कबीर की वाणी किस ग्रंथ में संकलित है?
- A.बीजक
- B.पदावली
- C.सूरसारावली
- D.रसिकप्रिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बीजक
व्याख्या
सही उत्तर A, बीजक है। बीजक कबीर की वाणी को तीन भागों में संग्रहीत करता है — साखी, सबद और रमैनी — और उसमें उनका निर्गुण उपदेश है कि ईश्वर निराकार है, तथा कर्मकांड और जाति पर उनका प्रहार भी। कबीर निर्गुण धारा की ज्ञानमार्गी शाखा के नेता थे और कहा जाता है कि वे रामानंद के शिष्य थे। विकल्प B, पदावली, विद्यापति और मीराबाई के संग्रहों का नाम है, कबीर का नहीं। विकल्प C, सूरसारावली, सूरदास की रचना है, जिन्होंने सूरसागर और साहित्य लहरी भी लिखीं। विकल्प D, रसिकप्रिया, रीतिकाल के केशवदास की है और वह भक्ति के बजाय काव्यशास्त्र की पुस्तक है। बीजक के तीनों भाग स्वयं परीक्षा में पूछे जाते हैं, इसलिए उन्हें अवश्य याद करें। कबीर की भाषा को सधुक्कड़ी कहा जाता है, जिसमें कई बोलियों के शब्द मिले हुए हैं — यह तथ्य भी परीक्षा में पूछा जाता है, इसलिए भाषा और ग्रंथ दोनों याद रखें।