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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी क्विज: आक्रामक प्रजातियां और वन्यजीव व्यापार

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी के अंतर्गत "आक्रामक प्रजातियां और वन्यजीव व्यापार" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

किस आक्रामक जलीय पौधे को बंगाल का आतंक कहा जाता है?

  1. A.लैंटाना कैमरा
  2. B.आइकॉर्निया क्रैसिप्स
  3. C.प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा
  4. D.पार्थेनियम हिस्टरोफोरस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आइकॉर्निया क्रैसिप्स

व्याख्या

सही उत्तर B, आइकॉर्निया क्रैसिप्स अर्थात जलकुंभी है। यह दक्षिण अमेरिका मूल की स्वतंत्र तैरने वाली वनस्पति है, जो अपने आकर्षक फूलों के कारण भारत लाई गई थी। यह बहुत तेजी से बढ़कर तालाबों, नहरों और आर्द्रभूमियों पर घनी चादर बना देती है, जिससे प्रकाश और ऑक्सीजन रुक जाते हैं, मछलियां मरती हैं, नौचालन बाधित होता है और जल हानि बढ़ती है, और बंगाल के जलाशयों में इसी विनाश से उसे यह उपनाम मिला। विकल्प A, लैंटाना, वनों और घास भूमियों की आक्रामक झाड़ी है पर वह स्थलीय है और उसका ऐसा कोई नाम नहीं है। विकल्प C, प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा या विलायती बबूल, शुष्क क्षेत्रों का कंटीला वृक्ष है जो मेक्सिको और मध्य अमेरिका से लाया गया। विकल्प D, पार्थेनियम हिस्टरोफोरस, कांग्रेस घास है, जो बंजर भूमि का स्थलीय खरपतवार है और त्वचा एलर्जी के लिए कुख्यात है, जल रोकने के लिए नहीं।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय अर्थात साइटीस किस वर्ष स्वीकार किया गया?

  1. A.1963
  2. B.1971
  3. C.1973
  4. D.1992
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1973

व्याख्या

सही उत्तर C, 1973 है। साइटीस का पाठ अस्सी देशों के प्रतिनिधियों ने 1973 में संयुक्त राज्य अमेरिका के वाशिंगटन में हुई बैठक में स्वीकार किया, इसी कारण इस संधि को वाशिंगटन अभिसमय भी कहा जाता है; यह 1 जुलाई 1975 को प्रवर्तन में आई और भारत 1976 में इसका पक्षकार बना। विकल्प A, 1963, वह वर्ष है जब आईयूसीएन के सदस्यों ने ऐसे अभिसमय का विचार पहली बार संकल्प के रूप में अपनाया था, संधि का वर्ष नहीं। विकल्प B, 1971, आर्द्रभूमियों पर रामसर अभिसमय का वर्ष है, जो ईरान के रामसर में हस्ताक्षरित हुआ और यहां सामान्य भ्रम बनता है। विकल्प D, 1992, रियो दी जनेरो के पृथ्वी सम्मेलन का वर्ष है, जहां जैव विविधता अभिसमय और जलवायु अभिसमय हस्ताक्षर के लिए खोले गए। विद्यार्थियों को 1971, 1973 और 1992 स्पष्ट रूप से अलग रखने चाहिए।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

साइटीस की किस अनुसूची में सूचीबद्ध प्रजातियों का वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार पूर्णतः प्रतिबंधित है?

  1. A.अनुसूची एक
  2. B.अनुसूची दो
  3. C.अनुसूची तीन
  4. D.अनुसूची चार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अनुसूची एक

व्याख्या

सही उत्तर A, अनुसूची एक है। साइटीस प्रजातियों को इस आधार पर अनुसूचियों में बांटता है कि व्यापार से उन पर कितना संकट है। अनुसूची एक में विलुप्ति के संकट वाली प्रजातियां रखी जाती हैं, जैसे बाघ, एशियाई हाथी, एक सींग वाला गैंडा और लाल पांडा, और उनके नमूनों का वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिबंधित है; अपवाद स्वरूप गैर वाणिज्यिक स्थितियों में निर्यात तथा आयात दोनों अनुमति पत्रों से ही आवागमन संभव है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुसूची दो में वे प्रजातियां हैं जो अभी संकटग्रस्त नहीं हैं पर अनियंत्रित व्यापार से हो सकती हैं, और उनका व्यापार निर्यात अनुमति पत्र के साथ चलता रहता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुसूची तीन में वे प्रजातियां हैं जिन्हें कोई एक पक्षकार अपने क्षेत्र में संरक्षित करता है और जिनके लिए उसने दूसरों का सहयोग मांगा है। विकल्प D गलत है क्योंकि साइटीस में केवल तीन अनुसूचियां हैं।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

