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भारतीय इतिहास क्विज: चोल साम्राज्य

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास के अंतर्गत "चोल साम्राज्य" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 1 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 7 March 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसे सबसे शक्तिशाली चोल शासक माना जाता है?

  1. A.राजेंद्र प्रथम
  2. B.राजराज प्रथम
  3. C.दंतिदुर्ग
  4. D.विजयालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजराज प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर B, राजराज प्रथम है। राजराज प्रथम, जिसने 985 से 1014 तक शासन किया, सबसे शक्तिशाली चोल शासक माना जाता है। उसने श्रीलंका के उत्तरी भाग पर अधिकार किया, मालदीव पर नौसैनिक आक्रमण किया, कांदलूर शालै में चेरों को हराया, राजस्व के लिए भूमि का सर्वेक्षण कराया और तंजावुर का राजराजेश्वर अथवा बृहदेश्वर मंदिर बनवाया जो 1010 में पूरा हुआ। विकल्प A गलत है, यद्यपि राजेंद्र प्रथम महान विजेता था जो गंगा तक पहुँचा और श्रीविजय को हराया; उसे गंगैकोंड चोल कहा जाता है, परंतु साम्राज्य की शक्ति का आधार उसके पिता ने रखा था। विकल्प C गलत है क्योंकि दंतिदुर्ग चोल नहीं था, वह दक्कन के राष्ट्रकूट वंश का संस्थापक था। विकल्प D गलत है क्योंकि विजयालय ने लगभग 850 में तंजावुर लेकर वंश की नींव रखी और छोटे राज्य पर शासन किया।

Q2.भारतीय इतिहासआसान

तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर किस शासक ने बनवाया था?

  1. A.राजेंद्र प्रथम
  2. B.राजराज प्रथम
  3. C.कुलोत्तुंग प्रथम
  4. D.राजराज द्वितीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजराज प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर B, राजराज प्रथम है। तंजावुर का मंदिर, जो निर्माता के नाम पर राजराजेश्वर और बृहदेश्वर दोनों नामों से जाना जाता है, राजराज प्रथम के शासनकाल में 1010 में पूरा हुआ। इसका विमान किसी भी मध्यकालीन भारतीय मंदिर की तुलना में सर्वाधिक ऊँचे विमानों में है और इसकी दीवारों पर अनुदान, सेवकों तथा राजस्व के लंबे अभिलेख हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि राजेंद्र प्रथम ने अपनी नई राजधानी गंगैकोंडचोलपुरम में मंदिर बनवाया, जो पिता के मंदिर के नमूने पर परंतु छोटा था। विकल्प C गलत है क्योंकि कुलोत्तुंग प्रथम चोल और पूर्वी चालुक्य वंशों को जोड़ने तथा कलिंग युद्ध के लिए स्मरण किया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि राजराज द्वितीय ने दारासुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर बनवाया। तीनों मंदिर मिलकर महान जीवंत चोल मंदिर कहलाते हैं।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

मुत्तरैयर प्रमुखों से तंजावुर छीनकर साम्राज्यवादी चोल वंश की स्थापना किसने की?

  1. A.करिकाल
  2. B.आदित्य प्रथम
  3. C.विजयालय
  4. D.परांतक प्रथम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. विजयालय

व्याख्या

सही उत्तर C, विजयालय है। विजयालय ने नौवीं शताब्दी के मध्य के आसपास मुत्तरैयर प्रमुखों से तंजावुर लिया, जो पल्लवों के अधीनस्थ के रूप में कावेरी डेल्टा पर अधिकार रखते थे, और उसी आधार से साम्राज्यवादी चोल वंश बढ़ा। तंजावुर तब तक चोल राजधानी रहा जब तक राजेंद्र प्रथम ने गंगैकोंडचोलपुरम नहीं बसाया। विकल्प A गलत है क्योंकि करिकाल संगम युग के आरंभिक चोलों का था, जो शताब्दियों पहले उरैयूर से शासन करते थे और जिन्हें कावेरी पर कल्लणै का श्रेय दिया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि आदित्य प्रथम विजयालय का पुत्र था, जिसने पल्लव शासक अपराजित को हराकर राज्य बढ़ाया। विकल्प D गलत है क्योंकि परांतक प्रथम बाद में आया और तक्कोलम के युद्ध में राष्ट्रकूट कृष्ण तृतीय से पराजित हुआ। परीक्षा में विजयालय के साथ 850 ईस्वी, तंजावुर और मुत्तरैयर तीनों एक साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि प्रश्न तीनों में से किसी एक को छोड़कर पूछा जाता है।

Q4.भारतीय इतिहासमध्यम

दक्षिण-पूर्व एशिया के श्रीविजय राज्य के विरुद्ध चोल नौसैनिक अभियान किस शासक ने भेजा था?

