेश का सोनागिरि जैन तीर्थ है, पर निर्वाण स्थल नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्नाटक का श्रवणबेलगोला बाहुबली की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D गलत है, क्योंकि माउंट आबू में दिलवाड़ा मंदिर हैं, जो बहुत बाद में बने। परीक्षा टिप: महावीर के स्थान याद रखें, जन्म कुंडग्राम, ज्ञान जृम्भिकग्राम, निर्वाण पावापुरी और क्षेत्र वैशाली।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 3आसान

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान लोकमान्य तिलक ने निम्नलिखित में से कौन-सा समाचार पत्र निकाला था?

  1. A.युगांतर
  2. B.बंगाली
  3. C.केसरी
  4. D.अमृत बाजार पत्रिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केसरी

व्याख्या

सही उत्तर है C, केसरी। बाल गंगाधर तिलक ने 1881 में केसरी आरंभ किया और इसके माध्यम से मराठी पाठकों तक स्वराज का संदेश पहुँचाया।

तिलक ने उसी वर्ष पुणे से दो पत्र निकाले, मराठी में केसरी और अंग्रेजी में मराठा। बंगाल विभाजन तथा मुजफ्फरपुर बम कांड पर केसरी में लिखे उनके लेखों के कारण उन पर राजद्रोह का आरोप लगा और 1908 में उन्हें छह वर्ष के लिए बर्मा के मांडले भेजा गया। तिलक ने ही घोषित किया था कि स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लूँगा, तथा जनसाधारण तक पहुँचने के लिए उन्होंने सार्वजनिक गणपति और शिवाजी उत्सव आरंभ किए।

विकल्प A गलत है क्योंकि युगांतर बंगाली में बारींद्र कुमार घोष और भूपेंद्रनाथ दत्त ने निकाला था। विकल्प B गलत है क्योंकि बंगाली का संपादन सुरेंद्रनाथ बनर्जी करते थे। विकल्प D गलत है क्योंकि अमृत बाजार पत्रिका की स्थापना शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष ने की थी।

परीक्षा टिप: तिलक के पत्र केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी); गांधीजी के यंग इंडिया और नवजीवन।

Q5.भारतीय इतिहासआसान

उज्जयिनी किस महाजनपद की राजधानी थी?

  1. A.वत्स
  2. B.कोसल
  3. C.अवंति
  4. D.पांचाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अवंति

व्याख्या

सही उत्तर C, अवंति है। अवंति मालवा क्षेत्र में था और उसकी दो राजधानियाँ थीं, उत्तरी भाग में उज्जयिनी और दक्षिणी भाग में नर्मदा तट पर महिष्मती। प्रद्योत के नेतृत्व में यह उन चार शक्तियों में था जो प्रभुत्व के लिए लड़ीं, और अंत में मगध के शिशुनाग ने इसे मिला लिया। बाद में उज्जयिनी मौर्य प्रांतीय शासक का केंद्र और विद्या का प्रसिद्ध स्थल बनी।

विकल्प A, वत्स, की राजधानी प्रयागराज के पास कौशांबी थी और वहाँ उदयन का शासन था, जो बाद के संस्कृत नाटकों का नायक है। विकल्प B, कोसल, की राजधानी श्रावस्ती थी और अयोध्या तथा साकेत उसके अन्य नगर थे; उसका राजा प्रसेनजित बुद्ध का समकालीन था। विकल्प D, पांचाल, दो भागों में बँटा था, उत्तरी की राजधानी अहिच्छत्र और दक्षिणी की कांपिल्य। प्रश्नपत्र प्रायः उज्जयिनी और कौशांबी को आपस में बदल देते हैं, इसलिए उज्जयिनी को अवंति और कौशांबी को वत्स से जोड़े रखें।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 3आसान

मेवाड़ के किस राजपूत शासक ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा था?

