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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 69

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 69) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मानव नेत्र, लेंस और प्रकाश का विक्षेपण, औद्योगिक रसायन: कांच, सीमेंट, उर्वरक और विस्फोटक, बहुलक, प्लास्टिक और रेशे और अन्य। इनमें से 13 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iकठिन

प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. सूक्ष्मदर्शी का नेत्रिका लेंस और अभिदृश्यक लेंस, दोनों उत्तल लेंस होते हैं। 2. अभिदृश्यक की फोकस दूरी बढ़ने के साथ सूक्ष्मदर्शी का आवर्धन बढ़ता है। 3. सूक्ष्मदर्शी का आवर्धन उसकी नली की लंबाई पर निर्भर करता है। 4. सूक्ष्मदर्शी का नेत्रिका लेंस अवतल लेंस होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1 और 3
  2. B.केवल 3
  3. C.3 और 4
  4. D.1, 2 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 3। संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो उत्तल लेंस होते हैं और उसका आवर्धन नली की लंबाई पर निर्भर करता है।

अभिदृश्यक बहुत छोटी फोकस दूरी वाला उत्तल लेंस है, जो नमूने का वास्तविक और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है। नेत्रिका भी उत्तल लेंस है और उस प्रतिबिंब को आवर्धक लेंस की तरह और बड़ा दिखाती है। कुल आवर्धन लगभग (L/fo) × (D/fe) होता है, जहाँ L नली की लंबाई, D स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी 25 cm, और fo तथा fe अभिदृश्यक और नेत्रिका की फोकस दूरियाँ हैं। इसलिए लंबी नली से आवर्धन बढ़ता है, जबकि फोकस दूरी बढ़ने से घटता है।

B गलत है: कथन 3 सही है, पर कथन 1 भी सही है, इसलिए केवल 3 अधूरा है।

C गलत है: कथन 4 गलत है, नेत्रिका उत्तल होती है, अवतल नहीं।

D गलत है: कथन 2 गलत है, क्योंकि अभिदृश्यक की फोकस दूरी बढ़ने पर आवर्धन घटता है, और कथन 4 भी गलत है।

परीक्षा टिप: सूक्ष्मदर्शी = दो उत्तल लेंस, अभिदृश्यक की फोकस दूरी छोटी; दूरदर्शी के अभिदृश्यक की फोकस दूरी बड़ी।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 04 Oct 2017, Shift 2आसान

सीमेंट, रोड़ी, मोटी बालू और पानी के मिश्रण को _______ कहा जाता है।

  1. A.मोर्टार
  2. B.कंक्रीट
  3. C.स्लरी
  4. D.मॉडरेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंक्रीट

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंक्रीट। कंक्रीट वह निर्माण सामग्री है जो सीमेंट के साथ रोड़ी जैसे मोटे गिट्टी पदार्थ, बालू जैसे महीन पदार्थ और पानी मिलाकर बनाई जाती है।

सीमेंट और पानी के बीच जलयोजन नामक अभिक्रिया होती है, जिससे मिश्रण जमकर कठोर हो जाता है और गिट्टी को बाँध लेता है। साधारण काम के लिए एक भाग सीमेंट, दो भाग बालू और चार भाग रोड़ी का अनुपात आम है, जिसे 1:2:4 लिखा जाता है। कंक्रीट संपीडन में मजबूत पर तनाव में कमजोर होती है, इसलिए इसमें लोहे की छड़ें डालकर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट बनाई जाती है, जिससे आज की इमारतें, पुल और बाँध बनते हैं।

विकल्प A, मोर्टार, में केवल सीमेंट या चूना, बालू और पानी होता है, रोड़ी नहीं, और इससे ईंटें जोड़ी जाती हैं। विकल्प C, स्लरी, किसी ठोस का पतला बहने वाला मिश्रण है। विकल्प D, मॉडरेटर, नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रॉन की गति धीमी करने वाला पदार्थ है।

परीक्षा सुझाव: मोर्टार में रोड़ी नहीं, कंक्रीट में रोड़ी, और लोहे की छड़ मिलाने पर आरसीसी।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित प्राकृतिक रेशों में से कौन एक प्रोटीन है?

  1. A.कपास
  2. B.जूट
  3. C.ऊन
  4. D.सन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ऊन

व्याख्या

सही उत्तर C, ऊन है। ऊन भेड़ तथा अन्य पशुओं का रोम है और प्रोटीन किरेटिन से बना है, इसलिए वह प्रोटीन रेशा है; रेशम, जो प्रोटीन फाइब्रोइन है, इस प्रकार का दूसरा प्राकृतिक रेशा है, और दोनों जंतुओं से मिलते हैं। A, कपास, गलत है क्योंकि कपास का रेशा लगभग शुद्ध सेलुलोस है, एक कार्बोहाइड्रेट बहुलक, जो कपास के पौधे के बीज के रोम से मिलता है। B, जूट, गलत है क्योंकि जूट पौधे के तने से मिलने वाला बास्ट रेशा है और वह भी सेलुलोस है, कुछ लिग्निन के साथ। D, सन, इसी कारण गलत है, क्योंकि वह भी तने का सेलुलोस रेशा है, जिससे लिनेन बुना जाता है। परीक्षा में ले जाने योग्य नियम सरल है: जंतु मूल के रेशे प्रोटीन और पादप मूल के रेशे सेलुलोस होते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 14 Jun, 2026, Shift 3आसान

किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों और उत्पादों के मात्रात्मक अध्ययन को कौन-सा शब्द दर्शाता है?

  1. A.मोल अंश
  2. B.स्टॉइकियोमीट्री
  3. C.द्रव्यमान प्रतिशत
  4. D.मोलरता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्टॉइकियोमीट्री

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्टॉइकियोमीट्री, जिसे हिंदी में रससमीकरणमिति कहा जाता है। यह रसायन विज्ञान की वह शाखा है जो संतुलित रासायनिक समीकरण के आधार पर यह मापती है कि अभिक्रिया में प्रत्येक अभिकारक की कितनी मात्रा खर्च होती है और प्रत्येक उत्पाद की कितनी मात्रा बनती है। संतुलित समीकरण के गुणांक मोल अनुपात बताते हैं, और उसी अनुपात से रसायनज्ञ द्रव्यमान, गैसों का आयतन तथा कणों की संख्या निकालता है, सीमांत अभिकारक पहचानता है और प्रतिशत लब्धि की गणना करता है। यह शब्द ग्रीक के स्टॉइकियोन अर्थात तत्व और मेट्रोन अर्थात माप से बना है। विकल्प A गलत है क्योंकि मोल अंश किसी मिश्रण में एक घटक के मोल और कुल मोल का अनुपात है, जो सांद्रता बताने का तरीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि द्रव्यमान प्रतिशत विलयन के 100 द्रव्यमान भाग में घटक का द्रव्यमान बताता है। विकल्प D गलत है क्योंकि मोलरता एक लीटर विलयन में घुले विलेय के मोल की संख्या है। परीक्षा टिप: स्टॉइकियोमीट्री संतुलित समीकरण पर चलती है, जबकि मोल अंश, मोलरता और द्रव्यमान प्रतिशत केवल सांद्रता बताते हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

जीवों का पांच जगत वर्गीकरण किसने प्रस्तावित किया था?

  1. A.अर्नस्ट हेकल
  2. B.कार्ल वोस
  3. C.आर. एच. व्हिटेकर
  4. D.हर्बर्ट कोपलैंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आर. एच. व्हिटेकर