  1. A.राजराज प्रथम
  2. B.राजेंद्र प्रथम
  3. C.विजयालय
  4. D.राजेंद्र तृतीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजेंद्र प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर B, राजेंद्र प्रथम है। राजेंद्र प्रथम ने, जिसका शासन 1014 से 1044 तक रहा, बंगाल की खाड़ी पार कर मलय प्रायद्वीप तथा सुमात्रा के श्रीविजय के शैलेंद्र राज्य के विरुद्ध बेड़ा भेजा और उसके शासक संग्राम विजयोत्तुंग वर्मन को पराजित किया। यह अभियान तमिल व्यापारियों के लिए चीन का समुद्री मार्ग खुला रखने के लिए लड़ा गया, और कडारम की विजय से राजा कडारम कोंडान कहलाया। विकल्प A गलत है क्योंकि राजराज प्रथम ने समुद्र पार श्रीलंका और मालदीव के विरुद्ध अभियान किए, श्रीविजय के विरुद्ध नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि विजयालय का शासन तंजावुर के आसपास छोटे क्षेत्र तक था और उसके पास इतनी दूर तक जाने वाली नौसेना नहीं थी। विकल्प D गलत है क्योंकि राजेंद्र तृतीय अंतिम चोल था, जिसके समय साम्राज्य पांड्यों के सामने सिकुड़ गया।

Q5.भारतीय इतिहासकठिन

ग्राम समितियों के चुनाव के वर्णन के लिए प्रसिद्ध उत्तरमेरूर अभिलेख किस वंश से संबंधित हैं?

  1. A.पल्लव
  2. B.चोल
  3. C.राष्ट्रकूट
  4. D.चालुक्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चोल

व्याख्या

सही उत्तर B, चोल है। तमिलनाडु के उत्तरमेरूर में मंदिर की दीवारों पर दसवीं शताब्दी के ये अभिलेख विस्तार से बताते हैं कि उस ब्रह्मदेय गाँव की सभा अपनी समितियों के सदस्य कैसे चुनती थी: भूमि, घर, विद्या और आयु से कौन पात्र था, कौन अपात्र था, और कैसे एक बालक घड़े से नाम की पर्चियाँ निकालता था, जो कुडवोलै पद्धति कहलाती है। चोलों के अधीन स्थानीय स्वशासन के लिए यही मानक प्रमाण उद्धृत किया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पल्लव, जो पहले इसी क्षेत्र पर शासन करते थे और महाबलीपुरम तथा कांचीपुरम में अभिलेख छोड़ गए, इन अभिलेखों से संबंधित नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रकूट मान्यखेट से दक्कन पर शासन करते थे। विकल्प D गलत है क्योंकि बादामी और कल्याणी के चालुक्य कर्नाटक में शासन करते थे।

Q6.भारतीय इतिहासमध्यम

चोल साम्राज्य में प्रशासन की सबसे बड़ी इकाई कौन थी?

  1. A.नाडु
  2. B.वलनाडु
  3. C.मंडलम
  4. D.कुर्रम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मंडलम

व्याख्या

सही उत्तर C, मंडलम है। चोल साम्राज्य मंडलमों में बँटा था, जो सबसे बड़े प्रांत थे और प्रायः राजकुमारों अथवा वरिष्ठ अधिकारियों के अधीन रखे जाते थे। एक मंडलम वलनाडुओं में बँटा था, वलनाडु नाडुओं में, और नाडु गाँवों का वह समूह था जिसके भूस्वामी नत्तार के रूप में बैठते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि नाडु गाँवों का समूह है, जो मंडलम से कई सीढ़ी नीचे है। विकल्प B गलत है क्योंकि वलनाडु मंडलम के भीतर का विभाग है, इसलिए वह सबसे बड़ी इकाई नहीं हो सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि कुर्रम भी नाडु की तरह गाँवों के छोटे समूह का नाम है। अभ्यर्थी को मंडलम, वलनाडु, नाडु और गाँव का घटता क्रम याद रखना चाहिए, क्योंकि सबसे बड़ी और सबसे छोटी इकाई दोनों पर प्रश्न बनते हैं।

Q7.भारतीय इतिहासमध्यम

नटराज शिव जैसी प्रसिद्ध चोल कांस्य प्रतिमाएँ किस विधि से बनाई जाती थीं?