  1. A.महाराणा प्रताप
  2. B.राणा अमर सिंह
  3. C.महाराजा उदय सिंह
  4. D.राजा मान सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महाराणा प्रताप

व्याख्या

सही उत्तर है A, महाराणा प्रताप। हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को राजस्थान में गोगुंदा के पास मेवाड़ के महाराणा प्रताप और अकबर द्वारा भेजी गई मुगल सेना के बीच लड़ा गया। प्रताप अपने घोड़े चेतक पर सवार थे और उनके साथ राजपूत सैनिकों के अलावा पहाड़ों के भील धनुर्धर भी लड़े; मुगल सेना का नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह और आसफ खान ने किया। युद्धभूमि मुगलों के हाथ रही, पर प्रताप बच निकले और लंबे समय तक छापामार युद्ध चलाकर 1582 में दिवेर में मेवाड़ का बड़ा भाग वापस जीत लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमर सिंह प्रताप के पुत्र थे और उनके बाद राणा बने। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रताप के पिता उदय सिंह द्वितीय ने उदयपुर बसाया और 1572 में उनका देहांत हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि मान सिंह मुगल पक्ष के सेनापति थे। परीक्षा टिप: हल्दीघाटी 1576 - महाराणा प्रताप बनाम मान सिंह; प्रताप का घोड़ा चेतक।

Q7.भारतीय इतिहासमध्यम

अशोक के अभिलेखों की ब्राह्मी लिपि को 1837 में किसने पढ़ा था?

  1. A.अलेक्जेंडर कनिंघम
  2. B.जेम्स प्रिंसेप
  3. C.जॉन मार्शल
  4. D.विलियम जोंस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जेम्स प्रिंसेप

व्याख्या

सही उत्तर B, जेम्स प्रिंसेप है। कलकत्ता टकसाल के अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी के सचिव जेम्स प्रिंसेप ने 1837 में ब्राह्मी अक्षरों का मान निकालकर अशोक के अभिलेखों को पढ़ने योग्य बनाया। इससे पहले ये अभिलेख दिखाई तो देते थे पर मौन थे, और अभिलेखों के देवानांपिय पियदसि की पहचान बौद्ध परंपरा के अशोक से इसी कार्य के बाद संभव हुई।

विकल्प A अलेक्जेंडर कनिंघम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पहले महानिदेशक थे और उन्होंने अनेक स्थलों का सर्वेक्षण किया, किंतु वे बाद में आए और प्रिंसेप के वाचन का ही उपयोग किया। विकल्प C जॉन मार्शल बीसवीं शताब्दी में सर्वेक्षण के प्रमुख थे और हड़प्पा सभ्यता की घोषणा से जुड़े हैं। विकल्प D विलियम जोंस ने 1784 में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना की थी, पर लिपि पढ़े जाने से बहुत पहले उनका निधन हो चुका था।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 March 2019, Shift 3आसान

1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय भारत का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री कौन थे?

  1. A.मोरारजी देसाई
  2. B.इंदिरा गांधी
  3. C.लाल बहादुर शास्त्री
  4. D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल बहादुर शास्त्री

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल बहादुर शास्त्री। लाल बहादुर शास्त्री 1964 से 1966 तक प्रधानमंत्री रहे और 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने देश का नेतृत्व किया। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया, जिसने सीमा पर खड़े सैनिक को खेत में काम करने वाले किसान से जोड़ा, और उनके कार्यकाल में हरित क्रांति की शुरुआत हुई तथा भारतीय खाद्य निगम की स्थापना हुई। युद्ध ताशकंद समझौते से समाप्त हुआ, जिस पर 10 जनवरी 1966 को अयूब खान के साथ हस्ताक्षर हुए; उसी रात ताशकंद में शास्त्री जी का निधन हो गया। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया, और 2 अक्टूबर उनकी जयंती तथा गांधी जयंती दोनों के रूप में याद किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मोरारजी देसाई 1977 में प्रधानमंत्री बने। विकल्प B गलत है, क्योंकि इंदिरा गांधी 1966 में पद पर आईं और उन्होंने 1971 के युद्ध में नेतृत्व किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू का निधन मई 1964 में, इस युद्ध से पहले हो गया था। परीक्षा टिप: 1962 चीन के साथ नेहरू, 1965 पाकिस्तान के साथ शास्त्री, 1971 बांग्लादेश युद्ध इंदिरा गांधी के समय।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2आसान

