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गुवाहाटी में शिल्प समागम मेला 2026, 75 कारीगर लेंगे हिस्सा

शिल्प समागम मेला 2026 का दूसरा संस्करण असम की राजधानी गुवाहाटी में शुरू होगा, जिसमें 75 कारीगर हथकरघा और हस्तशिल्प की करीब 40 किस्में रखेंगे।

लेखक प्रकाशित · अपडेट · 2 मिनट
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गुवाहाटी में शिल्प समागम मेला 2026, 75 कारीगर लेंगे हिस्सा — GK24 title card

चर्चा में क्यों

20 अक्टूबर 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि शिल्प समागम मेला 2026 का आठ दिवसीय गुवाहाटी चरण अगले दिन खानापारा के फार्म गेट पर शुरू होगा, जिसमें 75 कारीगर भाग लेंगे और मुख्य जोर भारत-ट्यूलिप पर रहेगा।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अपना शिल्प समागम मेला 2026 अब असम की राजधानी गुवाहाटी ले जा रहा है। आठ दिन चलने वाला यह आयोजन 21 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर बुधवार, 28 अक्टूबर तक चलेगा। मंत्रालय ने इसकी जानकारी 20 अक्टूबर 2026 को दी, यानी श्रृंखला के पहले चरण के कर्नाटक में समाप्त होने के अगले ही दिन।

कौन शामिल हो रहा है

इस मेले में कुल 75 कारीगर भाग ले रहे हैं, जिनमें 31 महिला कारीगर हैं, और ये सब मिलकर हथकरघा तथा हस्तशिल्प की करीब 40 किस्में रख रहे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के शिल्पकार देश के अन्य हिस्सों के कारीगरों के साथ जुड़ रहे हैं, जिससे मंत्रालय के अनुसार दर्शक देख सकेंगे कि भारत की शिल्प परंपराएं क्षेत्र दर क्षेत्र कितनी अलग हैं। आयोजन स्थल गुवाहाटी के खानापारा में फार्म गेट है और मेला सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।

मंत्रालय यह मेला क्यों लगाता है

शिल्प समागम मेला, संक्षेप में एसएसएम, मंत्रालय के तीन राष्ट्रीय निगमों से जुड़े कारीगरों और लाभार्थियों के लिए विपणन सहायता का मंच है। ये निगम हैं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम (एनबीसीएफडीसी)। लक्षित समूह अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई मित्र और विमुक्त जनजाति के कारीगर हैं, और उद्देश्य यह है कि वे सीधे खरीदारों को बेच सकें, संभावित ग्राहकों से मिल सकें और अपनी बाजार पहुंच बढ़ा सकें। मंत्रालय इसे प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास' सिद्धांत से जोड़ता है।

भारत-ट्यूलिप पर जोर

गुवाहाटी में मुख्य जोर भारत-ट्यूलिप पर है, जिसका पूरा नाम पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका कार्यक्रम है। यह पहल लक्षित समूहों के कारीगरों के उत्पादों को दुकानों के साथ-साथ ई-कॉमर्स मंचों के जरिये बाजार तक पहुंचाने पर काम करती है, ताकि बाजार के संबंध मजबूत हों, उत्पाद अधिक ग्राहकों तक जाएं और कारीगरों की कमाई बढ़े। मेले का उपयोग मंत्रालय और उसके निगमों की कल्याणकारी, वित्तीय सहायता तथा विकास योजनाओं की जानकारी फैलाने के लिए भी किया जाता है।

पहला चरण, मैसूर में

एसएसएम 2026 का पहला संस्करण कर्नाटक के मैसूर स्थित दशहरा प्रदर्शनी मैदान में 19 अक्टूबर को समाप्त हुआ। नौ दिन चले उस मेले में हजारों दर्शक पहुंचे थे।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनशिल्प समागम मेला 2026 (एसएसएम 2026), गुवाहाटी संस्करण
आयोजकसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
स्थलफार्म गेट, खानापारा, गुवाहाटी, असम
अवधिआठ दिन, 21 अक्टूबर से बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 तक
समयसुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक
भागीदारी75 कारीगर, इनमें 31 महिलाएं, करीब 40 किस्में
मुख्य कार्यक्रमभारत-ट्यूलिप, पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका कार्यक्रम
जुड़े निगमएनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी और एनबीसीएफडीसी
लक्षित समूहअनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई मित्र, विमुक्त जनजाति
पहला संस्करण19 अक्टूबर 2026 को मैसूर के दशहरा प्रदर्शनी मैदान में समाप्त

परीक्षा की दृष्टि से

आयोजक मंत्रालय (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता), मेजबान शहर और स्थल (गुवाहाटी, खानापारा का फार्म गेट), तिथियां (21 से 28 अक्टूबर 2026), भागीदारी के आंकड़े (75 कारीगर, इनमें 31 महिलाएं, करीब 40 किस्में), भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम, तीनों निगम एनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी तथा एनबीसीएफडीसी, और यह कि पहला संस्करण मैसूर में समाप्त हुआ, ये सब याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

शिल्प समागम मेला 2026 का दूसरा संस्करण किस शहर में लग रहा है?

  1. A.मैसूर
  2. B.गुवाहाटी
  3. C.जोधपुर
  4. D.लखनऊ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गुवाहाटी

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि आठ दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026 असम की राजधानी गुवाहाटी में शुरू होगा और बुधवार, 28 अक्टूबर तक चलेगा।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

शिल्प समागम मेला 2026 में प्रचारित भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम क्या है?

  1. A.पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका कार्यक्रम
  2. B.जनजातीय उत्थान और स्थानीय उद्योग प्रोत्साहन
  3. C.वस्त्र इकाई आजीविका सुधार योजना
  4. D.पारंपरिक एकीकृत करघा निवेश कार्यक्रम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका कार्यक्रम

मंत्रालय ने भारत-ट्यूलिप को गुवाहाटी मेले का मुख्य जोर बताया। यह पहल लक्षित समूहों के कारीगरों द्वारा बनाए उत्पादों को दुकानों के साथ-साथ ई-कॉमर्स मंचों के जरिये खरीदारों तक पहुंचाती है।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

शिल्प समागम मेला अपने तीन राष्ट्रीय निगमों के माध्यम से कौन सा मंत्रालय आयोजित करता है?

  1. A.वस्त्र मंत्रालय
  2. B.संस्कृति मंत्रालय
  3. C.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  4. D.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

यह मेला उसी मंत्रालय का विपणन सहायता मंच है, जो अपने तीन राष्ट्रीय निगमों से जुड़े कारीगरों और लाभार्थियों के लिए चलाया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिल्प समागम मेला 2026 का गुवाहाटी संस्करण कहां लग रहा है?

असम के गुवाहाटी में खानापारा स्थित फार्म गेट पर। आठ दिवसीय मेला 21 अक्टूबर 2026 से बुधवार, 28 अक्टूबर तक चलेगा और रोज सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा।

भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम क्या है?

पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका कार्यक्रम। यह लक्षित समूहों के कारीगरों के उत्पादों को दुकानों और ई-कॉमर्स मंचों के जरिये बाजार तक पहुंचाता है, जिससे उनकी पहुंच और कमाई बढ़े।

यह मेला कौन सा मंत्रालय लगाता है और इसमें कौन से निगम शामिल हैं?

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, जो अपने तीन राष्ट्रीय निगमों एनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी और एनबीसीएफडीसी के माध्यम से काम करता है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC MTS