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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास क्विज: मौर्य साम्राज्य

  • 10 प्रश्न
  • 10 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास के अंतर्गत "मौर्य साम्राज्य" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासआसान

सेल्यूकस निकेटर ने चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में अपना राजदूत किसे भेजा था?

  1. A.डाइमेकस
  2. B.मेगस्थनीज
  3. C.डायोनिसियस
  4. D.टॉलेमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मेगस्थनीज

व्याख्या

सही उत्तर B, मेगस्थनीज है। लगभग 305 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर के बीच हुई संधि के बाद सेल्यूकस ने मेगस्थनीज को पाटलिपुत्र में अपना राजदूत बनाकर भेजा। मेगस्थनीज ने भारत का विवरण इंडिका नाम से लिखा, जो मूल रूप में नष्ट हो गया और केवल एरियन, स्ट्रैबो तथा डायोडोरस जैसे बाद के यूनानी लेखकों के उद्धरणों में बचा है। इसमें पाटलिपुत्र की लकड़ी की प्राचीर, नगर का प्रबंध करने वाली समितियों और समाज के सात वर्गों का वर्णन मिलता है।

विकल्प A डाइमेकस भी राजदूत था, किंतु उसे एंटिओकस प्रथम ने चंद्रगुप्त के पुत्र बिंदुसार के दरबार में भेजा था, और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा भ्रम है। विकल्प C डायोनिसियस को मिस्र के टॉलेमी द्वितीय ने भेजा था और वह बाद के शासनकाल से जुड़ा है। विकल्प D टॉलेमी स्वयं राजदूत नहीं, बल्कि राजदूत भेजने वाला शासक था।

Q2.भारतीय इतिहासआसान

कलिंग युद्ध और उसके परिणामों का वर्णन अशोक के किस अभिलेख में मिलता है?

  1. A.बारहवाँ वृहद शिलालेख
  2. B.तेरहवाँ वृहद शिलालेख
  3. C.सातवाँ स्तंभ लेख
  4. D.पहला लघु शिलालेख
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेरहवाँ वृहद शिलालेख

व्याख्या

सही उत्तर B, तेरहवाँ वृहद शिलालेख है। यह चौदह वृहद शिलालेखों में सबसे लंबा है और कलिंग युद्ध का एकमात्र ऐसा विवरण देता है जो स्वयं अशोक के शब्दों में है। इसमें मारे गए, बंदी बनाए गए और अन्य कारणों से मरे लोगों की संख्या, उससे उपजा पश्चाताप तथा शस्त्र विजय के स्थान पर धम्म विजय अपनाने की घोषणा है। इसी अभिलेख में पश्चिम के यूनानी राजाओं और दक्षिण के पड़ोसी जनपदों के नाम भी आते हैं।

विकल्प A बारहवाँ वृहद शिलालेख सहिष्णुता का अभिलेख है, जिसमें सभी संप्रदायों से एक दूसरे का आदर करने और अपने संप्रदाय की प्रशंसा में दूसरों की निंदा न करने को कहा गया है। विकल्प C सातवाँ स्तंभ लेख अशोक द्वारा धम्म के लिए किए गए कार्यों की अंतिम समीक्षा है। विकल्प D पहला लघु शिलालेख बौद्ध संघ से उसके जुड़ाव की बात करता है।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

अशोक के अभिलेखों की ब्राह्मी लिपि को 1837 में किसने पढ़ा था?

  1. A.अलेक्जेंडर कनिंघम
  2. B.जेम्स प्रिंसेप
  3. C.जॉन मार्शल
  4. D.विलियम जोंस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जेम्स प्रिंसेप

व्याख्या

सही उत्तर B, जेम्स प्रिंसेप है। कलकत्ता टकसाल के अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी के सचिव जेम्स प्रिंसेप ने 1837 में ब्राह्मी अक्षरों का मान निकालकर अशोक के अभिलेखों को पढ़ने योग्य बनाया। इससे पहले ये अभिलेख दिखाई तो देते थे पर मौन थे, और अभिलेखों के देवानांपिय पियदसि की पहचान बौद्ध परंपरा के अशोक से इसी कार्य के बाद संभव हुई।

विकल्प A अलेक्जेंडर कनिंघम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पहले महानिदेशक थे और उन्होंने अनेक स्थलों का सर्वेक्षण किया, किंतु वे बाद में आए और प्रिंसेप के वाचन का ही उपयोग किया। विकल्प C जॉन मार्शल बीसवीं शताब्दी में सर्वेक्षण के प्रमुख थे और हड़प्पा सभ्यता की घोषणा से जुड़े हैं। विकल्प D विलियम जोंस ने 1784 में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना की थी, पर लिपि पढ़े जाने से बहुत पहले उनका निधन हो चुका था।

Q4.भारतीय इतिहासआसान

भारत के राजकीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया सिंह शीर्ष अशोक ने मूल रूप से कहाँ स्थापित किया था?

