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GK क्विजभूगोल

भूगोल क्विज: वन और प्राकृतिक वनस्पति

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भूगोल के अंतर्गत "वन और प्राकृतिक वनस्पति" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 4 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भूगोलपूछा गया: दिल्ली · 28 Oct 2018मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा वृक्ष कँटीले प्रकार के वन का उदाहरण नहीं है?

  1. A.खैर
  2. B.कीकर
  3. C.बबूल
  4. D.रक्तचंदन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रक्तचंदन

व्याख्या

सही उत्तर D, रक्तचंदन है। रक्तचंदन शुष्क पर्णपाती वन का वृक्ष है और लगभग पूरी तरह आंध्र प्रदेश में पूर्वी घाट की शेषाचलम तथा पालकोंडा पहाड़ियों में उगता है, जहाँ उसकी गहरी लाल अंतःकाष्ठ के कारण उसका बड़ा मूल्य है; वह कँटीले वन की प्रजाति नहीं है। विकल्प A, B और C तीनों उष्णकटिबंधीय कँटीले वन के प्रतिनिधि वृक्ष हैं, जो 70 सेंटीमीटर से कम वर्षा वाली अर्धशुष्क पट्टी में उगता है। खैर से वह कत्था बनता है जो पान में पड़ता है। कीकर और बबूल उस बबूल जाति के नाम हैं जो राजस्थान, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानों में बिखरी रहती है। तीनों में काँटे, छोटी पत्तियाँ और लंबी मूसला जड़ें होती हैं, जो शुष्क आवास के मानक अनुकूलन हैं, जबकि रक्तचंदन अधिक आर्द्र और छायादार वन प्रकार का ऊँचा वृक्ष है।

Q2.भूगोलपूछा गया: दिल्ली · 28 Oct 2018आसान

निम्नलिखित में से किस प्रकार के वन को मानसूनी वन कहा जाता है?

  1. A.वर्षा वन
  2. B.भूमध्यरेखीय वन
  3. C.पर्णपाती वन
  4. D.पर्वतीय वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पर्णपाती वन

व्याख्या

सही उत्तर C, पर्णपाती वन है। उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन को मानसूनी वन इसलिए कहते हैं कि वह मानसूनी जलवायु की स्वाभाविक वनस्पति है, जो 70 से 200 सेंटीमीटर वर्षा वाले क्षेत्रों में उगता है और जहाँ वर्षा के बाद स्पष्ट शुष्क ऋतु आती है। उसके वृक्ष शुष्क महीनों में छह से आठ सप्ताह तक पत्तियाँ गिराकर जल बचाते हैं, और यह भारत का सबसे व्यापक वन प्रकार है, जो सागौन, साल, शीशम तथा चंदन देता है। विकल्प A और B, वर्षा वन तथा भूमध्यरेखीय वन, 200 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा वाली पट्टी के सदाबहार वन का वर्णन करते हैं, जिसमें पत्ती रहित ऋतु आती ही नहीं। विकल्प D, पर्वतीय वन, वर्षा के बजाय ऊँचाई के आधार पर वर्गीकृत होता है और चढ़ाई के साथ ओक तथा चेस्टनट से चीड़ और देवदार होते हुए अल्पाइन चरागाह तक बदलता जाता है, इसलिए वह मानसूनी लय से बँधा नहीं है।

Q3.भूगोलपूछा गया: दिल्ली · 3 April 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से वन स्थायी वनों के प्रकार हैं?

  1. A.असंरक्षित वन
  2. B.आरक्षित वन
  3. C.अवर्गीकृत वन
  4. D.सामुदायिक वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आरक्षित वन