व्याख्या

सही उत्तर C, आर. एच. व्हिटेकर है। रॉबर्ट हार्डिंग व्हिटेकर ने 1969 में मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप तथा जंतु ये पांच जगत प्रस्तावित किए और विभाजन के आधार बनाए कोशिका संरचना, शरीर का संगठन, पोषण की विधि, प्रजनन तथा विकासात्मक संबंध। A गलत है, क्योंकि अर्नस्ट हेकल ने पादप और जंतु के साथ प्रोटिस्टा जोड़कर तीन जगत की प्रणाली दी थी। B गलत है, क्योंकि कार्ल वोस बाद में आए और राइबोसोमी न्यूक्लिक अम्ल के रसायन के आधार पर आर्किया, बैक्टीरिया तथा यूकेरिया ये तीन अधिजगत प्रस्तावित किए, जिससे पुराना मोनेरा बंट गया। D गलत है, क्योंकि हर्बर्ट कोपलैंड ने चार जगत की प्रणाली दी, जिसमें जीवाणुओं को प्रोटिस्टा से अलग किया गया, जो हेकल और व्हिटेकर के बीच का चरण था। प्रणालियों का क्रम इस रूप में स्मरण रखें: लीनियस के दो जगत, हेकल के तीन, कोपलैंड के चार, व्हिटेकर के पांच और वोस के तीन अधिजगत, क्योंकि प्रश्न अक्सर इसी क्रम पर बनाए जाते हैं।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2019, Shift 1आसान

पत्ती की निचली सतह पर पाए जाने वाले छोटे छिद्रों को ________ कहा जाता है।

  1. A.छिद्र
  2. B.द्वार
  3. C.पक्ष्माभ
  4. D.रंध्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंध्र। पत्ती की सतह पर पाए जाने वाले बहुत छोटे छिद्रों को, जो अधिकतर उसकी निचली सतह पर होते हैं, रंध्र कहा जाता है।

प्रत्येक रंध्र एक दरार होती है, जिसके दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो द्वार कोशिकाएँ होती हैं; ये फूलकर उसे खोलती हैं और सिकुड़कर बंद कर देती हैं। इन छिद्रों से पौधा प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड लेता है, ऑक्सीजन छोड़ता है, और इन्हीं से वाष्पोत्सर्जन में जलवाष्प बाहर निकलती है। छायादार निचली सतह पर होने से जल की हानि कम होती है। कुमुदिनी जैसे तैरने वाले पौधों में रंध्र ऊपरी सतह पर होते हैं, और डूबे पौधों में ये लगभग नहीं होते।

A गलत है: 'छिद्र' केवल किसी भी सुराख का सामान्य शब्द है, वनस्पति विज्ञान का नाम नहीं। B गलत है: 'द्वार' भी एक साधारण वर्णन है, कोई नाम नहीं। C गलत है: पक्ष्माभ बाल जैसी छोटी रचनाएँ हैं, जो कुछ कोशिकाओं और जीवों को चलने में मदद करती हैं और पत्तियों पर नहीं होती हैं।

परीक्षा टिप: रंध्र पत्ती के वे छिद्र हैं जिन्हें द्वार कोशिकाएँ घेरती हैं, जो मुख्यतः निचली सतह पर होते हैं और गैसों के आदान-प्रदान तथा वाष्पोत्सर्जन का काम करते हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

भोजन पकाने के लिए किस/किन विद्युत-चुंबकीय विकिरण/विकिरणों का उपयोग किया जाता है?

  1. A.केवल अवरक्त विकिरण
  2. B.केवल सूक्ष्मतरंग (माइक्रोवेव) विकिरण
  3. C.अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण
  4. D.सभी विद्युत-चुंबकीय विकिरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण। ये दोनों विकिरण ऐसी ऊर्जा ले जाते हैं जिसे भोजन ऊष्मा के रूप में सोख लेता है, और दोनों रसोई में रोज़ काम आते हैं।

अवरक्त (इन्फ्रारेड) विकिरण गर्म वस्तुओं से निकलने वाला ऊष्मा-विकिरण है। ग्रिल, टोस्टर, ओवन की गर्म छड़ या दहकते कोयले भोजन को मुख्य रूप से अवरक्त किरणों से पकाते हैं। माइक्रोवेव ओवन लगभग 2.45 GHz की सूक्ष्मतरंगों का उपयोग करता है। भोजन में मौजूद पानी के अणु ध्रुवीय होते हैं, इसलिए वे बदलते क्षेत्र के साथ बार-बार घूमते हैं और इस घर्षण से भोजन भीतर से गर्म होता है।

A गलत है: इसमें माइक्रोवेव ओवन छूट जाता है।

B गलत है: ग्रिल और टोस्टर अवरक्त विकिरण से पकाते हैं।

D गलत है: एक्स-किरणें, गामा किरणें और पराबैंगनी किरणें हानिकारक हैं, और रेडियो तरंगों में बहुत कम ऊर्जा होती है; इनसे खाना नहीं पकाया जाता।

परीक्षा टिप: माइक्रोवेव ओवन = लगभग 2.45 GHz, पानी के अणुओं को गर्म करता है; ग्रिल और टोस्टर = अवरक्त।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 5 (Civil Engineering) 2012मध्यम

निम्नलिखित में से सही कथन चुनें: 1. हुक का नियम समानुपातिकता सीमा तक मान्य है। 2. हुक का नियम प्रत्यास्थता सीमा तक मान्य है। 3. समानुपातिकता सीमा सदैव प्रत्यास्थता सीमा से कम होती है। 4. समानुपातिकता सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है। सही उत्तर है

  1. A.1 और 4
  2. B.2 और 4
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 4। हुक का नियम केवल समानुपातिकता सीमा तक लागू होता है, और यह सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है, इसलिए कथन 1 और 4 ही सही जोड़ी बनाते हैं। हुक के नियम के अनुसार प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है, और यही प्रतिबल-विकृति ग्राफ का सीधा भाग है; जहाँ वक्र सीधी रेखा छोड़ देता है, वही बिंदु समानुपातिकता सीमा है। उससे कुछ आगे तक भी पदार्थ बल हटाने पर अपने मूल रूप में लौट आता है, और जहाँ तक ऐसा होता है वह अंतिम बिंदु प्रत्यास्थता सीमा कहलाता है। अधिकांश धातुओं में ये दोनों बिंदु बहुत पास होते हैं और आदर्श पदार्थ में एक ही हो जाते हैं। B गलत है क्योंकि कथन 2 नियम को ग्राफ के सीधे भाग से आगे तक खींच देता है, जहाँ समानुपात नहीं रहता। C और D गलत हैं क्योंकि कथन 3 सदैव कम कहता है, जबकि दोनों सीमाएँ बराबर भी हो सकती हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - समानुपातिकता सीमा, प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु, परम प्रतिबल।

Q9.सामान्य विज्ञानकठिन

हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रम में ऐलुमिनियम किसमें घुले ऐलुमिना के विद्युत अपघटन से प्राप्त होता है?

  1. A.गलित बॉक्साइट
  2. B.गलित क्रायोलाइट
  3. C.गलित सोडियम क्लोराइड
  4. D.गलित चूना-पत्थर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गलित क्रायोलाइट

व्याख्या

सही उत्तर B, गलित क्रायोलाइट है। शुद्ध ऐलुमिना अत्यधिक ऊँचे ताप पर पिघलता है, अतः उसे गलित क्रायोलाइट अर्थात सोडियम ऐलुमिनियम फ्लुओराइड में घोला जाता है, सामान्यतः कुछ फ्लुओरस्पार मिलाकर; इससे कार्य करने का ताप बहुत घट जाता है और पिघला मिश्रण अच्छा चालक बन जाता है। ऐलुमिनियम सेल के तल पर कार्बन से आस्तरित कैथोड पर एकत्र होता है और कार्बन एनोडों पर ऑक्सीजन मुक्त होती है, जो उन्हें धीरे-धीरे जला देती है और उन्हें बदलना पड़ता है। A गलत है क्योंकि बॉक्साइट वह अयस्क है जिससे पहले बायर प्रक्रम द्वारा ऐलुमिना शुद्ध किया जाता है; अयस्क का स्वयं विद्युत अपघटन नहीं होता। C गलत है क्योंकि गलित सोडियम क्लोराइड का अपघटन डाउन प्रक्रम में सोडियम धातु और क्लोरीन के लिए किया जाता है। D गलत है क्योंकि चूना-पत्थर लोहा बनाने की वात्या भट्टी का गालक है और इस सेल में उसकी कोई भूमिका नहीं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · RRB ALP CBT I Official Mock Test 2024आसान

पिसीकल्चर शब्द किससे संबंधित है?

  1. A.मधुमक्खी पालन
  2. B.रेशम कीट पालन
  3. C.मछली पालन
  4. D.पक्षी पालन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मछली पालन

व्याख्या

सही उत्तर है C, मछली पालन। पिसीकल्चर का अर्थ तालाबों, जलकुंडों तथा अन्य प्रबंधित जलाशयों में मछली पालना है; लैटिन शब्द पिसिस का अर्थ ही मछली है। यह जलकृषि की एक शाखा है और भारत विश्व के सबसे बड़े मछली उत्पादकों में एक है। मछली उत्पादन की योजनाबद्ध वृद्धि को नीली क्रांति कहा जाता है, और रोहू, कतला तथा मृगल भारतीय तालाबों में पाली जाने वाली प्रमुख कार्प मछलियाँ हैं। A गलत है क्योंकि मधुमक्खी पालन एपीकल्चर कहलाता है, जिससे शहद और मोम मिलता है। B गलत है क्योंकि रेशम कीट पालन सेरीकल्चर है, जिसमें शहतूत खाने वाला बॉम्बिक्स मोराई कीट संसार का अधिकांश रेशम देता है। D गलत है क्योंकि पक्षी पालन एवीकल्चर कहलाता है और अंडे तथा मांस के लिए मुर्गी पालना कुक्कुट पालन है। परीक्षा टिप: सभी शब्द साथ याद रखें - पिसीकल्चर मछली, एपीकल्चर मधुमक्खी, सेरीकल्चर रेशम कीट, एवीकल्चर पक्षी, हॉर्टीकल्चर फल-सब्जी, फ्लोरीकल्चर फूल।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iकठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा घटक पेंट का अंग नहीं है?

  1. A.तारपीन का तेल (थिनर)
  2. B.पॉली-हाइड्रॉक्सी फ़ीनॉल (एंटी-स्किनिंग एजेंट)
  3. C.थायोयूरिया (त्वरक)
  4. D.टाइटेनियम डाइऑक्साइड (वर्णक)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. थायोयूरिया (त्वरक)

व्याख्या

सही उत्तर है C, थायोयूरिया (त्वरक)। त्वरक रबर के वल्कनीकरण को तेज़ करते हैं; वे पेंट का हिस्सा नहीं होते।

तेल वाले पेंट में ये घटक होते हैं: रंग और ढकने की क्षमता देने वाला वर्णक, परत को बाँधने वाला वाहक या सूखने वाला तेल जैसे अलसी का तेल, फैलाने में आसानी देने वाला थिनर, जल्दी सुखाने वाला ड्रायर, गाढ़ापन देने वाले फ़िलर, और डिब्बे में ऊपर परत जमने से रोकने वाला एंटी-स्किनिंग एजेंट। टाइटेनियम डाइऑक्साइड सबसे अधिक प्रयुक्त सफ़ेद वर्णक है, तारपीन पारंपरिक थिनर है और पॉली-हाइड्रॉक्सी फ़ीनॉल एंटी-स्किनिंग एजेंट के रूप में काम आते हैं। थायोयूरिया जैसे यौगिक रबर उद्योग से जुड़े हैं, जहाँ त्वरक सल्फ़र द्वारा रबर के क्रॉस-लिंक बनने का समय घटाते हैं।

A गलत है: तारपीन का तेल पेंट का सामान्य थिनर है।

B गलत है: पॉली-हाइड्रॉक्सी फ़ीनॉल पेंट में एंटी-स्किनिंग एजेंट हैं।

D गलत है: टाइटेनियम डाइऑक्साइड पेंट का मुख्य सफ़ेद वर्णक है।

परीक्षा टिप: पेंट = वर्णक + वाहक (अलसी का तेल) + थिनर (तारपीन) + ड्रायर + फ़िलर + एंटी-स्किनिंग एजेंट।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 29th Jan 2023आसान

एक सरल लोलक 64 सेकंड में 40 दोलन पूरे करता है। लोलक का आवर्तकाल क्या है?

  1. A.0.6 सेकंड
  2. B.6 सेकंड
  3. C.1.6 सेकंड
  4. D.16 सेकंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1.6 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1.6 सेकंड। आवर्तकाल वह समय है जो एक पूरा दोलन करने में लगता है, इसलिए यह कुल समय में दोलनों की संख्या का भाग देकर निकलता है, अर्थात 64 में 40 का भाग देने पर 1.6 सेकंड। आवृत्ति इसकी उलटी राशि है, यानी एक सेकंड में होने वाले दोलनों की संख्या, जो यहाँ 40 बटा 64 अर्थात 0.625 हर्ट्ज़ है। आवर्तकाल और आवृत्ति सदा एक-दूसरे के व्युत्क्रम होते हैं। सरल लोलक का आवर्तकाल केवल धागे की लंबाई और गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करता है, सूत्र T बराबर 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल। यह गोलक के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता और छोटे दोलनों के लिए दोलन के विस्तार पर भी नहीं। लगभग एक मीटर लंबे लोलक का आवर्तकाल करीब दो सेकंड होता है। A गलत है क्योंकि 0.6 सेकंड होने पर 64 सेकंड में सौ से अधिक दोलन हो जाते। B और D गलत हैं क्योंकि एक मिनट से कुछ अधिक समय में 40 दोलनों के लिए 6 और 16 सेकंड बहुत अधिक हैं। परीक्षा टिप: आवर्तकाल बराबर कुल समय बटा दोलनों की संख्या।

Q13.सामान्य विज्ञानआसान

शहतूती रेशम कीट का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.एंथेरिया माइलिटा
  2. B.बॉम्बिक्स मोराई
  3. C.सामिया रिसिनी
  4. D.केरिया लक्का
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बॉम्बिक्स मोराई

व्याख्या

सही उत्तर B, बॉम्बिक्स मोराई है, जो शहतूती रेशम कीट है, रेशम समूह का एकमात्र पूर्णतः पालतू कीट और विश्व के अधिकांश कच्चे रेशम का स्रोत। विकल्प A, एंथेरिया माइलिटा, उष्णकटिबंधीय टसर रेशम कीट है, जो असन और अर्जुन वृक्षों पर खुले में रहता है। विकल्प C, सामिया रिसिनी, एरी रेशम कीट है, जिसे अरंडी की पत्तियों पर पाला जाता है और जिसका टूटा तंतु काता जाता है, रीलिंग नहीं किया जाता। विकल्प D, केरिया लक्का, रेशम कीट नहीं बल्कि लाख कीट है, जिसकी मादा लाख नामक राल स्रावित करती है। इन चारों को अलग रखने का तरीका है प्रत्येक को उसके पोषक पौधे से जोड़ना—बॉम्बिक्स के लिए शहतूत, टसर के लिए असन और अर्जुन, एरी के लिए अरंडी और मूँगा के लिए सोम। यह भी ध्यान रखें कि मनुष्य इसे इतने लंबे समय से पाल रहा है कि वयस्क शलभ ठीक से उड़ भी नहीं पाता और पूर्णतः पालकों पर निर्भर रहता है, इसी कारण इसे सच्चा पालतू रेशम कीट कहा जाता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन द्वितीय वर्ग के उत्तोलक (Second Class Lever) का उदाहरण है?

  1. A.कैंची
  2. B.बोतल खोलने वाला (bottle opener)
  3. C.क्रिकेट बैट
  4. D.धनुष-बाण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बोतल खोलने वाला (bottle opener)

व्याख्या

सही उत्तर है B, बोतल खोलने वाला (bottle opener)। उत्तोलकों (levers) का वर्ग इस बात से तय होता है कि आलंब (fulcrum), भार और प्रयास कहाँ हैं। द्वितीय वर्ग के उत्तोलक में भार, आलंब और प्रयास के बीच होता है। बोतल ओपनर में सिरे पर ढक्कन का किनारा आलंब है, उठाया जा रहा ढक्कन बीच में भार है, और दूसरे सिरे पर हाथ प्रयास लगाता है, यानी भार बीच में है। ऐसे उत्तोलक हमेशा बल बढ़ाते हैं, क्योंकि प्रयास-भुजा भार-भुजा से लंबी होती है; ठेला (wheelbarrow) और सरौता इसी तरह काम करते हैं। A, कैंची, प्रथम वर्ग का उत्तोलक है, जिसमें कीलक प्रयास और भार के बीच होता है। C, क्रिकेट बैट, तृतीय वर्ग का उत्तोलक है: नीचे वाला हाथ प्रयास लगाता है, जो ऊपर वाले हाथ (आलंब) और गेंद (भार) के बीच है। D, धनुष-बाण, मुड़े हुए धनुष में स्प्रिंग की तरह ऊर्जा जमा करके काम करता है, इसमें भार आलंब और प्रयास के बीच नहीं रखा जाता। परीक्षा टिप: प्रथम वर्ग में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में, तृतीय में प्रयास बीच में।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निकट-दृष्टि दोष वाले व्यक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ धुंधली परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  2. B.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  3. C.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ धुंधली परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  4. D.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) वाला व्यक्ति पास की चीज़ें साफ़ और दूर की चीज़ें धुंधली देखता है, और इसे अवतल लेंस से ठीक किया जाता है।

मायोपिया में नेत्रगोलक सामान्य से लंबा हो जाता है या नेत्र लेंस अधिक वक्र होता है, इसलिए दूर की वस्तु से आने वाला प्रकाश रेटिना पर नहीं, उससे पहले ही फोकस हो जाता है। आँख का दूर बिंदु अनंत से खिसककर पास आ जाता है। उचित क्षमता का अवतल (अपसारी) लेंस आने वाली किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे वे ठीक रेटिना पर फोकस होती हैं। इस लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है, जिसे डायोप्टर में मापते हैं।

A गलत है: पास धुंधला और दूर साफ़ दिखना दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) है, और लेंस भी मेल नहीं खाता।

C गलत है: यह हाइपरमेट्रोपिया के लक्षण बताकर अवतल लेंस जोड़ता है।

D गलत है: लक्षण सही हैं, पर उत्तल लेंस दोष को और बढ़ा देगा।

परीक्षा टिप: मायोपिया = पास साफ़, दूर धुंधला, अवतल लेंस; हाइपरमेट्रोपिया = दूर साफ़, पास धुंधला, उत्तल लेंस।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 3 Sept 2019, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन हरे शैवाल का उदाहरण है?

  1. A.लैमिनेरिया
  2. B.सारगासम
  3. C.क्लैमाइडोमोनास
  4. D.फ्यूकस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. क्लैमाइडोमोनास

व्याख्या

सही उत्तर C, क्लैमाइडोमोनास है। क्लैमाइडोमोनास क्लोरोफाइसी अर्थात हरे शैवाल का एककोशिकीय, कशाभिका युक्त सदस्य है, जिसमें पर्णहरिम ए तथा बी पादप को घास जैसा हरा रंग देते हैं और भोजन मंड के रूप में संचित रहता है। A गलत है, क्योंकि लैमिनेरिया एक केल्प है और फियोफाइसी अर्थात भूरे शैवाल में आता है, जिसमें फ्यूकोजैंथिन वर्णक पर्णहरिम को ढक देता है और संचित भोजन लैमिनेरिन तथा मैनिटॉल होता है। B गलत है, क्योंकि सारगासम भी भूरा शैवाल है, वही तैरता खरपतवार जिससे सारगासो सागर का नाम पड़ा। D गलत है, क्योंकि ठंडे तटों की चट्टानों पर उगने वाला फ्यूकस भी भूरा शैवाल है। इन चारों में केवल क्लैमाइडोमोनास में हरे वर्णक किसी ढकने वाले वर्णक के बिना रहते हैं, इसलिए वही हरा शैवाल है।

Q18.सामान्य विज्ञानआसान

जस्तीकरण लोहे या स्टील पर किस धातु की परत चढ़ाने की प्रक्रिया है?

