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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज: सेट 3

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज़ (सेट 3) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारत के शास्त्रीय नृत्य, हस्तशिल्प और जीआई टैग, भारत के लोक नृत्य और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिमध्यम

संगीत नाटक अकादमी ने सत्रीया को किस वर्ष शास्त्रीय नृत्य शैली के रूप में मान्यता दी?

  1. A.1958
  2. B.1980
  3. C.2000
  4. D.2010
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2000

व्याख्या

सही उत्तर C, 2000 है। असम का सत्रीया अकादमी की सूची में आठवीं और अंतिम शैली के रूप में जुड़ा, और यही तिथि इसके बारे में सबसे अधिक पूछी जाती है। इस शैली की रचना पंद्रहवीं और सोलहवीं शताब्दी में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने की और सत्रों अर्थात उन मठों में रहने वाले भिक्षुओं ने इसे अंकिया नाट नाटकों के अंग के रूप में सुरक्षित रखा, जिनसे इसका नाम बना।

विकल्प A, 1958 इसलिए भ्रामक लगता है क्योंकि उन्हीं वर्षों में अकादमी की स्थापना हुई थी और उसके आरंभिक पुरस्कार उसी दशक के हैं। विकल्प B, 1980 और विकल्प D, 2010 केवल गोल तिथियों के रूप में जाल बनाते हैं; इन वर्षों में शास्त्रीय सूची में कुछ नहीं जोड़ा गया। क्रम याद रखिए: सात शैलियाँ पहले मान्यता पा चुकी थीं और सत्रीया 2000 में जुड़कर संख्या आठ कर गया।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · Paper I, 21 Jan 2024, Shift 2आसान

'पोचमपल्ली' अपनी सुंदर डिज़ाइन वाली चटकीले रंगों की साड़ियों और एक खास बुनाई के लिए प्रसिद्ध है, जिसे पोचमपल्ली ही कहा जाता है। यह किसका हिस्सा है?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.तेलंगाना
  3. C.तमिलनाडु
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेलंगाना

व्याख्या

सही उत्तर है B, तेलंगाना। पोचमपल्ली तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरि ज़िले का बुनकरों का कस्बा है, जो हैदराबाद से ज़्यादा दूर नहीं है। यह इकत साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें बुनाई से पहले धागों को बाँधकर रंगा जाता है, ताकि कपड़ा बुनते समय ही डिज़ाइन उभर आए। इससे चटकीले, ज्यामितीय डिज़ाइन बनते हैं जिनके किनारे हल्के धुंधले दिखते हैं। पोचमपल्ली इकत को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला है, जो इस क्षेत्र के बुनकरों के लिए इस नाम की रक्षा करता है। इस कस्बे को भूदान पोचमपल्ली भी कहते हैं, क्योंकि विनोबा भावे ने 1951 में यहीं से भूदान आंदोलन शुरू किया था। A गलत है क्योंकि महाराष्ट्र पैठणी साड़ियों के लिए जाना जाता है, पोचमपल्ली के लिए नहीं। C गलत है क्योंकि तमिलनाडु कांजीवरम रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि कर्नाटक मैसूर सिल्क और इलकल साड़ियों के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: पोचमपल्ली इकत – तेलंगाना; पैठणी – महाराष्ट्र; कांजीवरम – तमिलनाडु; पटोला – गुजरात; चंदेरी – मध्य प्रदेश।

Q3.कला और संस्कृतिआसान

बिहू किस भारतीय राज्य का प्रसिद्ध लोक नृत्य है?

  1. A.असम
  2. B.मणिपुर
  3. C.त्रिपुरा
  4. D.नागालैंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. असम

व्याख्या

सही उत्तर A, असम है। बिहू मुख्यतः रंगाली या बोहाग बिहू पर किया जाता है, जो अप्रैल में पड़ने वाला असमिया नववर्ष का पर्व है और बुवाई का मौसम खोलता है। युवक-युवतियाँ पंक्तियों में ढोल, भैंस के सींग से बनी पेपा, गोगोना और ताल के साथ तेज कमर संचालन और छोटे कदमों से नृत्य करते हैं।

विकल्प B, मणिपुर का प्राचीन अनुष्ठान पर्व लाइ हरओबा है और वहाँ ढोल नृत्य पुंग चोलोम मिलता है, जबकि उसकी रास परम्परा आठ शास्त्रीय शैलियों में गिनी जाती है। विकल्प C, त्रिपुरा होजागिरी का घर है, जिसे रियांग स्त्रियाँ मिट्टी के घड़े पर संतुलन बनाकर करती हैं, और गरिया नृत्य का भी। विकल्प D, नागालैंड में चांग समुदाय का चांग लो तथा जेलियांग नृत्य होते हैं, जो हॉर्नबिल उत्सव में दिखाए जाते हैं। चारों पूर्वोत्तर राज्य हैं, इसीलिए प्रश्न बनाने वाला इन्हें साथ रखता है, पर बिहू केवल असम का है।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'आत्मा केवल पशु और वनस्पति जीवन की ही विशेषता नहीं है, बल्कि चट्टानों, बहते जल और ऐसी कई अन्य प्राकृतिक वस्तुओं की भी है जिन्हें अन्य धार्मिक संप्रदाय सजीव नहीं मानते।'

उपर्युक्त कथन प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस धार्मिक संप्रदाय की एक मूल मान्यता को दर्शाता है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.जैन धर्म
  3. C.शैव धर्म
  4. D.वैष्णव धर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जैन धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है B, जैन धर्म। जैन धर्म मानता है कि आत्मा (जीव) केवल मनुष्यों, पशुओं और पौधों में ही नहीं, बल्कि पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु में भी है। जैन दर्शन जीवों को उनकी इंद्रियों की संख्या से बाँटता है। सबसे निचले वर्ग, एकेंद्रिय जीवों, में पृथ्वीकाय, जलकाय, अग्निकाय, वायुकाय और वनस्पति आते हैं, इसलिए पत्थर और बहते पानी में भी आत्मा है। इसी कारण जैन मुनि अहिंसा का बहुत कड़ाई से पालन करते हैं, रास्ता बुहारते हैं और पानी छानते हैं ताकि कम से कम जीवों को हानि हो। महावीर ने सिखाया कि हर जीव कर्म से बँधा है और सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र, यानी त्रिरत्न, से ही मुक्त होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बौद्ध धर्म अनात्म के सिद्धांत से स्थायी आत्मा को ही नहीं मानता। विकल्प C गलत है, क्योंकि शैव धर्म शिव की भक्ति पर केंद्रित है और चट्टानों में आत्मा नहीं मानता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैष्णव धर्म विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति पर केंद्रित है। परीक्षा टिप: पत्थर और पानी में आत्मा, सबसे कड़ी अहिंसा यानी जैन; अनात्म यानी बौद्ध।

Q5.कला और संस्कृतिआसान

तरंगम, जिसमें नर्तक पीतल की थाली के किनारे पर नृत्य करता है, किस शास्त्रीय नृत्य का अंग है?

  1. A.ओडिसी
  2. B.कुचिपुड़ी
  3. C.मणिपुरी
  4. D.कथक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुचिपुड़ी

व्याख्या

सही उत्तर B, कुचिपुड़ी है। तरंगम में नर्तक पीतल की थाली के उठे हुए किनारे पर संतुलन बनाकर उसे लय में चलाता है और प्रायः सिर पर जल से भरा घड़ा रखता है, जिससे इस आंध्र शैली का वह संतुलन कौशल दिखता है जिसके लिए वह प्रसिद्ध है। कुचिपुड़ी का नाम कृष्णा जिले के गाँव से पड़ा और सिद्धेंद्र योगी ने इसे नृत्य नाटिका का रूप देकर भामा कलापम रचा।

विकल्प A, ओडिसी की पहचान चौक और त्रिभंग मुद्राएँ तथा जयदेव का गीत गोविंद है। विकल्प C, मणिपुरी रास लीला, पुंग ढोल और कुमिल घाघरे से पहचानी जाती है और उसकी गति जानबूझकर कोमल रखी जाती है। विकल्प D, कथक तेज चक्कर और समतल फर्श पर किए जाने वाले जटिल पदसंचालन के लिए जाना जाता है, किसी वस्तु पर संतुलन के लिए नहीं।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

पट्टचित्र शैली की चित्रकला निम्नलिखित में से किस राज्य की सबसे प्राचीन और लोकप्रिय कला शैलियों में से एक है?

