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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 49

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 49) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गति, बल और गति के नियम, पादप जगत: शैवाल से आवृतबीजी तक, कार्य, ऊर्जा और शक्ति और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 20 Aug 2018, Shift 1कठिन

ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी गई एक गेंद 80 m की ऊँचाई तक जाती है और अपने मूल स्थान पर वापस आ जाती है। गति के 7 s बाद उसके विस्थापन का परिमाण ______ होगा। (g = 10 m/s2 लें)

  1. A.35 m
  2. B.125 m
  3. C.45 m
  4. D.25 m
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 35 m

व्याख्या

सही उत्तर है A, 35 m। पहले ऊँचाई से फेंकने की चाल निकालें - v वर्ग बराबर u वर्ग घटा 2 g h से u बराबर 2 गुणा 10 गुणा 80 का वर्गमूल, अर्थात 40 मीटर प्रति सेकंड। इसलिए गेंद को शिखर तक पहुँचने में 4 सेकंड लगते हैं, क्योंकि 40 भाग 10 बराबर 4 है। कुल 7 सेकंड में से 3 सेकंड गिरने के लिए बचते हैं, और उनमें गेंद आधा गुणा 10 गुणा 9, अर्थात 45 मीटर नीचे आ जाती है। अतः आरंभ बिंदु से उसकी ऊँचाई 80 घटा 45, अर्थात 35 मीटर है। B गलत है क्योंकि 125 मीटर कुल तय की गई दूरी है, अर्थात 80 ऊपर और 45 नीचे, विस्थापन नहीं। C गलत है क्योंकि 45 मीटर केवल अंतिम 3 सेकंड की गिरावट है। D गलत है क्योंकि 25 मीटर गणना के किसी चरण से मेल नहीं खाता। परीक्षा टिप: चढ़ाई और उतराई का समय बराबर होता है, इसलिए 80 मीटर तक जाने वाली गेंद कुल 8 सेकंड हवा में रहती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

लिटमस विलयन एक बैंगनी रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त होता है; यह पौधा ________ संघ (डिवीजन) का सदस्य है।

  1. A.जिम्नोस्पर्म
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.थैलोफाइटा
  4. D.ब्रायोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है C, थैलोफाइटा। लिटमस एक बैंगनी रंजक है जो लाइकेन से निकाला जाता है, और विद्यालयी विज्ञान में प्रयुक्त वर्गीकरण में लाइकेन को थैलोफाइटा में रखा जाता है। थैलोफाइटा उन साधारण पौधों का समूह है जिनका शरीर अविभेदित थैलस होता है, यानी उनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती। शैवाल और कवक भी इसी समूह में आते हैं, और लाइकेन असल में एक शैवाल और एक कवक के सहजीवन से बनता है। लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है: उदासीन विलयन में यह बैंगनी रहता है, अम्ल में लाल और क्षार में नीला हो जाता है; इसका उपयोग विलयन और लिटमस पत्र दोनों रूपों में होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जिम्नोस्पर्म विकसित पौधे हैं जिनके बीज नग्न होते हैं, जैसे चीड़ और साइकस। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न संवहन ऊतक वाले पहले पौधे हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मॉस और मार्केंशिया जैसे ब्रायोफाइट को पादप जगत का जलस्थलचर कहा जाता है। परीक्षा टिप: लिटमस अम्ल में लाल, क्षार में नीला और उदासीन में बैंगनी।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2मध्यम

4.0 kg का एक पिंड विराम अवस्था में पड़ा है। एक नियत बल की क्रिया के अंतर्गत वह 5 m/s की चाल प्राप्त कर लेता है। बल द्वारा किया गया कार्य ______ होगा।