व्याख्या

सही उत्तर B, आरक्षित वन है। भारतीय वनों को प्रशासनिक दृष्टि से आरक्षित, रक्षित और अवर्गीकृत वनों में बाँटा जाता है, और इनमें से पहले दो मिलकर स्थायी वन संपदा कहलाते हैं, अर्थात वह भूमि जो इमारती लकड़ी तथा अन्य वन उपज के लिए और मिट्टी तथा जल की रक्षा के लिए स्थायी रूप से बनाए रखी जाती है। तीनों में आरक्षित वन सर्वाधिक मूल्यवान हैं और उन्हें सबसे कड़ा संरक्षण मिलता है, जहाँ चराई और कृषि वर्जित या कड़ाई से नियंत्रित रहती है। विकल्प A, असंरक्षित वन, मान्य प्रशासनिक वर्गों में है ही नहीं। विकल्प C, अवर्गीकृत वन, शेष वन भूमि है, जिसका बड़ा भाग पूर्वोत्तर तथा गुजरात में समुदायों और निजी व्यक्तियों के पास है, और वह स्थायी संपदा से बाहर रहती है। विकल्प D, सामुदायिक वन, फिर स्वामित्व बताता है, प्रशासनिक वर्ग नहीं, और ऐसी भूमि प्रायः अवर्गीकृत श्रेणी में ही आती है।

Q4.भूगोलपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 1कठिन

पूर्वोत्तर भारत के कुछ भागों में मेलोकाना बैसीफेरा बाँस के फूलने के समय चूहों के प्रकोप से होने वाले अकाल ______ अकाल कहलाते हैं।

  1. A.चालीसा
  2. B.ऊपरी दोआब
  3. C.मौतम
  4. D.डोजी बारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मौतम

व्याख्या

सही उत्तर C, मौतम है। मेलोकाना बैसीफेरा अर्थात मूली बाँस मिजोरम तथा आसपास की पहाड़ियों में बड़े क्षेत्र में फैला है और लगभग आधी शताब्दी में एक बार ही फूलता है, जिसके बाद पूरा झुरमुट सूख जाता है। फूलने पर प्रोटीन से भरपूर बीजों की बाढ़ आ जाती है, चूहे उस पर पलकर बहुत बढ़ जाते हैं, और बीज समाप्त होते ही वह झुंड धान के खेतों में घुसकर फसल नष्ट कर देता है, जिससे वह अकाल पड़ता है जिसे मिजो परंपरा मौतम कहती है। विकल्प A, चालीसा अकाल, 1783 में उत्तरी भारत में पड़ा था और उसका बाँस से कोई संबंध नहीं था। विकल्प B, ऊपरी दोआब, गंगा और यमुना के बीच के क्षेत्र का नाम है, इस प्रकार के किसी अकाल का नहीं। विकल्प D, डोजी बारा, वह खोपड़ी अकाल है जिसने 1790 के दशक में दक्कन और हैदराबाद को झेलाया। केवल मौतम ही किसी बाँस प्रजाति के फूलने के चक्र से जुड़ा है।

Q5.भूगोलआसान

रोज़वुड, महोगनी, आबनूस और ऐनी किस प्रकार के वन के विशिष्ट वृक्ष हैं?

  1. A.उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
  2. B.उष्णकटिबंधीय कँटीले वन
  3. C.अल्पाइन वनस्पति
  4. D.उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन

व्याख्या

सही उत्तर A, उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन है। ये वन वहाँ उगते हैं जहाँ वार्षिक वर्षा 200 सेंटीमीटर से अधिक होती है, अर्थात पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख पश्चिमी ढालों पर, अंडमान तथा निकोबार द्वीपों में, ऊपरी असम में और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों पर। वर्ष के अधिकांश भाग में वर्षा होने के कारण वृक्षों की पत्तियाँ किसी निश्चित समय पर नहीं गिरतीं, छत्र सदा हरा रहता है और वन ऊँचा तथा कई परतों वाला होता है; रोज़वुड, महोगनी, आबनूस, ऐनी, सिनकोना और रबड़ इसकी व्यावसायिक प्रजातियाँ हैं। विकल्प B, कँटीले वन, 70 सेंटीमीटर से कम वर्षा पर उगते हैं और वहाँ बबूल, खैर तथा खेजड़ी मिलते हैं। विकल्प C, अल्पाइन वनस्पति, हिमालय में लगभग 3,000 मीटर से ऊपर मिलती है और उसमें सिल्वर फर, जूनिपर, भोजपत्र तथा बुरांश और उसके बाद घास आती है। विकल्प D, शुष्क पर्णपाती वन, को 70 से 100 सेंटीमीटर वर्षा मिलती है और वह तेंदू, पलाश, अमलतास तथा बेल देता है।

Q6.भूगोलआसान

सुंदरबन मैंग्रोव वन का नाम किस वृक्ष से पड़ा है?

  1. A.सुंदरी
  2. B.साल
  3. C.केवड़ा
  4. D.केतकी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सुंदरी

व्याख्या

सही उत्तर A, सुंदरी है। सुंदरी, जिसका वानस्पतिक नाम हेरिटिएरा फोमेस है, गंगा और ब्रह्मपुत्र डेल्टा का प्रमुख मैंग्रोव वृक्ष है और उसी से सुंदरबन का नाम पड़ा; उसकी लकड़ी कठोर होती है और लंबे समय तक नाव तथा खंभे बनाने में काम आती रही। सुंदरबन विश्व का सबसे बड़ा एकल मैंग्रोव खंड है, भारत और बांग्लादेश के बीच बँटा है तथा रॉयल बंगाल टाइगर का सबसे प्रसिद्ध घर है। विकल्प B, साल, छोटानागपुर पठार, तराई तथा मध्य भारत के आर्द्र पर्णपाती वन का वृक्ष है और लवणीय ज्वारीय कीचड़ में उग ही नहीं सकता। विकल्प C, केवड़ा, वास्तव में उसी डेल्टा का मैंग्रोव सहयोगी है, किंतु वन का नाम उस पर नहीं पड़ा। विकल्प D, केतकी, रेतीले तटों और दलदली भूमि पर उगती है, किंतु वह वेलांचली किनारे का झाड़ीनुमा पौधा है, सुंदरबन का निर्धारक वृक्ष नहीं।

Q7.भूगोलमध्यम

श्वसन मूल या न्यूमैटोफोर किन वनों की विशेषता है?

  1. A.अल्पाइन वन
  2. B.मैंग्रोव या ज्वारीय वन
  3. C.उष्णकटिबंधीय कँटीले वन
  4. D.शीतोष्ण पर्वतीय वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मैंग्रोव या ज्वारीय वन

व्याख्या

सही उत्तर B, मैंग्रोव या ज्वारीय वन है। मैंग्रोव डेल्टाओं और खाड़ियों की लवणीय तथा जलमग्न कीचड़ में उगते हैं, जहाँ मिट्टी में ऑक्सीजन लगभग नहीं होती, इसलिए जड़ें कीचड़ की सतह से ऊपर न्यूमैटोफोर नामक पतली खूँटियाँ भेजकर साँस लेती हैं, और अनेक प्रजातियाँ नरम भूमि में सहारे के लिए मेहराबदार अवस्तंभ जड़ों पर भी खड़ी रहती हैं। ऐसे वन गंगा, महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी के डेल्टाओं की पट्टी बनाते हैं तथा चक्रवाती लहरों के विरुद्ध तट की पहली रक्षा पंक्ति हैं। विकल्प A, अल्पाइन वन, ठंडी और अच्छे जल निकास वाली पर्वतीय ढालों पर उगते हैं और उन्हें ऐसे अनुकूलन की आवश्यकता नहीं। विकल्प C, कँटीले वन, इसके ठीक विपरीत जल की कमी झेलते हैं और लंबी मूसला जड़ों, छोटी मोमी पत्तियों तथा मोटी छाल से उसका सामना करते हैं। विकल्प D, ओक, चीड़ और देवदार के शीतोष्ण पर्वतीय वन, ऐसी ढालों पर उगते हैं जहाँ जल निकास मुक्त और मिट्टी में ऑक्सीजन प्रचुर होती है।

Q8.भूगोलमध्यम

चैंपियन और सेठ द्वारा 1968 में तैयार भारतीय वनों का वर्गीकरण मुख्यतः किस आधार पर है?