  1. A.लुप्त मोम प्रक्रिया
  2. B.बालू ढलाई
  3. C.रिपूसे कार्य
  4. D.कणीकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लुप्त मोम प्रक्रिया

व्याख्या

सही उत्तर A, लुप्त मोम प्रक्रिया है। इस विधि में, जिसे सिर पेर्दू कहा जाता है, प्रतिमा पहले मोम में गढ़ी जाती है, फिर उस पर मिट्टी चढ़ाकर साँचा बनाया जाता है; मोम पिघलाकर बाहर निकाल दिया जाता है, खोखले भाग में पिघली धातु भरी जाती है और मिट्टी तोड़कर एक ठोस प्रतिमा निकलती है, जिसे उसी साँचे से दोबारा नहीं बनाया जा सकता। नटराज, सोमस्कंद और शैव संतों की चोल प्रतिमाएँ मंदिर की शोभायात्राओं के लिए इसी विधि से ढाली गईं। विकल्प B गलत है क्योंकि बालू ढलाई आधुनिक औद्योगिक विधि है, जो इतनी सूक्ष्मता के लिए उपयुक्त नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि रिपूसे में धातु की चादर पीछे से ठोकी जाती है, जो आभूषणों और मुखौटों में प्रयुक्त होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि कणीकरण स्वर्णकार की वह तकनीक है जिसमें धातु के नन्हे दाने सतह पर जोड़े जाते हैं।

Q8.भारतीय इतिहासकठिन

तक्कोलम के युद्ध में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण तृतीय ने किस चोल शासक को पराजित किया था?

  1. A.आदित्य प्रथम
  2. B.परांतक प्रथम
  3. C.राजराज प्रथम
  4. D.कुलोत्तुंग प्रथम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. परांतक प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर B, परांतक प्रथम है। परांतक प्रथम ने चोल शक्ति पांड्य क्षेत्र तक बढ़ाई थी और मदुरैकोंड की उपाधि ली थी, परंतु उसका अभियान वर्तमान तमिलनाडु के तक्कोलम में रुक गया, जहाँ राष्ट्रकूट राजा कृष्ण तृतीय ने चोल सेना को हराया और युवराज राजादित्य युद्ध में मारा गया। इस पराजय से चोलों को एक पीढ़ी तक अपने उत्तरी जिले गँवाने पड़े। विकल्प A गलत है क्योंकि विजयालय के पुत्र आदित्य प्रथम को अपराजित को हराकर पल्लव शक्ति समाप्त करने के लिए स्मरण किया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजराज प्रथम इस आघात के बाद आया और उसने चोल सर्वोच्चता बहाल करते हुए उत्तरी श्रीलंका जीता। विकल्प D गलत है क्योंकि कुलोत्तुंग प्रथम बहुत बाद में शासक हुआ और कलिंगत्तुपरणि में वर्णित कलिंग युद्ध से जुड़ा है।

Q9.भारतीय इतिहासकठिन

कुलोत्तुंग प्रथम के कलिंग युद्ध पर आधारित तमिल काव्य कलिंगत्तुपरणि किसने लिखा?

  1. A.कंबन
  2. B.शेक्किलार
  3. C.जयंगोंडार
  4. D.तिरुत्तक्कदेवर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जयंगोंडार

व्याख्या

सही उत्तर C, जयंगोंडार है। कुलोत्तुंग प्रथम के दरबारी कवि जयंगोंडार ने कलिंगत्तुपरणि की रचना की, जो परणि शैली का युद्ध काव्य है और कलिंग के विरुद्ध चोल अभियान का वर्णन करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कंबन ने रामावतारम लिखा, जो रामायण का तमिल रूपांतर है और चोल काल की सर्वाधिक प्रसिद्ध साहित्यिक कृति मानी जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि शेक्किलार ने पेरियपुराणम लिखा, जो शैव भक्ति के तिरेसठ नायनार संतों के जीवन का वर्णन है और कुलोत्तुंग द्वितीय के समय रचा गया। विकल्प D गलत है क्योंकि जैन लेखक तिरुत्तक्कदेवर ने जीवक चिंतामणि लिखी। परीक्षा में ये चारों नाम एक साथ विकल्प बनते हैं, इसलिए प्रत्येक को उसकी कृति से जोड़कर याद रखना चाहिए। कलिंगत्तुपरणि चोल दरबारी जीवन के प्रमाण के रूप में भी मूल्यवान है, और परीक्षक इसे पेरियपुराणम, रामावतारम तथा जीवक चिंतामणि के साथ सुमेलन प्रश्नों में रखते हैं।

Q10.भारतीय इतिहासमध्यम

चोल काल में अय्यावोले, मणिग्रामम और नानादेसी किस प्रकार के संगठन थे?