भारत का वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो किस वर्ष गठित किया गया?

  1. A.1972
  2. B.1992
  3. C.2007
  4. D.2014
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2007

व्याख्या

सही उत्तर C, 2007 है। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 38 ज के अंतर्गत 2007 में बनाया गया बहुविषयक सांविधिक निकाय है। यह पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन नई दिल्ली से कार्य करता है, संगठित वन्यजीव अपराध पर आसूचना एकत्र कर साझा करता है, और राज्य वन विभागों, पुलिस तथा सीमा शुल्क विभाग को प्रवर्तन में सहायता देता है। विकल्प A, 1972, स्वयं मूल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का वर्ष है, ब्यूरो का नहीं। विकल्प B, 1992, प्रोजेक्ट एलिफेंट के आरंभ का वर्ष है और इस समूह के प्रश्नों में बार बार भ्रम पैदा करता है। विकल्प D, 2014, वन्यजीव प्रवर्तन के किसी पड़ाव से मेल नहीं खाता। याद रखें कि 1972 का अधिनियम कानून है और 2007 का ब्यूरो उसी के अंतर्गत बाद के संशोधन से बनी एजेंसी है।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

भारत का आक्रामक खरपतवार पार्थेनियम हिस्टरोफोरस सामान्यतः किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.सियाम खरपतवार
  2. B.कांग्रेस घास
  3. C.नागफनी
  4. D.मिनट में एक मील वाली लता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कांग्रेस घास

व्याख्या

सही उत्तर B, कांग्रेस घास है। पार्थेनियम हिस्टरोफोरस उष्णकटिबंधीय अमेरिका से भारत पहुंचा, माना जाता है कि आयातित गेहूं के साथ, और बंजर भूमि, सड़क किनारों तथा परती खेतों में तेजी से फैल गया। पत्तियों के आकार से इसे गाजर घास भी कहते हैं, और यह जन स्वास्थ्य की समस्या है क्योंकि इसके परागकण तथा रोम त्वचा शोथ, दमा और हे फीवर उत्पन्न करते हैं। विकल्प A, सियाम खरपतवार, क्रोमोलीना ओडोराटा का सामान्य नाम है, जो बागानों और वन किनारों पर फैला दूसरा अमेरिकी आक्रमणकारी है। विकल्प C, नागफनी, ओपंशिया वंश के कैक्टस को कहते हैं, जो कोचीनील रंजक कीट के संबंध में भारत लाए गए थे। विकल्प D, मिनट में एक मील वाली लता, माइकेनिया माइक्रैंथा है, जो पूर्वोत्तर और पश्चिमी घाट में बागानों तथा वन पुनरुद्भव को ढक देती है।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

भारत में जाइगोग्रामा बाइकोलोराटा नामक भृंग का उपयोग किसके जैविक नियंत्रण के लिए किया जाता है?

  1. A.जलकुंभी
  2. B.लैंटाना
  3. C.पार्थेनियम
  4. D.नागफनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पार्थेनियम