भारत ने पंचशील समझौते पर किस देश के साथ हस्ताक्षर किए थे?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.बांग्लादेश
  3. C.चीन
  4. D.नेपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, चीन। पंचशील समझौते पर 29 अप्रैल 1954 को भारत और चीन ने हस्ताक्षर किए थे, जो भारत तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार संबंधी संधि का भाग था। जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने इसे पंचशील नाम दिया। इसके पांच सिद्धांत हैं - एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा इन्हीं वर्षों का है और आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन को दिशा दी। 1962 के युद्ध ने दिखा दिया कि यह समझौता कितना कमजोर सिद्ध हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मुख्य समझौते 1960 की सिंधु जल संधि और 1972 का शिमला समझौता हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बांग्लादेश 1971 में बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि 1950 में हुई थी। परीक्षा टिप: पंचशील - भारत और चीन, 29 अप्रैल 1954, पांच सिद्धांत।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 1आसान

तीसरे वर्ग द्वारा बैस्तील जेल पर किए गए हमले से _______ की चिंगारी भड़की।

  1. A.रूसी क्रांति
  2. B.फ्रांसीसी क्रांति
  3. C.सोवियत संघ का विघटन
  4. D.ज़ार का पतन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांसीसी क्रांति

व्याख्या

सही उत्तर है B, फ्रांसीसी क्रांति। 14 जुलाई 1789 को पेरिस में बैस्तील जेल पर हुए हमले से फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत मानी जाती है। उस समय फ्रांसीसी समाज तीन वर्गों में बँटा था, पहला पादरी वर्ग, दूसरा कुलीन वर्ग और तीसरा वह वर्ग जिसमें किसानों से लेकर व्यापारी तक सब आते थे; कर वही चुकाता था, पर उसे कोई विशेषाधिकार नहीं था। बैस्तील राजा का किलेनुमा कारागार और लुई सोलहवें की निरंकुश सत्ता का प्रतीक था, इसलिए भीड़ ने हथियार और बारूद के लिए उस पर हमला किया। इस क्रांति ने दुनिया को स्वतंत्रता, समता और बंधुता का नारा तथा मानव अधिकारों की घोषणा दी, और 14 जुलाई आज भी फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1917 की रूसी क्रांति पेत्रोग्राद की हड़तालों से शुरू हुई। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोवियत संघ का विघटन 1991 में हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि ज़ार निकोलस द्वितीय ने 1917 की फरवरी क्रांति में गद्दी छोड़ी। परीक्षा टिप: 14 जुलाई 1789 बैस्तील, 1917 रूसी क्रांति, 1991 सोवियत संघ का अंत।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Dec 2021आसान

पद, वेतन और सैनिक ज़िम्मेदारियाँ तय करने के लिए मुग़लों द्वारा प्रयुक्त श्रेणी-व्यवस्था किस नाम से जानी जाती थी?

  1. A.मनसबदारी व्यवस्था
  2. B.इक्तादारी व्यवस्था
  3. C.ज़ब्त व्यवस्था
  4. D.जागीरदारी व्यवस्था
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मनसबदारी व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, मनसबदारी व्यवस्था। 'मनसब' का अर्थ पद या श्रेणी है, और अकबर ने इसके द्वारा साम्राज्य के प्रत्येक अधिकारी को एक श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर रखा। मनसबदार के पद में दो संख्याएँ होती थीं: 'ज़ात', जो उसका व्यक्तिगत स्थान और वेतन तय करती थी, और 'सवार', जो यह तय करती थी कि उसे सेवा के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। अधिकांश मनसबदारों को नकद वेतन नहीं, बल्कि सौंपी गई भूमि के राजस्व से भुगतान मिलता था, और उनका स्थानांतरण होता रहता था जिससे कोई परिवार किसी क्षेत्र में जड़ें न जमा सके। B गलत है क्योंकि 'इक्ता' दिल्ली सल्तनत की राजस्व-व्यवस्था थी, जिसे मुक्ती रखते थे, और वह अधिकारियों की इस प्रकार श्रेणी नहीं बनाती थी। C गलत है क्योंकि ज़ब्त या टोडरमल के समय बनी दहसाला व्यवस्था नपी हुई भूमि और औसत उपज से लगान आँकने की पद्धति थी, अमीरों की श्रेणी तय करने की नहीं। D गलत है क्योंकि जागीर केवल वह भूमि थी जिसके राजस्व से मनसबदार का वेतन चुकता था। परीक्षा टिप: मनसब = ज़ात + सवार; ज़ब्त या दहसाला = लगान निर्धारण।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 12th Sept 2024कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.श्रेष्ठी – श्रेणी का प्रमुख
  2. B.पट्टवाय - धोबियों की श्रेणी
  3. C.पूग - विभिन्न व्यवसायों का संघ
  4. D.सार्थ - व्यापारियों का समूह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पट्टवाय - धोबियों की श्रेणी