  1. A.आंध्र प्रदेश
  2. B.राजस्थान
  3. C.ओडिशा
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओडिशा। पट्टचित्र ओडिशा की प्राचीन कपड़े पर बनने वाली चित्रकला है और इसका नाम ही इसका अर्थ बता देता है — पट्ट यानी कपड़ा और चित्र यानी तस्वीर। चित्रकार कहे जाने वाले कलाकार कपड़े पर खड़िया और इमली की लेई चढ़ाते हैं, फिर प्राकृतिक रंगों और बारीक कूँची से देवी-देवताओं तथा कथाओं के दृश्य उकेरते हैं और चारों ओर सजी हुई किनारी बनाते हैं। अधिकांश चित्रों में पुरी के जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा, कृष्ण लीला या महाकाव्यों के प्रसंग दिखाए जाते हैं। पुरी के पास बसा रघुराजपुर गाँव इस कला के लिए प्रसिद्ध है और ओडिशा पट्टचित्र को जीआई टैग भी मिला है। A गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश कलमकारी के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि राजस्थान फड़ चित्रकला तथा किशनगढ़, मेवाड़ और बूँदी की लघु चित्र शैलियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि बिहार की पहचान मधुबनी या मिथिला चित्रकला है। परीक्षा टिप: पट्टचित्र ओडिशा, मधुबनी बिहार, कलमकारी आंध्र प्रदेश और वारली महाराष्ट्र की शैली है।

Q7.कला और संस्कृतिआसान

घूमर किस राज्य का पारंपरिक लोक नृत्य है?

  1. A.गुजरात
  2. B.राजस्थान
  3. C.हरियाणा
  4. D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर B, राजस्थान है। घूमर में स्त्रियाँ चौड़े घाघरे में घेरा बनाकर चलती हैं और अपनी जगह पर घूमती हैं; घाघरे के इसी घुमाव से नृत्य का नाम पड़ा। यह भील समुदाय से विकसित हुआ और राजस्थान के राजपूत घरानों ने इसे अपनाया, जहाँ यह विवाह तथा तीज और गणगौर जैसे पर्वों पर किया जाता है।

विकल्प A, गुजरात गरबा और डांडिया रास का घर है, जो नवरात्रि में होते हैं, और यही सबसे आम भ्रम है क्योंकि दोनों घेरे में चौड़े घाघरे पहनकर किए जाने वाले स्त्री नृत्य हैं। विकल्प C, हरियाणा में खोरिया, धमाल, लूर और फाग होते हैं, और वहाँ भी घूमर नाम का एक रूप है, पर परीक्षा में पूछा जाने वाला घूमर राजस्थानी ही है। विकल्प D, मध्य प्रदेश में मटकी, तेरह ताली, बधाई और ग्रिदा मिलते हैं। जोड़ी इस तरह पक्की करें: घूमर राजस्थान, गरबा गुजरात।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से किस संगीतज्ञ ने राजा मान सिंह तोमर और गुजरात के बहादुरशाह के राजदरबार में सेवा दी?

  1. A.बैजू बावरा
  2. B.तानसेन
  3. C.लाल कलावंत
  4. D.रंग खाँ कलावंत
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बैजू बावरा

व्याख्या

सही उत्तर है A, बैजू बावरा। बैजू, जिन्हें बैजू नायक भी कहा जाता है, ग्वालियर में राजा मान सिंह तोमर के दरबार के प्रमुख गायक थे और बाद में उन्होंने गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के दरबार में सेवा दी। राजा मान सिंह तोमर ने 1486 से 1516 तक ग्वालियर पर राज किया और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सबसे पुरानी जीवित शैली ध्रुपद को सँवारने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। बैजू ध्रुपद के उस्ताद थे और किंवदंतियाँ उन्हें तानसेन का प्रतिद्वंद्वी बताती हैं, यही कहानी 1952 की फ़िल्म "बैजू बावरा" में दिखाई गई। ग्वालियर का संगीत से यह नाता आज भी हर साल होने वाले तानसेन समारोह में दिखता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तानसेन पहले रीवा के राजा रामचंद्र के दरबार में थे और फिर अकबर के नवरत्नों में शामिल हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल कलावंत तानसेन के शिष्य थे, जिन्होंने मुगल दरबार में सेवा दी। विकल्प D गलत है, क्योंकि रंग खाँ कलावंत का नाम मान सिंह तोमर या बहादुरशाह के दरबार से नहीं जुड़ता। परीक्षा टिप: ग्वालियर के मान सिंह तोमर ने ध्रुपद को प्रसिद्ध किया; वहाँ बैजू गाते थे और बाद में तानसेन अकबर के दरबार में चमके।

Q9.कला और संस्कृतिमध्यम

कौन सा शास्त्रीय नृत्य मंदिर और मुगल दरबार दोनों के संरक्षण में विकसित हुआ और अपने तेज चक्करों के लिए जाना जाता है?

  1. A.कथक
  2. B.ओडिसी
  3. C.सत्रीया
  4. D.भरतनाट्यम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कथक

व्याख्या

सही उत्तर A, कथक है। इसका आरंभ कथाकारों से हुआ, जो उत्तर भारत के मंदिरों में महाकाव्य सुनाते थे, और मुगल आश्रय में यह दरबार के भीतर पहुँची, फारसी वेशभूषा अपनाई तथा शुद्ध लय की ओर मुड़ी। इसे सीधे खड़े होकर किया जाता है, जिसमें चक्कर कहलाने वाली तेज घुमावें, तबले की मात्रा पर कसा पदसंचालन और भारी घुंघरू होते हैं; इसके घराने लखनऊ, जयपुर और बनारस हैं।

विकल्प B, ओडिसी ओडिशा का मंदिर नृत्य बना रहा, जिसे महरियों और गोटीपुआ ने आगे बढ़ाया, और उसे इस प्रकार का दरबारी संरक्षण नहीं मिला। विकल्प C, सत्रीया असम के वैष्णव मठों के भीतर विकसित हुआ और उसे जानबूझकर दरबारी जीवन से दूर रखा गया। विकल्प D, भरतनाट्यम तमिलनाडु का मंदिर नृत्य था जिसे देवदासियाँ करती थीं; उसे बाद में तंजावुर के मराठा शासकों का संरक्षण अवश्य मिला, परंतु मुगल छाप केवल कथक पर है।

Q10.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025कठिन

सूची-I व सूची-II को सुमेलित करते हुए राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैलियों एवं उनके चित्रकारों के संबंध में सही विकल्प चुनिये:

सूची-I

A. किशनगढ़

B. बीकानेर

C. मेवाड़

D. मारवाड़

सूची-II

(i) साहिबदीन

(ii) निहालचंद

(iii) अली रज़ा

(iv) शिवदास

  1. A.A-ii, B-iv, C-i, D-iii
  2. B.A-ii, B-iii, C-i, D-iv
  3. C.A-ii, B-iii, C-iv, D-i
  4. D.A-ii, B-i, C-iii, D-iv
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A-ii, B-iii, C-i, D-iv

व्याख्या

सही उत्तर है B, A-ii, B-iii, C-i, D-iv। निहालचंद 18वीं शताब्दी में राजा सावंत सिंह, यानी कवि नागरीदास, के समय किशनगढ़ के प्रमुख चित्रकार थे; लंबी नाक, धनुषाकार भौंहों और कमल जैसी आँखों वाली उनकी 'बणी-ठणी' को भारत की मोनालिसा कहा जाता है। दिल्ली से आए उस्ताद अली रज़ा ने 17वीं शताब्दी में महाराजा कर्णसिंह के समय बीकानेर में काम किया, इसीलिए बीकानेर शैली में मुगल प्रभाव साफ दिखता है। साहिबदीन महाराणा जगत सिंह प्रथम के समय मेवाड़ के प्रमुख चित्रकार थे; 1628 की उनकी रागमाला और रामायण चित्रों ने उदयपुर शैली को आकार दिया। शिवदास की गिनती मारवाड़ यानी जोधपुर शैली के चित्रकारों में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को बीकानेर और अली रज़ा को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को मेवाड़ और साहिबदीन को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें साहिबदीन को बीकानेर और अली रज़ा को मेवाड़ से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: बणी-ठणी–निहालचंद–किशनगढ़; रागमाला–साहिबदीन–मेवाड़; अली रज़ा–बीकानेर; शिवदास–मारवाड़।

Q11.कला और संस्कृतिआसान

ढोलकी की ताल पर की जाने वाली लावणी किस राज्य से जुड़ी है?

  1. A.गोवा
  2. B.कर्नाटक
  3. C.महाराष्ट्र
  4. D.छत्तीसगढ़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर C, महाराष्ट्र है। लावणी में गीत और नृत्य साथ चलते हैं और इसे मुख्यतः स्त्रियाँ नौ गज की साड़ी में ढोलकी की तीखी ताल पर प्रस्तुत करती हैं। यह महाराष्ट्र के लोक नाट्य तमाशा के साथ विकसित हुई और इसके पद भक्ति से लेकर तीखे व्यंग्य तक फैले हैं।

विकल्प A, गोवा में फुगड़ी, देखनी और ढालो होते हैं तथा गीत रूप मांडो, जो सब लावणी से धीमे और कोमल हैं। विकल्प B, कर्नाटक डोल्लू कुनिता, वीरगासे और लोक नाट्य यक्षगान का घर है; यक्षगान यहाँ बार-बार भ्रमित करने वाला विकल्प बनता है क्योंकि वह भी मंच रूप है। विकल्प D, छत्तीसगढ़ में सतनामी समुदाय का पंथी, राउत नाचा, बस्तर के गौर मारिया और गेंड़ी तथा कथा गायन पंडवानी मिलते हैं। ढोलकी और तमाशा मिलकर लावणी को महाराष्ट्र का सिद्ध कर देते हैं।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 27 Jul 2023, Shift 2मध्यम

कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद निम्नलिखित में से किस शहर में स्थित है?

  1. A.पानीपत
  2. B.लाहौर
  3. C.अजमेर
  4. D.दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर है D, दिल्ली। कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद, जिसका अर्थ है "इस्लाम की शक्ति", दिल्ली के महरौली में कुतुब परिसर में कुतुब मीनार और लौह स्तंभ के पास खड़ी है। कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे 1192-93 में, तुर्क विजय के तुरंत बाद, बनवाना शुरू किया, इसलिए यह दिल्ली में बनी पहली मस्जिद और भारत में इंडो-इस्लामी स्थापत्य का सबसे पुराना बचा हुआ उदाहरण है। इसके खंभे सत्ताईस तोड़े गए हिंदू और जैन मंदिरों से लाए गए थे, इसीलिए उन पर आज भी घंटियाँ, जंजीरें और फूलों की नक्काशी दिखती है, और बाद में इल्तुतमिश तथा अलाउद्दीन खिलजी ने इसका विस्तार किया। यह परिसर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। A, पानीपत, में काबुली बाग मस्जिद है, जो बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई के बाद बनवाई। B, लाहौर, में औरंगज़ेब की बादशाही मस्जिद है। C, अजमेर, में ऐबक की दूसरी मस्जिद अढ़ाई दिन का झोंपड़ा है, जो इस प्रश्न का आम जाल है। परीक्षा टिप: ऐबक ने दिल्ली में कुव्वत-उल-इस्लाम और अजमेर में अढ़ाई दिन का झोंपड़ा बनवाया।

Q13.कला और संस्कृतिमध्यम

त्रिभंग मुद्रा, जिसमें शरीर तीन स्थानों पर मुड़ता है, किस शास्त्रीय नृत्य की पहचान है?

  1. A.मणिपुरी
  2. B.ओडिसी
  3. C.मोहिनीअट्टम
  4. D.कथकली
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ओडिसी

व्याख्या

सही उत्तर B, ओडिसी है। यह शैली दो मूल मुद्राओं पर टिकी है, वर्गाकार चौक और तीन मोड़ वाली त्रिभंग, जिसमें सिर, धड़ और कटि विपरीत दिशाओं में झुकते हैं और वैसी ही मूर्तिवत रेखा बनती है जैसी ओडिशा के मंदिरों की मूर्तिकला में दिखती है। उदयगिरि गुफाओं की आकृतियों से यही समानता ओडिसी को जीवित शैलियों में सबसे प्राचीन कहने का आधार भी है।

विकल्प A, मणिपुरी शरीर को कोणों में मोड़ने के बजाय कोमल और अविच्छिन्न रखता है, जिसमें पैर धीरे पड़ते हैं और मुख शांत रहता है। विकल्प C, मोहिनीअट्टम लहराती, वर्तुल गति पर आधारित है जिसकी तुलना नारियल के वृक्ष से की जाती है, किसी निश्चित मोड़ पर नहीं। विकल्प D, कथकली में चौड़ी बैठक होती है और भार पैरों के बाहरी किनारों पर रहता है, और उसका भाव रंगे हुए मुख तथा आँखों से व्यक्त होता है, धड़ के मोड़ से नहीं।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 3आसान

साँची का महान स्तूप किस धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.हिंदू धर्म
  3. C.जैन धर्म
  4. D.इस्लाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बौद्ध धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है A, बौद्ध धर्म। मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में स्थित साँची का महान स्तूप भारत के सबसे पुराने बौद्ध स्मारकों में से है। इसे सबसे पहले मौर्य सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध के अवशेषों पर ईंटों के टीले के रूप में बनवाया था, बाद में इस पर पत्थर का आवरण चढ़ाकर इसे बड़ा किया गया। लगभग पहली शताब्दी ईसा पूर्व में इसमें चार नक्काशीदार तोरण (द्वार) जोड़े गए, जिन पर जातक कथाएँ और बुद्ध के जीवन के दृश्य हैं; इनमें बुद्ध को बोधि वृक्ष, चक्र या पदचिह्न जैसे प्रतीकों से ही दिखाया गया है। 1989 में 'साँची के बौद्ध स्मारक' यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बने। B गलत है क्योंकि यह स्तूप हिंदू मंदिर नहीं है; प्रसिद्ध हिंदू मंदिर स्थल खजुराहो और कोणार्क हैं। C गलत है क्योंकि प्रसिद्ध जैन स्थलों में दिलवाड़ा और श्रवणबेलगोला आते हैं। D गलत है क्योंकि प्रसिद्ध इस्लामी स्मारकों में कुतुब मीनार और जामा मस्जिद आते हैं। परीक्षा टिप: साँची स्तूप = अशोक = बौद्ध धर्म = मध्य प्रदेश = यूनेस्को 1989।

Q15.कला और संस्कृतिमध्यम

छऊ नृत्य की तीन शैलियों में से सरायकेला शैली किस राज्य की है?

  1. A.ओडिशा
  2. B.पश्चिम बंगाल
  3. C.झारखंड
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. झारखंड

व्याख्या

सही उत्तर C, झारखंड है। छऊ पूर्वी भारत का युद्ध शैली का मुखौटा नृत्य है जिसकी तीन मान्य शैलियाँ हैं, और सरायकेला छऊ का नाम झारखंड की पूर्व रियासत सरायकेला से पड़ा, जहाँ राजपरिवार ने इसे सिखाया और निखारा। इसके मुखौटे छोटे और चिकने होते हैं तथा नृत्य कच्चे युद्ध कौशल के बजाय शैलीबद्ध भाव पर टिकता है।

विकल्प A, ओडिशा मयूरभंज छऊ का घर है, वही एक शैली जो बिना मुखौटे के होती है, इसलिए भाव चेहरा स्वयं दिखाता है। विकल्प B, पश्चिम बंगाल पुरुलिया छऊ का घर है, जिसमें बड़े चटक रंगों वाले मुखौटे होते हैं और महिषासुर मर्दिनी जैसे युद्ध प्रसंग दिखाए जाते हैं। विकल्प D, बिहार में जट-जटिन, झिझिया, पाइका और लोक नाट्य बिदेसिया मिलते हैं, छऊ की कोई शैली नहीं। तीनों शैलियों को साथ मिलाकर यूनेस्को ने 2010 में सूची में लिया।

Q16.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र में कौन-सी जनजाति का बाहुल्य है?

  1. A.भील
  2. B.भारिया
  3. C.खैरवार
  4. D.उरांव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारिया। पातालकोट छिंदवाड़ा ज़िले के तामिया क्षेत्र में घोड़े की नाल के आकार की एक गहरी घाटी है, और इसके ज़्यादातर गाँवों में भारिया जनजाति रहती है। घाटी का तल आसपास के सतपुड़ा पठार से एक हज़ार फ़ीट से भी अधिक नीचे है, इसलिए भारिया लंबे समय तक बाहरी दुनिया से लगभग कटे रहे और भोजन व जड़ी-बूटी की दवाओं के लिए जंगल पर निर्भर रहे। पातालकोट के भारिया, बैगा और सहरिया के साथ, मध्य प्रदेश के तीन विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTG) में शामिल हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य की सबसे बड़ी जनजाति भील मुख्य रूप से झाबुआ, अलीराजपुर और धार जैसे पश्चिमी ज़िलों में रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खैरवार एक अलग जनजाति है और पातालकोट का मुख्य समुदाय नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उरांव मुख्य रूप से झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र की जनजाति है। परीक्षा टिप: पातालकोट, छिंदवाड़ा, भारिया जनजाति, जो बैगा और सहरिया के साथ मध्य प्रदेश के तीन PVTG में एक है।

Q17.कला और संस्कृतिआसान

भरतनाट्यम की शिक्षा के लिए 1936 में मद्रास में स्थापित कलाक्षेत्र संस्था किसने बनाई थी?

  1. A.रुक्मिणी देवी अरुंडेल
  2. B.टी. बालासरस्वती
  3. C.सोनल मानसिंह
  4. D.सितारा देवी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रुक्मिणी देवी अरुंडेल

व्याख्या

सही उत्तर A, रुक्मिणी देवी अरुंडेल है। उन्होंने भरतनाट्यम उस समय सीखा जब यह शैली अपना मंदिर आश्रय खो रही थी, इसे सार्वजनिक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई और 1936 में कलाक्षेत्र की स्थापना की, जहाँ नृत्य के साथ संगीत और शिल्प भी व्यवस्थित रूप से सिखाए जाते हैं। उनका यह कार्य और ई. कृष्ण अय्यर का अभियान भरतनाट्यम के पुनरुद्धार पर पूछे गए किसी भी प्रश्न का मानक उत्तर है।

विकल्प B, टी. बालासरस्वती परंपरागत देवदासी परंपरा की महान नर्तकी और रुक्मिणी देवी की समकालीन थीं, परंतु उन्होंने ऐसी कोई संस्था नहीं बनाई। विकल्प C, सोनल मानसिंह बाद की पीढ़ी की ओडिसी और भरतनाट्यम नर्तकी हैं। विकल्प D, सितारा देवी बनारस परंपरा की कथक नर्तकी थीं और बिलकुल दूसरी शैली से संबंधित हैं। इन नामों को शैली के साथ जोड़कर याद रखिए, क्योंकि प्रश्नपत्र प्रायः कलाकार और नृत्य का मिलान पूछते हैं।

Q18.कला और संस्कृतिमध्यम

बाँस नृत्य के नाम से प्रसिद्ध चेराव किस राज्य का लोक नृत्य है?

