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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान क्विज: अर्धचालक और मूल इलेक्ट्रॉनिकी

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान के अंतर्गत "अर्धचालक और मूल इलेक्ट्रॉनिकी" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

ताप बढ़ने पर अर्धचालक का विद्युत् प्रतिरोध:

  1. A.बढ़ता है
  2. B.घटता है
  3. C.अपरिवर्तित रहता है
  4. D.पहले बढ़ता है फिर शून्य हो जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. घटता है

व्याख्या

सही उत्तर B, घटता है है। अर्धचालक का वर्जित ऊर्जा अंतराल छोटा होता है, इसलिए गर्म करने से मिली ताप ऊर्जा अधिक इलेक्ट्रॉनों को संयोजी बैंड से चालन बैंड में धकेलती है और अधिक इलेक्ट्रॉन-कोटर युग्म बनाती है। अधिक आवेश वाहक का अर्थ है अधिक चालकता और इसलिए कम प्रतिरोध, इसी कारण कहा जाता है कि अर्धचालक का प्रतिरोध ताप गुणांक ऋणात्मक होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि धातुओं में ताप बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है, जहाँ वाहक पहले से मुक्त हैं और बढ़ा हुआ जालक कंपन केवल उन्हें बाधित करता है; विद्यार्थी धातु का नियम यहाँ भूल से लगा देते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अर्धचालक में प्रतिरोध का परिवर्तन वास्तव में बड़ा होता है और थर्मिस्टर में उसका उपयोग किया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रतिरोध कभी शून्य नहीं होता; वह लगातार घटता है, परंतु अर्धचालक गर्म करने पर अतिचालक नहीं बन जाता।

Q2.सामान्य विज्ञानआसान

शुद्ध सिलिकॉन में निम्नलिखित में से कौन अपद्रव्य मिलाने पर n-प्रकार अर्धचालक बनता है?

  1. A.बोरॉन
  2. B.इंडियम
  3. C.आर्सेनिक
  4. D.गैलियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आर्सेनिक

व्याख्या

सही उत्तर C, आर्सेनिक है। n-प्रकार अर्धचालक पंचसंयोजी तत्व, अर्थात् पाँच संयोजी इलेक्ट्रॉन वाले तत्व, से मादन करके बनाया जाता है, जैसे फॉस्फोरस, आर्सेनिक, एंटिमनी या बिस्मथ। पाँच इलेक्ट्रॉनों में से चार पड़ोसी सिलिकॉन परमाणुओं के साथ सहसंयोजी बंध बनाते हैं और पाँचवाँ लगभग मुक्त रह जाता है, इसलिए अपद्रव्य दाता का कार्य करता है और इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक बन जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि बोरॉन त्रिसंयोजी है और p-प्रकार पदार्थ देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि इंडियम भी त्रिसंयोजी है और प्रतिष्ठित ग्राही अपद्रव्य है। विकल्प D उसी कारण गलत है, क्योंकि गैलियम के तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं। स्मरण सूत्र यह है कि पंचसंयोजी का अर्थ दाता तथा n-प्रकार है और त्रिसंयोजी का अर्थ ग्राही तथा p-प्रकार, और दोनों दशाओं में मादित क्रिस्टल विद्युत् दृष्टि से उदासीन रहता है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

p-प्रकार अर्धचालक में बहुसंख्यक आवेश वाहक कौन होते हैं?

  1. A.इलेक्ट्रॉन
  2. B.कोटर
  3. C.प्रोटॉन
  4. D.धन आयन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोटर

व्याख्या

सही उत्तर B, कोटर है। p-प्रकार अर्धचालक बोरॉन, ऐलुमिनियम, गैलियम या इंडियम जैसे त्रिसंयोजी अपद्रव्य को मिलाकर बनाया जाता है। चूँकि अपद्रव्य परमाणु के केवल तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं, एक सहसंयोजी बंध अपूर्ण रह जाता है और एक रिक्ति बनती है जिसे कोटर कहते हैं; अतः अपद्रव्य ग्राही का कार्य करता है और कोटर बहुसंख्यक वाहक होते हैं, जबकि ताप से उत्पन्न थोड़े इलेक्ट्रॉन अल्पसंख्यक वाहक होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन n-प्रकार पदार्थ में बहुसंख्यक वाहक होते हैं, p-प्रकार में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोटॉन नाभिक में बद्ध रहते हैं और ठोस में कभी आवेश वाहक नहीं बनते। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्राही आयन क्रिस्टल जालक में स्थिर रहते हैं और चल नहीं सकते, इसलिए ऋणावेशित होते हुए भी वे कोई धारा नहीं ले जाते।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

कक्ष ताप पर सिलिकॉन का वर्जित ऊर्जा अंतराल लगभग कितना होता है?

