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कंप्यूटर ज्ञान क्विज: इंटरनेट और ईमेल

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कंप्यूटर ज्ञान के अंतर्गत "इंटरनेट और ईमेल" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 2 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 3rd October 2021आसान

हटाए गए ईमेल कहाँ संचित रहते हैं?

  1. A.ड्राफ्ट्स
  2. B.ट्रैश
  3. C.इनबॉक्स
  4. D.सेंट मेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ट्रैश

व्याख्या

सही उत्तर B, ट्रैश है। मेलबॉक्स से कोई पत्र हटाने पर वह तुरंत मिट नहीं जाता। वह ट्रैश नामक फोल्डर में चला जाता है, जिसे कुछ सेवाएँ बिन कहती हैं, और नियत दिनों तक वहीं रहता है, जिससे भूल से हटाया गया पत्र वापस पाया जा सके। फोल्डर खाली करने पर या अवधि बीतने पर ही पत्र सदा के लिए हट जाता है।

विकल्प A, ड्राफ्ट्स, में वे पत्र रहते हैं जो लिखे गए परंतु भेजे नहीं गए, इसलिए हटाया गया पत्र वहाँ नहीं जाता। विकल्प C, इनबॉक्स, वह फोल्डर है जिसमें आया हुआ मेल रहता है, और हटाने का अर्थ ही उसे इनबॉक्स से बाहर करना है। विकल्प D, सेंट मेल, में भेजे गए पत्रों की प्रतियाँ रहती हैं, जो बाहर गए डाक का लेखा है, हटाए गए का नहीं। इसलिए ट्रैश ही एकमात्र सही विकल्प है।

Q2.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: RRB JE · 30 Aug 2019, Shift 2आसान

जीमेल में प्राप्तकर्ताओं का ईमेल पता किस खाने में भरा जाता है?

  1. A.सब्जेक्ट
  2. B.To
  3. C.मैसेज
  4. D.From
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. To

व्याख्या

सही उत्तर B, To है। मेल विंडो का To खाना उन व्यक्तियों के पतों के लिए है जिन्हें पत्र लिखा गया है। वहाँ अल्पविराम से अलग कर एक से अधिक पते लिखे जा सकते हैं और हर प्राप्तकर्ता पूरी सूची देख सकता है। प्रतियाँ Cc खाने से भेजी जा सकती हैं, जिसे सब देखते हैं, या Bcc खाने से, जिसे कोई दूसरा प्राप्तकर्ता नहीं देखता।

विकल्प A, सब्जेक्ट, वह एक पंक्ति का शीर्षक है जो बताता है कि पत्र किस विषय पर है, और वहाँ लिखा पता गंतव्य नहीं माना जाएगा। विकल्प C, मैसेज, पत्र का मुख्य भाग है जिसमें विषय-वस्तु लिखी जाती है। विकल्प D, From, भेजने वाले का अपना पता दिखाता है और मेल सेवा द्वारा स्वयं भर दिया जाता है, अर्थात यह लेखक बताता है, पाठक नहीं। इसलिए प्राप्तकर्ताओं के पते केवल To खाने में जाते हैं।

Q3.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

इंटरनेट का पूर्वज अरपानेट किस वर्ष अपना पहला संदेश भेज सका?

  1. A.1959
  2. B.1969
  3. C.1979
  4. D.1989
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1969

व्याख्या

सही उत्तर B, 1969 है। अरपानेट को अमेरिकी रक्षा विभाग की एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी ने धन दिया, और 1969 में इसने अमेरिका के चार विश्वविद्यालयों के कंप्यूटर जोड़कर उनके बीच पहला संदेश भेजा। इस प्रयोग ने सिद्ध किया कि पैकेट दूर की मशीनों के बीच भेजे जा सकते हैं, और यही आगे इंटरनेट बना।

विकल्प A, 1959, बहुत पहले है: तब पैकेट स्विचिंग की कल्पना ही पूरी नहीं हुई थी और ऐसा कोई नेटवर्क नहीं था। विकल्प C, 1979, अरपानेट के चालू होने के बहुत बाद पड़ता है और आरंभिक न्यूज़ग्रुप के लिए याद किया जाता है। विकल्प D, 1989, वह वर्ष है जब टिम बर्नर्स-ली ने सर्न में वर्ल्ड वाइड वेब का प्रस्ताव रखा, जो इंटरनेट पर चलने वाली सेवा है, नेटवर्क नहीं; इसी कारण प्रश्नपत्र इसे भ्रमजाल बनाते हैं। जोड़ी याद रखें: अरपानेट 1969, वेब 1989।

Q4.कंप्यूटर ज्ञानआसान

वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार किसे माना जाता है?