  1. A.40J
  2. B.50J
  3. C.30J
  4. D.60J
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 50J

व्याख्या

सही उत्तर है B, 50J। कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार बल द्वारा किया गया कार्य गतिज ऊर्जा के परिवर्तन के बराबर होता है, इसलिए यहाँ कार्य आधा गुणा 4 किलोग्राम गुणा 5 मीटर प्रति सेकंड का वर्ग है, अर्थात 0.5 गुणा 4 गुणा 25, जो 50 जूल देता है। पिंड विराम से चलना आरंभ करता है, इसलिए उसकी प्रारंभिक गतिज ऊर्जा शून्य है और पूरी अंतिम गतिज ऊर्जा बल से ही आई है। ध्यान दें कि न बल का मान चाहिए और न तय की गई दूरी; यह प्रमेय केवल द्रव्यमान और चाल से उत्तर दे देती है, इसी कारण परीक्षा में यह सबसे छोटा रास्ता है। A गलत है क्योंकि 40 जूल तब आता जब चाल का वर्ग न करके उसे एक बार ही लिया जाए। C गलत है क्योंकि 30 जूल गणना के किसी चरण से मेल नहीं खाता। D गलत है क्योंकि 60 जूल पाने के लिए उसी चाल पर द्रव्यमान 4.8 किलोग्राम होना चाहिए। परीक्षा टिप: कार्य बराबर गतिज ऊर्जा का परिवर्तन, अर्थात आधा m v वर्ग।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 8 Nov 2020मध्यम

पराबैंगनी प्रकाश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.यह एक विद्युत चुंबकीय तरंग है।
  2. B.यह निर्वात से होकर चल सकती है।
  3. C.यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।
  4. D.इसकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से छोटी होती है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यह एक अनुदैर्ध्य तरंग है।

व्याख्या

सही उत्तर है C। पराबैंगनी प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है, अनुदैर्ध्य नहीं, इसलिए यही कथन गलत है। विद्युत चुंबकीय तरंग में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के तथा तरंग की चाल की दिशा के समकोण पर कंपन करते हैं, और यही अनुप्रस्थ तरंग की परिभाषा है। अनुदैर्ध्य तरंगों को दबने और फैलने के लिए कोई माध्यम चाहिए, जिसका सबसे जाना-पहचाना उदाहरण ध्वनि है। विकल्प A सही है, क्योंकि पराबैंगनी प्रकाश विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम में दृश्य प्रकाश और एक्स-किरणों के बीच आता है। विकल्प B सही है, क्योंकि विद्युत चुंबकीय तरंगों को माध्यम की जरूरत नहीं होती और वे खाली अंतरिक्ष पार कर लेती हैं, इसीलिए सूर्य की पराबैंगनी किरणें पृथ्वी तक पहुँचती हैं। विकल्प D सही है, क्योंकि पराबैंगनी तरंगदैर्ध्य लगभग 400 नैनोमीटर से घटकर 10 नैनोमीटर तक जाती है, जो बैंगनी प्रकाश से छोटी है; इसी अधिक ऊर्जा से त्वचा जलती है और इसे ओजोन परत सोख लेती है। परीक्षा टिप: सभी विद्युत चुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं; ध्वनि जैसी यांत्रिक तरंगें ही अनुदैर्ध्य हो सकती हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 22 May 2019, Shift 1मध्यम

यदि किसी वस्तु को अवतल लेंस के प्रकाशिक केंद्र O और अनंत के बीच रखा जाए, तो अपवर्तन के बाद प्रतिबिंब कैसा बनेगा?

  1. A.छोटा
  2. B.बिंदु के आकार का
  3. C.समान आकार का
  4. D.बड़ा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. छोटा

व्याख्या

सही उत्तर है A, छोटा। अवतल लेंस, जिसे अपसारी लेंस भी कहते हैं, उस पर पड़ने वाली किरणों को फैला देता है, इसलिए वह उन्हें कभी वास्तविक फोकस पर नहीं मिला सकता। वस्तु कहीं भी रखी जाए, अनंत से लेकर प्रकाशिक केंद्र तक, प्रतिबिंब सदा आभासी, सीधा, वस्तु से छोटा और वस्तु की ही ओर, फोकस तथा प्रकाशिक केंद्र के बीच बनता है। इसी गुण के कारण अवतल लेंस निकट दृष्टि दोष यानी मायोपिया को ठीक करता है, क्योंकि यह प्रतिबिंब को छोटा करके पीछे हटा देता है, जिससे निकट दृष्टि वाली आँख उसे रेटिना पर केंद्रित कर पाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि बिंदु के आकार का प्रतिबिंब केवल उस विशेष स्थिति में बनता है जब वस्तु ठीक अनंत पर हो, पूरे परिसर में नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि समान आकार का प्रतिबिंब उत्तल लेंस में वस्तु को फोकस दूरी के दोगुने पर रखने से मिलता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अपसारी लेंस कभी आवर्धन नहीं करता। परीक्षा टिप: अवतल लेंस का प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और छोटा होता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 16 April 2023आसान

समान ताप और दाब पर मापे जाने पर सभी गैसों के समान आयतन में कणों की संख्या समान होती है। यह नियम किसने दिया?

  1. A.चार्ल्स
  2. B.बॉयल
  3. C.एवोगाद्रो
  4. D.लुसाक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एवोगाद्रो

व्याख्या

सही उत्तर है C, एवोगाद्रो। प्रश्न में दिया गया कथन एवोगाद्रो का नियम है, जिसे इतालवी वैज्ञानिक अमेडियो एवोगाद्रो ने 1811 में दिया था। इसके अनुसार समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए गैस का आयतन उसमें उपस्थित मोलों की संख्या के समानुपाती होता है। इसी कारण मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर आयतन घेरता है, और एक मोल में कणों की संख्या, लगभग 6.022 गुणा 10 की घात 23, को उनके नाम पर एवोगाद्रो संख्या कहा जाता है। A गलत है क्योंकि चार्ल्स का नियम स्थिर दाब पर गैस के आयतन को उसके ताप से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि बॉयल का नियम कहता है कि स्थिर ताप पर आयतन दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। D गलत है क्योंकि गे-लुसाक ने संयोजी आयतनों का नियम तथा दाब और ताप का नियम दिया था। परीक्षा टिप: एवोगाद्रो आयतन को अणुओं की संख्या से, बॉयल दाब से और चार्ल्स ताप से जोड़ता है।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 1कठिन

20 ओम और 30 ओम के दो प्रतिरोधक समांतर क्रम में जुड़े हैं। इस संयोजन को 8 ओम के प्रतिरोधक तथा 12 V की बैटरी के साथ श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है। 20 ओम के प्रतिरोधक से बहने वाली धारा कितनी है?

  1. A.0.36 A
  2. B.0.12 A
  3. C.0.24 A
  4. D.0.60 A
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 0.36 A

व्याख्या

सही उत्तर है A, 0.36 A। पहले समांतर जोड़ी को सरल करें - 20 गुणा 30 भाग 50 से 12 ओम मिलता है। इसमें 8 ओम का प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में जोड़ने पर परिपथ का कुल प्रतिरोध 20 ओम हो जाता है, इसलिए बैटरी पूरे परिपथ में 12 वोल्ट भाग 20 ओम, अर्थात 0.6 ऐम्पियर धारा बहाती है। यही धारा 12 ओम वाले संयोजन से गुजरती है और उस पर 0.6 गुणा 12, अर्थात 7.2 वोल्ट का विभवांतर बनाती है। समांतर क्रम की दोनों शाखाओं पर यही 7.2 वोल्ट लगता है, इसलिए 20 ओम वाली शाखा में 7.2 भाग 20, अर्थात 0.36 ऐम्पियर धारा बहती है। B गलत है क्योंकि 0.12 ऐम्पियर इस परिपथ की किसी शाखा से मेल नहीं खाता। C गलत है क्योंकि 0.24 ऐम्पियर 30 ओम वाली शाखा की धारा है, और दोनों शाखाओं की धाराएँ जुड़कर 0.6 बनाती हैं। D गलत है क्योंकि 0.60 ऐम्पियर बैटरी से निकलने वाली कुल धारा है, 20 ओम का हिस्सा नहीं। परीक्षा टिप: समांतर क्रम में वोल्टता समान रहती है और धारा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपात में बँटती है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग पौधों में गैसों के विनिमय में सहायक होता है?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.केंद्रक
  3. C.रंध्र
  4. D.रक्षक कोशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, रंध्र। रंध्र पत्ती की सतह पर बने सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनसे पौधा कार्बन डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन तथा जलवाष्प बाहर निकालता है, इसलिए गैसों का विनिमय इन्हीं से होता है। प्रत्येक रंध्र के दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो रक्षक कोशिकाएँ होती हैं, जो फूलकर छिद्र खोलती हैं और सिकुड़कर उसे बंद कर देती हैं; इसी तरह पौधा जल की हानि पर नियंत्रण रखता है। अधिकांश रंध्र पत्ती की निचली सतह पर होते हैं, जिससे सीधी धूप में जल कम उड़ता है। वाष्पोत्सर्जन भी मुख्य रूप से इन्हीं छिद्रों से होता है। A गलत है क्योंकि कोशिका झिल्ली एक कोशिका में पदार्थों के आने-जाने को नियंत्रित करती है, पूरे पौधे का गैस विनिमय नहीं। B गलत है क्योंकि केंद्रक आनुवंशिक पदार्थ रखता है और कोशिका की क्रियाओं का निर्देशन करता है। D गलत है क्योंकि रक्षक कोशिकाएँ केवल छिद्र को खोलती और बंद करती हैं, विनिमय रंध्र के छिद्र से ही होता है। परीक्षा टिप: गैस विनिमय और वाष्पोत्सर्जन रंध्र से होता है, खोलना और बंद करना रक्षक कोशिकाएँ करती हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम

किसकी ऑक्सीकरण संख्या सदैव -1 होती है?

  1. A.F (फ्लुओरीन)
  2. B.Cl (क्लोरीन)
  3. C.Br (ब्रोमीन)
  4. D.I (आयोडीन)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. F (फ्लुओरीन)

व्याख्या

सही उत्तर है A, F यानी फ्लुओरीन। फ्लुओरीन सबसे अधिक विद्युतऋणात्मक तत्व है, इसलिए यह हर यौगिक में साझा इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर खींच लेता है और इसकी ऑक्सीकरण संख्या सदा -1 ही रहती है।

चूँकि फ्लुओरीन से अधिक विद्युतऋणात्मक कोई तत्व नहीं है, इसलिए कोई भी तत्व उससे इलेक्ट्रॉन नहीं छीन सकता और वह कभी धनात्मक ऑक्सीकरण अवस्था नहीं दिखाता। मुक्त अवस्था में, यानी F2 अणु के रूप में, इसकी ऑक्सीकरण संख्या शून्य होती है, जो हर तत्व के मुक्त रूप पर लागू होता है, परंतु यौगिक में यह सदा -1 रहती है। शेष हैलोजन कम विद्युतऋणात्मक हैं, इसलिए फ्लुओरीन या ऑक्सीजन से जुड़ने पर वे धनात्मक मान भी दिखा देते हैं।

B गलत है: क्लोरीन HClO और HClO4 जैसे यौगिकों में +1, +3, +5 और +7 दिखाता है। C गलत है: ब्रोमीन भी HBrO3 में +5 जैसी अवस्थाएँ दिखाता है। D गलत है: आयोडीन HIO3 में +5 तथा अन्य यौगिकों में +1 और +7 दिखाता है।

परीक्षा टिप: फ्लुओरीन सबसे विद्युतऋणात्मक तत्व है, इसलिए यौगिकों में इसकी ऑक्सीकरण संख्या हमेशा -1 होती है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 2मध्यम

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास और भार किस प्रकार गति करते हैं?