  1. A.0.7 eV
  2. B.1.1 eV
  3. C.3.5 eV
  4. D.5.5 eV
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1.1 eV

व्याख्या

सही उत्तर B, लगभग 1.1 eV है। सिलिकॉन सर्वाधिक प्रयुक्त अर्धचालक है और उसका वर्जित ऊर्जा अंतराल, अर्थात् संयोजी बैंड के शिखर तथा चालन बैंड के तल के बीच का अंतर, कक्ष ताप पर लगभग 1.1 इलेक्ट्रॉन वोल्ट है। विकल्प A गलत है क्योंकि 0.7 इलेक्ट्रॉन वोल्ट जर्मेनियम का बैंड अंतराल है, जो दूसरा तात्विक अर्धचालक है, और यही दो मान परीक्षाओं में सर्वाधिक आपस में बदले जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि इस आकार का अंतराल चौड़े बैंड अंतराल वाले पदार्थ का है, सिलिकॉन का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 5.5 इलेक्ट्रॉन वोल्ट हीरे का बैंड अंतराल है, जिसे विद्युतरोधी का मानक उदाहरण बताया जाता है। तुलना के लिए गैलियम आर्सेनाइड का अंतराल लगभग 1.43 इलेक्ट्रॉन वोल्ट है। यही कारण है कि सिलिकॉन तथा जर्मेनियम के मान एक साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि प्रश्न प्रायः एक का मान पूछकर दूसरे का विकल्प सामने रख देते हैं और अभ्यर्थी भ्रमित हो जाते हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

इलेक्ट्रॉनिक परिपथ में p-n संधि डायोड का मुख्य उपयोग किस रूप में होता है?

  1. A.दिष्टकारी
  2. B.वोल्टता प्रवर्धक
  3. C.दोलित्र
  4. D.परिणामित्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दिष्टकारी

व्याख्या

सही उत्तर A, दिष्टकारी है। p-n संधि अग्र अभिनति में स्वतंत्र रूप से चालन करती है, जहाँ विभव प्राचीर घट जाता है, और पश्च अभिनति में धारा रोकती है, जहाँ केवल सूक्ष्म क्षरण धारा बहती है। यह एकदिशीय चालन ठीक वही है जो प्रत्यावर्ती धारा को दिष्ट धारा में बदलने के लिए आवश्यक है, इसलिए डायोड का मुख्य उपयोग दिष्टकारी के रूप में होता है, अर्ध-तरंग, पूर्ण-तरंग या सेतु व्यवस्था में। विकल्प B गलत है क्योंकि प्रवर्धन के लिए ट्रांजिस्टर जैसी त्रि-सिरे वाली युक्ति आवश्यक है; दो सिरे वाला डायोड शक्ति लाभ नहीं दे सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि दोलित्र के लिए धनात्मक पुनर्निवेश वाले प्रवर्धक की आवश्यकता होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि परिणामित्र कुंडलियों के बीच अन्योन्य प्रेरण से कार्य करता है, केवल प्रत्यावर्ती धारा संभालता है, और उसमें कोई अर्धचालक नहीं होता।

Q6.सामान्य विज्ञानमध्यम

कौन डायोड पश्च भंजन क्षेत्र में चलाया जाता है और वोल्टता नियंत्रक के रूप में प्रयुक्त होता है?

  1. A.प्रकाश उत्सर्जक डायोड
  2. B.फोटो डायोड
  3. C.जेनर डायोड
  4. D.सौर सेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जेनर डायोड

व्याख्या

सही उत्तर C, जेनर डायोड है। जेनर डायोड को अत्यधिक मादित किया जाता है जिससे भंजन कम और तीव्र रूप से निश्चित पश्च वोल्टता पर होता है। उस बिंदु के बाद उसके सिरों की वोल्टता लगभग स्थिर रहती है, भले ही उसमें से बहने वाली धारा बहुत बदल जाए, और यही गुण वोल्टता नियंत्रक के लिए आवश्यक है। विकल्प A गलत है क्योंकि प्रकाश उत्सर्जक डायोड अग्र अभिनति में चलाया जाता है और विद्युत् ऊर्जा को प्रकाश में बदलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि फोटो डायोड वास्तव में पश्च अभिनत होता है, परंतु उसका उपयोग प्रकाश का संसूचन करने में होता है, वोल्टता स्थिर रखने में नहीं, और उसे भंजन में नहीं चलाया जाता। विकल्प D गलत है क्योंकि सौर सेल बिना किसी बाह्य अभिनति के कार्य करता है और आपतित प्रकाश से स्वयं विद्युत् वाहक बल उत्पन्न करता है।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में कौन क्षेत्र सबसे पतला और सबसे अल्प मादित होता है?

  1. A.उत्सर्जक
  2. B.आधार
  3. C.संग्राहक
  4. D.तीनों समान रूप से मादित होते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आधार

व्याख्या

सही उत्तर B, आधार है। ट्रांजिस्टर का आधार बहुत पतला और केवल अल्प मादित बनाया जाता है जिससे उत्सर्जक द्वारा भेजे गए अधिकांश वाहक उसमें पुनर्योजन करने के स्थान पर सीधे संग्राहक तक पहुँच जाएँ। यही ट्रांजिस्टर को उसका बड़ा धारा अंतरण अनुपात देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि उत्सर्जक सर्वाधिक मादित क्षेत्र है, क्योंकि उसका कार्य वाहकों की पर्याप्त आपूर्ति करना है। विकल्प C गलत है क्योंकि संग्राहक मध्यम मादित होता है और उसे भौतिक रूप से सबसे बड़ा बनाया जाता है जिससे वह वहाँ उत्पन्न ऊष्मा का क्षय कर सके। विकल्प D गलत है क्योंकि असमान मादन आवश्यक है; यही कारण है कि दो अलग डायोड को पीठ से पीठ जोड़कर ट्रांजिस्टर नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि तब कोई पतला उभयनिष्ठ आधार नहीं होगा।

Q8.सामान्य विज्ञानमध्यम

तर्क द्वारों का कौन युग्म सार्वत्रिक द्वार कहलाता है?

  1. A.AND और OR
  2. B.NAND और NOR
  3. C.OR और NOT
  4. D.XOR और XNOR
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. NAND और NOR

व्याख्या

सही उत्तर B, NAND और NOR है। इन्हें सार्वत्रिक द्वार कहा जाता है क्योंकि इनमें से कोई भी एक, बार-बार प्रयोग करके, प्रत्येक अन्य तर्क द्वार बना सकता है, जिसमें NOT, AND, OR, XOR तथा XNOR शामिल हैं। व्यवहार में इसका महत्व यह है कि निर्माता केवल एक ही प्रकार के द्वार से पूरा समेकित परिपथ बिछा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि AND तथा OR, NOT के साथ, मूल द्वार हैं, और AND तथा OR अपने आप प्रतिलोमन नहीं कर सकते। विकल्प C उसी कारण गलत है; OR और NOT मिलकर NOR और उससे शेष बना सकते हैं, परंतु दोनों द्वार अलग-अलग इस अर्थ में सार्वत्रिक नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि XOR तथा XNOR मूल द्वारों से बने व्युत्पन्न द्वार हैं और सार्वत्रिक नहीं हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानकठिन

यदि पूर्ण-तरंग दिष्टकारी के निवेश की आवृत्ति 50 हर्ट्ज़ है, तो उसके निर्गत की तरंगिका आवृत्ति कितनी होगी?

  1. A.25 हर्ट्ज़
  2. B.50 हर्ट्ज़
  3. C.100 हर्ट्ज़
  4. D.शून्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 100 हर्ट्ज़

व्याख्या

सही उत्तर C, 100 हर्ट्ज़ है। पूर्ण-तरंग दिष्टकारी निवेश चक्र के दोनों अर्धांशों में चालन करता है, क्योंकि डायोडों का एक युग्म धनात्मक अर्धांश संभालता है और दूसरा युग्म ऋणात्मक अर्धांश। अतः निर्गत में निवेश के प्रत्येक चक्र के लिए दो स्पंद होते हैं, इसलिए उसकी मूल तरंगिका आवृत्ति निवेश आवृत्ति की दोगुनी होती है, अर्थात् 50 हर्ट्ज़ की आपूर्ति के लिए 100 हर्ट्ज़। विकल्प A गलत है क्योंकि आवृत्ति दोगुनी होती है, आधी नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 50 हर्ट्ज़ अर्ध-तरंग दिष्टकारी की तरंगिका आवृत्ति है, जो प्रत्येक चक्र के केवल एक अर्धांश में चालन करता है; यही मानों का युग्म परीक्षक जाँचते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि दिष्टकारी का निर्गत स्पंदमान दिष्ट धारा है और उसकी तरंगिका छानक लगाने के बाद ही शून्य होती है।

Q10.सामान्य विज्ञानमध्यम

ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में बेल प्रयोगशाला में किसने किया?