  1. A.विंटन सर्फ
  2. B.चार्ल्स बैबेज
  3. C.टिम बर्नर्स-ली
  4. D.रे टॉमलिंसन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. टिम बर्नर्स-ली

व्याख्या

सही उत्तर C, टिम बर्नर्स-ली है। स्विट्ज़रलैंड के सर्न में कार्य करते हुए उन्होंने 1989 में जुड़े हुए दस्तावेज़ों की प्रणाली का प्रस्ताव रखा, पहला ब्राउज़र और सर्वर लिखा, और 1991 में पहली वेबसाइट चालू की। एचटीएमएल, एचटीटीपी और यूआरएल उनकी ही रचना से आए, इसीलिए वे वेब के आविष्कारक कहे जाते हैं।

विकल्प A, विंटन सर्फ, ने रॉबर्ट कान के साथ टीसीपी/आईपी बनाया और इंटरनेट के जनक कहे जाते हैं, जो नेटवर्क है, वेब नहीं। विकल्प B, चार्ल्स बैबेज, उन्नीसवीं सदी के हैं और डिफरेंस तथा एनालिटिकल इंजन के कारण कंप्यूटर के जनक हैं। विकल्प D, रे टॉमलिंसन, ने 1971 में पहला नेटवर्क ईमेल भेजा और पतों के लिए @ चिह्न चुना। तीनों प्रसिद्ध हैं, परंतु वेब से केवल बर्नर्स-ली जुड़े हैं। ध्यान रखें कि इंटरनेट का आरंभ 1969 में अरपानेट से हुआ, जबकि वेब उसके बीस वर्ष बाद आई एक सेवा है, इसलिए दोनों के आविष्कारक अलग-अलग हैं।

Q5.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

ईमेल पते में उपयोगकर्ता नाम को होस्ट नाम से अलग करने के लिए रे टॉमलिंसन ने कौन-सा चिह्न चुना?

  1. A.#
  2. B.&
  3. C.@
  4. D.*
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. @

व्याख्या

सही उत्तर C, @ चिह्न है। रे टॉमलिंसन ने 1971 में अरपानेट पर दो कंप्यूटरों के बीच पहला संदेश भेजा और उन्हें ऐसा अक्षर चाहिए था जो किसी के नाम में कभी न आए। उन्होंने @ चुना, जिसका अर्थ व्यापारिक बिलों में पहले से ही पर होता था, जिससे पता इस तरह पढ़ा जा सके कि कोई उपयोगकर्ता किस स्थान पर है। तब से हर ईमेल पते का रूप user@domain है।

विकल्प A, हैश, सामाजिक मंचों पर टैग बनाने और कुछ भाषाओं में टिप्पणी चिह्न के रूप में चलता है, मेल पते में विभाजक के रूप में नहीं। विकल्प B, ऐम्परसैंड, का अर्थ और है और यह कार्यक्रमों के नाम तथा फाइल पथ में आता है। विकल्प D, तारांकन, खोज में वाइल्ड कार्ड है और स्प्रेडशीट तथा प्रोग्रामिंग में गुणा का चिह्न है। ईमेल पते के दो भाग केवल @ अलग करता है।

Q6.कंप्यूटर ज्ञानकठिन

एचटीटीपीएस का डिफॉल्ट पोर्ट नंबर क्या है?

  1. A.21
  2. B.80
  3. C.110
  4. D.443
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 443

व्याख्या

सही उत्तर D, 443 है। एचटीटीपीएस वही एचटीटीपी है जो कूटलेखन में लिपटा होता है, और वेब सर्वर इसके लिए पोर्ट 443 पर प्रतीक्षा करते हैं। जब पता https से आरंभ होता है तो ब्राउज़र उसी पोर्ट पर सुरक्षित माध्यम खोलता है, और पते के आगे दिखता ताला बताता है कि उस पर चलने वाली सामग्री कूटबद्ध है।

विकल्प A, 21, एफटीपी का पोर्ट है, जो आदेशों के लिए 21 और सामग्री के लिए 20 का उपयोग करता है। विकल्प B, 80, साधारण अर्थात बिना कूटलेखन वाले एचटीटीपी का पोर्ट है और सबसे लुभावना भ्रमजाल है, क्योंकि दोनों प्रोटोकॉल वही काम करते हैं। विकल्प C, 110, पीओपी3 का पोर्ट है, जो सर्वर से आया मेल उतारता है। एचटीटीपी 80, एचटीटीपीएस 443, एफटीपी 21 और पीओपी3 110 का यह समूह याद रखने से पोर्ट के अधिकांश प्रश्न एक साथ सध जाते हैं।

Q7.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

ईमेल में किस खाने से ऐसे व्यक्ति को प्रति भेजी जाती है जिसका पता अन्य प्राप्तकर्ता नहीं देख सकते?

