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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति क्विज: हिंदू धर्म के संप्रदाय: शैव, वैष्णव और शाक्त

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति के अंतर्गत "हिंदू धर्म के संप्रदाय: शैव, वैष्णव और शाक्त" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिकठिन

शैव मत की सबसे प्राचीन ज्ञात संगठित शाखा पाशुपत संप्रदाय परंपरा से किस आचार्य से जुड़ी है?

  1. A.लकुलीश
  2. B.वसुगुप्त
  3. C.बसवन्ना
  4. D.अभिनवगुप्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लकुलीश

सही उत्तर A, लकुलीश है, जिन्हें पाशुपत परंपरा में शिव का अवतार माना जाता है और मूर्तिकला में वे दंड अर्थात लकुल लिए दिखाए जाते हैं, जिससे उनका नाम बना; पाशुपत शाखा वह प्राचीनतम शैव संप्रदाय है जिसके ग्रंथ और अभिलेख बचे हैं।

Q2.कला और संस्कृतिकठिन

विदिशा के निकट बेसनगर का हेलिओडोरस स्तंभ किस देवता के सम्मान में खड़ा किया गया था?

  1. A.शिव
  2. B.वासुदेव
  3. C.सूर्य
  4. D.इंद्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वासुदेव

यह स्तंभ इंडो-यूनानी राजा एंटियाल्किडस के राजदूत हेलिओडोरस ने एक स्थानीय शासक के दरबार में रहते हुए खड़ा किया, और इसका ब्राह्मी अभिलेख इसे देवों के देव वासुदेव के सम्मान में बनाया गया गरुड़ स्तंभ कहता है; यह वह मानक अभिलेखीय प्रमाण है जो दिखाता है कि वैष्णव मत का…

Q3.कला और संस्कृतिमध्यम

तमिलनाडु के वे तिरसठ शैव संत, जिनके भक्ति स्तोत्र तेवारम बनाते हैं, किस नाम से जाने जाते हैं?

  1. A.आलवार
  2. B.नयनार
  3. C.सिद्धर
  4. D.आचार्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नयनार

तिरसठ नयनारों ने लगभग छठी से नौवीं शताब्दी के बीच तमिल में शिव का गान किया; इनमें तीन सबसे बड़े अप्पर, संबंदर और सुंदरर के स्तोत्र तेवारम बनाते हैं, जो बारह ग्रंथों वाले तिरुमुरै के पहले सात ग्रंथ हैं, और बारहवाँ ग्रंथ शेक्किझार का पेरिय पुराणम उनका जीवनचरित कहता है।

Q4.कला और संस्कृतिमध्यम

आलवारों द्वारा रचित चार हजार तमिल पदों का संग्रह किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.तिरुमुरै
  2. B.नालायिर दिव्य प्रबंधम
  3. C.पेरिय पुराणम
  4. D.तिरुवाचकम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नालायिर दिव्य प्रबंधम

सही उत्तर B, नालायिर दिव्य प्रबंधम है, जिसके नाम का अर्थ ही चार हजार का दिव्य संग्रह है; यह बारह आलवारों के पदों से संकलित है और श्री वैष्णव मत में इसे तमिल वेद माना जाता है, जिसका मंदिर उपासना में संस्कृत ग्रंथों के साथ पाठ होता है।

Q5.कला और संस्कृतिमध्यम

बारह आलवारों में एकमात्र स्त्री कौन थीं?

  1. A.अक्क महादेवी
  2. B.आंडाल
  3. C.कारैक्काल अम्मैयार
  4. D.मीराबाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आंडाल

सही उत्तर B, आंडाल है, जो बारह आलवारों में एकमात्र स्त्री थीं और जिनके तिरुप्पावै तथा नाच्चियार तिरुमोळि वैष्णव मंदिरों में, विशेषकर मार्गळि मास में, गाए जाते हैं; उनकी पूजा श्रीविल्लिपुत्तूर में होती है।

Q6.कला और संस्कृतिआसान

बारहवीं शताब्दी के कर्नाटक में लिंगायत अथवा वीरशैव आंदोलन किसने चलाया?