  1. A.व्यापारिक श्रेणियाँ
  2. B.सैनिक टुकड़ियाँ
  3. C.मंदिर समितियाँ
  4. D.भू-राजस्व श्रेणियाँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. व्यापारिक श्रेणियाँ

व्याख्या

सही उत्तर A, व्यापारिक श्रेणियाँ है। अय्यावोले, जिसे अय्यावोले के पाँच सौ भी कहा जाता है, तथा मणिग्रामम और नानादेसी व्यापारियों के संगठन थे, जो आंतरिक और समुद्रपारीय व्यापार संभालते थे, मंदिरों को दान देते थे, अपने रक्षक रखते थे और दक्षिण भारत से सुमात्रा तक अभिलेख छोड़ गए। सोंग चीन तथा दक्षिण-पूर्व एशिया से उनका व्यापार राजेंद्र प्रथम के नौसैनिक अभियान की आर्थिक पृष्ठभूमि है। विकल्प B गलत है क्योंकि चोल सैन्य टुकड़ियाँ कैक्कोलर पैदल सेना और राजा की रक्षा से बँधे वेलैक्कार थे। विकल्प C गलत है क्योंकि गाँव या मंदिर की सभा की समितियाँ वारियम कहलाती थीं। विकल्प D गलत है क्योंकि चोल अनुदानों में भूमि को उसके प्रयोजन से ब्रह्मदेय, देवदान, पल्लिच्चंदम, शालाभोग या वेल्लानवगै कहा जाता था। अय्यावोले का केंद्र कर्नाटक का ऐहोले था और इन श्रेणियों के अभिलेख दक्षिण-पूर्व एशिया तक मिलते हैं, जिससे चोल काल के समुद्री व्यापार का विस्तार सिद्ध होता है।

Q11.भारतीय इतिहासकठिन

कावेरी नदी पर बना कल्लणै अथवा ग्रैंड एनीकट परंपरागत रूप से किस शासक से जोड़ा जाता है?

  1. A.आरंभिक चोल करिकाल
  2. B.राजराज प्रथम
  3. C.राजेंद्र प्रथम
  4. D.राजराज द्वितीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आरंभिक चोल करिकाल

व्याख्या

सही उत्तर A, आरंभिक चोल करिकाल है। कल्लणै, जिसे अंग्रेजी में ग्रैंड एनीकट कहा जाता है, कावेरी पर बना वह बाँध है जो जल को डेल्टा की नहरों में मोड़ता है, और परंपरा इसे संगम युग के आरंभिक चोल राजा करिकाल से जोड़ती है, जो उरैयूर से शासन करता था। यह विश्व में आज भी प्रयोग में आने वाली सबसे प्राचीन जल-मोड़ संरचनाओं में से एक है। विकल्प B गलत है क्योंकि चार शताब्दी बाद के राजराज प्रथम का संबंध बृहदेश्वर मंदिर और श्रीलंका की विजयों से है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजेंद्र प्रथम ने गंगैकोंडचोलपुरम बसाया और समुद्रपारीय अभियान भेजे। विकल्प D गलत है क्योंकि राजराज द्वितीय ने दारासुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर बनवाया। यह प्रश्न आरंभिक चोलों और साम्राज्यवादी चोलों को मिलाने वाला मानक जाल है।

Q12.भारतीय इतिहासकठिन

चोल काल में ब्राह्मणों को दिया गया और अपनी सभा से शासित गाँव किस नाम से जाना जाता था?

  1. A.देवदान
  2. B.ब्रह्मदेय
  3. C.वेल्लानवगै
  4. D.पल्लिच्चंदम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ब्रह्मदेय

व्याख्या

सही उत्तर B, ब्रह्मदेय है। ब्रह्मदेय वह भूमि या पूरा गाँव था जो ब्राह्मणों को दिया जाता था, प्रायः कई करों से मुक्त, और उसके वयस्क ब्राह्मण भूस्वामियों की सभा अथवा महासभा वारियम नामक समितियों से काम करती थी; उत्तरमेरूर अभिलेख ऐसी ही सभा का वर्णन करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि देवदान मंदिर को दी गई भूमि थी, जिसकी आय से पूजा, सेवक और उत्सव चलते थे। विकल्प C गलत है क्योंकि वेल्लानवगै साधारण गैर-ब्राह्मण कृषकों की भूमि थी, जिनके गाँव की सभा ऊर कहलाती थी। विकल्प D गलत है क्योंकि पल्लिच्चंदम जैन संस्था को दी गई भूमि थी, जिसमें पल्लि शब्द जैन मठ या विद्यालय के लिए आया है। परीक्षक इन चारों शब्दों को आपस में विकल्प बनाते हैं, इसलिए प्रत्येक को उसके लाभार्थी से जोड़ना चाहिए।

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