  1. A.To
  2. B.Cc
  3. C.Bcc
  4. D.सब्जेक्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. Bcc

व्याख्या

सही उत्तर C, Bcc है। Bcc का पूरा रूप ब्लाइंड कार्बन कॉपी है। वहाँ लिखे पते पर पत्र पहुँचता है, परंतु वह सूची के शेष सब से छिपा रहता है, और Bcc में रखे लोग एक-दूसरे को भी नहीं देख पाते। कार्यालय इसी से किसी सूचना को बहुत लोगों तक भेजते हैं और पते उजागर नहीं होने देते।

विकल्प A, To, में मुख्य प्राप्तकर्ता रहते हैं और उसका हर पता सब को दिखता है। विकल्प B, Cc, का पूरा रूप कार्बन कॉपी है और यह जानकारी के लिए प्रति भेजता है, परंतु वे पते सब को दिखते हैं; प्रश्न इसी अंतर की परीक्षा ले रहा है। विकल्प D, सब्जेक्ट, पत्र का शीर्षक है और उसमें कोई पता नहीं होता। जोड़ी में याद रखें: Cc खुली प्रति है और Bcc छिपी प्रति।

Q8.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

आईपीवी6 पता कितने बिट का होता है?

  1. A.32 बिट
  2. B.64 बिट
  3. C.128 बिट
  4. D.256 बिट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 128 बिट

व्याख्या

सही उत्तर C, 128 बिट है। आईपीवी6 इसलिए बनाया गया क्योंकि पुरानी व्यवस्था के पते समाप्त होने लगे थे, और इसकी 128 बिट लंबाई से पतों का भंडार इतना बड़ा हो जाता है कि कमी की चिंता ही नहीं रहती। ऐसा पता कोलन से अलग किए गए हेक्साडेसिमल अंकों के आठ समूहों में लिखा जाता है।

विकल्प A, 32 बिट, आईपीवी4 पते की लंबाई है, जो बिंदुओं से अलग 0 से 255 तक के चार दशमलव अंक-समूहों में लिखा जाता है, और भूल से सबसे अधिक यही चुना जाता है। विकल्प B, 64 बिट, किसी आईपी पते का माप नहीं है; यह प्रोसेसर और रजिस्टर की चौड़ाई बताता है। विकल्प D, 256 बिट, एईएस-256 जैसी कूटलेखन कुंजियों में मिलता है, पते में नहीं। इसलिए जोड़ी याद रखें: आईपीवी4 32 बिट और आईपीवी6 128 बिट, अर्थात चार गुना।

Q9.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

क्लाइंट से मेल सर्वर तक बाहर जाने वाला ईमेल भेजने के लिए किस प्रोटोकॉल का उपयोग होता है?

  1. A.एसएमटीपी
  2. B.पीओपी3
  3. C.आईमैप
  4. D.एफटीपी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एसएमटीपी

व्याख्या

सही उत्तर A, एसएमटीपी है। एसएमटीपी का पूरा रूप सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल है और यही नियम-समूह पत्र को आपके मेल कार्यक्रम से सर्वर तक और आगे एक सर्वर से दूसरे सर्वर तक धकेलता है, जब तक वह पाने वाले के मेलबॉक्स में न पहुँच जाए। इसका सामान्य पोर्ट 25 है।

विकल्प B, पीओपी3 अर्थात पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल संस्करण 3, उलटी दिशा में काम करता है: यह आया हुआ मेल एक उपकरण पर उतारता है और सामान्यतः सर्वर से हटा देता है। विकल्प C, आईमैप, भी आने वाला मेल सँभालता है, परंतु पत्रों को सर्वर पर रखता है जिससे वही मेलबॉक्स हर उपकरण पर एक जैसा दिखे। विकल्प D, एफटीपी, फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल है और मेल से इसका कोई संबंध नहीं। भेजना एसएमटीपी है; पाना पीओपी3 या आईमैप।

