सेल्यूकस निकेटर ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में अपना राजदूत किसे भेजा था?
- A.डाइमेकस
- B.मेगस्थनीज
- C.डायोनिसियस
- D.टॉलेमी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मेगस्थनीज
व्याख्या
सही उत्तर B, मेगस्थनीज है। लगभग 305 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर के बीच हुई संधि के बाद सेल्यूकस ने मेगस्थनीज को पाटलिपुत्र में अपना राजदूत बनाकर भेजा। मेगस्थनीज ने भारत का विवरण इंडिका नाम से लिखा, जो मूल रूप में नष्ट हो गया और केवल एरियन, स्ट्रैबो तथा डायोडोरस जैसे बाद के यूनानी लेखकों के उद्धरणों में बचा है। इसमें पाटलिपुत्र की लकड़ी की प्राचीर, नगर का प्रबंध करने वाली समितियों और समाज के सात वर्गों का वर्णन मिलता है।
विकल्प A डाइमेकस भी राजदूत था, किंतु उसे एंटिओकस प्रथम ने चंद्रगुप्त के पुत्र बिंदुसार के दरबार में भेजा था, और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा भ्रम है। विकल्प C डायोनिसियस को मिस्र के टॉलेमी द्वितीय ने भेजा था और वह बाद के शासनकाल से जुड़ा है। विकल्प D टॉलेमी स्वयं राजदूत नहीं, बल्कि राजदूत भेजने वाला शासक था।