  1. A.साँची
  2. B.सारनाथ
  3. C.वैशाली
  4. D.लौरिया नंदनगढ़
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सारनाथ

व्याख्या

सही उत्तर B, सारनाथ है। सारनाथ के सिंह शीर्ष में चार सिंह पीठ से पीठ जोड़े खड़े हैं और उनके नीचे की पट्टी पर हाथी, बैल, घोड़ा और सिंह चक्रों से अलग किए गए हैं, तथा पूरा शीर्ष उलटे कमल पर टिका है। इसी को भारत का राजकीय प्रतीक बनाया गया और इसी पट्टी का चक्र राष्ट्रीय ध्वज में लिया गया। सारनाथ वही स्थान है जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।

विकल्प A साँची के स्तंभ पर भी चार सिंहों का शीर्ष है, किंतु वह खंडित है और राजकीय प्रतीक नहीं है। विकल्प C वैशाली के स्तंभ पर उत्तर दिशा की ओर मुख किए एक ही सिंह का शीर्ष है। विकल्प D बिहार के लौरिया नंदनगढ़ में भी एक सिंह वाला शीर्ष सुरक्षित स्तंभ पर है, इसलिए केवल सिंह शब्द याद रखने वाले छात्र के लिए तीनों भ्रामक हैं।

Q5.भारतीय इतिहासकठिन

मौर्य प्रशासन में राजस्व का प्रमुख संग्राहक कौन अधिकारी था?

  1. A.सन्निधाता
  2. B.समाहर्ता
  3. C.राजुक
  4. D.प्रादेशिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समाहर्ता

व्याख्या

सही उत्तर B, समाहर्ता है। अर्थशास्त्र में समाहर्ता वह अधिकारी है जो भूमि, खानों, वनों, व्यापार मार्गों और नगर शुल्कों से मिलने वाले राज्य के राजस्व का निर्धारण और संग्रह करता था तथा आय और व्यय का लेखा रखता था, जिस पर पूरा राज्य चलता था।

विकल्प A सन्निधाता कोषाध्यक्ष था, अर्थात वह अधिकारी जो भंडारों और कोष की देखभाल करता था जिसमें यही राजस्व जमा होता था; यही जोड़ा इस प्रश्न का सबसे आम भ्रम है। विकल्प C राजुक ग्रामीण क्षेत्र का अधिकारी था, जिसे अशोक के चौथे स्तंभ लेख में पुरस्कार और दंड के अधिकार दिए गए हैं और प्रजा के कल्याण का दायित्व सौंपा गया है। विकल्प D प्रादेशिक जिला स्तर का अधिकारी था, जो अभिलेखों में राजुकों और युक्तों के साथ हर पाँचवें वर्ष दौरे से जोड़ा गया है।

Q6.भारतीय इतिहासकठिन

अशोक का व्यक्तिगत नाम निम्नलिखित में से किस अभिलेख में मिलता है?

  1. A.मस्की का लघु शिलालेख
  2. B.गिरनार का वृहद शिलालेख
  3. C.सारनाथ का स्तंभ लेख
  4. D.बराबर गुफा का अभिलेख
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मस्की का लघु शिलालेख

व्याख्या

सही उत्तर A, मस्की का लघु शिलालेख है। अशोक के लगभग सभी अभिलेखों में केवल देवानांपिय पियदसि उपाधि मिलती है। कर्नाटक के मस्की का लघु शिलालेख वह प्रसिद्ध अपवाद है जिसमें व्यक्तिगत नाम अशोक लिखा है और जिससे यह निश्चित हुआ कि अभिलेखों का पियदसि ही बौद्ध परंपरा का अशोक है। गुज्जरा, नेट्टूर और उडेगोलम के अभिलेखों में भी यह नाम मिलता है।

विकल्प B गिरनार की शिला पर चौदह वृहद शिलालेखों का पूरा समूह है, पर वहाँ केवल उपाधियाँ आई हैं। विकल्प C सारनाथ का स्तंभ लेख संघभेद निषेध का अभिलेख है, जिसमें भिक्षु और भिक्षुणियों को संघ में फूट डालने से रोका गया है, और वहाँ भी उपाधि ही है। विकल्प D बराबर गुफाओं के अभिलेख आजीवकों को गुफाएँ दान देने का उल्लेख करते हैं और उनमें भी नाम के स्थान पर देवानांपिय ही लिखा है।

Q7.भारतीय इतिहासमध्यम

मौर्य वंश का अंतिम शासक कौन था?