Q10.कंप्यूटर ज्ञानआसान

india.gov.in जैसे डोमेन नाम को अंकों वाले पते में बदलने वाली प्रणाली कहलाती है

  1. A.डीएनएस
  2. B.डीएचसीपी
  3. C.एचटीटीपी
  4. D.यूआरएल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. डीएनएस

व्याख्या

सही उत्तर A, डीएनएस है। डोमेन नेम सिस्टम इंटरनेट की निर्देशिका है। लोग नाम याद रखते हैं, जबकि मशीनें अंकों से मार्ग तय करती हैं, इसलिए डीएनएस सर्वर ब्राउज़र में लिखा नाम खोजकर उससे मिलता आईपी पता लौटाता है और तब पृष्ठ लाया जाता है। यह पोर्ट 53 पर सुनता है।

विकल्प B, डीएचसीपी अर्थात डायनैमिक होस्ट कॉन्फ़िगरेशन प्रोटोकॉल, किसी मशीन के नेटवर्क में जुड़ने पर उसे आईपी पता देता है; यह पते बाँटता है, नाम नहीं बदलता। विकल्प C, एचटीटीपी, पता ज्ञात होने के बाद पृष्ठ पहुँचाता है और कोई रूपांतरण नहीं करता। विकल्प D, यूआरएल अर्थात यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर, पृष्ठ का लिखित पता है और उसमें डोमेन नाम रहता है, परंतु वह पते का रूप है, पता हल करने वाली सेवा नहीं। रूपांतरण केवल डीएनएस करता है।

Q11.कंप्यूटर ज्ञानआसान

किसी वेब पते में .gov डोमेन बताता है कि वह साइट किसकी है?

  1. A.व्यापारिक कंपनी की
  2. B.सरकारी निकाय की
  3. C.शिक्षण संस्थान की
  4. D.नेटवर्क प्रदाता की
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकारी निकाय की

व्याख्या

सही उत्तर B, सरकारी निकाय की है। डोमेन नाम का अंतिम भाग टॉप-लेवल डोमेन कहलाता है और बताता है कि स्वामी किस प्रकार का है। सरकारी कार्यालय .gov का प्रयोग करते हैं, अक्सर देश कोड जोड़कर, जैसे भारत सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल का पता india.gov.in है।

विकल्प A गलत है क्योंकि व्यापारिक संस्थान .com लेते हैं, जिसका अर्थ कमर्शियल है और जो वेब पर सबसे प्रचलित डोमेन है। विकल्प C गलत है क्योंकि शिक्षण संस्थान .edu लेते हैं और भारत में महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय इसी काम के लिए ac.in लेते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि नेटवर्क प्रदाता .net लेते हैं। इनके साथ दो और याद रखने योग्य हैं: गैर-लाभकारी संगठनों के लिए .org और सैन्य प्रतिष्ठानों के लिए .mil। इस प्रकार पते का अंतिम भाग पढ़ते ही पता चल जाता है कि साइट किस प्रकार की संस्था चलाती है।

Q12.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

इंटरनेट पर किसी दूरस्थ सर्वर पर फाइलें चढ़ाने और उससे उतारने के लिए किस प्रोटोकॉल का उपयोग होता है?

  1. A.एसएमटीपी
  2. B.टेलनेट
  3. C.एफटीपी
  4. D.आईमैप
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफटीपी

व्याख्या

सही उत्तर C, एफटीपी है। एफटीपी का पूरा रूप फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल है। यह सर्वर के साथ दो माध्यम खोलता है, एक आदेशों के लिए पोर्ट 21 पर और एक सामग्री के लिए पोर्ट 20 पर, और पूरी फाइलें दोनों दिशाओं में ले जाता है; इसी से वेब पृष्ठ होस्टिंग सर्वर पर चढ़ाए जाते हैं।

विकल्प A, एसएमटीपी, बाहर जाने वाला ईमेल ले जाता है और किसी फाइल को केवल पत्र के अनुलग्नक के रूप में भेज सकता है, सीधे हस्तांतरण के रूप में नहीं। विकल्प B, टेलनेट, उपयोगकर्ता को पोर्ट 23 से दूर के कंप्यूटर में लॉग-इन कर आदेश देने देता है; यह मशीन पर नियंत्रण देता है, परंतु स्वयं फाइलें नहीं ले जाता। विकल्प D, आईमैप, मेल पढ़ने का प्रोटोकॉल है जो पत्र सर्वर पर रखता है। केवल फाइल हस्तांतरण के लिए उत्तर सदा एफटीपी है, अथवा उसके सुरक्षित रूप एफटीपीएस और एसएफटीपी।

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