  1. A.प्रत्येक क्षेत्र की मिट्टी के प्रकार पर
  2. B.तापमान और आर्द्रता की दशाओं पर
  3. C.वन पर प्रशासनिक नियंत्रण पर
  4. D.वन भूमि के स्वामित्व पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तापमान और आर्द्रता की दशाओं पर

व्याख्या

सही उत्तर B, तापमान और आर्द्रता की दशाओं पर है। हैरी चैंपियन और एस. के. सेठ ने 1968 में भारतीय वन प्रकारों के पुराने सर्वेक्षण को संशोधित किया और वनों को आर्द्र उष्णकटिबंधीय, शुष्क उष्णकटिबंधीय, उपोष्ण पर्वतीय, शीतोष्ण पर्वतीय, उप अल्पाइन तथा अल्पाइन जैसे प्रमुख समूहों में बाँटा, जिनमें से हर एक आगे कई प्रकारों में बँटता है, और इसका आधार वर्षा, आर्द्रता तथा तापमान के जलवायु नियंत्रक हैं। विकल्प A इसलिए गलत है कि मिट्टी वनस्पति को प्रभावित तो करती है किंतु वह इस योजना का आधार नहीं है, यद्यपि लवणीय और जलमग्न मिट्टी से अलग वेलांचली तथा कच्छीय समूह अवश्य बनता है। विकल्प C आरक्षित, रक्षित और अवर्गीकृत वनों के प्रशासनिक वर्गीकरण का वर्णन करता है, जो प्रबंधन के लिए प्रयुक्त अलग योजना है। विकल्प D, स्वामित्व, भी प्रशासनिक विषय है और वह किसी वानस्पतिक समूह के बजाय अवर्गीकृत श्रेणी से मेल खाता है।

Q9.भूगोलमध्यम

राष्ट्रीय वन नीति देश के कुल भूभाग के कितने भाग पर वन और वृक्ष आवरण लाने का लक्ष्य रखती है?

  1. A.20 प्रतिशत
  2. B.25 प्रतिशत
  3. C.33 प्रतिशत
  4. D.40 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 33 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर C, 33 प्रतिशत है। 1952 की राष्ट्रीय वन नीति ने देश के कुल भूभाग के लगभग एक तिहाई भाग को वन के अधीन रखने का लक्ष्य तय किया, जिसमें पहाड़ों और पर्वतों का हिस्सा अधिक रखा गया, क्योंकि वहाँ ढालों पर मिट्टी थामने के लिए वृक्ष आवरण चाहिए, और मैदानों का हिस्सा कम। 1988 की नीति ने उस लक्ष्य को दोहराया तथा बल राजस्व से हटाकर पारिस्थितिक संतुलन और वनवासियों की आवश्यकताओं पर कर दिया। विकल्प A, 20 प्रतिशत, और विकल्प B, 25 प्रतिशत, वे आँकड़े हैं जो कभी कभी केवल मैदानों के लिए उद्धृत होते हैं, और परीक्षक उन्हें ठीक इसीलिए रखते हैं कि नीति का आधा भाग याद रखने वाला अभ्यर्थी फँस जाए। विकल्प D, 40 प्रतिशत, किसी राष्ट्रीय लक्ष्य से मेल नहीं खाता और शुद्ध भ्रामक विकल्प है। भारतीय वन सर्वेक्षण अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट में इस लक्ष्य की ओर हुई प्रगति मापता है।

Q10.भूगोलमध्यम

भारत के वन आवरण का आकलन करके भारत वन स्थिति रिपोर्ट कौन सी संस्था प्रकाशित करती है?

  1. A.भारतीय वन्यजीव संस्थान
  2. B.भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून
  3. C.भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण
  4. D.राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय वन सर्वेक्षण है। यह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन काम करता है, इसका मुख्यालय देहरादून में है, यह उपग्रह चित्रों तथा क्षेत्र जाँच से देश का वन और वृक्ष आवरण मापता है और हर दो वर्ष में एक बार भारत वन स्थिति रिपोर्ट निकालता है। विकल्प A, भारतीय वन्यजीव संस्थान, भी देहरादून में ही है किंतु वह वन्यजीव प्रबंधकों को प्रशिक्षित करता है तथा प्रजातियों और आवासों पर शोध करता है, वन आवरण का मानचित्रण नहीं। विकल्प C, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, का मुख्यालय कोलकाता में है और वह देश की पादप संपदा का, जिसमें दुर्लभ तथा संकटग्रस्त प्रजातियाँ भी हैं, सर्वेक्षण और प्रलेखन करता है। विकल्प D, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, चेन्नई में है और जैव विविधता अधिनियम लागू करता है तथा जैविक संसाधनों तक पहुँच और लाभ साझेदारी का नियमन करता है। आवरण का आकलन केवल भारतीय वन सर्वेक्षण करता है।

