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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज: सेट 6

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज़ (सेट 6) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारत के शास्त्रीय नृत्य, भारत के किले और महल, भारत के लोक नृत्य और अन्य। इनमें से 12 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 14 Oct 2020, Shift 1आसान

'मोहिनीअट्टम' एक पारंपरिक नृत्य है, जिसका उद्गम भारत के ______ राज्य में हुआ।

  1. A.असम
  2. B.पश्चिम बंगाल
  3. C.केरल
  4. D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केरल

व्याख्या

सही उत्तर है C, केरल। मोहिनीअट्टम केरल का शास्त्रीय नृत्य है और इसका नाम भगवान विष्णु के मोहिनी रूप से आया है। इसे महिलाएं अकेले प्रस्तुत करती हैं, जिसमें सादी सफेद-सुनहरी कसावु साड़ी, लहरदार कोमल गति, मृदु पदचाप और सूक्ष्म भाव-भंगिमा होती है। गीत मणिप्रवालम में होते हैं, जो संस्कृत और मलयालम का मिश्रण है, तथा संगीत कर्नाटक शैली का होता है। कवि वल्लत्तोल नारायण मेनन ने बीसवीं शताब्दी में केरल कलामंडलम में इस नृत्य को पुनर्जीवित किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि असम का शास्त्रीय नृत्य सत्रिया है, जिसे संत श्रीमंत शंकरदेव ने आरंभ किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि पश्चिम बंगाल का अपना कोई शास्त्रीय नृत्य नहीं है; छऊ और गंभीरा वहां के प्रसिद्ध लोक नृत्य हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि आंध्र प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य कुचिपुड़ी है। परीक्षा टिप: केरल के दो शास्त्रीय नृत्य - कथकली और मोहिनीअट्टम; सत्रिया असम का और ओडिसी ओडिशा का है।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा किला हैदराबाद में कुतुब शाही वंश की प्रमुख राजधानी था?

  1. A.चिकतन किला
  2. B.राजगढ़ किला
  3. C.लाल किला
  4. D.गोलकुंडा किला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गोलकुंडा किला

व्याख्या

सही उत्तर है D, गोलकुंडा किला। हैदराबाद का गोलकुंडा कुतुब शाही वंश की राजधानी था, जिसने 1518 से गोलकुंडा सल्तनत पर शासन किया, जब कुली कुतुब शाह ने बहमनी राज्य से अलग होकर स्वतंत्र राज्य बनाया। यह किला ग्रेनाइट की पहाड़ी पर बना है और अपनी ध्वनि व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि फतह दरवाजे पर ताली बजाने की आवाज ऊपर बने मंडप तक सुनाई देती है। यह हीरों के व्यापार का भी केंद्र रहा, जिनमें कोहिनूर भी शामिल था। 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने हैदराबाद नगर बसाया और चारमीनार बनवाकर राजधानी वहां ले गए; औरंगजेब ने 1687 में गोलकुंडा जीत लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि चिकतन किला लद्दाख में है। विकल्प B गलत है, क्योंकि महाराष्ट्र का राजगढ़ शिवाजी की आरंभिक राजधानी का किला था। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल किला दिल्ली में शाहजहां ने बनवाया था। परीक्षा टिप: कुतुब शाही - गोलकुंडा और फिर हैदराबाद; चारमीनार 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाया।

Q3.कला और संस्कृतिकठिन

खासी लोगों का धन्यवाद नृत्य का शाद नोंगक्रेम किस राज्य में किया जाता है?

  1. A.मेघालय
  2. B.मिजोरम
  3. C.असम
  4. D.सिक्किम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मेघालय

व्याख्या

सही उत्तर A, मेघालय है। नोंगक्रेम खासी लोगों का फसल के लिए धन्यवाद नृत्य है, जो शिलांग के पास ख्यरिम प्रमुखता के केंद्र स्मित में कई दिनों तक चलता है, जहाँ अविवाहित युवतियाँ भारी चाँदी और सोने के आभूषणों में बीच में नृत्य करती हैं और पुरुष उनके चारों ओर तलवार और चँवर लेकर घूमते हैं। इसी राज्य के गारो अपनी फसल के अंत में वांगला, सौ ढोलों का उत्सव, मनाते हैं।

विकल्प B, मिजोरम में चेराव यानी बाँस नृत्य और खुआल्लम होते हैं। विकल्प C, असम में असमिया नववर्ष पर बिहू और चाय बागान समुदायों का झूमुर मिलता है। विकल्प D, सिक्किम में हिम सिंह नृत्य सिंघी छाम और मारुनी होते हैं। खासी समुदाय और स्मित गाँव का उल्लेख मेघालय की पहचान है, और प्रश्न प्रायः राज्य के बजाय जनजाति का नाम देता है।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 3आसान

साँची का महान स्तूप किस धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.हिंदू धर्म
  3. C.जैन धर्म
  4. D.इस्लाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बौद्ध धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है A, बौद्ध धर्म। मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में स्थित साँची का महान स्तूप भारत के सबसे पुराने बौद्ध स्मारकों में से है। इसे सबसे पहले मौर्य सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध के अवशेषों पर ईंटों के टीले के रूप में बनवाया था, बाद में इस पर पत्थर का आवरण चढ़ाकर इसे बड़ा किया गया। लगभग पहली शताब्दी ईसा पूर्व में इसमें चार नक्काशीदार तोरण (द्वार) जोड़े गए, जिन पर जातक कथाएँ और बुद्ध के जीवन के दृश्य हैं; इनमें बुद्ध को बोधि वृक्ष, चक्र या पदचिह्न जैसे प्रतीकों से ही दिखाया गया है। 1989 में 'साँची के बौद्ध स्मारक' यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बने। B गलत है क्योंकि यह स्तूप हिंदू मंदिर नहीं है; प्रसिद्ध हिंदू मंदिर स्थल खजुराहो और कोणार्क हैं। C गलत है क्योंकि प्रसिद्ध जैन स्थलों में दिलवाड़ा और श्रवणबेलगोला आते हैं। D गलत है क्योंकि प्रसिद्ध इस्लामी स्मारकों में कुतुब मीनार और जामा मस्जिद आते हैं। परीक्षा टिप: साँची स्तूप = अशोक = बौद्ध धर्म = मध्य प्रदेश = यूनेस्को 1989।

Q5.कला और संस्कृतिआसान

हिंदुस्तानी संगीत की सबसे प्रचलित ताल तीनताल में कितनी मात्राएँ होती हैं?

  1. A.10
  2. B.12
  3. C.16
  4. D.14
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 16

व्याख्या

सही उत्तर C, 16 है। तीनताल सोलह मात्राओं की ताल है, जो चार-चार मात्राओं के चार बराबर विभागों में बँटी होती है। चक्र की पहली मात्रा सम कहलाती है और उस पर भार पड़ता है, तीसरा विभाग खाली से आरम्भ होता है, और आवर्तन पूरा होकर पुनः सम पर आता है। इसी सम-विभाजन के कारण अधिकांश ख्याल और वाद्य संगीत की गतें इसी ताल में निबद्ध होती हैं।

विकल्प A, 10, झपताल की मात्रा संख्या है, जिसका विभाजन दो, तीन, दो और तीन के असमान क्रम में होता है। विकल्प B, 12, एकताल तथा चौताल की संख्या है, जिनमें चौताल ध्रुपद के साथ पखावज पर बजती है। विकल्प D, 14, धमार ताल की संख्या है, जिसमें होली से जुड़ी धमार शैली गाई जाती है, और दीपचंदी की भी। चारों संख्याएँ वास्तविक तालों की हैं, इसलिए यह प्रश्न पूरी तालिका याद रखने वाले को ही अंक देता है।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

प्राचीन भारत की निम्नलिखित लिपियों में से कौन-सी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी?

  1. A.ब्राह्मी
  2. B.शारदा
  3. C.खरोष्ठी
  4. D.नंदिनागरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. खरोष्ठी

व्याख्या

सही उत्तर है C, खरोष्ठी। खरोष्ठी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी, ठीक उस अरामाइक लिपि की तरह जिससे यह निकली। यह उत्तर-पश्चिम के गांधार क्षेत्र की लिपि थी, जो आज पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में है, और लगभग तीसरी सदी ईसा पूर्व से तीसरी सदी ईस्वी तक मुख्य रूप से प्राकृत लिखने में प्रयोग हुई। इसीलिए अशोक के दो बड़े शिलालेख, शाहबाज़गढ़ी और मानसेहरा, खरोष्ठी में हैं, जबकि उनके लगभग सभी दूसरे अभिलेख ब्राह्मी में हैं। यह रेशम मार्ग से मध्य एशिया तक फैली और फिर लुप्त हो गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि ब्राह्मी बाएँ से दाएँ लिखी जाती है और देवनागरी समेत ज़्यादातर भारतीय लिपियों की जननी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कश्मीर की पुरानी लिपि शारदा ब्राह्मी से निकली और बाएँ से दाएँ लिखी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि संस्कृत पांडुलिपियों में प्रयुक्त नागरी का दक्षिणी रूप नंदिनागरी भी बाएँ से दाएँ चलती है। परीक्षा टिप: खरोष्ठी अपवाद है, दाएँ से बाएँ और उत्तर-पश्चिम में; ब्राह्मी बाएँ से दाएँ और लगभग हर जगह।

Q7.कला और संस्कृतिमध्यम

उस्ताद अमजद अली खाँ किस वाद्य के प्रसिद्ध वादक हैं?

  1. A.सितार
  2. B.सरोद
  3. C.तबला
  4. D.शहनाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरोद

व्याख्या

सही उत्तर B, सरोद है। सरोद ऐसा तंत्रीवाद्य है जिसकी पट्टी धातु की होती है और जिसमें पर्दे नहीं होते, इसीलिए वादक एक स्वर से दूसरे तक निरन्तर फिसल सकता है और उसका गहरा, गाता हुआ स्वर बनता है। अमजद अली खाँ सरोद वादकों की पारिवारिक परम्परा से आते हैं, और इस वाद्य के अन्य बड़े नाम मैहर के अलाउद्दीन खाँ तथा उनके पुत्र अली अकबर खाँ हैं।

विकल्प A, सितार, पर्देदार वाद्य है जिसमें तरब की तारें और तूँबा होता है और जिसे रविशंकर ने विश्व भर में प्रसिद्ध किया। विकल्प C, तबला, दो ढोलकों की जोड़ी है, काठ का दायाँ और धातु का बायाँ, जिसके प्रसिद्ध वादक अल्ला रक्खा, ज़ाकिर हुसैन और किशन महाराज हैं। विकल्प D, शहनाई, बिस्मिल्लाह खाँ का सुषिर वाद्य है। विद्यार्थी प्रायः सितार और सरोद में भ्रम करते हैं, इसलिए अंतर पक्का कर लें: सितार में पर्दे होते हैं, सरोद में नहीं।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'आत्मा केवल पशु और वनस्पति जीवन की ही विशेषता नहीं है, बल्कि चट्टानों, बहते जल और ऐसी कई अन्य प्राकृतिक वस्तुओं की भी है जिन्हें अन्य धार्मिक संप्रदाय सजीव नहीं मानते।'

उपर्युक्त कथन प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस धार्मिक संप्रदाय की एक मूल मान्यता को दर्शाता है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.जैन धर्म
  3. C.शैव धर्म
  4. D.वैष्णव धर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जैन धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है B, जैन धर्म। जैन धर्म मानता है कि आत्मा (जीव) केवल मनुष्यों, पशुओं और पौधों में ही नहीं, बल्कि पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु में भी है। जैन दर्शन जीवों को उनकी इंद्रियों की संख्या से बाँटता है। सबसे निचले वर्ग, एकेंद्रिय जीवों, में पृथ्वीकाय, जलकाय, अग्निकाय, वायुकाय और वनस्पति आते हैं, इसलिए पत्थर और बहते पानी में भी आत्मा है। इसी कारण जैन मुनि अहिंसा का बहुत कड़ाई से पालन करते हैं, रास्ता बुहारते हैं और पानी छानते हैं ताकि कम से कम जीवों को हानि हो। महावीर ने सिखाया कि हर जीव कर्म से बँधा है और सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र, यानी त्रिरत्न, से ही मुक्त होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बौद्ध धर्म अनात्म के सिद्धांत से स्थायी आत्मा को ही नहीं मानता। विकल्प C गलत है, क्योंकि शैव धर्म शिव की भक्ति पर केंद्रित है और चट्टानों में आत्मा नहीं मानता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैष्णव धर्म विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति पर केंद्रित है। परीक्षा टिप: पत्थर और पानी में आत्मा, सबसे कड़ी अहिंसा यानी जैन; अनात्म यानी बौद्ध।

Q9.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · 22nd Dec 2021मध्यम

स्तंभों का मिलान करें: i. ईदगाह — a. बंद सिरे वाली गली। ii. दरगाह — b. सूफी खानकाह। iii. कुल-दे-सैक — c. खुला नमाज़ स्थल। iv. खानकाह — d. संत का मकबरा। सही विकल्प चुनें।

  1. A.i - b, ii - d, iii - a, iv - c
  2. B.i - d, ii - c, iii - a, iv - b
  3. C.i - b, ii - c, iii - a, iv - d
  4. D.i - c, ii - d, iii - a, iv - b
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. i - c, ii - d, iii - a, iv - b

व्याख्या

सही उत्तर है D, i - c, ii - d, iii - a, iv - b। ईदगाह शहर के किनारे बनी खुली चारदीवारी वाली जगह होती है, जहाँ पूरा समुदाय ईद की नमाज़ के लिए इकट्ठा होता है, इसलिए इसका मिलान खुले नमाज़ स्थल से है। दरगाह किसी सूफी संत का मकबरा है, जहाँ हर धर्म के लोग फूल और दुआएँ चढ़ाने आते हैं। कुल-दे-सैक वह सँकरी गली है जो एक सिरे पर बंद होती है, ऐसी गलियाँ शाहजहाँनाबाद के भरे-पूरे मोहल्लों में बहुत थीं। खानकाह वह स्थान है जहाँ सूफी संत अपने शिष्यों के साथ रहते, शिक्षा देते और आने वालों को भोजन कराते थे। A गलत है क्योंकि यह ईदगाह को सूफी निवास और खानकाह को नमाज़ स्थल बता देता है। B गलत है क्योंकि यह ईदगाह को मकबरा और दरगाह को खुला नमाज़ स्थल कहता है। C गलत है क्योंकि यह ईदगाह को निवास और खानकाह को मकबरा बताता है। परीक्षा टिप: ईदगाह – खुला ईद नमाज़ स्थल; खानकाह – सूफी निवास; दरगाह – संत का मकबरा।

Q10.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

पट्टचित्र शैली की चित्रकला निम्नलिखित में से किस राज्य की सबसे प्राचीन और लोकप्रिय कला शैलियों में से एक है?

  1. A.आंध्र प्रदेश
  2. B.राजस्थान
  3. C.ओडिशा
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओडिशा। पट्टचित्र ओडिशा की प्राचीन कपड़े पर बनने वाली चित्रकला है और इसका नाम ही इसका अर्थ बता देता है — पट्ट यानी कपड़ा और चित्र यानी तस्वीर। चित्रकार कहे जाने वाले कलाकार कपड़े पर खड़िया और इमली की लेई चढ़ाते हैं, फिर प्राकृतिक रंगों और बारीक कूँची से देवी-देवताओं तथा कथाओं के दृश्य उकेरते हैं और चारों ओर सजी हुई किनारी बनाते हैं। अधिकांश चित्रों में पुरी के जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा, कृष्ण लीला या महाकाव्यों के प्रसंग दिखाए जाते हैं। पुरी के पास बसा रघुराजपुर गाँव इस कला के लिए प्रसिद्ध है और ओडिशा पट्टचित्र को जीआई टैग भी मिला है। A गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश कलमकारी के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि राजस्थान फड़ चित्रकला तथा किशनगढ़, मेवाड़ और बूँदी की लघु चित्र शैलियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि बिहार की पहचान मधुबनी या मिथिला चित्रकला है। परीक्षा टिप: पट्टचित्र ओडिशा, मधुबनी बिहार, कलमकारी आंध्र प्रदेश और वारली महाराष्ट्र की शैली है।

Q11.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 2मध्यम

'मटकी' निम्नलिखित में से किस राज्य का लोकप्रिय लोक नृत्य है?