  1. A.टिन
  2. B.क्रोमियम
  3. C.जिंक
  4. D.निकेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जिंक

व्याख्या

सही उत्तर C, जिंक है। जस्तीकरण लोहे या स्टील पर जिंक की परत चढ़ाना है, जो सामान्यतः वस्तु को गलित जिंक में डुबोकर किया जाता है, और वह लोहे की दोहरी रक्षा करता है: परत वायु और नमी रोकती है, तथा जिंक अधिक क्रियाशील धातु होने के कारण परत खुरचने पर भी लोहे के स्थान पर स्वयं संक्षारित होता है, जिसे बलिदान रक्षा कहते हैं। A गलत है क्योंकि लोहे पर टिन की परत, जैसे खाद्य डिब्बों की चादर पर, टिनिंग कहलाती है; वह केवल तभी तक रक्षा करती है जब तक अखंड रहे, क्योंकि टिन लोहे से कम क्रियाशील है। B गलत है क्योंकि क्रोमियम का लेपन विद्युत अपघटन से होता है और नलों तथा कार के पुर्ज़ों पर मुख्यतः चमकदार और कठोर सतह के लिए किया जाता है। D गलत है क्योंकि निकेल लेपन भी विद्युत लेपन है, जो मशीन के पुर्ज़ों तथा सस्ते आभूषणों पर, प्रायः क्रोमियम के नीचे की परत के रूप में किया जाता है।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

प्राकृतिक सुनहरे रंग के लिए प्रसिद्ध मूँगा रेशम मुख्यतः किस राज्य में उत्पन्न होता है?

  1. A.कर्नाटक
  2. B.पश्चिम बंगाल
  3. C.असम
  4. D.झारखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. असम

व्याख्या

सही उत्तर C, असम है। मूँगा रेशम एंथेरिया असमेंसिस से मिलता है, जिसे ब्रह्मपुत्र घाटी के सोम और सोआलू वृक्षों पर पाला जाता है, और असम के मूँगा को भौगोलिक संकेत टैग प्राप्त है। विकल्प A इस प्रश्न के उत्तर के रूप में गलत है, यद्यपि शहतूती रेशम में कर्नाटक देश में अग्रणी है, जो भिन्न किस्म है; जो छात्र केवल सबसे बड़ा रेशम उत्पादक शब्द याद रखते हैं वे यहीं चूकते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल शहतूती रेशम और बरहमपुर के अनुसंधान संस्थान के लिए जाना जाता है, मूँगा के लिए नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि झारखंड टसर रेशम और सबसे अधिक लाख के लिए प्रसिद्ध है। जोड़ी याद रखें—शहतूती से कर्नाटक, मूँगा से असम, टसर से झारखंड और छत्तीसगढ़।

Q20.सामान्य विज्ञानआसान

जैविक वर्गीकरण की मूल इकाई कौन-सी है?

  1. A.वंश
  2. B.कुल
  3. C.जाति
  4. D.गण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जाति

व्याख्या

सही उत्तर C, जाति है। जाति ऐसे जीवों का समूह है जो सभी आवश्यक लक्षणों में एक-दूसरे से मिलते हैं और आपस में प्रजनन कर उपजाऊ संतान उत्पन्न कर सकते हैं; यह वर्गीकरण की सबसे छोटी और मूल इकाई है और इससे ऊपर की सभी श्रेणियां जातियों को समूहबद्ध करके बनती हैं। A गलत है, क्योंकि वंश निकट संबंधी जातियों का समूह है, जैसे पैंथेरा में सिंह, बाघ और तेंदुआ आते हैं, इसलिए वह मूल इकाई से एक श्रेणी ऊपर है। B गलत है, क्योंकि कुल संबंधित वंशों का समूह है और इसलिए और भी व्यापक है। D गलत है, क्योंकि गण संबंधित कुलों का समूह है, जो कुल से दो श्रेणी ऊपर खड़ा है और मूल इकाई होने से बहुत दूर है। परीक्षा भवन में सरल परीक्षण यह है कि मूल इकाई वही समूह होगा जिसे आपस में प्रजनन करने वाले जीवों के और छोटे नामित समूहों में बांटा न जा सके, और यह वर्णन केवल जाति पर लागू होता है।

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