  1. A.दशरथ
  2. B.सम्प्रति
  3. C.बृहद्रथ
  4. D.शालिशुक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बृहद्रथ

व्याख्या

सही उत्तर C, बृहद्रथ है। वह मौर्यों में अंतिम था और लगभग 185 ईसा पूर्व में उसके अपने सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने उसकी हत्या कर दी, जिसने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाकर शुंग वंश की स्थापना की। सभी मानक कालक्रमों में यही घटना मौर्य युग का अंत मानी जाती है।

विकल्प A दशरथ अशोक का पौत्र था, जिसने अशोक के कुछ ही समय बाद शासन किया और अपने पितामह की भाँति नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाएँ आजीवकों को दान दीं। विकल्प B सम्प्रति को जैन परंपरा में उस मत का संरक्षक कहा गया है और उसे बाद के मौर्यों में गिना जाता है। विकल्प D शालिशुक भी पुराणों की सूची में आने वाला एक दुर्बल उत्तराधिकारी था। तीनों पतन काल के शासक हैं, पर अंत के समय सिंहासन पर बृहद्रथ था।

Q8.भारतीय इतिहासकठिन

चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में बनी सुदर्शन झील का उल्लेख किस अभिलेख से मिलता है?

  1. A.रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख
  2. B.खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख
  3. C.समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
  4. D.अशोक का कंधार अभिलेख
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख

व्याख्या

सही उत्तर A, रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख है। शक शासक रुद्रदामन का यह अभिलेख परिष्कृत संस्कृत का सबसे पुराना लंबा अभिलेख माना जाता है। इसमें कहा गया है कि सौराष्ट्र की सुदर्शन झील का बाँध मूल रूप से चंद्रगुप्त मौर्य के राज्यपाल पुष्यगुप्त ने बनवाया था और अशोक के समय तुषास्प ने उसमें नहरें जुड़वाईं; आगे रुद्रदामन के काल में बाँध की मरम्मत का वर्णन है।

विकल्प B कलिंग के खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख उसके अभियानों और निर्माण कार्यों का वर्णन करता है, सौराष्ट्र की झील का नहीं। विकल्प C हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त की विजयों की सूची है। विकल्प D कंधार के अभिलेख यूनानी और अरामाइक में धम्म से संबंधित हैं, और गुजरात में अशोक के वृहद शिलालेख जूनागढ़ की उसी शिला पर हैं, कंधार में नहीं।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

अशोक के शासनकाल में पाटलिपुत्र में हुई तीसरी बौद्ध संगीति की अध्यक्षता किसने की थी?

  1. A.वसुमित्र
  2. B.मोग्गलिपुत्त तिस्स
  3. C.महाकस्सप
  4. D.सबाकामी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मोग्गलिपुत्त तिस्स

व्याख्या

सही उत्तर B, मोग्गलिपुत्त तिस्स है। बौद्ध परंपरा के अनुसार तीसरी संगीति अशोक के शासन में पाटलिपुत्र में हुई और उसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की, जिन्हें संघ के विवाद सुलझाने और अभिधम्म पिटक के ग्रंथ कथावत्थु की रचना का श्रेय दिया जाता है। इसी संगीति के बाद धर्म प्रचार के लिए दल भेजे गए, जिनमें महेंद्र का श्रीलंका जाना प्रसिद्ध है।

विकल्प A वसुमित्र ने कनिष्क के शासनकाल में कश्मीर में हुई चौथी संगीति की अध्यक्षता की थी, जिसमें अश्वघोष उपाध्यक्ष थे। विकल्प C महाकस्सप ने बुद्ध के महापरिनिर्वाण के तुरंत बाद राजगृह में हुई पहली संगीति की अध्यक्षता की, जहाँ आनंद और उपालि ने उपदेश दोहराए। विकल्प D सबाकामी ने बुद्ध के लगभग सौ वर्ष बाद वैशाली में हुई दूसरी संगीति की अध्यक्षता की, जो अनुशासन के विवादों पर बुलाई गई थी।

Q10.भारतीय इतिहासमध्यम

गया के पास स्थित बराबर की गुफाएँ मौर्य शासकों ने किस संप्रदाय को दान में दी थीं?

  1. A.आजीवक
  2. B.जैन
  3. C.थेरवाद भिक्षु
  4. D.शैव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आजीवक

व्याख्या

सही उत्तर A, आजीवक है। बराबर पहाड़ियों के दान अभिलेखों में अशोक द्वारा और पास की नागार्जुनी गुफाओं में उसके पौत्र दशरथ द्वारा ये गुफाएँ आजीवकों को दिए जाने का उल्लेख है। आजीवक मक्खलि गोसाल द्वारा चलाया गया तपस्वी संप्रदाय था, जो नियति के कठोर सिद्धांत में विश्वास करता था। ये गुफाएँ भीतर से दर्पण जैसी चमकदार पॉलिश के लिए प्रसिद्ध हैं, वही चमक जो मौर्य स्तंभों पर मिलती है।

विकल्प B इसलिए गलत है कि इस काल की जैन गुफाएँ ओडिशा की उदयगिरि और खंडगिरि पहाड़ियों में खारवेल के समय बनीं। विकल्प C इसलिए गलत है कि सबसे पुराने बौद्ध चैत्य और विहार भाजा, कार्ले और कन्हेरी जैसे पश्चिमी दक्कन के स्थलों पर बाद की शताब्दियों में बने। विकल्प D इसलिए गलत है कि एलोरा के कैलाश जैसे शैव गुफा मंदिर कई शताब्दी बाद के हैं।

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