सिक्किम का सोरेंग देश का पहला जैविक मत्स्य क्लस्टर बना
सिक्किम का सोरेंग जिला पीएमएमएसवाई के तहत देश का पहला अधिसूचित जैविक मत्स्य क्लस्टर है, और वहाँ पूर्वोत्तर के लिए जैविक प्रमाणन की मानक प्रक्रिया जारी की गई।

चर्चा में क्यों
2 नवंबर 2026 को सिक्किम दौरे पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पूर्वोत्तर के लिए मत्स्यपालन के जैविक प्रमाणन की मानक संचालन प्रक्रिया जारी की और 375 लाख रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जबकि सोरेंग जिला देश का पहला जैविक मत्स्य क्लस्टर है।
सिक्किम का सोरेंग जिला प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत देश का पहला अधिसूचित जैविक मत्स्य क्लस्टर बन गया है। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, जिन्हें ललन सिंह भी कहा जाता है, योजना के तहत मत्स्य विकास के कामों की समीक्षा करने सिक्किम के मंगन जिले पहुँचे और इसी मौके पर उन्होंने पूरे क्षेत्र के लिए प्रमाणन का ढाँचा जारी किया।
क्या-क्या शुरू हुआ
मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए मत्स्यपालन के जैविक प्रमाणन की मानक संचालन प्रक्रिया जारी की और सिक्किम के लिए योजना के तहत 375 लाख रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में हैचरी, फीड मिल और शीत भंडारण के साथ-साथ बायोफ्लॉक तथा पुनर्चक्रीय जल कृषि प्रणाली जैसी उत्पादन तकनीकें शामिल हैं। मछली पालकों को संस्थागत कर्ज आसान बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए, और राज्य की मुख्यमंत्री मत्स्य उत्पादन योजना के तहत पाँच मछली पालकों को चेक सौंपे गए। दो मत्स्य सहकारी समितियों से जुड़े पंद्रह किसानों को मछली का चारा बाँटा गया।
क्लस्टर का तरीका
सरकार ने मत्स्य मूल्य श्रृंखला के विकास के लिए क्लस्टर का रास्ता चुना है, ताकि उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन एक ही चिह्नित भौगोलिक क्षेत्र में रहें। देश भर में चौंतीस मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टर अधिसूचित किए गए हैं, और इनमें सिक्किम तथा मेघालय के जैविक मत्स्य क्लस्टर भी शामिल हैं। सोरेंग क्लस्टर नुकसानदेह रसायन, एंटीबायोटिक और कीटनाशक के बिना मछली पालन पर टिका है, जिसमें अमूर कार्प, भारतीय प्रमुख कार्प और ट्राउट पर खास जोर है। यह सिक्किम के पहले से बने जैविक तंत्र का सहारा लेता है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए देश-विदेश के बेहतर दाम वाले बाजार खोलना चाहता है।
ट्राउट का पक्का खरीदार
सिक्किम ने स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाली रेनबो ट्राउट की संस्थागत खरीद के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ समझौता ज्ञापन भी किया है। इसमें आईटीबीपी के प्रतिष्ठानों को नियमित आपूर्ति की बात है, जिसमें गुणवत्ता के मानक, आपूर्ति क्षमता, कीमत, निरीक्षण और आपूर्ति का समय तय किया जाएगा। इससे इस ऊँचे दाम वाली शीतजल मछली के पालकों को पक्का खरीदार मिल जाएगा।
कौन-कौन शामिल हुआ
यह दौरा पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्रीय मंत्रियों के नियमित दौरों की उस व्यवस्था का हिस्सा था जिससे जमीनी फीडबैक कार्यक्रम तक पहुँचता है। सिक्किम के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा तथा कृषि एवं बागवानी मंत्री पूरन कुमार गुरुंग और मत्स्यपालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने राज्य के अधिकारियों, आईसीएआर संस्थानों, मछली पालकों तथा सहकारी समितियों के साथ हिस्सा लिया। मंत्री ने योजना से मदद पाए जीवित मछली विक्रय केंद्र को देखा और मछली, सजावटी मछली तथा मूल्य वर्धित उत्पादों के स्टॉल भी देखे।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पहला जैविक मत्स्य क्लस्टर | सोरेंग जिला, सिक्किम, पीएमएमएसवाई के तहत |
|---|---|
| केंद्रीय मंत्री | राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय |
| जारी किया गया | पूर्वोत्तर क्षेत्र में मत्स्यपालन के जैविक प्रमाणन की मानक संचालन प्रक्रिया |
| उद्घाटित परियोजनाएँ | सिक्किम के लिए पीएमएमएसवाई के तहत 375 लाख रुपये |
| देश में अधिसूचित क्लस्टर | 34 मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टर |
| जैविक मत्स्य क्लस्टर | सिक्किम और मेघालय |
| मुख्य प्रजातियाँ | अमूर कार्प, भारतीय प्रमुख कार्प तथा ट्राउट |
| रेनबो ट्राउट पर समझौता | सिक्किम और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) |
| राज्य की योजना | मुख्यमंत्री मत्स्य उत्पादन योजना; पाँच मछली पालकों को चेक |
| सिक्किम के मंत्री | पूरन कुमार गुरुंग |
| सचिव, मत्स्यपालन विभाग | डॉ. अभिलक्ष लिखी |
| दौरा किया गया जिला | मंगन, सिक्किम |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें कि सिक्किम का सोरेंग पीएमएमएसवाई के तहत देश का पहला अधिसूचित जैविक मत्स्य क्लस्टर है; मंत्री का नाम (राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह) और मंत्रालय; परियोजनाओं का मूल्य 375 लाख रुपये; देश में चौंतीस अधिसूचित मत्स्य क्लस्टर; सिक्किम तथा मेघालय में जैविक क्लस्टर; मुख्य प्रजातियाँ अमूर कार्प, भारतीय प्रमुख कार्प तथा ट्राउट; और रेनबो ट्राउट की खरीद पर सिक्किम-आईटीबीपी समझौता।
अभ्यास प्रश्न
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत देश का पहला जैविक मत्स्य क्लस्टर किस जिले को अधिसूचित किया गया है?
- A.मंगन, सिक्किम
- B.सोरेंग, सिक्किम
- C.री-भोई, मेघालय
- D.डिब्रूगढ़, असम
उत्तर देखें
यह क्लस्टर पारिस्थितिकी के अनुकूल मछली पालन पर टिका है, जिसमें नुकसानदेह रसायन, एंटीबायोटिक और कीटनाशक का उपयोग नहीं होता, और अमूर कार्प, भारतीय प्रमुख कार्प तथा ट्राउट पर खास जोर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय मंत्री के दौरे में सिक्किम के लिए पीएमएमएसवाई के तहत कितने मूल्य की मत्स्य परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ?
- A.125 लाख रुपये
- B.250 लाख रुपये
- C.375 लाख रुपये
- D.525 लाख रुपये
उत्तर देखें
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उद्घाटित परियोजनाओं में हैचरी, फीड मिल और शीत भंडारण जैसी जरूरी मत्स्य अधोसंरचना तथा बायोफ्लॉक और पुनर्चक्रीय जल कृषि प्रणाली जैसी उत्पादन तकनीकें शामिल हैं, जो मूल्य श्रृंखला की कड़ियों को मजबूत करेंगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्थानीय रेनबो ट्राउट की संस्थागत खरीद के लिए सिक्किम ने किस बल के साथ समझौता ज्ञापन किया है?
- A.सीमा सुरक्षा बल
- B.भारत-तिब्बत सीमा पुलिस
- C.केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल
- D.असम राइफल्स
उत्तर देखें
मंत्रालय ने इसे बाजार जुड़ाव की दिशा में अग्रणी कदम बताया, जिसमें सिक्किम ने स्थानीय रेनबो ट्राउट की संस्थागत खरीद पर आईटीबीपी से सहमति बनाई है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएमएमएसवाई के तहत देश भर में कितने मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टर अधिसूचित किए गए हैं?
- A.24
- B.28
- C.34
- D.42
उत्तर देखें
सरकार ने मत्स्य मूल्य श्रृंखला के समेकित विकास के लिए क्लस्टर आधारित तरीका अपनाया है, और देश भर में इतने उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टर अधिसूचित हुए हैं, जिनमें सिक्किम तथा मेघालय के जैविक मत्स्य क्लस्टर भी हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
देश का पहला जैविक मत्स्य क्लस्टर कौन-सा जिला है?
सिक्किम का सोरेंग जिला, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अधिसूचित है। यहाँ नुकसानदेह रसायन, एंटीबायोटिक और कीटनाशक के बिना मछली पालन होता है, जिसमें अमूर कार्प, भारतीय प्रमुख कार्प तथा ट्राउट पर खास जोर है।
दौरे में पूर्वोत्तर के लिए क्या जारी किया गया?
मत्स्यपालन के जैविक प्रमाणन की मानक संचालन प्रक्रिया, जो जैविक उत्पादन का ढाँचा देती है और मूल्य श्रृंखला में ट्रेसेबिलिटी बढ़ाती है, जिससे उत्पाद देश-विदेश के बेहतर दाम वाले बाजारों तक पहुँच सकें।
देश में कितने मत्स्य क्लस्टर अधिसूचित हैं?
पीएमएमएसवाई के तहत देश भर में चौंतीस मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टर अधिसूचित किए गए हैं, और इनमें सिक्किम तथा मेघालय के जैविक मत्स्य क्लस्टर शामिल हैं।
सिक्किम ने आईटीबीपी से समझौता क्यों किया है?
स्थानीय रेनबो ट्राउट की संस्थागत खरीद के लिए। आईटीबीपी प्रतिष्ठानों को नियमित आपूर्ति, तय गुणवत्ता मानक, कीमत, निरीक्षण और आपूर्ति समय से इस ऊँचे दाम वाली शीतजल मछली के पालकों को स्थिर बाजार मिलेगा।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2331541 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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