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रसायन उत्पादन में भारत छठा, क्षेत्र 220 अरब डॉलर का

पीआईबी ने 7 नवंबर 2026 को जारी पृष्ठभूमि पत्र में बताया कि भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक है और यह क्षेत्र करीब 220 अरब डॉलर का है।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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रसायन उत्पादन में भारत छठा, क्षेत्र 220 अरब डॉलर का

चर्चा में क्यों

प्रेस सूचना ब्यूरो ने 7 नवंबर 2026 को भारत के रसायन एवं पेट्रोरसायन क्षेत्र पर पृष्ठभूमि पत्र जारी किया, जिसमें इसकी वैश्विक रैंकिंग, बाजार आकार, निवेश क्षेत्र, भव्य रसायन योजना तथा शोध और सुरक्षा से जुड़ी पहलें एक साथ दी गई हैं।

प्रेस सूचना ब्यूरो ने 7 नवंबर 2026 को एक पृष्ठभूमि पत्र जारी किया, जिसमें भारत के रसायन एवं पेट्रोरसायन उद्योग की मौजूदा स्थिति और सरकार की तैयारियों का ब्योरा दिया गया है। यह क्षेत्र दवा, कपड़ा, निर्माण, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे उद्योगों को कच्चा माल देता है, इसलिए इसे भारतीय विनिर्माण की नींव माना गया है।

आकार और स्थान

भारत रसायन उत्पादन में दुनिया में छठे और एशिया में चौथे स्थान पर है। यह क्षेत्र लगभग 220 अरब अमेरिकी डॉलर का है और सरकार का अनुमान है कि यह 2030 तक 300 अरब डॉलर तथा 2040 तक एक हजार अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। रंगों के निर्माण और निर्यात में भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि कृषि रसायनों के निर्यात में तीसरे स्थान पर। इस क्षेत्र में लगभग 13,000 बड़ी इकाइयां और 4.45 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम काम करते हैं। प्रमुख रसायनों तथा पेट्रोरसायनों का उत्पादन 2015-16 के 45,638 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 58,617 हजार मीट्रिक टन हो गया। अधिकांश रसायन क्षेत्रों में स्वत: मार्ग से 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति है और 2014 से 2026 के बीच 1,04,895 करोड़ रुपये का प्रवाह आया, जो पिछले दशक के 45,240 करोड़ रुपये से दोगुने से भी अधिक है।

उद्योग कहां खड़ा किया जा रहा है

पहलक्या मिलता है
पीसीपीआईआरलगभग 250 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र, जिनका करीब 40 प्रतिशत हिस्सा प्रसंस्करण के लिए; तीन चालू हैं
भव्य रसायनतीन समर्पित रसायन पार्क, कुल परिव्यय 3,030 करोड़ रुपये, जुलाई 2026 में मंजूरी
प्लास्टिक पार्कदस स्वीकृत; परियोजना लागत के आधे तक अनुदान, अधिकतम 40 करोड़ रुपये

गुजरात के दाहेज, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा के पारादीप में चल रहे तीन पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों ने मिलकर 3.4 लाख करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है, 3.7 लाख रोजगार पैदा किए हैं और 2,200 से अधिक विनिर्माण इकाइयां स्थापित कराई हैं। जुलाई 2026 में मंजूर भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन के तहत कम-से-कम आठ वर्ग किलोमीटर के तीन पार्क बनेंगे; राज्य सरकार के 500 करोड़ रुपये देने पर केंद्र हर पार्क को 1,000 करोड़ रुपये तक अनुदान देगा। कुल 3,030 करोड़ रुपये में से 3,000 करोड़ रुपये साझा अवसंरचना और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होंगे और योजना पांच साल यानी 2030-31 तक चलेगी। दस स्वीकृत प्लास्टिक पार्कों में से चार का ढांचा पूरी तरह तैयार है, जिनमें तीन 2025-26 में पूरे हुए।

शोध, कौशल और सुरक्षा

8 अक्तूबर 2026 से उन्नत रसायन, पेट्रोरसायन एवं सामग्री प्रौद्योगिकी को एक लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास एवं नवाचार कोष के तहत पात्र क्षेत्र बना दिया गया। सीपेट के अब 51 केंद्र हैं और उसने करीब 6.72 लाख पेशेवरों को प्रशिक्षित किया है, जबकि 18 उत्कृष्टता केंद्रों ने 85 पेटेंट दाखिल किए और 105 नई प्रौद्योगिकियां तथा उत्पाद विकसित किए। 37 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू हैं और विकसित भारत@2047 कार्य योजना के तहत पांच साल में सभी 2,393 बड़ी दुर्घटना जोखिम इकाइयों को प्रशिक्षण के दायरे में लाया जाएगा। 14वां इंडिया केम 2026 मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक हुआ, जिसका विषय 'एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब' था और इसमें 5,000 से अधिक लोग पहुंचे।