  1. A.असम
  2. B.मध्य प्रदेश
  3. C.बिहार
  4. D.राजस्थान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मध्य प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है B, मध्य प्रदेश। मटकी मध्य प्रदेश के मालवा अंचल का महिलाओं का लोक नृत्य है, जो विवाह और दूसरे मंगल अवसरों पर किया जाता है। एक नर्तकी सिर पर मिट्टी की मटकी सँभालकर, घूँघट डाले, ढोल की थाप पर नाचती है और ताल तेज़ होते ही दूसरी महिलाएँ एक-एक कर उसके साथ जुड़ती जाती हैं। अकेले किए जाने वाले इसी रूप को आड़ा और खड़ा नाच भी कहते हैं। मध्य प्रदेश से गौर, करमा, सैला, गृदा और जवारा नृत्य भी आते हैं, इसलिए इस राज्य के लोक नृत्य प्रश्नपत्रों में बार-बार पूछे जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि असम बिहू, बगरुंबा और झुमुर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिहार के नृत्य जट-जटिन, झिझिया, बिदेसिया और पाइका हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि राजस्थान घूमर, कालबेलिया, भवाई, चरी और तेरह ताली के लिए प्रसिद्ध है; चरी नृत्य में भी बर्तन होता है, पर उसमें जलता दीपक रखा जाता है। परीक्षा टिप: मटकी और जवारा - मध्य प्रदेश; चरी और घूमर - राजस्थान।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023कठिन

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

स्थल : किसलिए प्रसिद्ध

1. बेसनगर : शैव गुफा देवालय

2. भाजा : बौद्ध गुफा देवालय

3. सित्तनवासल : जैन गुफा देवालय

उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. A.केवल एक
  2. B.केवल दो
  3. C.सभी तीन
  4. D.कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल दो

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल दो। भाजा बौद्ध गुफा स्थल है और सित्तनवासल जैन, लेकिन बेसनगर में कोई शैव गुफा देवालय नहीं है। मध्य प्रदेश में विदिशा के पास बेसनगर लगभग 113 ईसा पूर्व के हेलियोडोरस स्तंभ के लिए प्रसिद्ध है। यह गरुड़ स्तंभ एक यूनानी राजदूत ने बनवाया था, जिसने स्वयं को वासुदेव का भक्त कहा, इसलिए इसका संबंध वैष्णव धर्म से है। महाराष्ट्र में लोनावला के पास भाजा में लगभग दूसरी सदी ईसा पूर्व के सबसे पुराने बौद्ध शैलकृत चैत्य और विहार हैं। तमिलनाडु में पुदुक्कोट्टई के पास सित्तनवासल जैन गुफा, अरिवर कोइल, है, जो कमल-तालाब के चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। यानी युग्म 1 गलत है, युग्म 2 और 3 सही हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एक नहीं, दो युग्म सही हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बेसनगर शैव गुफा स्थल नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भाजा और सित्तनवासल सही सुमेलित हैं। परीक्षा टिप: बेसनगर यानी हेलियोडोरस और वासुदेव; भाजा बौद्ध, सित्तनवासल जैन।

Q13.कला और संस्कृतिमध्यम

हिंदुस्तानी गायन की सबसे प्राचीन जीवित शैली कौन-सी है?