  1. A.विपरीत दिशा में
  2. B.एक ही दिशा में
  3. C.लंबवत दिशा में
  4. D.भार के अनुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एक ही दिशा में

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक ही दिशा में। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आलंब एक सिरे पर होता है, आयास बीच में लगाया जाता है और भार दूसरे सिरे पर होता है। चूँकि आयास और भार दोनों आलंब के एक ही ओर पड़ते हैं, छड़ एक ही ओर घूमती है और दोनों एक ही दिशा में गति करते हैं। इसमें आयास भुजा भार भुजा से छोटी होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है और भार से अधिक बल लगाना पड़ता है; ऐसे उत्तोलक से गति और गति का बड़ा विस्तार मिलता है। मनुष्य की अग्रबाहु, चीनी उठाने वाला चिमटा, मछली पकड़ने की छड़ और स्टेपलर इसी प्रकार काम करते हैं। A गलत है क्योंकि आयास और भार विपरीत दिशा में प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में चलते हैं, जिसमें आलंब दोनों के बीच होता है, जैसे सी-सॉ या कैंची। C गलत है क्योंकि उत्तोलक एक स्थिर बिंदु पर घूमता है और उसके दोनों सिरे कभी एक-दूसरे के समकोण पर नहीं चलते। D गलत है क्योंकि भार का मान लगने वाले बल को बदलता है, गति की दिशा को नहीं। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में और तृतीय में आयास बीच में।

Q11.सामान्य विज्ञानआसान

मानव शरीर की सबसे बड़ी अंतःस्रावी ग्रंथि कौन सी है?

  1. A.पीयूष ग्रंथि
  2. B.थायरॉयड ग्रंथि
  3. C.अधिवृक्क ग्रंथि
  4. D.अग्न्याशय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. थायरॉयड ग्रंथि

व्याख्या

सही उत्तर B, थायरॉयड ग्रंथि है, गले में श्वास नली के सामने तितली के आकार की वह ग्रंथि जो शरीर की सबसे बड़ी पूर्णतः अंतःस्रावी ग्रंथि है और थायरॉक्सिन, ट्राईआयोडोथायरोनिन तथा कैल्सिटोनिन स्रावित करती है। विकल्प A गलत है क्योंकि पीयूष ग्रंथि सबसे छोटी अंतःस्रावी ग्रंथि है, लगभग मटर के दाने जितनी, भले ही वह मास्टर ग्रंथि है जो कई दूसरी ग्रंथियों को नियंत्रित करती है, इसलिए परीक्षा में ये दोनों विपरीत जोड़े के रूप में आती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रत्येक गुर्दे के ऊपर बैठी अधिवृक्क ग्रंथियां छोटी होती हैं और उन्हें आकार के लिए नहीं, एड्रीनेलिन के लिए याद किया जाता है। विकल्प D जानने योग्य तकनीकी कारण से गलत है: अग्न्याशय थायरॉयड से बड़ा है, पर वह मिश्रित ग्रंथि है, कुछ भाग पाचक रस के लिए बहिःस्रावी और कुछ इंसुलिन के लिए अंतःस्रावी।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q13.सामान्य विज्ञानआसान

स्कर्वी किस विटामिन की कमी से होता है?

  1. A.विटामिन A
  2. B.विटामिन B12
  3. C.विटामिन C
  4. D.विटामिन K
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विटामिन C

व्याख्या

सही उत्तर C, विटामिन C है। विटामिन C, जिसका रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक अम्ल है, कोलेजन बनाने के लिए आवश्यक है, वह प्रोटीन जो ऊतकों को जोड़े रखता है; उसके बिना मसूड़े सूज कर खून देते हैं, घाव भरने से मना करते हैं और जोड़ों में दर्द होता है, और इस रोग को स्कर्वी कहा जाता है। आंवला, अमरूद, नीबू वर्गीय फल तथा टमाटर इसके समृद्ध स्रोत हैं, और यह विटामिन ऊष्मा से नष्ट हो जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि विटामिन A की कमी रतौंधी और जीरोफ्थैल्मिया देती है, जो आंख के विकार हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि विटामिन B12 की कमी घातक रक्ताल्पता देती है, जो रक्त का विकार है। विकल्प D गलत है क्योंकि विटामिन K की कमी रक्त के थक्का जमने में विलंब करती है, चूंकि उसके बिना यकृत प्रोथ्रोम्बिन नहीं बना सकता।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम

सड़क पर चलती कार के पहिये के बारे में कौन-सा विकल्प सही है?

  1. A.लोटनिक घर्षण > स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण
  2. B.स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण
  3. C.स्थैतिक घर्षण > लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण
  4. D.लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण > स्थैतिक घर्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण। एक ही सतहों के जोड़े के लिए घर्षण का क्रम हमेशा स्थैतिक, फिर गतिज और फिर लोटनिक रहता है। स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक होता है क्योंकि विराम की अवस्था में सतहों की खुरदरी उभार एक-दूसरे में फँसे रहते हैं और गति शुरू करने के लिए इस जकड़न को तोड़ना पड़ता है। सरकना शुरू होने पर संपर्क बार-बार टूटता और बनता रहता है, इसलिए गतिज घर्षण कम होता है। लोटनिक घर्षण तीनों में सबसे कम है, क्योंकि लुढ़कता पहिया सड़क पर सरकता नहीं, केवल संपर्क बिंदु पर उसे थोड़ा दबाता और विकृत करता है। इसी कारण भारी बोझ खिसकाने के लिए पहिये, रोलर और बॉल बेयरिंग काम में लिए जाते हैं। A और D गलत हैं क्योंकि ये लोटनिक घर्षण को सबसे ऊपर रखते हैं, जबकि वह तीनों में सबसे कम है। C गलत है क्योंकि यह लोटनिक घर्षण को गतिज घर्षण से बड़ा बताता है, जो सही क्रम के उलट है। परीक्षा टिप: स्थैतिक > गतिज > लोटनिक; इनमें सबसे कम वाले ने ही हमें पहिया दिया।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BSSC CGL Prelims Paper 2 (2011)आसान

प्रकाश संश्लेषण का अंतिम उत्पाद क्या है?

  1. A.हाइड्रोकार्बन
  2. B.कार्बन डाइऑक्साइड
  3. C.ऑक्सीजन
  4. D.जल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऑक्सीजन

व्याख्या

सही उत्तर है C, ऑक्सीजन। प्रकाश संश्लेषण में कार्बोहाइड्रेट बनता है और ऑक्सीजन बाहर निकलती है, और दिए गए चार विकल्पों में केवल ऑक्सीजन ही पौधे से बनकर निकलने वाली चीज़ है।

हरा पौधा पर्णहरित द्वारा सोखी गई सूर्य की ऊर्जा से कार्बन डाइऑक्साइड और जल को शर्करा में बदलता है। इसका समीकरण है, 6CO2 और 6H2O से C6H12O6 तथा 6O2। यह ऑक्सीजन प्रकाश अभिक्रिया में जल के विघटन से निकलती है, कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं, जिसे भारी ऑक्सीजन वाले प्रयोगों ने सिद्ध किया। अंधकार अभिक्रिया में बनी ग्लूकोज़ मंड के रूप में संचित होती है और ऑक्सीजन रंध्रों से बाहर निकल जाती है। वायुमंडल की लगभग सारी ऑक्सीजन इसी प्रक्रिया से आती है।

A गलत है: प्रकाश संश्लेषण में पौधे हाइड्रोकार्बन नहीं बनाते। B गलत है: कार्बन डाइऑक्साइड कच्चा माल है, उत्पाद नहीं। D गलत है: जल भी कच्चा माल है और विघटित होकर खर्च हो जाता है।

परीक्षा टिप: प्रकाश संश्लेषण कार्बन डाइऑक्साइड और जल लेकर ग्लूकोज़ तथा ऑक्सीजन देता है, और ऑक्सीजन जल से आती है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

1 मीटर लंबे दोलक (पेंडुलम) का आवर्तकाल लगभग कितना होता है?

