आत्मकथा 'प्लेइंग इट माई वे' किस खिलाड़ी ने लिखी है?
- A.राहुल द्रविड़
- B.सचिन तेंदुलकर
- C.सौरव गांगुली
- D.वीरेंद्र सहवाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सचिन तेंदुलकर
व्याख्या
सही उत्तर B, सचिन तेंदुलकर है। प्लेइंग इट माई वे बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा है, जो उनके संन्यास के तुरंत बाद 2014 में प्रकाशित हुई और जिसे खेल लेखक बोरिया मजूमदार के साथ लिखा गया। पुस्तक में सोलह वर्ष की आयु में खेले गए पहले टेस्ट, 2011 के विश्व कप की जीत तथा उनके सौवें अंतर्राष्ट्रीय शतक का वर्णन है। विकल्प A गलत है क्योंकि राहुल द्रविड़ ने कोई आत्मकथा नहीं लिखी; उन पर आधारित टाइमलेस स्टील अन्य लेखकों के निबंधों का संग्रह है। विकल्प C गलत है क्योंकि सौरव गांगुली की पुस्तक का नाम अ सेंचुरी इज नॉट इनफ है। विकल्प D गलत है क्योंकि वीरेंद्र सहवाग पर पुस्तकें दूसरों ने लिखी हैं। शीर्षक से जोड़ी याद रखें: माई वे तेंदुलकर की, फ्रॉम द हार्ट कपिल देव की और सनी डेज गावस्कर की।