  1. A.ख्याल
  2. B.ठुमरी
  3. C.ध्रुपद
  4. D.टप्पा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ध्रुपद

व्याख्या

सही उत्तर C, ध्रुपद है। ध्रुपद गम्भीर और भक्तिपरक शैली है, जो स्थायी, अंतरा, संचारी और आभोग इन चार भागों में गाई जाती है और जिसका आरम्भ लम्बे अनिबद्ध आलाप से होता है। इसके साथ तबला नहीं, पखावज बजता है। ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर इसके संरक्षण के लिए स्मरण किए जाते हैं और डागर परिवार ने इसे आधुनिक युग तक पहुँचाया।

विकल्प A, ख्याल, फारसी के 'कल्पना' अर्थ वाले शब्द से बना है, इसमें अलंकरण की छूट कहीं अधिक है और यह ध्रुपद से बहुत बाद में प्रमुख हुआ; इसे विलम्बित बड़ा ख्याल और फिर द्रुत छोटा ख्याल के रूप में गाया जाता है। विकल्प B, ठुमरी, उपशास्त्रीय और शृंगारिक शैली है, जिसके केंद्र लखनऊ और बनारस रहे तथा अवध के वाजिद अली शाह उसके प्रसिद्ध आश्रयदाता। विकल्प D, टप्पा, छोटी-छोटी तानों से भरी द्रुत शैली है, जो पंजाब के ऊँट चालकों के गीतों से विकसित हुई। चारों हिंदुस्तानी शैलियाँ हैं, पर सबसे प्राचीन ध्रुपद है।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020मध्यम

किस चित्रशैली में पशु-पक्षियों को महत्वपूर्ण स्थान मिला है?

  1. A.बूंदी शैली
  2. B.नाथद्वारा शैली
  3. C.किशनगढ़ शैली
  4. D.बीकानेर शैली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बूंदी शैली

व्याख्या

सही उत्तर है A, बूंदी शैली। हाड़ौती क्षेत्र की बूंदी शैली ही अपने चित्रों को पशु-पक्षियों और घने हरे जंगल से भर देती है। इसके चित्रकारों को प्रकृति प्रिय थी: आम और केले के कुंज, कमल से भरे तालाब, बिजली सहित वर्षा के बादल, हाथी, बाघ, गिलहरी, तोते और मोर पृष्ठभूमि में भरे रहते हैं, और उनके सामने गोल चेहरे तथा छोटी नाक वाली मानव आकृतियाँ दिखाई जाती हैं। बूंदी चित्रकला राव सुर्जन सिंह के समय चुनार के कलाकारों की सहायता से आगे बढ़ी, और इसकी शाखा कोटा शैली ने घने जंगल के शिकार दृश्यों को अपनी विशेषता बना लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि नाथद्वारा शैली में श्रीनाथजी के चित्र बनते हैं, अधिकतर कपड़े पर पिछवाई के रूप में। विकल्प C गलत है, क्योंकि किशनगढ़ शैली निहालचंद के बणी-ठणी मुखड़े और राधा-कृष्ण विषयों के लिए जानी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बीकानेर शैली पर मुगल तथा दक्कनी प्रभाव है और उसके चित्रकार अपने नाम लिखते थे। परीक्षा टिप: बूंदी-कोटा का अर्थ प्रकृति और शिकार; किशनगढ़ का अर्थ बणी-ठणी।

Q15.कला और संस्कृतिकठिन

कर्नाटक संगीत में प्रयुक्त घटम किस वर्ग का वाद्य है?

  1. A.अवनद्ध वाद्य
  2. B.सुषिर वाद्य
  3. C.घन वाद्य
  4. D.तत वाद्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. घन वाद्य

व्याख्या

सही उत्तर C, घन वाद्य है। घटम मिट्टी का घड़ा है और उसके मुँह पर कुछ भी मढ़ा नहीं होता। वादक उँगलियों, हथेलियों और कलाइयों से घड़े के शरीर पर आघात करता है और घड़े के मुँह को पेट से लगाकर या हटाकर स्वर बदलता है। चूँकि ठोस शरीर स्वयं कम्पित होता है, यह मंजीरा, जलतरंग और मोरसिंग के साथ घन वर्ग में आता है। इसके सबसे प्रसिद्ध वादक टी. एच. विक्कू विनायकराम हैं।

विकल्प A, अवनद्ध वाद्य, के लिए मढ़े हुए चमड़े की आवश्यकता होती, जो घटम में नहीं है; उसी कर्नाटक वृंद के मृदंगम, कंजीरा और तवील अवश्य इस वर्ग में आते हैं। विकल्प B, सुषिर वाद्य, में नादस्वरम और बाँसुरी जैसे फूँक वाले वाद्य आते हैं। विकल्प D, तत वाद्य, में वीणा और वायलिन जैसे तार वाले वाद्य। घड़े का आकार देखकर विद्यार्थी उसे ढोल मान बैठते हैं, और यह प्रश्न ठीक उसी भूल को पकड़ने के लिए बनता है।

Q16.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 17 Mar 2023, Shift 3मध्यम

रज पर्व (राजा परबा), जिसे मिथुन संक्रांति भी कहते हैं, ओडिशा में मनाया जाने वाला _______ दिन का नारीत्व उत्सव है।

  1. A.पाँच
  2. B.छह
  3. C.चार
  4. D.तीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, तीन। रज पर्व (राजा परबा) ओडिशा का तीन दिन का नारीत्व उत्सव है जो मध्य जून में मनाया जाता है, जब सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करता है। तीन दिन हैं पहिली रज, रज संक्रांति या मिथुन संक्रांति, और बासी रज; चौथी सुबह धरती माता के स्नान, वसुमती स्नान, से इसका समापन होता है। 'रज' शब्द 'रजस्वला' से बना है: माना जाता है कि इन दिनों भूदेवी, धरती माता, रजस्वला होती हैं, इसलिए न हल चलता है न खुदाई, और अविवाहित लड़कियाँ आराम करती हैं, नए कपड़े पहनती हैं, रस्सी के झूलों पर झूलती हैं और पोड़ा पीठा खाती हैं। यह मानसून की शुरुआत और आने वाले खेती के मौसम का प्रतीक है। विकल्प A गलत है क्योंकि रज के दिन पाँच नहीं होते; यह पाँच दिन का उत्सव नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि छह दिन किसी रज परंपरा में नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि चौथा दिन, वसुमती स्नान, सिर्फ समापन स्नान है और उत्सव तीन दिन का ही गिना जाता है। परीक्षा टिप: रज पर्व = ओडिशा, तीन दिन, जून में मिथुन संक्रांति, झूले और पोड़ा पीठा।

Q17.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 1आसान

लावणी किस राज्य का लोक नृत्य है?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.राजस्थान
  3. C.गुजरात
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर है A, महाराष्ट्र। लावणी महाराष्ट्र का सबसे प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे महिलाएँ नौ गज की साड़ी पहनकर ढोलकी की थाप पर करती हैं। इसका नाम मराठी शब्द लावण्य से आया है, जिसका अर्थ सौंदर्य है। यह अठारहवीं शताब्दी में पेशवा काल में फला-फूला, जब इससे सैनिकों का मनोरंजन होता था, और इसे तमाशा रंगमंच परंपरा में तेज पदचाप तथा भावपूर्ण बोलों के साथ प्रस्तुत किया जाता है। महाराष्ट्र के अन्य लोक रूप तमाशा, पोवाड़ा, धनगरी गजा और कोली हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजस्थान घूमर, कालबेलिया, चरी और भवाई के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुजरात गरबा, डांडिया रास और भवाई के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बिहार जट-जटिन, बिदेसिया, झिझिया और पाइका के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: हर नृत्य को उसके राज्य से जोड़ें, लावणी महाराष्ट्र, घूमर राजस्थान, गरबा गुजरात और बिदेसिया बिहार।

Q18.कला और संस्कृतिमध्यम

पखावज परम्परागत रूप से किस शैली की संगत के लिए बजाया जाता है?

  1. A.ध्रुपद
  2. B.ठुमरी
  3. C.कृति
  4. D.ग़ज़ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ध्रुपद

व्याख्या

सही उत्तर A, ध्रुपद है। पखावज लम्बा पीपानुमा अवनद्ध वाद्य है, जिसे आड़ा रखकर दोनों हाथों से बजाया जाता है; इसका स्वर तबले से अधिक गम्भीर होता है और यही गम्भीरता ध्रुपद की धीमी, ठहरी हुई गति के अनुकूल बैठती है। ध्रुपद के साथ प्रायः बारह मात्रा की चौताल बजाई जाती है और उससे जुड़ी धमार शैली में चौदह मात्रा की धमार ताल।

विकल्प B, ठुमरी, उपशास्त्रीय शैली है और उसके साथ तबला बजता है, जिसके साथ प्रायः सारंगी या हारमोनियम स्वर संगति करते हैं। विकल्प C, कृति, कर्नाटक पद्धति की रचना है, जहाँ मुख्य ताल वाद्य मृदंगम है और उसके साथ घटम, कंजीरा तथा मोरसिंग बजते हैं। विकल्प D, ग़ज़ल, उर्दू काव्य पर आधारित सुगम शास्त्रीय शैली है, जिसमें तबला और हारमोनियम प्रयुक्त होते हैं। विद्यार्थी प्रायः हर हिंदुस्तानी शैली के साथ तबला चुन लेते हैं, यह प्रश्न उसी आदत को पकड़ने के लिए बनता है।

Q19.कला और संस्कृतिमध्यम

कथकली प्रस्तुतियों और मंदिर उत्सवों में बजने वाला चेंडा किस राज्य का वाद्य है?

  1. A.केरल
  2. B.ओडिशा
  3. C.मणिपुर
  4. D.असम
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सही उत्तर: A. केरल

व्याख्या

सही उत्तर A, केरल है। चेंडा बेलनाकार ढोल है, जिसे कंधे से लटकाकर मुड़ी हुई लकड़ियों से बजाया जाता है, और उसी से केरल के मंदिर उत्सवों, चेंडा मेलम नामक वृंद वादन तथा कथकली और थेय्यम की ध्वनि बनती है। कथकली में उसके साथ मद्दलम बजता है, और कूडियाट्टम नामक प्राचीन मंदिर नाट्य के साथ ताँबे का बड़ा वाद्य मिझावु।

विकल्प B, ओडिशा, का वाद्य मर्दल है, जो ओडिसी नृत्य के साथ बजता है। विकल्प C, मणिपुर, का वाद्य पुंग है, जिसे बजाते हुए ही पुंग चोलोम नृत्य किया जाता है। विकल्प D, असम, में वैष्णव कीर्तन का खोल तथा बिहू के ढोल, पेपा और गोगोना हैं। चारों राज्यों का अपना विशिष्ट ढोल है और प्रश्नपत्र प्रायः ढोल के स्थान पर नृत्य या उत्सव का नाम देकर पूछता है, इसलिए ढोल, नृत्य और राज्य को एक ही पंक्ति में याद करें।

Q20.कला और संस्कृतिमध्यम

कर्नाटक संगीत का पितामह किसे कहा जाता है?

  1. A.त्यागराज
  2. B.पुरंदर दास
  3. C.श्यामा शास्त्री
  4. D.मुत्तुस्वामी दीक्षितर
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सही उत्तर: B. पुरंदर दास

व्याख्या

सही उत्तर B, पुरंदर दास है। कन्नड़ भक्ति परम्परा के संत रचनाकार पुरंदर दास को कर्नाटक संगीत का पितामह इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने इस संगीत के सीखने-सिखाने का ढाँचा गढ़ा। आज भी नया विद्यार्थी जिन क्रमिक अभ्यासों से आरम्भ करता है और पहले राग के रूप में मायामालवगौल का चुनाव, दोनों का श्रेय उन्हीं को दिया जाता है; उन्होंने बहुत बड़ी संख्या में भक्ति रचनाएँ भी कीं।

विकल्प A, C और D उन तीन रचनाकारों के नाम हैं जिन्हें एक साथ कर्नाटक त्रयी कहा जाता है और जो पुरंदर दास से लगभग दो शताब्दी बाद हुए; तीनों का जन्म तमिलनाडु के तिरुवारूर में हुआ था। त्यागराज पंचरत्न कृतियों तथा तिरुवैयारु के वार्षिक आराधना महोत्सव के लिए, मुत्तुस्वामी दीक्षितर नवग्रह कृतियों और 'गुरुगुह' मुद्रा के लिए, तथा श्यामा शास्त्री देवी कामाक्षी पर अपनी रचनाओं के लिए जाने जाते हैं। वे इस पद्धति के सबसे बड़े रचनाकार हैं, पर पितामह की उपाधि पुरंदर दास की है।

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