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्योंकि पट्टवाय रेशम बुनकरों की श्रेणी थी, धोबियों की नहीं। धोबियों का अपना अलग संगठन था, जिसे रजक श्रेणी कहा जाता है। कुमारगुप्त के समय का प्रसिद्ध मंदसौर शिलालेख उन रेशम बुनकरों की श्रेणी का उल्लेख करता है जो गुजरात के लाट क्षेत्र से दशपुर आ बसे और वहाँ सूर्य का मंदिर बनवाया; इस शिल्प समूह का यही सबसे जाना-पहचाना प्रमाण है। विकल्प A सही सुमेलित है, क्योंकि श्रेष्ठी, जिससे आज का शब्द सेठ बना, वह धनी व्यापारी-साहूकार था जो श्रेणी का प्रमुख होता था। विकल्प C सही सुमेलित है, क्योंकि पूग वह संघ था जिसके सदस्य भिन्न-भिन्न व्यवसाय करते थे, जबकि श्रेणी एक ही शिल्प के कारीगरों को जोड़ती थी। विकल्प D सही सुमेलित है, क्योंकि सार्थ साथ चलने वाले व्यापारियों का समूह था और उसके नायक को सार्थवाह कहा जाता था। परीक्षा टिप: श्रेणी एक शिल्प की, पूग अनेक व्यवसायों का, सार्थवाह कारवाँ का नेता और रजक का अर्थ धोबी।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 20 Sept 2018, Shift 3आसान

बोस्टन टी पार्टी की घटना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1773
  2. B.1776
  3. C.1775
  4. D.1774
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1773

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1773। बोस्टन टी पार्टी की घटना 16 दिसंबर 1773 को हुई, जब अमेरिकी उपनिवेशवासियों ने बोस्टन बंदरगाह में ब्रिटिश चाय के संदूक फेंक दिए थे। यह विरोध 1773 के चाय अधिनियम के खिलाफ था, जिसने ईस्ट इंडिया कंपनी को उपनिवेशों में सामान्य शुल्क चुकाए बिना चाय बेचने की छूट दी और स्थानीय व्यापारियों का धंधा चौपट कर दिया। सन्स ऑफ लिबर्टी के सदस्य, जिनमें कुछ मोहॉक आदिवासियों के वेश में थे, ग्रिफिन्स व्हार्फ पर खड़े तीन जहाजों पर चढ़े और चाय के 342 संदूक पानी में डाल दिए। ब्रिटेन ने जवाब में असहनीय कानून लगाए, और उनसे उपजे गुस्से ने 1774 की पहली महाद्वीपीय कांग्रेस तथा 1775 से अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम की राह बनाई। B गलत है क्योंकि 1776 में 4 जुलाई को स्वतंत्रता की घोषणा स्वीकार की गई थी। C गलत है क्योंकि 1775 में लेक्सिंगटन और कॉनकॉर्ड से लड़ाई शुरू हुई। D गलत है क्योंकि 1774 असहनीय कानूनों और पहली महाद्वीपीय कांग्रेस का वर्ष है। परीक्षा टिप: बोस्टन टी पार्टी 1773, युद्ध की शुरुआत 1775, स्वतंत्रता की घोषणा 1776।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Sept 2014 Paper 2 Social Studies (Lमध्यम

निम्नलिखित में से कौन हड़प्पाकालीन स्थल नहीं है?

  1. A.राखीगढ़ी
  2. B.सोत्काकोह
  3. C.गनेरीवाला
  4. D.चिरांद
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चिरांद

व्याख्या

सही उत्तर है D, चिरांद। चिरांद बिहार के सारण जिले में गंगा के किनारे स्थित है और यह नवपाषाण तथा ताम्रपाषाण काल का स्थल है, हड़प्पा सभ्यता का नहीं। यह हड्डी और सींग से बने औजारों के लिए प्रसिद्ध है, जो पूर्वी भारत में इस तरह की सबसे समृद्ध खोजों में गिने जाते हैं। A गलत है क्योंकि हरियाणा के हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी हड़प्पाई नगर है और भारत में मिला सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल है। B गलत है क्योंकि सोत्काकोह मकरान तट पर बसा हड़प्पाई तटीय स्थल है, जो पश्चिम की ओर जाने वाले समुद्री मार्ग का पड़ाव था। C गलत है क्योंकि गनेरीवाला चोलिस्तान रेगिस्तान में घग्घर-हाकड़ा की सूखी घाटी में स्थित बड़ा हड़प्पाई स्थल है, हालाँकि वहाँ खुदाई कम हुई है। याद रखें कि हड़प्पाई स्थल सिंधु और घग्घर-हाकड़ा के साथ-साथ तथा गुजरात व मकरान के तटों पर मिलते हैं। परीक्षा टिप: चिरांद – नवपाषाण, बिहार; राखीगढ़ी, सोत्काकोह और गनेरीवाला – हड़प्पाई।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

गोपाल कृष्ण गोखले ने भारत सेवक समाज (Servants of India Society) की स्थापना किस वर्ष में की?

  1. A.1907 ई.
  2. B.1906 ई.
  3. C.1904 ई.
  4. D.1905 ई.
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1905 ई.

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1905 ई.। गोपाल कृष्ण गोखले ने 12 जून 1905 को पुणे में भारत सेवक समाज की स्थापना की। इसके सदस्य मामूली भत्ते पर जीवन भर देश सेवा का व्रत लेते थे और शिक्षा, अकाल राहत, पिछड़े वर्गों के उत्थान तथा सार्वजनिक जीवन में काम करते थे। गोखले कांग्रेस के प्रमुख उदारवादी नेता थे; उन्होंने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन की अध्यक्षता की, और गांधीजी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। 1915 में गोखले की मृत्यु के बाद वी. एस. श्रीनिवास शास्त्री ने समाज का नेतृत्व संभाला। यह वर्ष याद रखना आसान है, क्योंकि 1905 में ही बंगाल विभाजन हुआ था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1907 सूरत फूट का वर्ष है, जब कांग्रेस उदारवादी और उग्रवादी गुटों में बँट गई। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1906 में ढाका में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1904 में लॉर्ड कर्ज़न के समय भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित हुआ था। परीक्षा टिप: भारत सेवक समाज, पुणे, 1905, संस्थापक गोखले, जो गांधीजी के राजनीतिक गुरु थे।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 March 2018, Shift 1आसान

जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण मूल सिद्धांत किसे माना जाता है?

  1. A.कर्म
  2. B.अहिंसा
  3. C.विराग
  4. D.निष्ठा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अहिंसा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अहिंसा। अहिंसा जैन धर्म का पहला और सबसे बड़ा व्रत है, और जैन जीवन के शेष सभी नियम इसी से निकलते हैं - यहां तक कि जैन मुनि मुखवस्त्रिका और कोमल रजोहरण इसलिए रखते हैं कि छोटे से छोटे जीव को हानि न पहुंचे। चौबीसवें तीर्थंकर महावीर ने पांच व्रत बताए: अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य। तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ पहले चार व्रत सिखा चुके थे; महावीर ने ब्रह्मचर्य जोड़ा। जैन धर्म के तीन रत्न हैं - सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र। विकल्प A गलत है, क्योंकि कर्म आत्मा के बंधन की व्याख्या करता है और अन्य भारतीय धर्मों में भी है, इसलिए वह आचरण का प्रमुख नियम नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विराग व्रतों के पालन का परिणाम है, उनसे ऊपर नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि निष्ठा जैन व्रतों में आती ही नहीं। परीक्षा टिप: महावीर के पांच व्रत - अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य।

Q18.भारतीय इतिहासआसान

बुद्ध के समकालीन बिंबिसार किस वंश के शासक थे?