  1. A.बसवन्ना
  2. B.मध्वाचार्य
  3. C.रामानुज
  4. D.निंबार्क
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बसवन्ना

सही उत्तर A, बसवन्ना है, जो मंत्री तथा समाज सुधारक थे, जिन्होंने लिंगायत आंदोलन चलाया, अनुभव मंटप नामक विचार सभा बनाई, और जिनके अनुयायी शरीर पर इष्टलिंग धारण करते तथा जाति, पुरोहिती और मंदिर कर्मकांड को नहीं मानते; आंदोलन का साहित्य बसवन्ना, अक्क महादेवी और अल्लम प्रभु के कन्नड़ वचन…

Q7.कला और संस्कृतिआसान

श्री वैष्णव मत का आधार विशिष्टाद्वैत दर्शन किसने प्रतिपादित किया?

  1. A.शंकराचार्य
  2. B.रामानुज
  3. C.मध्वाचार्य
  4. D.वल्लभाचार्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रामानुज

सही उत्तर B, रामानुज है, जिन्होंने विशिष्टाद्वैत अर्थात विशिष्ट अद्वैत पढ़ाया, जिसमें जीव और जगत मिथ्या नहीं बल्कि वास्तविक तथा ईश्वर पर आश्रित हैं, और जिन्होंने श्रीरंगम के आसपास श्री वैष्णव मत को संगठित किया, आलवारों के तमिल पदों को संस्कृत ग्रंथों के समान स्थान देते हुए।

Q8.कला और संस्कृतिमध्यम

अचिंत्य भेदाभेद दर्शन वाला गौड़ीय वैष्णव मत किससे जुड़ा है?

  1. A.चैतन्य महाप्रभु
  2. B.शंकरदेव
  3. C.तुकाराम
  4. D.रामानंद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चैतन्य महाप्रभु

सही उत्तर A, चैतन्य महाप्रभु है, सोलहवीं शताब्दी के बंगाली संत, जिनके आंदोलन को बंगाल के पुराने नाम गौड़ के कारण गौड़ीय वैष्णव कहा जाता है; उसका दर्शन अचिंत्य भेदाभेद जीव को ईश्वर से अचिंत्य रूप से भिन्न तथा अभिन्न दोनों मानता है, और उसका साधन कृष्ण नाम का सामूहिक…

Q9.कला और संस्कृतिमध्यम

शाक्त मत का मूल ग्रंथ देवी माहात्म्य किस पुराण का भाग है?

  1. A.मार्कंडेय पुराण
  2. B.विष्णु पुराण
  3. C.शिव पुराण
  4. D.भागवत पुराण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मार्कंडेय पुराण

देवी माहात्म्य, जिसे सात सौ श्लोकों के कारण दुर्गा सप्तशती अथवा चंडी पाठ भी कहा जाता है, उसी पुराण का एक खंड है; इसमें देवी द्वारा महिषासुर तथा शुंभ-निशुंभ के वध की कथा है और नवरात्रि भर इसका पाठ होता है, इसी कारण इसे देवी को परम सत्ता बताने वाला…

Q10.कला और संस्कृतिमध्यम

शाक्त परंपरा में महाविद्याओं की संख्या कितनी मानी जाती है?

  1. A.सात
  2. B.आठ
  3. C.दस
  4. D.बारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दस

तांत्रिक शाक्त मत में दस महाविद्याएँ देवी के दस महान रूप हैं, जिनकी सूची काली और तारा से आरंभ होकर त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी तथा कमला तक जाती है।

Q11.कला और संस्कृतिआसान

महाराष्ट्र का वारकरी संप्रदाय किस स्थान के विठोबा मंदिर पर केंद्रित है?

  1. A.पंढरपुर
  2. B.नासिक
  3. C.शिरडी
  4. D.कोल्हापुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पंढरपुर

सही उत्तर A, पंढरपुर है, जो सोलापुर जिले में भीमा नदी के तट पर है और जहाँ विष्णु के रूप विठोबा अथवा विट्ठल प्रतिष्ठित हैं; वारकरी अपने संतों की पालकियाँ लेकर वारी नामक महान पदयात्रा में वहाँ जाते हैं, और इस संप्रदाय ने ज्ञानेश्वर, नामदेव, एकनाथ तथा तुकाराम को अपने…

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