  1. A.6 s
  2. B.4 s
  3. C.2 s
  4. D.1 s
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 s

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 s। लगभग एक मीटर लंबा सरल दोलक एक पूरा दोलन करीब दो सेकंड में पूरा करता है, और इतनी लंबाई वाले दोलक को सेकंड दोलक कहा जाता है। सरल दोलक का आवर्तकाल T = 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल होता है, जहाँ L धागे की लंबाई है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। L = 1 मीटर रखने पर T = 2 x 3.14 x एक बटा 9.8 का वर्गमूल आता है, जो लगभग 2.01 सेकंड है। आवर्तकाल केवल लंबाई और g पर निर्भर करता है, गोलक के द्रव्यमान या उसे कितना किनारे खींचा गया है इस पर नहीं, बशर्ते दोलन छोटा हो। A गलत है क्योंकि 6 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 9 मीटर लंबा चाहिए। B गलत है क्योंकि 4 सेकंड के आवर्तकाल के लिए धागा लगभग 4 मीटर लंबा चाहिए। D गलत है क्योंकि 1 सेकंड का आवर्तकाल केवल लगभग 25 सेंटीमीटर के धागे का होता है। परीक्षा टिप: लंबाई चार गुनी होने पर ही आवर्तकाल दोगुना होता है।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sep 2018, Shift 1मध्यम

प्रोटीन संश्लेषण की एक मूल घटना ____ का निर्माण है।

  1. A.DNA प्रतिलिपि
  2. B.RNA प्रतिलिपि
  3. C.mRNA प्रतिलिपि
  4. D.DNA और RNA प्रतिलिपि
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. mRNA प्रतिलिपि

व्याख्या

सही उत्तर है C, mRNA प्रतिलिपि। प्रोटीन संश्लेषण अनुलेखन से आरंभ होता है, जिसमें जीन का संदेश DNA से संदेशवाहक RNA में उतारा जाता है, इसलिए पहली घटना mRNA प्रतिलिपि का बनना है। यह mRNA केंद्रक से निकलकर कोशिकाद्रव्य में राइबोसोम तक पहुँचता है और वहाँ तीन-तीन क्षारकों में पढ़ा जाता है; तीन क्षारकों के ऐसे प्रत्येक समूह को कोडॉन कहते हैं और वह एक अमीनो अम्ल माँगता है, जिसे स्थानांतरण RNA राइबोसोम तक लाता है। यह दूसरा चरण स्थानांतरण कहलाता है और अमीनो अम्लों की शृंखला मुड़कर प्रोटीन बनाती है। A गलत है क्योंकि DNA से DNA बनना प्रतिकृतिकरण है, जो कोशिका विभाजन से पहले होता है, प्रोटीन संश्लेषण में नहीं। B गलत है क्योंकि यह उत्तर बहुत ढीला है - स्थानांतरण RNA और राइबोसोमल RNA भी RNA हैं, परंतु जीन का संदेश ढोने वाली प्रतिलिपि mRNA ही है। D गलत है क्योंकि इस प्रक्रिया में कोई DNA प्रतिलिपि नहीं बनती। परीक्षा टिप: DNA से RNA अनुलेखन, RNA से प्रोटीन स्थानांतरण, DNA से DNA प्रतिकृतिकरण।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 25 Nov, 2024, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन समांगी मिश्रण का उदाहरण नहीं है?

  1. A.कॉपर सल्फेट चूर्ण जल में
  2. B.जल में घुली चीनी
  3. C.जल में घुला नमक
  4. D.जल में तेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जल में तेल

व्याख्या

सही उत्तर है D, जल में तेल। तेल जल में घुलता नहीं है; वह अलग परत या तैरती बूँदों के रूप में बना रहता है, इसलिए यह मिश्रण विषमांगी है और दोनों द्रवों के बीच की सीमा आँखों से दिखाई देती है। समांगी मिश्रण की संरचना हर भाग में एक जैसी होती है और उसके अवयव सूक्ष्मदर्शी से भी अलग नहीं पहचाने जा सकते, जैसा किसी ठोस के जल में घुलकर वास्तविक विलयन बनाने पर होता है। तेल और जल अलग रहते हैं क्योंकि जल ध्रुवीय द्रव है और तेल अध्रुवीय, और समान ही समान को घोलता है; साबुन के साथ हिलाने पर जो पायस बनता है वह भी समांगी नहीं होता। A गलत है क्योंकि कॉपर सल्फेट घुलकर एक ही प्रावस्था वाला स्वच्छ नीला विलयन देता है। B गलत है क्योंकि जल में चीनी वास्तविक विलयन का प्रसिद्ध उदाहरण है। C गलत है क्योंकि साधारण नमक पूरी तरह सोडियम तथा क्लोराइड आयनों में घुल जाता है। परीक्षा टिप: वास्तविक विलयन समांगी होता है, जबकि निलंबन और तेल-जल या दूध जैसे पायस विषमांगी होते हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019 (Mechanical, CBT 2)मध्यम

पारा काँच को गीला नहीं करता। यह द्रव के किस गुण के कारण होता है?