महत्वपूर्ण तथ्य

वैश्विक रैंकदुनिया में छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक, एशिया में चौथा
क्षेत्र का मूल्यलगभग 220 अरब अमेरिकी डॉलर; 2030 तक 300 अरब और 2040 तक एक हजार अरब डॉलर का अनुमान
विशिष्ट खंडरंगों के निर्माण एवं निर्यात में दूसरा; कृषि रसायनों के निर्यात में तीसरा
उद्योग आधारलगभग 13,000 बड़ी इकाइयां और 4.45 लाख एमएसएमई
चालू पीसीपीआईआरदाहेज (गुजरात), विशाखापत्तनम-काकीनाडा (आंध्र प्रदेश), पारादीप (ओडिशा)
पीसीपीआईआर परिणाम3.4 लाख करोड़ रुपये निवेश, 3.7 लाख रोजगार, 2,200 से अधिक रसायन विनिर्माण इकाइयां
भव्य रसायनभारत औद्योगिक विकास योजना रसायन, जुलाई 2026 में मंजूर; परिव्यय 3,030 करोड़ रुपये, अवधि वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31
एफडीआई प्रवाह2014-2026 में 1,04,895 करोड़ रुपये, जबकि 2004-2014 में 45,240 करोड़ रुपये
उत्पादन2015-16 के 45,638 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 58,617 हजार मीट्रिक टन
इंडिया केम 202614वां संस्करण, मुंबई, 22-24 अक्तूबर 2026, विषय 'एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब'
सीपेटकेंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान; 51 केंद्र, करीब 6.72 लाख पेशेवर प्रशिक्षित
गुणवत्ता नियंत्रण आदेशअगस्त 2026 तक 37 आदेश लागू

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि भारत दुनिया में छठा और एशिया में चौथा रसायन उत्पादक है, क्षेत्र का मूल्य 220 अरब डॉलर है तथा लक्ष्य 2030 तक 300 अरब और 2040 तक एक हजार अरब डॉलर है, तीन चालू पीसीपीआईआर और उनके राज्य, भव्य रसायन का 3,030 करोड़ रुपये परिव्यय और 14वें इंडिया केम 2026 का विषय तथा स्थान।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

रसायन उत्पादन में भारत दुनिया का कौन-सा सबसे बड़ा उत्पादक है?

  1. A.तीसरा
  2. B.चौथा
  3. C.छठा
  4. D.नौवां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. छठा

भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक है और अलग से एशिया में उसका स्थान चौथा है। इसी कारण विकल्प B भ्रमित करने वाला है, क्योंकि चौथा स्थान एशिया के भीतर है, वैश्विक स्तर पर नहीं।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

समर्पित रसायन पार्कों के लिए बनी भव्य रसायन योजना का कुल परिव्यय कितना है?

  1. A.1,000 करोड़ रुपये
  2. B.3,030 करोड़ रुपये
  3. C.5,000 करोड़ रुपये
  4. D.30,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 3,030 करोड़ रुपये

जुलाई 2026 में मंजूर भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन का कुल परिव्यय इतना ही है, जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये साझा अवसंरचना तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के लिए रखे गए हैं।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत के तीन चालू पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों में शामिल नहीं है?

  1. A.गुजरात में दाहेज
  2. B.ओडिशा में पारादीप
  3. C.आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा
  4. D.पश्चिम बंगाल में हल्दिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पश्चिम बंगाल में हल्दिया

भारत में तीन पीसीपीआईआर चालू हैं - गुजरात का दाहेज, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा का पारादीप। हल्दिया इनमें शामिल नहीं है, इसलिए विकल्प D ही अपवाद है।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?

  1. A.एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब
  2. B.केमिकल्स फॉर अ विकसित भारत
  3. C.ग्रीन केमिस्ट्री, ग्रीन ग्रोथ
  4. D.मेक इन इंडिया, मिक्स इन इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब

इंडिया केम का 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक तीन दिन चला और इसका उद्देश्य रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रसायन उत्पादन में भारत का स्थान क्या है?

भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक और एशिया का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है। यह क्षेत्र लगभग 220 अरब अमेरिकी डॉलर का है और 2030 तक 300 अरब डॉलर तथा 2040 तक एक हजार अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

भव्य रसायन योजना क्या है?

भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन को जुलाई 2026 में मंजूरी मिली। इसके तहत कम-से-कम आठ वर्ग किलोमीटर के तीन समर्पित रसायन पार्क बनेंगे। कुल परिव्यय 3,030 करोड़ रुपये है और राज्य के 500 करोड़ रुपये देने पर केंद्र हर पार्क को 1,000 करोड़ रुपये तक अनुदान देगा।

भारत के चालू पीसीपीआईआर कहां हैं?

तीन पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र चालू हैं - गुजरात में दाहेज, आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा में पारादीप। इन्होंने मिलकर 3.4 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 3.7 लाख रोजगार दिए हैं।

इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?

'एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब'। इसका 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक आयोजित हुआ, जिसमें 5,000 से अधिक लोगों की भागीदारी रही।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS