मलयालम भाषा का पिता किसे कहा जाता है?
- A.तुंचत्तु रामानुजन एषुत्तच्छन
- B.चेरुस्सेरी नंबूतिरि
- C.कुमारन आशान
- D.जी. शंकर कुरुप
उत्तर देखें
उनका अध्यात्म रामायणम, जो किलिप्पाट्टु अर्थात तोते के गीत के रूप में लिखा गया जिसमें कथा एक पक्षी कहता है, साहित्यिक मलयालम की शब्दावली, लिपि और छंद तय कर गया और रामायण को साधारण पाठकों की पहुंच में ले आया, इसी से वे यह उपाधि धारण करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →