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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 15

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 15) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, प्राचीन साहित्य और अभिलेख, बौद्ध और जैन धर्म और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 13 Feb 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन हड़प्पाई नगर नहीं था?

  1. A.लोथल
  2. B.धोलावीरा
  3. C.मेहरगढ़
  4. D.सोत्काकोह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मेहरगढ़

व्याख्या

सही उत्तर है C, मेहरगढ़। मेहरगढ़ एक नवपाषाण कालीन कृषि बस्ती थी, हड़प्पा सभ्यता का नगर नहीं। यह बलूचिस्तान के काची मैदान में स्थित है और लगभग 7000 ईसा पूर्व का है, यानी 2600 से 1900 ईसा पूर्व के परिपक्व हड़प्पा काल से हजारों वर्ष पहले का। मेहरगढ़ से उपमहाद्वीप में स्थायी खेती, गेहूँ और जौ की उपज तथा भेड़, बकरी और मवेशी पालने के सबसे पुराने प्रमाण मिलते हैं, इसलिए इसे पूर्व-हड़प्पाई स्थल कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुजरात का लोथल हड़प्पाई बंदरगाह था, जहाँ पक्की ईंटों की गोदीबाड़ा और मनका बनाने की कार्यशाला मिली। विकल्प B गलत है, क्योंकि कच्छ के रण में स्थित धोलावीरा अपने जल भंडारों और साइनबोर्ड के लिए प्रसिद्ध हड़प्पाई नगर है और अब यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सोत्काकोह मकरान तट पर पासनी के पास बसी हड़प्पाई तटीय बस्ती थी। परीक्षा टिप: मेहरगढ़ का अर्थ नवपाषाण शुरुआत, और लोथल, धोलावीरा, कालीबंगा तथा राखीगढ़ी हड़प्पाई नगर।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 2मध्यम

प्रथम बौद्ध संगीति किसके संरक्षण में हुई कही जाती है?

  1. A.पोरस
  2. B.अशोक
  3. C.अजातशत्रु
  4. D.चंद्रगुप्त मौर्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर है C, अजातशत्रु। प्रथम बौद्ध संगीति मगध के हर्यंक शासक अजातशत्रु के संरक्षण में हुई थी। यह बुद्ध के महापरिनिर्वाण के कुछ समय बाद राजगीर की सत्तपन्नी गुफा में हुई और इसकी अध्यक्षता महाकस्सप ने की। इसका काम बुद्ध के उपदेशों को निश्चित रूप देना था। इसमें आनंद ने सुत्त पिटक और उपालि ने विनय पिटक सुनाया। अजातशत्रु बिंबिसार का पुत्र था और बुद्ध तथा महावीर दोनों का समकालीन था; उसने राजगृह का किला भी बनवाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पोरस ने 326 ईसा पूर्व में झेलम के किनारे सिकंदर से युद्ध किया था, जो समय और स्थान दोनों में इस संगीति से दूर है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अशोक ने पाटलिपुत्र में हुई तीसरी संगीति को संरक्षण दिया, जिसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की। विकल्प D गलत है, क्योंकि मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य का झुकाव जैन धर्म की ओर था और उन्होंने कोई बौद्ध संगीति नहीं बुलाई। परीक्षा टिप: चार संगीतियाँ राजगीर में अजातशत्रु, वैशाली में कालाशोक, पाटलिपुत्र में अशोक और कश्मीर में कनिष्क।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Dec 2021आसान

पद, वेतन और सैनिक ज़िम्मेदारियाँ तय करने के लिए मुग़लों द्वारा प्रयुक्त श्रेणी-व्यवस्था किस नाम से जानी जाती थी?

  1. A.मनसबदारी व्यवस्था
  2. B.इक्तादारी व्यवस्था
  3. C.ज़ब्त व्यवस्था
  4. D.जागीरदारी व्यवस्था
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मनसबदारी व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, मनसबदारी व्यवस्था। 'मनसब' का अर्थ पद या श्रेणी है, और अकबर ने इसके द्वारा साम्राज्य के प्रत्येक अधिकारी को एक श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर रखा। मनसबदार के पद में दो संख्याएँ होती थीं: 'ज़ात', जो उसका व्यक्तिगत स्थान और वेतन तय करती थी, और 'सवार', जो यह तय करती थी कि उसे सेवा के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। अधिकांश मनसबदारों को नकद वेतन नहीं, बल्कि सौंपी गई भूमि के राजस्व से भुगतान मिलता था, और उनका स्थानांतरण होता रहता था जिससे कोई परिवार किसी क्षेत्र में जड़ें न जमा सके। B गलत है क्योंकि 'इक्ता' दिल्ली सल्तनत की राजस्व-व्यवस्था थी, जिसे मुक्ती रखते थे, और वह अधिकारियों की इस प्रकार श्रेणी नहीं बनाती थी। C गलत है क्योंकि ज़ब्त या टोडरमल के समय बनी दहसाला व्यवस्था नपी हुई भूमि और औसत उपज से लगान आँकने की पद्धति थी, अमीरों की श्रेणी तय करने की नहीं। D गलत है क्योंकि जागीर केवल वह भूमि थी जिसके राजस्व से मनसबदार का वेतन चुकता था। परीक्षा टिप: मनसब = ज़ात + सवार; ज़ब्त या दहसाला = लगान निर्धारण।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा महाजनपद विंध्य के दक्षिण में स्थित था?

  1. A.अश्मक
  2. B.चेदि
  3. C.मत्स्य
  4. D.शूरसेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अश्मक

व्याख्या

सही उत्तर A, अश्मक है। सोलह महाजनपदों में केवल अश्मक दक्कन में, गोदावरी नदी के तट पर स्थित था और उसकी राजधानी पोतन या पोतली थी। सूची के शेष सभी राज्य उत्तरी मैदान, मालवा के पठार या उत्तर-पश्चिम में थे, इसलिए यह अकेला अपवाद बार-बार पूछा जाता है।

विकल्प B, चेदि, मध्य भारत के बुंदेलखंड क्षेत्र में विंध्य के उत्तर में था और उसकी राजधानी सुक्तिमती थी। विकल्प C, मत्स्य, राजस्थान के जयपुर क्षेत्र में था और उसकी राजधानी विराटनगर थी; यही वह भूमि है जहाँ पांडवों ने अज्ञातवास बिताया माना जाता है। विकल्प D, शूरसेन, की राजधानी यमुना घाटी में मथुरा थी और उसका शासक अवंतिपुत्र बौद्ध ग्रंथों में बुद्ध का अनुयायी बताया गया है। अश्मक और गोदावरी के जोड़े को पक्का कर लें, क्योंकि भ्रमित करने वाले विकल्प सदा उत्तरी राज्य होते हैं।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

सौ वर्षीय युद्ध किन दो देशों के बीच लड़ा गया था?

  1. A.इंग्लैंड और फ्रांस
  2. B.इंग्लैंड और इटली
  3. C.इंग्लैंड और जर्मनी
  4. D.जर्मनी और फ्रांस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. इंग्लैंड और फ्रांस

व्याख्या

सही उत्तर है A, इंग्लैंड और फ्रांस। सौ वर्षीय युद्ध इंग्लैंड और फ्रांस के बीच 1337 से 1453 तक चला, अर्थात वास्तव में 116 वर्ष, जिसके बीच लंबी संधियों के दौर भी रहे। इसकी शुरुआत तब हुई जब इंग्लैंड के एडवर्ड तृतीय ने फ्रांस की राजगद्दी पर अपना दावा जताया; इसके पीछे फ्रांस में इंग्लैंड की भूमि और फ्लैंडर्स के ऊन व्यापार पर नियंत्रण का प्रश्न भी था। लंबे धनुष की मदद से इंग्लैंड ने क्रेसी, प्वातिए और एजिनकोर्ट के प्रसिद्ध आरंभिक युद्ध जीते, पर 1429 में जोन ऑफ आर्क द्वारा ऑर्लेआं की घेराबंदी तोड़ने के बाद फ्रांस ने वापसी की, और 1453 तक अंग्रेजों के पास केवल कैले बचा। B गलत है क्योंकि इंग्लैंड और इटली के बीच ऐसा कोई युद्ध नहीं हुआ। C गलत है क्योंकि इंग्लैंड और जर्मनी बीसवीं सदी के विश्व युद्धों में आमने-सामने आए, चौदहवीं सदी में नहीं। D गलत है क्योंकि जर्मनी-फ्रांस का टकराव 1870-71 का फ्रांस-प्रशा युद्ध था, जो बहुत बाद का और छोटा था। परीक्षा टिप: सौ वर्षीय युद्ध 1337 से 1453, इंग्लैंड बनाम फ्रांस, 1429 में जोन ऑफ आर्क से मोड़।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

कलिंग युद्ध और उसके परिणामों का वर्णन अशोक के किस अभिलेख में मिलता है?

  1. A.बारहवाँ वृहद शिलालेख
  2. B.तेरहवाँ वृहद शिलालेख
  3. C.सातवाँ स्तंभ लेख
  4. D.पहला लघु शिलालेख
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेरहवाँ वृहद शिलालेख

व्याख्या

सही उत्तर B, तेरहवाँ वृहद शिलालेख है। यह चौदह वृहद शिलालेखों में सबसे लंबा है और कलिंग युद्ध का एकमात्र ऐसा विवरण देता है जो स्वयं अशोक के शब्दों में है। इसमें मारे गए, बंदी बनाए गए और अन्य कारणों से मरे लोगों की संख्या, उससे उपजा पश्चाताप तथा शस्त्र विजय के स्थान पर धम्म विजय अपनाने की घोषणा है। इसी अभिलेख में पश्चिम के यूनानी राजाओं और दक्षिण के पड़ोसी जनपदों के नाम भी आते हैं।

विकल्प A बारहवाँ वृहद शिलालेख सहिष्णुता का अभिलेख है, जिसमें सभी संप्रदायों से एक दूसरे का आदर करने और अपने संप्रदाय की प्रशंसा में दूसरों की निंदा न करने को कहा गया है। विकल्प C सातवाँ स्तंभ लेख अशोक द्वारा धम्म के लिए किए गए कार्यों की अंतिम समीक्षा है। विकल्प D पहला लघु शिलालेख बौद्ध संघ से उसके जुड़ाव की बात करता है।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 Apr 2022, Shift 3मध्यम

राजा ललितादित्य मुक्तापीड ने __________ पर शासन किया।

  1. A.गुजरात
  2. B.सिक्किम
  3. C.केरल
  4. D.कश्मीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है D, कश्मीर। ललितादित्य मुक्तापीड आठवीं सदी में कश्मीर के कार्कोट वंश का सबसे शक्तिशाली राजा था, जिसने लगभग 724 से 760 ईस्वी तक शासन किया। उसे अनंतनाग के पास मार्तंड सूर्य मंदिर बनवाने के लिए याद किया जाता है, जिसके खंडहर आज भी खड़े हैं, और उसने परिहासपुर नगर बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसके बारे में लगभग सारी जानकारी कल्हण की राजतरंगिणी से मिलती है, जो बारहवीं सदी में संस्कृत में लिखा कश्मीर के राजाओं का इतिहास है और जिसमें कन्नौज के यशोवर्मन के विरुद्ध उसके अभियान और दूर-दूर तक की विजयें दर्ज हैं। कार्कोट, मार्तंड और राजतरंगिणी, ये तीनों शब्द कश्मीर की ओर इशारा करते हैं, इसलिए इनमें से कोई एक भी याद हो तो प्रश्न हल हो जाता है। A, गुजरात, पर उस समय वल्लभी के मैत्रक और बाद में चालुक्य शासन कर रहे थे। B, सिक्किम, में ऐसा कोई राजा नहीं हुआ; वहाँ नामग्याल राजवंश 1642 में ही शुरू हुआ। C, केरल, चेरों के अधीन था और वहाँ कभी कार्कोट शासक नहीं रहा। परीक्षा टिप: ललितादित्य, कार्कोट, मार्तंड मंदिर, राजतरंगिणी, सबका मतलब कश्मीर।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 24th Sept 2021कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.कनिष्क के काल में कुषाण साम्राज्य पूर्व में गंगा की घाटी से दक्षिण में मालवा क्षेत्र तक फैला था।
  2. B.कनिष्क से संबंधित रबातक अभिलेख पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुआ है।
  3. C.वसुमित्र और अश्वघोष जैसे बौद्ध विद्वानों को कनिष्क का संरक्षण मिला।
  4. D.कनिष्क के सिक्कों पर भारतीय, यूनानी और पश्चिम एशियाई धार्मिक परंपराओं के प्रतीक मिलते हैं।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कनिष्क से संबंधित रबातक अभिलेख पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुआ है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्योंकि रबातक अभिलेख पश्चिमी उत्तर प्रदेश से नहीं मिला। यह 1993 में उत्तरी अफ़गानिस्तान के बघलान प्रांत के रबातक स्थान पर मिला था और बैक्ट्रियाई भाषा में यूनानी लिपि का प्रयोग करते हुए लिखा गया है। इसका महत्व यह है कि इसमें कनिष्क के पूर्वजों कुजुल कडफिसेस, विम तक्तू और विम कडफिसेस के नाम क्रम से दिए हैं, जिससे आरंभिक कुषाण शासकों का क्रम तय हो गया। कथन A सत्य है, क्योंकि कनिष्क के अधीन साम्राज्य मध्य एशिया से उत्तर-पश्चिम होकर गंगा घाटी और दक्षिण में मालवा तक फैला था और राजधानी पुरुषपुर यानी आज का पेशावर थी। कथन C सत्य है, क्योंकि कनिष्क के दरबार में बुद्धचरित के रचनाकार अश्वघोष थे और कश्मीर में हुई चतुर्थ बौद्ध संगीति की अध्यक्षता वसुमित्र ने की। कथन D सत्य है, क्योंकि उसके सिक्कों पर बुद्ध, ओएशो अर्थात शिव, मिथ्र और नाना जैसे यूनानी, ईरानी तथा भारतीय देवता साथ मिलते हैं। परीक्षा टिप: रबातक का अर्थ अफ़गानिस्तान और कुषाण वंशावली।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

दक्कन सल्तनत और उनके संबंधित क्षेत्र के निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही रूप से सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था; बीजापुर आदिल शाही वंश का था। 1347 में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह द्वारा स्थापित बहमनी सल्तनत 15वीं सदी के अंत और 16वीं सदी की शुरुआत में पाँच दक्कन सल्तनतों में टूट गई: अहमदनगर, बीजापुर, गोलकुंडा, बीदर और बरार। इनमें से चार ने मिलकर 1565 के तालीकोटा युद्ध में विजयनगर को हराया, जबकि बरार इसमें शामिल नहीं था। हर वंश का नाम उसके संस्थापक की उपाधि पर है, इसलिए जोड़ियाँ याद रखना आसान है। विकल्प B सही सुमेलित है, क्योंकि बरीद शाही वंश ने बहमनी की अंतिम राजधानी बीदर पर राज किया। विकल्प C सही सुमेलित है, क्योंकि कुतुब शाही वंश गोलकुंडा का था, जो अपने किले और हीरों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D सही सुमेलित है, क्योंकि इमाद शाही वंश बरार का था, जिसे 1574 में अहमदनगर ने अपने में मिला लिया। परीक्षा टिप: निजाम शाही अहमदनगर, आदिल शाही बीजापुर, कुतुब शाही गोलकुंडा, बरीद शाही बीदर, इमाद शाही बरार।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Sept 2014 Paper 2 Social Studies (Lमध्यम

किसने लिखा है कि रज़िया अपने भाइयों से अधिक योग्य और सक्षम थी?

  1. A.अल-बिरूनी
  2. B.बदायूँनी
  3. C.मिन्हाज-ए-सिराज
  4. D.ज़ियाउद्दीन बरनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मिन्हाज-ए-सिराज

व्याख्या

सही उत्तर है C, मिन्हाज-ए-सिराज। मिन्हाज-ए-सिराज दिल्ली सल्तनत का इतिहासकार था, जिसने 'तबकात-ए-नासिरी' लिखी। उसने लिखा कि इल्तुतमिश की पुत्री रज़िया अपने सभी भाइयों से अधिक योग्य और सक्षम थी, पर साथ ही यह भी जोड़ा कि एक स्त्री का शासन करना उसे उचित नहीं लगता, क्योंकि यह ईश्वर द्वारा बनाई गई उस व्यवस्था के विपरीत था जिसमें पुरुष स्त्रियों से ऊपर रखे गए थे। रज़िया 1236 में सुल्तान बनी और 1240 में हटा दी गई, और दरबार के अमीरों ने उसे कभी स्वीकार नहीं किया। A गलत है क्योंकि अल-बिरूनी ग्यारहवीं सदी में महमूद ग़ज़नवी के साथ भारत आया और 'किताब-उल-हिंद' लिखी, जो रज़िया से बहुत पहले की बात है। B गलत है क्योंकि बदायूँनी अकबर के समय का इतिहासकार था, जिसने 'मुंतखब-उत-तवारीख' लिखी। D गलत है क्योंकि 'तारीख-ए-फ़िरोज़शाही' के लेखक ज़ियाउद्दीन बरनी बाद के थे और ऊँचे कुल से हटकर दी गई किसी भी सत्ता तथा रज़िया के शासन के कड़े विरोधी थे। परीक्षा टिप: मिन्हाज-ए-सिराज – तबकात-ए-नासिरी; बरनी – तारीख-ए-फ़िरोज़शाही।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

पानीपत की तीसरी लड़ाई मराठा शासकों एवं _____ के बीच लड़ी गई।

  1. A.हेमू
  2. B.मोहम्मद गौरी
  3. C.अहमद शाह अब्दाली
  4. D.बाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अहमद शाह अब्दाली

व्याख्या

सही उत्तर है C, अहमद शाह अब्दाली। 14 जनवरी 1761 को अफ़ग़ान शासक अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहते हैं, ने आज के हरियाणा में स्थित पानीपत में मराठा सेना को बुरी तरह हराया। मराठों का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे, और पेशवा बालाजी बाजीराव के युवा पुत्र विश्वासराव इस युद्ध में मारे गए। अब्दाली को रुहेला सरदार नजीबुद्दौला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला का साथ मिला। इस हार ने लगभग दस साल तक उत्तर भारत में मराठों का विस्तार रोक दिया और अंग्रेजों के उभरने का रास्ता आसान कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि हेमू 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में अकबर की सेना से हारा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोहम्मद गौरी ने 1191 और 1192 में तराइन के युद्ध लड़े थे, पानीपत के नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी। परीक्षा टिप: पानीपत I 1526 बाबर बनाम इब्राहिम लोदी; पानीपत II 1556 अकबर बनाम हेमू; पानीपत III 1761 अब्दाली बनाम मराठे।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 Feb 2019, Shift 1मध्यम

शेरशाह सूरी द्वारा चलाया गया चाँदी का सिक्का कहलाता था:

  1. A.टंका
  2. B.रुपया
  3. C.मोहर
  4. D.दीनार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रुपया

व्याख्या

सही उत्तर है B, रुपया। चौसा और कन्नौज में हुमायूँ को हराकर 1540 से 1545 तक शासन करने वाले शेरशाह सूरी ने लगभग 178 ग्रेन चाँदी का सिक्का चलाया, जिसे रुपया कहा गया, और ताँबे का सिक्का दाम भी चलाया। मुगलों ने इसी सिक्का प्रणाली को बनाए रखा और रुपया शब्द से ही आज का रुपया आया है। शेरशाह अपने सुदृढ़ प्रशासन के लिए याद किया जाता है: उसने सरायों और छायादार वृक्षों के साथ ग्रैंड ट्रंक रोड का पुनर्निर्माण कराया, घुड़सवारों की डाक व्यवस्था चलाई, भूमि की पैमाइश कराकर उपज का एक तिहाई लगान तय किया और प्रत्येक किसान को जोत बताने वाला पट्टा तथा देय बताने वाला कबूलियत दिया। उसने रोहतास किला और दिल्ली में पुराना किला भी बनवाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि टंका दिल्ली सल्तनत का चाँदी का सिक्का था, जिसे इल्तुतमिश ने चलाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि मोहर मुगलों का स्वर्ण सिक्का था। विकल्प D गलत है, क्योंकि दीनार पश्चिम एशिया का स्वर्ण सिक्का था। परीक्षा टिप: इल्तुतमिश ने टंका और जीतल, शेरशाह ने रुपया और दाम चलाया।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

उस युद्ध का नाम बताइए जिसमें त्रावणकोर के राजा ने 1741 में डचों को पराजित किया था।

  1. A.पोर्टो नोवो का युद्ध
  2. B.कोलाचेल का युद्ध
  3. C.पोलिलूर का युद्ध
  4. D.चंगनाचेरी का युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोलाचेल का युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोलाचेल का युद्ध। अगस्त 1741 में कोलाचेल में त्रावणकोर के राजा मार्तंड वर्मा ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी को हराया। यह उन गिने-चुने मौकों में से है जब किसी भारतीय शासक ने खुले युद्ध में किसी यूरोपीय शक्ति को निर्णायक रूप से हराया, और इसके साथ मालाबार तट पर डचों के विस्तार की उम्मीद खत्म हो गई। डच सेनापति यूस्टेकियस डी लैनॉय पकड़े गए, फिर त्रावणकोर की सेवा में आकर उन्होंने सेना को यूरोपीय ढंग से प्रशिक्षित किया और प्रधान सेनापति बने। कोलाचेल आज तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के तट पर है। A गलत है, 1781 में पोर्टो नोवो में आयर कूट के नेतृत्व में अंग्रेजों ने दूसरे आंग्ल-मैसूर युद्ध में हैदर अली को हराया था। C गलत है, पोलिलूर की लड़ाइयां 1780 और 1781 में इसी युद्ध में हैदर अली और अंग्रेजों के बीच हुईं। D गलत है, चंगनाचेरी मध्य केरल का एक कस्बा है, 1741 के डच युद्ध का स्थल नहीं। परीक्षा टिप: कोलाचेल 1741, मार्तंड वर्मा ने डचों को हराया; पोर्टो नोवो 1781, आयर कूट ने हैदर अली को।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Feb 2016 Paper 2 Social Studies (L मध्यम

निम्नलिखित में से किसने 'विशिष्टाद्वैत' के सिद्धांत का प्रतिपादन किया?

  1. A.अल्लम प्रभु
  2. B.शंकर
  3. C.रामानुज
  4. D.बासवन्ना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रामानुज

व्याख्या

सही उत्तर है C, रामानुज। ग्यारहवीं शताब्दी में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में जन्मे रामानुज ने 'विशिष्टाद्वैत' यानी विशेषता सहित अद्वैत का सिद्धांत दिया। उनका मत था कि आत्मा परम ईश्वर विष्णु से एक होने पर भी अपना पृथक अस्तित्व बनाए रखती है, और मोक्ष का सबसे निश्चित मार्ग विष्णु के प्रति गहन भक्ति है। आलवार संतों से गहरे प्रभावित रामानुज ने मंदिर की उपासना और भक्ति के द्वार सभी जातियों के लिए खोले, और उनके विचारों से आगे चलकर रामानंद तथा उत्तर भारत के भक्ति संत प्रेरित हुए। B गलत है क्योंकि आठवीं शताब्दी में केरल में जन्मे शंकर ने 'अद्वैत' यानी शुद्ध अद्वैतवाद का उपदेश दिया, जिसमें केवल ब्रह्म सत्य है और जगत माया है। A और D गलत हैं क्योंकि अल्लम प्रभु और बासवन्ना कर्नाटक के वीरशैव या लिंगायत आंदोलन से जुड़े थे, जो लिंग रूप में शिव की उपासना करता था तथा जाति और कर्मकांड को अस्वीकार करता था, इस दर्शन का प्रतिपादन नहीं करता था। परीक्षा टिप: शंकर – अद्वैत, रामानुज – विशिष्टाद्वैत, मध्वाचार्य – द्वैत।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1मध्यम

1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने बल्लभगढ़ रियासत को अपने राज्य में मिला लिया था। इसके अंतिम शासक कौन थे?

  1. A.नाहर सिंह
  2. B.बलराम सिंह
  3. C.अजीत सिंह
  4. D.गोपाल सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाहर सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है A, नाहर सिंह। राजा नाहर सिंह बल्लभगढ़ के अंतिम शासक थे, जो आज के हरियाणा के फरीदाबाद ज़िले में, दिल्ली के ठीक दक्षिण में स्थित एक छोटी जाट रियासत थी। 1857 के विद्रोह में उन्होंने विद्रोहियों और मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र का साथ दिया। दिल्ली पर अंग्रेजों का दोबारा कब्ज़ा होने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर मुकदमा चलाया गया और 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चाँदनी चौक में फाँसी दे दी गई; इसके बाद उनकी रियासत अंग्रेजी राज में मिला ली गई। फरीदाबाद आज भी उन्हें याद करता है, क्योंकि वहाँ का क्रिकेट स्टेडियम और बल्लभगढ़ का दिल्ली मेट्रो स्टेशन उनके नाम पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बलराम सिंह, जिन्हें बल्लू भी कहा जाता है, 18वीं सदी में बल्लभगढ़ रियासत के संस्थापक थे, यानी 1857 से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजीत सिंह विद्रोह के समय बल्लभगढ़ के शासक नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि गोपाल सिंह भी इसके अंतिम शासक नहीं थे; 1857 में गद्दी पर नाहर सिंह थे। परीक्षा टिप: हरियाणा में 1857 के नायकों में रेवाड़ी के राव तुलाराम, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह और झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान शामिल हैं।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा के क्षेत्र बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए थे?

  1. A.चौथा
  2. B.तीसरा
  3. C.दूसरा
  4. D.पहला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरा। तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध 1817-18 में लॉर्ड हेस्टिंग्स के समय लड़ा गया और इसी से मराठा शक्ति समाप्त हुई। पेशवा बाजीराव द्वितीय खड़की, कोरेगाँव और अष्टी में पराजित हुआ, पेशवा का पद ही समाप्त कर दिया गया और पूना के आसपास के उसके क्षेत्र लेकर बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए। बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया और शिवाजी के वंशज के लिए सतारा में एक छोटा राज्य बना दिया गया। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की सर्वोपरि शक्ति बन गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि चौथा आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ ही नहीं; मराठों ने तीन युद्ध लड़े। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1803-05 का दूसरा युद्ध बसीन की संधि के बाद हुआ और उसमें मराठों ने ओडिशा, दिल्ली तथा आगरा खोए, पर पेशवा अपने पद पर बना रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1775-82 का पहला युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त हुआ, जिसने युद्ध से पहले की स्थिति बहाल कर दी। परीक्षा टिप: सालबाई 1782, बसीन 1802, पेशवा पद समाप्त 1818।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 3आसान

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान लोकमान्य तिलक ने निम्नलिखित में से कौन-सा समाचार पत्र निकाला था?

  1. A.युगांतर
  2. B.बंगाली
  3. C.केसरी
  4. D.अमृत बाजार पत्रिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केसरी

व्याख्या

सही उत्तर है C, केसरी। बाल गंगाधर तिलक ने 1881 में केसरी आरंभ किया और इसके माध्यम से मराठी पाठकों तक स्वराज का संदेश पहुँचाया।

तिलक ने उसी वर्ष पुणे से दो पत्र निकाले, मराठी में केसरी और अंग्रेजी में मराठा। बंगाल विभाजन तथा मुजफ्फरपुर बम कांड पर केसरी में लिखे उनके लेखों के कारण उन पर राजद्रोह का आरोप लगा और 1908 में उन्हें छह वर्ष के लिए बर्मा के मांडले भेजा गया। तिलक ने ही घोषित किया था कि स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लूँगा, तथा जनसाधारण तक पहुँचने के लिए उन्होंने सार्वजनिक गणपति और शिवाजी उत्सव आरंभ किए।

विकल्प A गलत है क्योंकि युगांतर बंगाली में बारींद्र कुमार घोष और भूपेंद्रनाथ दत्त ने निकाला था। विकल्प B गलत है क्योंकि बंगाली का संपादन सुरेंद्रनाथ बनर्जी करते थे। विकल्प D गलत है क्योंकि अमृत बाजार पत्रिका की स्थापना शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष ने की थी।

परीक्षा टिप: तिलक के पत्र केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी); गांधीजी के यंग इंडिया और नवजीवन।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 3आसान

मेवाड़ के किस राजपूत शासक ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा था?

  1. A.महाराणा प्रताप
  2. B.राणा अमर सिंह
  3. C.महाराजा उदय सिंह
  4. D.राजा मान सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महाराणा प्रताप

व्याख्या

सही उत्तर है A, महाराणा प्रताप। हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को राजस्थान में गोगुंदा के पास मेवाड़ के महाराणा प्रताप और अकबर द्वारा भेजी गई मुगल सेना के बीच लड़ा गया। प्रताप अपने घोड़े चेतक पर सवार थे और उनके साथ राजपूत सैनिकों के अलावा पहाड़ों के भील धनुर्धर भी लड़े; मुगल सेना का नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह और आसफ खान ने किया। युद्धभूमि मुगलों के हाथ रही, पर प्रताप बच निकले और लंबे समय तक छापामार युद्ध चलाकर 1582 में दिवेर में मेवाड़ का बड़ा भाग वापस जीत लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमर सिंह प्रताप के पुत्र थे और उनके बाद राणा बने। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रताप के पिता उदय सिंह द्वितीय ने उदयपुर बसाया और 1572 में उनका देहांत हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि मान सिंह मुगल पक्ष के सेनापति थे। परीक्षा टिप: हल्दीघाटी 1576 - महाराणा प्रताप बनाम मान सिंह; प्रताप का घोड़ा चेतक।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 March 2019, Shift 3आसान

1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय भारत का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री कौन थे?

  1. A.मोरारजी देसाई
  2. B.इंदिरा गांधी
  3. C.लाल बहादुर शास्त्री
  4. D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल बहादुर शास्त्री

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल बहादुर शास्त्री। लाल बहादुर शास्त्री 1964 से 1966 तक प्रधानमंत्री रहे और 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने देश का नेतृत्व किया। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया, जिसने सीमा पर खड़े सैनिक को खेत में काम करने वाले किसान से जोड़ा, और उनके कार्यकाल में हरित क्रांति की शुरुआत हुई तथा भारतीय खाद्य निगम की स्थापना हुई। युद्ध ताशकंद समझौते से समाप्त हुआ, जिस पर 10 जनवरी 1966 को अयूब खान के साथ हस्ताक्षर हुए; उसी रात ताशकंद में शास्त्री जी का निधन हो गया। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया, और 2 अक्टूबर उनकी जयंती तथा गांधी जयंती दोनों के रूप में याद किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मोरारजी देसाई 1977 में प्रधानमंत्री बने। विकल्प B गलत है, क्योंकि इंदिरा गांधी 1966 में पद पर आईं और उन्होंने 1971 के युद्ध में नेतृत्व किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू का निधन मई 1964 में, इस युद्ध से पहले हो गया था। परीक्षा टिप: 1962 चीन के साथ नेहरू, 1965 पाकिस्तान के साथ शास्त्री, 1971 बांग्लादेश युद्ध इंदिरा गांधी के समय।

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