व्याख्या

सही उत्तर C, पार्थेनियम है। जाइगोग्रामा बाइकोलोराटा मेक्सिको का पत्ती खाने वाला भृंग है, और मेक्सिको ही पार्थेनियम हिस्टरोफोरस का मूल क्षेत्र है, इसलिए इसे भारत में जैविक नियंत्रण कारक के रूप में लाया गया, क्योंकि इसके डिंभ और वयस्क खरपतवार की पत्तियां चट कर देते हैं और बीज बनना रोक देते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि जलकुंभी का जैविक नियंत्रण नियोकेटिना वंश के घुन करते हैं, यह भृंग नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि भारत में लैंटाना पर किसी एक कारक से भरोसेमंद नियंत्रण नहीं मिला है और उसका प्रबंधन अब भी उखाड़ने तथा देशी वनस्पति बहाल करने पर निर्भर है। विकल्प D गलत है क्योंकि नागफनी अर्थात ओपंशिया का प्रसिद्ध नियंत्रण ऑस्ट्रेलिया में कैक्टोब्लास्टिस कैक्टोरम शलभ से और भारत में कुछ सीमा तक कोचीनील कीटों से हुआ। जैविक नियंत्रण खरपतवार को उसके अपने घर के शत्रु से जोड़कर काम करता है।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो का ऑपरेशन क्लीन आर्ट किस अवैध व्यापार को समाप्त करने के लिए चलाया गया था?

  1. A.नेवले के बालों से बने चित्रकारी ब्रश
  2. B.मीठे पानी के कछुए
  3. C.शाहतूश शॉल
  4. D.रक्त चंदन की लकड़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नेवले के बालों से बने चित्रकारी ब्रश

व्याख्या

सही उत्तर A, नेवले के बालों से बने चित्रकारी ब्रश है। नेवला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित प्राणी है, फिर भी उसके बालों से कलाकारों के ब्रश बनाए जा रहे थे, और ऑपरेशन क्लीन आर्ट ब्यूरो का पहला देशव्यापी अभियान था जो किसी एक वन्यजीव वस्तु पर केंद्रित था; इसमें ब्रश तथा कच्चे बालों की बड़ी बरामदगी हुई। विकल्प B गलत है क्योंकि मीठे पानी के कछुओं और थलीय कछुओं की तस्करी ऑपरेशन सेव कूर्म का लक्ष्य थी, जिसका नाम कछुए के संस्कृत शब्द से बना है। विकल्प C गलत है क्योंकि तिब्बती मृग की ऊन शाहतूश ऑपरेशन सॉफ्टगोल्ड का विषय थी। विकल्प D गलत है क्योंकि पूर्वी घाट की संरक्षित लकड़ी रक्त चंदन पर अलग अभियान और राज्य कार्यबल कार्य करते रहे हैं, ऑपरेशन क्लीन आर्ट नहीं।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

निम्नलिखित में से कौन भारत में आक्रामक विदेशी प्रजाति नहीं है?

  1. A.लैंटाना कैमरा
  2. B.माइकेनिया माइक्रैंथा
  3. C.एजाडिरैक्टा इंडिका
  4. D.प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एजाडिरैक्टा इंडिका

व्याख्या

सही उत्तर C, एजाडिरैक्टा इंडिका अर्थात नीम है। नीम भारतीय उपमहाद्वीप का देशी वृक्ष है, इसलिए परिभाषा से ही वह यहां विदेशी प्रजाति नहीं हो सकता, चाहे उसे कितना भी लगाया गया हो; कोई प्रजाति विदेशी केवल अपने प्राकृतिक क्षेत्र से बाहर कहलाती है। विकल्प A, लैंटाना कैमरा, उष्णकटिबंधीय अमेरिका की सजावटी झाड़ी है जो अब पूरे भारत के शुष्क वनों, घास भूमियों और बाघ आवासों में फैल चुकी है। विकल्प B, माइकेनिया माइक्रैंथा, मध्य तथा दक्षिण अमेरिका की वह लता है जो पूर्वोत्तर और पश्चिमी घाट में बागानों तथा प्राकृतिक पुनरुद्भव को ढक देती है। विकल्प D, प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा या विलायती बबूल, मेक्सिको और मध्य अमेरिका से आया और उसने शुष्क तथा अर्धशुष्क भूमि के बड़े भाग पर कब्जा कर भूजल स्तर घटाया तथा देशी कंटीली झाड़ियों को हटाया है। इनमें केवल नीम भारतीय मूल का है।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

केंद्र सरकार को आक्रामक विदेशी प्रजातियों के नियमन की स्पष्ट शक्ति देने के लिए 2022 में किस अधिनियम में संशोधन किया गया?

