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GK क्विजमहत्वपूर्ण दिवस और तिथियां

महत्वपूर्ण दिवस और तिथियां क्विज: भारत के पंचांग और संवत: विक्रम संवत, शक संवत, हिजरी और अन्य

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

महत्वपूर्ण दिवस और तिथियां के अंतर्गत "भारत के पंचांग और संवत: विक्रम संवत, शक संवत, हिजरी और अन्य" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांआसान

भारतीय राष्ट्रीय पंचांग किस संवत पर आधारित है?

  1. A.विक्रम संवत
  2. B.शक संवत
  3. C.हिजरी संवत
  4. D.गुप्त संवत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शक संवत

व्याख्या

सही उत्तर B, शक संवत है। राष्ट्रीय पंचांग अपने वर्ष शक गणना में गिनता है, जो 78 ईस्वी में आरंभ हुई थी, इसलिए शक वर्ष मोटे तौर पर ईसवी वर्ष में से 78 घटाकर निकलता है; यह भारत के राजपत्र में छपता है और आकाशवाणी के समाचार बुलेटिन में पढ़ा जाता है। विकल्प A विक्रम संवत 57 ईसा पूर्व में आरंभ हुआ और वह उत्तर भारत के अधिकांश परंपरागत पंचांगों का तथा नेपाल का सरकारी संवत है, पर राष्ट्रीय पंचांग के लिए उसे नहीं चुना गया। विकल्प C हिजरी संवत 622 ईस्वी में आरंभ हुआ और विशुद्ध चांद्र है, इसी से वह उस नागरिक प्रयोग के लिए अनुपयुक्त है जिसमें तिथियाँ ऋतुओं के साथ चलनी चाहिए। विकल्प D गुप्त संवत लगभग 319 ईस्वी का है और अभिलेखों की तिथि निकालने तक सीमित है।

Q2.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांमध्यम

भारतीय राष्ट्रीय पंचांग किस तिथि से लागू किया गया था?

  1. A.15 अगस्त 1947
  2. B.26 जनवरी 1950
  3. C.22 मार्च 1957
  4. D.1 अप्रैल 1960
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 22 मार्च 1957

व्याख्या

सही उत्तर C, 22 मार्च 1957 है। वह दिन शक संवत का 1 चैत्र 1879 था और पंचांग सुधार समिति की उस संस्तुति पर यह लागू हुआ जो उसने 1955 में दी थी। विकल्प A 15 अगस्त 1947 स्वतंत्रता की तिथि है और पंचांग से उसका कोई संबंध नहीं, फिर भी किसी राष्ट्रीय निर्णय की बात आते ही अभ्यर्थी उसी की ओर जाते हैं। विकल्प B 26 जनवरी 1950 वह दिन है जब संविधान लागू हुआ और राज्य चिह्न अपनाया गया, इसी से वह यहाँ सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। विकल्प D 1 अप्रैल 1960 केवल देखने में उचित लगने वाली तिथि है; ध्यान रहे कि 1 अप्रैल से भारत का वित्तीय वर्ष आरंभ होता है, जो अलग तथ्य और अलग प्रश्न है। जोड़ी याद रखें: शक संवत, 22 मार्च 1957।

Q3.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांआसान

भारतीय राष्ट्रीय पंचांग का पहला मास कौन सा है?

  1. A.चैत्र
  2. B.वैशाख
  3. C.माघ
  4. D.कार्तिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चैत्र

व्याख्या

सही उत्तर A, चैत्र है। राष्ट्रीय पंचांग 1 चैत्र से आरंभ होता है, जो सामान्य वर्ष में 22 मार्च और लीप वर्ष में 21 मार्च के बराबर है, जिससे वर्ष वसंत विषुव के आसपास खुलता है। चैत्र 30 दिन का होता है, लीप वर्ष में 31 का। विकल्प B वैशाख दूसरा मास है और 31 दिन का होता है, जैसे भाद्र तक के अगले चार मास। विकल्प C माघ ग्यारहवाँ मास है और माघ पूर्णिमा तथा माघ मेले के कारण छात्रों को परिचित लगता है, इसीलिए उसे यहाँ रखा गया है। विकल्प D कार्तिक राष्ट्रीय पंचांग का आठवाँ मास है, पर गुजरात में विक्रम संवत का वर्ष कार्तिक से, दीपावली के अगले दिन से आरंभ होता है, और यही सच्चा अपवाद इस विकल्प को जाल बनाता है।

Q4.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांआसान

शक संवत किस वर्ष आरंभ हुआ था?

  1. A.57 ईसा पूर्व
  2. B.78 ईस्वी
  3. C.319 ईस्वी
  4. D.622 ईस्वी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 78 ईस्वी

व्याख्या

सही उत्तर B, 78 ईस्वी है। शक गणना प्रायः कुषाण शासक कनिष्क से जोड़ी जाती है और भारतीय राष्ट्रीय पंचांग इसी पर बना है, इसलिए शक वर्ष ईसवी वर्ष से लगभग 78 कम होता है। विकल्प A 57 ईसा पूर्व विक्रम संवत का आरंभ बिंदु है, जो परंपरा में उज्जैन के राजा विक्रमादित्य से जुड़ा है, और चूँकि 57 तथा 78 वही दो संख्याएँ हैं जो हर अभ्यर्थी को आधी-अधूरी याद रहती हैं, इन्हें इस प्रकार के लगभग हर प्रश्न में साथ रखा जाता है। विकल्प C 319 ईस्वी गुप्त संवत का आरंभ है, जिसे चंद्रगुप्त प्रथम ने चलाया और जिससे गुप्त अभिलेखों की तिथि निकाली जाती है। विकल्प D 622 ईस्वी हिजरी संवत का आरंभ है, जो पैगंबर मुहम्मद के मक्का से मदीना प्रस्थान से गिना जाता है।

Q5.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांमध्यम

विक्रम संवत का वर्ष संबंधित ईसवी वर्ष से लगभग कितना आगे होता है?

  1. A.57 वर्ष
  2. B.78 वर्ष
  3. C.135 वर्ष
  4. D.622 वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 57 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर A, 57 वर्ष है। विक्रम संवत 57 ईसा पूर्व में आरंभ हुआ, इसलिए विक्रमी वर्ष ईसवी वर्ष में 57 जोड़कर निकलता है; उत्तर भारत में विवाह की पत्रिकाओं और परंपरागत पंचांगों पर यही संवत छपता है और यही नेपाल का सरकारी पंचांग है। विकल्प B 78 वर्ष शक संवत का अंतर है, जो ईसवी वर्ष से आगे नहीं बल्कि पीछे चलता है, और परीक्षक को भरोसा रहता है कि अभ्यर्थी संख्या के साथ दिशा भी उलझा देंगे। विकल्प C 135 वर्ष 57 और 78 का योग है और उसे उस अभ्यर्थी को पकड़ने के लिए रखा गया है जो भूल से दोनों जोड़ देता है। विकल्प D 622 वर्ष हिजरी संवत का आरंभ वर्ष है, अंतर नहीं; यह भी ध्यान रखें कि हिजरी वर्ष साधारण घटाव से नहीं बदले जा सकते क्योंकि वह पंचांग चांद्र है।

Q6.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांमध्यम

हिजरी संवत किस घटना से गिना जाता है?

  1. A.पैगंबर मुहम्मद का जन्म
  2. B.पैगंबर का मक्का से मदीना प्रस्थान
  3. C.कुरान की पहली वह्य
  4. D.मक्का की विजय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पैगंबर का मक्का से मदीना प्रस्थान

व्याख्या

सही उत्तर B, पैगंबर का मक्का से मदीना प्रस्थान है। 622 ईस्वी की उस यात्रा को हिजरत कहते हैं और उसी से संवत का नाम पड़ा; हिजरी वर्ष का पहला मास मुहर्रम है। विकल्प A गलत है क्योंकि पैगंबर का जन्म, जो ईद-ए-मिलाद के रूप में मनाया जाता है, इस पंचांग का एक अवसर है, उसका आरंभ बिंदु नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि पहली वह्य, जिसे रमजान मास में शब-ए-कद्र पर याद किया जाता है, भी पंचांग के भीतर आती है, उसे आरंभ नहीं करती। विकल्प D गलत है क्योंकि मक्का की विजय बाद में, हिजरी गणना के आठवें वर्ष में हुई, इसलिए वह स्वयं आरंभ बिंदु नहीं हो सकती। दो तथ्य साथ रखें: हिजरी वर्ष में बारह चांद्र मास और लगभग 354 दिन होते हैं, अर्थात सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन कम।

Q7.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांमध्यम

हिजरी पंचांग किस प्रकार के पंचांग का उदाहरण है?

  1. A.विशुद्ध सौर
  2. B.विशुद्ध चांद्र
  3. C.चांद्र-सौर
  4. D.नाक्षत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विशुद्ध चांद्र

व्याख्या

सही उत्तर B, विशुद्ध चांद्र है। इसके मास चंद्रमा की कलाओं के अनुसार चलते हैं और वर्ष को ऋतुओं के साथ लाने के लिए कोई मास कभी नहीं जोड़ा जाता, इसलिए बारह चांद्र मास लगभग 354 दिन देते हैं और हिजरी वर्ष ग्रेगोरियन वर्ष के सामने लगभग ग्यारह दिन पहले खिसक जाता है; इसी से रमजान एक जीवनकाल के एक हिस्से में शीत ऋतु में और दूसरे हिस्से में ग्रीष्म में पड़ सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि विशुद्ध सौर पंचांग, जैसे ग्रेगोरियन, पृथ्वी की सूर्य परिक्रमा से बँधा होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि चांद्र-सौर पंचांग, जो हिंदू पंचांग हैं, मास चंद्रमा से गिनते हैं पर लगभग साढ़े बत्तीस महीने में एक अधिक मास जोड़ देते हैं। विकल्प D नक्षत्रों से की जाने वाली गणना है, जो खगोल विज्ञान में प्रयुक्त होती है।

Q8.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांकठिन

गुप्त संवत लगभग किस वर्ष से गिना जाता है?

  1. A.78 ईस्वी
  2. B.248 ईस्वी
  3. C.319 ईस्वी
  4. D.606 ईस्वी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 319 ईस्वी

व्याख्या

सही उत्तर C, 319 ईस्वी है। 319 या 320 ईस्वी का यह गुप्त संवत वंश के पहले बड़े शासक चंद्रगुप्त प्रथम के राज्यारोहण से आरंभ माना जाता है और अधिकांश गुप्त अभिलेखों की तिथि इसी में दी गई है। विकल्प A 78 ईस्वी शक संवत है, जो कनिष्क से जुड़ा है और भारतीय राष्ट्रीय पंचांग का आधार है। विकल्प B 248 ईस्वी कलचुरि या चेदि संवत है, जो पश्चिमी और मध्य भारत में प्रयुक्त हुआ और कलचुरियों के अभिलेखों में मिलता है; चारों में सबसे कम ज्ञात होने से वह उपयोगी भ्रामक विकल्प है। विकल्प D 606 ईस्वी हर्ष संवत है, जो कन्नौज के हर्षवर्धन के राज्यारोहण से गिना जाता है, जिनके दरबार में चीनी यात्री ह्वेनसांग आया था। इन चारों को शासकों सहित साथ याद करने से संवत के अधिकांश प्रश्न हल हो जाते हैं।

Q9.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांकठिन

भारतीय राष्ट्रीय पंचांग की संस्तुति करने वाली पंचांग सुधार समिति के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.मेघनाद साहा
  2. B.सी वी रमन
  3. C.होमी भाभा
  4. D.एस एन बोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मेघनाद साहा

व्याख्या

सही उत्तर A, मेघनाद साहा है। तारों के स्पेक्ट्रम की व्याख्या करने वाले साहा आयनन समीकरण के लिए प्रसिद्ध इस खगोल भौतिकीविद ने 1952 में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के अधीन बनी उस समिति की अध्यक्षता की; उसने 1955 में रिपोर्ट दी और उसका संस्तुत पंचांग 22 मार्च 1957 से लागू हुआ। विकल्प B सी वी रमन को 1930 में उनके नाम वाले प्रकीर्णन प्रभाव के लिए भौतिकी का नोबेल मिला, पर इस समिति से उनका संबंध नहीं था। विकल्प C होमी भाभा भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पहले अध्यक्ष थे, जो बिलकुल दूसरा क्षेत्र है। विकल्प D एस एन बोस बोस-आइंस्टाइन सांख्यिकी तथा बोसॉन कणों के लिए याद किए जाते हैं। चारों प्रसिद्ध भारतीय भौतिकीविद हैं, इसीलिए प्रश्न इसी ढंग से बनाया जाता है।

Q10.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांआसान

आज विश्व भर में नागरिक प्रयोग में आने वाला ग्रेगोरियन पंचांग 1582 में किसने लागू किया था?

  1. A.जूलियस सीजर
  2. B.पोप ग्रेगोरी तेरहवें
  3. C.ऑगस्टस सीजर
  4. D.पोप अर्बन द्वितीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पोप ग्रेगोरी तेरहवें

व्याख्या

सही उत्तर B, पोप ग्रेगोरी तेरहवें है। तब प्रचलित जूलियन पंचांग वर्ष को कुछ अधिक लंबा गिनता था और सोलहवीं शताब्दी तक यह अंतर दस दिन का हो गया था; पोप के 1582 के सुधार ने वे दिन हटाए और लीप वर्ष का नियम बदला, जिससे शताब्दी वर्ष तभी लीप वर्ष होता है जब वह 400 से भी विभाज्य हो। विकल्प A जूलियस सीजर ने 46 ईसा पूर्व में पहले वाला जूलियन पंचांग चलाया था, जिसे ग्रेगोरियन सुधार ने ठीक किया, इसी से वे प्रमुख भ्रामक विकल्प हैं। विकल्प C ऑगस्टस सीजर अगस्त मास के नाम तथा मासों की लंबाई में फेरबदल के लिए याद किए जाते हैं, नए पंचांग के लिए नहीं। विकल्प D पोप अर्बन द्वितीय ने 1095 में पहले धर्मयुद्ध का आह्वान किया था। ब्रिटेन और उसके भारतीय क्षेत्रों ने यह पंचांग 1752 में अपनाया।

Q11.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांमध्यम

भारतीय परंपरागत तिथिपत्र को पंचांग इसलिए कहते हैं क्योंकि उसमें प्रत्येक दिन के कितने अंग दर्ज होते हैं?

  1. A.तीन
  2. B.चार
  3. C.पाँच
  4. D.छह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पाँच

व्याख्या

सही उत्तर C, पाँच है। पंचांग शब्द पंच अर्थात पाँच और अंग से बना है, और प्रत्येक दिन के लिए दर्ज पाँच अंग हैं तिथि, वार, नक्षत्र, योग तथा करण। विकल्प A, B और D केवल इसलिए गलत हैं कि यह संख्या पाँच पर निश्चित है और नाम स्वयं संख्या बताता है, इसलिए जो अभ्यर्थी शब्द का अर्थ जानता है वह यह अंक कभी नहीं खो सकता। इसके साथ पूछे जाने वाले दो और तथ्य जोड़ लीजिए: उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति में चांद्र मास पूर्णिमा को समाप्त होता है और दक्षिण तथा पश्चिम की अमांत पद्धति में अमावस्या को, तथा लगभग साढ़े बत्तीस महीने में एक बार अधिक मास नामक अतिरिक्त मास जोड़ा जाता है। तिथि चंद्र दिवस है, वार सप्ताह का दिन, नक्षत्र आकाश में चंद्रमा की स्थिति, तथा योग और करण गणना के दो और अंग हैं।

Q12.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांकठिन

दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत पद्धति में चांद्र मास किस दिन समाप्त होता है?

  1. A.अमावस्या
  2. B.पूर्णिमा
  3. C.प्रथम चतुर्थांश
  4. D.एकादशी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अमावस्या

व्याख्या

सही उत्तर A, अमावस्या है। अमांत शब्द अमा अर्थात अमावस्या और अंत से बना है, इसलिए मास अमावस्या को समाप्त होता है और अगला मास शुक्ल पक्ष से खुलता है; महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और गुजरात यही पद्धति मानते हैं। विकल्प B पूर्णिमा उत्तर भारत के अधिकांश भाग में मानी जाने वाली पूर्णिमांत पद्धति में मास का अंत है, जो इस जोड़ी का दूसरा आधा है और इसी कारण एक ही पर्व दोनों क्षेत्रों में दो अलग मास नामों में आ सकता है। विकल्प C प्रथम चतुर्थांश चंद्रमा की एक कला अवश्य है, पर किसी भी पद्धति में मास का अंत नहीं। विकल्प D एकादशी पक्ष का ग्यारहवाँ दिन है और उस दिन व्रत रखा जाता है; वह मास के भीतर का दिन है, उसका अंत कभी नहीं।

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