हरियाणा के सांग लोक रंगमंच को अठारहवीं सदी में स्वरूप किसने दिया?
- A.पंडित लखमीचंद
- B.पंडित दीपचंद
- C.बाजे भगत
- D.पंडित मांगेराम
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पंडित दीपचंद सांग के इतिहास का पहला बड़ा नाम हैं और उन्हें इस बात का श्रेय है कि उन्होंने ढीले ढाले गांव के मनोरंजन को ढांचे वाला गाया जाने वाला नाटक बनाया: आरंभ में वंदना, छंदों में चलती कथा, गीतों के बीच गद्य प्रसंग तथा कवि के चारों ओर बनी…
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