Q11.भूगोलकठिन

नीलगिरि, अन्नामलाई और पलनी पहाड़ियों की तहों में मिलने वाले शीतोष्ण पर्वतीय वन के टुकड़े स्थानीय रूप से क्या कहलाते हैं?

  1. A.बुग्याल
  2. B.शोला
  3. C.तराई
  4. D.भाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शोला

व्याख्या

सही उत्तर B, शोला है। शोला वे छोटे, घने और बौने सदाबहार वन हैं जो पश्चिमी घाट की ऊँची पहाड़ियों में लगभग 1,500 मीटर से ऊपर सुरक्षित घाटियों और तहों में बचे हुए हैं, और वे लहरदार घास के मैदानों के साथ मिलकर शोला घास मोज़ेक बनाते हैं, जो नीलगिरि तहर का आवास है। विकल्प A, बुग्याल, उत्तराखंड में वृक्ष रेखा के ऊपर के उस अल्पाइन चरागाह का नाम है जिसे गुज्जर और भोटिया ग्रीष्मकालीन चरागाह के रूप में काम में लाते हैं, और वह हिमालय का है, प्रायद्वीप का नहीं। विकल्प C, तराई, हिमालय की तलहटी में भाबर के दक्षिण की वह दलदली और स्रोतों से भरी पट्टी है जो कभी ऊँची घास और घने वन से ढकी थी। विकल्प D, भाबर, हिमालय के ठीक नीचे कंकड़ और गोल पत्थरों की वह सँकरी छिद्रमय पट्टी है जहाँ नदियाँ भूमिगत हो जाती हैं।

Q12.भूगोलआसान

भारत में उष्णकटिबंधीय कँटीले वन ऐसे क्षेत्रों में मिलते हैं जहाँ वार्षिक वर्षा होती है:

  1. A.200 सेंटीमीटर से अधिक
  2. B.100 से 200 सेंटीमीटर के बीच
  3. C.70 से 100 सेंटीमीटर के बीच
  4. D.70 सेंटीमीटर से कम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 70 सेंटीमीटर से कम

व्याख्या

सही उत्तर D, 70 सेंटीमीटर से कम है। उष्णकटिबंधीय कँटीले वन तथा झाड़ियाँ उस अर्धशुष्क पट्टी की स्वाभाविक वनस्पति हैं जो राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दक्षिण पश्चिमी पंजाब, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा दक्कन के भीतरी भागों से होकर जाती है, जहाँ वर्षा 70 सेंटीमीटर से कम रहती है। पौधे दूर दूर और बौने होते हैं, उनकी मूसला जड़ें गहरी नमी तक पहुँचती हैं, पत्तियाँ छोटी या मोमी होती हैं जो वाष्पोत्सर्जन रोकती हैं, और अनेक प्रजातियों में पत्तियों के स्थान पर काँटे होते हैं; बबूल, कीकर, खैर, खेजड़ी, नीम, पलाश और नागफनी इसके प्रतिनिधि हैं। विकल्प A, 200 सेंटीमीटर से अधिक, उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन देता है। विकल्प B, 100 से 200 सेंटीमीटर, सागौन और साल वाला आर्द्र पर्णपाती वन देता है। विकल्प C, 70 से 100 सेंटीमीटर, तेंदू और पलाश वाला शुष्क पर्णपाती वन देता है, जो कँटीली पट्टी का तात्कालिक पड़ोसी है और इसी से सबसे अधिक भ्रम होता है।

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