  1. A.शिशुनाग वंश
  2. B.नंद वंश
  3. C.मौर्य वंश
  4. D.हर्यक वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हर्यक वंश

व्याख्या

सही उत्तर D, हर्यक वंश है। बिंबिसार मगध के हर्यक वंश के पहले बड़े शासक थे, जिनका काल परंपरा से लगभग 544 ईसा पूर्व से माना जाता है और जिनकी राजधानी गिरिव्रज अर्थात राजगृह थी। उन्होंने अंग और उसके नदी बंदरगाह चंपा को जीता तथा कोसल, वैशाली के लिच्छवियों और पंजाब के मद्र से वैवाहिक संबंध बनाकर मगध को मजबूत किया। वे बुद्ध और महावीर दोनों के समकालीन और संरक्षक थे।

विकल्प A, शिशुनाग वंश, बाद में आया और अवंति को मिलाने के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प B, नंद वंश, मौर्यों से ठीक पहले का वंश था, जिसकी स्थापना महापद्म नंद ने की। विकल्प C, मौर्य वंश, की स्थापना लगभग 321 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य ने अंतिम नंद को हटाकर की, इसलिए वह बिंबिसार से दो वंश बाद आता है। मगध के लिए क्रम याद रखें: हर्यक, शिशुनाग, नंद, मौर्य।

Q19.भारतीय इतिहासआसान

भारत के राजकीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया सिंह शीर्ष अशोक ने मूल रूप से कहाँ स्थापित किया था?

  1. A.साँची
  2. B.सारनाथ
  3. C.वैशाली
  4. D.लौरिया नंदनगढ़
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सारनाथ

व्याख्या

सही उत्तर B, सारनाथ है। सारनाथ के सिंह शीर्ष में चार सिंह पीठ से पीठ जोड़े खड़े हैं और उनके नीचे की पट्टी पर हाथी, बैल, घोड़ा और सिंह चक्रों से अलग किए गए हैं, तथा पूरा शीर्ष उलटे कमल पर टिका है। इसी को भारत का राजकीय प्रतीक बनाया गया और इसी पट्टी का चक्र राष्ट्रीय ध्वज में लिया गया। सारनाथ वही स्थान है जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।

विकल्प A साँची के स्तंभ पर भी चार सिंहों का शीर्ष है, किंतु वह खंडित है और राजकीय प्रतीक नहीं है। विकल्प C वैशाली के स्तंभ पर उत्तर दिशा की ओर मुख किए एक ही सिंह का शीर्ष है। विकल्प D बिहार के लौरिया नंदनगढ़ में भी एक सिंह वाला शीर्ष सुरक्षित स्तंभ पर है, इसलिए केवल सिंह शब्द याद रखने वाले छात्र के लिए तीनों भ्रामक हैं।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 10th Jan 2022कठिन

निम्नलिखित में से किस ताम्रपाषाणिक स्थल पर वयस्कों को सामान्यतः सीधा लिटाकर, सिर उत्तर दिशा की ओर रखकर ज़मीन में दफनाया जाता था?

  1. A.लोथल
  2. B.गुफ़कराल
  3. C.मेहरगढ़
  4. D.इनामगाँव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इनामगाँव

व्याख्या

सही उत्तर है D, इनामगाँव। इनामगाँव महाराष्ट्र के पुणे जिले में घोड़ नदी के किनारे बसी ताम्रपाषाण काल की खेतिहर बस्ती है। वहाँ की खुदाई में मिला कि वयस्कों को ज़मीन में सीधा लिटाकर, सिर उत्तर की ओर रखकर दफनाया जाता था और मृत्यु के बाद के जीवन के लिए उनके पास भोजन तथा पानी के बर्तन रखे जाते थे; यही वर्णन NCERT की कक्षा 6 की इतिहास की किताब देती है। इस स्थल पर गोल और आयताकार घर, बड़े मटकों में रखा अनाज तथा गेहूँ, जौ, मटर और ज्वार-बाजरा के अवशेष भी मिले हैं। A गलत है क्योंकि गुजरात का लोथल हड़प्पाई नगर है, जो गोदीबाड़ा और मनका बनाने के लिए प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि गुफ़कराल कश्मीर का नवपाषाणिक स्थल है, जो बुर्जहोम की तरह गर्त-आवासों के लिए जाना जाता है। C गलत है क्योंकि बोलन घाटी का मेहरगढ़ सबसे पुरानी खेतिहर बस्तियों में एक है, जहाँ मृतकों के साथ बकरियाँ दफनाई जाती थीं। परीक्षा टिप: इनामगाँव – घोड़ नदी, महाराष्ट्र, सिर उत्तर की ओर वाले ताम्रपाषाणिक दफन।

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