  1. A.श्यानता
  2. B.पृष्ठ तनाव
  3. C.आसंजन
  4. D.संसजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. संसजन

व्याख्या

सही उत्तर है D, संसजन। कोई द्रव किसी सतह को गीला करेगा या नहीं, यह दो बलों की होड़ से तय होता है: संसजन, यानी द्रव के अपने अणुओं के बीच का आकर्षण, और आसंजन, यानी द्रव और ठोस सतह के बीच का आकर्षण। पारे में उसके परमाणुओं के बीच का संसजन बल काँच के साथ उसके आसंजन से कहीं अधिक प्रबल है, इसलिए पारा सिमटकर गोल बूँदें बना लेता है और फैलता नहीं। जल का व्यवहार उल्टा है, काँच के साथ उसका आसंजन उसके संसजन से अधिक होता है, इसलिए वह फैलकर सतह को गीला कर देता है। इसी नियम से मेनिस्कस भी समझ आता है: काँच की नली में पारे की सतह ऊपर उठकर उन्नतोदर गुंबद बनाती है और उसका स्पर्श कोण 90 डिग्री से अधिक होता है, जबकि जल की सतह नतोदर रूप में नीचे धँस जाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि श्यानता यह बताती है कि द्रव बहने में कितना विरोध करता है, यह नहीं कि वह ठोस से चिपकेगा या नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि पृष्ठ तनाव संसजन से ही उत्पन्न होता है, पर प्रश्न में यही तुलना नहीं पूछी गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि यहाँ आसंजन दुर्बल बल है, कारण नहीं। परीक्षा टिप: संसजन आसंजन से अधिक हो तो सतह गीली नहीं होती और मेनिस्कस उन्नतोदर बनता है।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 12 Oct 2018, Shift 3आसान

कांस्य के संघटक कौन-से हैं?

  1. A.Al + Cu + Mn + Mg
  2. B.Cu + Zn
  3. C.Cu + Sn
  4. D.Pb + Sn
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. Cu + Sn

व्याख्या

सही उत्तर है C, Cu + Sn। कांस्य तांबा और टिन की मिश्र धातु है, जिसमें सामान्यतः लगभग 88 प्रतिशत तांबा और 12 प्रतिशत टिन रहता है। टिन तांबे को कठोर बनाता है और उसे जंग तथा समुद्री पानी से बचाने की क्षमता देता है, इसी कारण मूर्तियाँ, मंदिरों की घंटियाँ, सिक्के, पदक और जहाजों के पुर्जे कांस्य से बनाए जाते हैं। यह पहली मिश्र धातु थी जिसे मनुष्य ने बड़े पैमाने पर बनाया और कांस्य युग का नाम इसी पर पड़ा; मोहनजोदड़ो की नर्तकी की प्रसिद्ध मूर्ति कांस्य की ढलाई है। A गलत है क्योंकि तांबा, मैंगनीज और मैग्नीशियम के साथ एल्युमिनियम मिलकर ड्यूरालुमिन बनाता है, जो वायुयानों में प्रयुक्त हल्की मिश्र धातु है। B गलत है क्योंकि तांबा और जस्ता मिलकर पीतल बनाते हैं, जो बर्तनों तथा वाद्ययंत्रों की पीली मिश्र धातु है। D गलत है क्योंकि सीसा और टिन मिलकर सोल्डर बनाते हैं, जिससे तार जोड़े जाते हैं। परीक्षा टिप: कांस्य तांबा-टिन, पीतल तांबा-जस्ता, जर्मन सिल्वर तांबा-जस्ता-निकल।

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