  1. A.मिजोरम
  2. B.मेघालय
  3. C.सिक्किम
  4. D.अरुणाचल प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मिजोरम

व्याख्या

सही उत्तर A, मिजोरम है। चेराव में पुरुष आमने-सामने बैठकर लंबी बाँस की छड़ें आड़ी पकड़ते हैं और एक निश्चित ताल पर उन्हें टकराते हैं, जबकि मिज़ो पुआन पहने स्त्रियाँ बंद होती छड़ों के बीच से पैर निकालती और रखती जाती हैं, बिना पैर फँसाए। यह मिजोरम का सबसे प्रसिद्ध नृत्य है और चपचार कुट पर्व पर दिखाया जाता है।

विकल्प B, मेघालय में खासी का का शाद नोंगक्रेम स्मित में और गारो का वांगला होता है, जिसे सौ ढोलों का उत्सव कहा जाता है। विकल्प C, सिक्किम में कंचनजंघा को समर्पित हिम सिंह नृत्य सिंघी छाम और मारुनी मिलते हैं। विकल्प D, अरुणाचल प्रदेश में शेरडुकपेन का बर्दो छाम और आदि समुदाय का पोनुंग होता है। प्रश्न में बाँस की छड़ों का उल्लेख हर बार चेराव और इसलिए मिजोरम की ओर ले जाता है।

Q19.कला और संस्कृतिकठिन

कथकली में रावण जैसे दंभी प्रतिनायक पात्रों की रूपसज्जा किस प्रकार की होती है?

  1. A.पच्चा
  2. B.कठी
  3. C.मिनुक्कु
  4. D.करी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कठी

व्याख्या

सही उत्तर B, कठी है। इस शब्द का अर्थ छुरी है, और इस रूपसज्जा की पहचान हरे आधार पर बनी ऊपर की ओर मुड़ी छुरी जैसी रेखा है, जो उन पात्रों के लिए होती है जो वीर और शक्तिशाली तो हैं पर अहंकारी हैं; रावण और दुर्योधन इसके मानक उदाहरण हैं। मुख के वर्णन से वेशम पहचानना कथकली पर पूछा जाने वाला प्रिय प्रश्न है।

विकल्प A, पच्चा पूर्णतः श्रेष्ठ नायकों जैसे राम, कृष्ण और अर्जुन का सादा हरा मुख है और यही प्रकार चित्रों में सबसे अधिक दिखता है। विकल्प C, मिनुक्कु का अर्थ है चमकाया हुआ, और यह कोमल स्त्रियों, ऋषियों तथा ब्राह्मणों की हल्की रूपसज्जा है। विकल्प D, करी का अर्थ काला है और यह राक्षसियों तथा वन के पात्रों की रूपसज्जा है। पाँचों को साथ याद कीजिए, क्योंकि प्रश्नपत्र इन्हें मिलान सूची के रूप में देते हैं: पच्चा, कठी, ताड़ी, करी और मिनुक्कु।

Q20.कला और संस्कृतिकठिन

मिट्टी के घड़े पर संतुलन बनाकर स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला होजागिरी किस राज्य का है?

  1. A.नागालैंड
  2. B.त्रिपुरा
  3. C.मणिपुर
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. त्रिपुरा

व्याख्या

सही उत्तर B, त्रिपुरा है। होजागिरी त्रिपुरा के रियांग समुदाय की स्त्रियाँ करती हैं, जो मिट्टी के घड़े पर संतुलन बनाए रखती हैं और सिर पर जलते दीप वाली बोतल रखकर केवल ऊपरी शरीर को मोड़ती हैं, पैर स्थिर रहते हैं। यह दुर्गा पूजा के बाद आने वाले होजागिरी या लक्ष्मी पूजा के पर्व पर किया जाता है।

विकल्प A, नागालैंड में चांग समुदाय का चांग लो तथा हॉर्नबिल उत्सव में दिखाए जाने वाले युद्ध नृत्य होते हैं, जिनमें संतुलन का ऐसा कौशल नहीं होता। विकल्प C, मणिपुर में युद्ध कला थांग-ता, ढोल नृत्य पुंग चोलोम और अनुष्ठान पर्व लाइ हरओबा मिलते हैं। विकल्प D, असम में बिहू और चाय बागान समुदायों का झूमुर होता है। घड़ा, बोतल और दीप मिलकर होजागिरी की पहचान हैं, और इसके साथ जो समुदाय पूछा जाता है वह रियांग है।

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