  1. A.वन संरक्षण अधिनियम, 1980
  2. B.वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972
  3. C.जैविक विविधता अधिनियम, 2002
  4. D.पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972

व्याख्या

सही उत्तर B, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 है। वन्यजीव संरक्षण संशोधन अधिनियम 2022 ने मूल अधिनियम को साइटीस के अंतर्गत भारत के दायित्वों के अनुरूप बनाया, उसकी अनुसूचियों का पुनर्गठन किया और पहली बार केंद्र सरकार को यह स्पष्ट शक्ति दी कि वह आक्रामक विदेशी प्रजातियों के आयात, व्यापार, कब्जे और प्रसार को नियंत्रित या प्रतिबंधित कर सके। विकल्प A गलत है क्योंकि वन संरक्षण अधिनियम वन भूमि के गैर वन उपयोग में परिवर्तन से संबंधित है। विकल्प C गलत है क्योंकि जैविक विविधता अधिनियम जैविक संसाधनों तक पहुंच और लाभ साझेदारी को शासित करता है, और उसमें 2023 में भिन्न उद्देश्यों से संशोधन हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम वह छत्र कानून है जिसके अंतर्गत प्रदूषण और पर्यावरण मानक अधिसूचित होते हैं, वह वन्यजीव व्यापार का कानून नहीं है।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

भारतीय बगीचों और फसलों का गंभीर आक्रामक कीट विशाल अफ्रीकी घोंघा वैज्ञानिक रूप से किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.अकैटिना फुलिका
  2. B.क्लैरियस गैरीपिनस
  3. C.पिला ग्लोबोसा
  4. D.स्पोडोप्टेरा फ्रूजीपर्डा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अकैटिना फुलिका

व्याख्या

सही उत्तर A, अकैटिना फुलिका है। यह बड़ा थलीय घोंघा पूर्वी अफ्रीका का मूल निवासी है और बहुत पहले, संभवतः सजावटी पौधों तथा शंख व्यापार के माध्यम से भारत पहुंचा। यह बगीचे और खेत के बहुत विविध पौधे खाता है, तेजी से प्रजनन करता है और विश्व की सबसे हानिकारक आक्रामक प्रजातियों में गिना जाता है। विकल्प B, क्लैरियस गैरीपिनस, अफ्रीकी मांगुर मछली है, जिसका पालन भारत में प्रतिबंधित है क्योंकि वह देशी मछलियों का भारी शिकार करती है। विकल्प C, पिला ग्लोबोसा, तालाबों और धान के खेतों का देशी भारतीय सेब घोंघा है और इसलिए वह आक्रमणकारी ही नहीं है। विकल्प D, स्पोडोप्टेरा फ्रूजीपर्डा, फॉल आर्मीवर्म है, जो अमेरिकी शलभ है और जिसके डिंभ मक्का पर आक्रमण करते हैं तथा जो 2018 में कर्नाटक में पहली बार पाया गया।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

साइटीस का सचिवालय कहां स्थित है?

  1. A.नैरोबी
  2. B.जेनेवा
  3. C.ग्लांड
  4. D.वाशिंगटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जेनेवा

व्याख्या

सही उत्तर B, जेनेवा है। साइटीस का सचिवालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा में स्थित है और वह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित होता है; वह पक्षकारों के सम्मेलन की सेवा करता है, अनुसूचियां बनाए रखता है और सदस्य देशों को अनुमति पत्र तथा प्रवर्तन पर सलाह देता है। विकल्प A, नैरोबी, सचिवालय के स्थान के रूप में गलत है, हालांकि वह स्वयं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम का वैश्विक मुख्यालय है, इसी से वह यहां सबसे सामान्य गलत विकल्प बन जाता है। विकल्प C, ग्लांड, गलत है क्योंकि उस स्विस कस्बे में अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ तथा रामसर अभिसमय का सचिवालय है। विकल्प D, वाशिंगटन, गलत पर आकर्षक है, क्योंकि अभिसमय पर वहीं 1973 में वार्ता और हस्ताक्षर हुए थे और उसी से उसे वाशिंगटन अभिसमय कहा जाता है; हस्ताक्षर का नगर सचिवालय का स्थान नहीं होता।

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