  1. A.जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस
  2. B.जे जे थॉमसन और अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  3. C.बार्डीन, ब्रैटेन और शॉक्ले
  4. D.माइकल फैराडे और जेम्स क्लर्क मैक्सवेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बार्डीन, ब्रैटेन और शॉक्ले

व्याख्या

सही उत्तर C, बार्डीन, ब्रैटेन और शॉक्ले है। जॉन बार्डीन, वॉल्टर ब्रैटेन तथा विलियम शॉक्ले ने 1947 में बेल प्रयोगशाला में पहला कार्यशील ट्रांजिस्टर बनाया और ट्रांजिस्टर प्रभाव की खोज के लिए 1956 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार साझा किया। विकल्प A गलत है क्योंकि जैक किल्बी तथा रॉबर्ट नॉयस समेकित परिपथ से जुड़े हैं, जो 1958 से विकसित हुआ और जिसके लिए किल्बी को 2000 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प B गलत है क्योंकि जे जे थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की और रदरफोर्ड ने नाभिक की खोज की, दोनों इलेक्ट्रॉनिकी से बहुत पहले। विकल्प D गलत है क्योंकि फैराडे तथा मैक्सवेल उन्नीसवीं शताब्दी के विद्युत्चुंबकत्व के कार्य से संबंधित हैं। ट्रांजिस्टर शब्द स्वयं ट्रांसफर तथा रेसिस्टर से बना है। उन्होंने जर्मेनियम में बिंदु-संपर्क ट्रांजिस्टर बनाया था, और आगे शॉक्ले ने संधि ट्रांजिस्टर का वर्णन किया जिससे बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव हुआ; तीनों नाम प्रायः एक समुच्चय के रूप में पूछे जाते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानकठिन

मादित किए गए अर्धचालक के विषय में कौन कथन सही है?

  1. A.n-प्रकार मादन से उस पर कुल ऋणावेश आ जाता है
  2. B.p-प्रकार मादन से उस पर कुल धनावेश आ जाता है
  3. C.दोनों दशाओं में वह विद्युत् दृष्टि से उदासीन रहता है
  4. D.उसकी चालकता शुद्ध क्रिस्टल से भी कम हो जाती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दोनों दशाओं में वह विद्युत् दृष्टि से उदासीन रहता है

व्याख्या

सही उत्तर C, दोनों दशाओं में वह विद्युत् दृष्टि से उदासीन रहता है है। मादन में कुछ आश्रय परमाणुओं के स्थान पर अपद्रव्य परमाणु आते हैं, और प्रत्येक अपद्रव्य परमाणु अपने इलेक्ट्रॉनों के साथ अपना नाभिक भी लाता है, इसलिए क्रिस्टल में कुल धन तथा ऋण आवेश संतुलित रहता है। n-प्रकार और p-प्रकार नाम केवल यह बताते हैं कि कौन वाहक बहुसंख्यक है, कुल आवेश नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि दाता द्वारा दिया गया अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन दाता नाभिक के अतिरिक्त प्रोटॉन से संतुलित रहता है। विकल्प B ग्राही पक्ष पर उसी कारण गलत है। विकल्प D गलत है क्योंकि मादन चालकता को तीव्रता से बढ़ाता है, प्रायः कई गुणा कोटि तक, और यही इस प्रक्रिया का सारा उद्देश्य है तथा यही कारण है कि युक्तियों में शुद्ध के स्थान पर अपद्रव्यी अर्धचालक प्रयुक्त होते हैं। इसीलिए युक्तियों के निर्माण में सदा मादन किया जाता है, और मादन की मात्रा को अत्यंत सूक्ष्मता से नियंत्रित किया जाता है, क्योंकि दस लाख में एक परमाणु का अनुपात भी चालकता को कई गुना बढ़ा देता है।

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