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वायुसेना के सी-130जे ने लेह से पालम पहुंचाया मरीज

भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान ने रात में लेह से पालम तक गंभीर रूप से बीमार एक नागरिक को पहुंचाया, जिसे बाद में एम्स में भर्ती कराया गया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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वायुसेना के सी-130जे ने लेह से पालम पहुंचाया मरीज

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान ने रात में कम समय की सूचना पर उड़ान भरकर गंभीर रूप से बीमार एक नागरिक मरीज को लेह से पालम पहुंचाया, जहां से उसे एम्स ले जाया गया।

भारतीय वायुसेना के सी-130जे परिवहन विमान ने बेहद कम समय की सूचना पर एक मरीज को निकालने की उड़ान भरी। गंभीर रूप से बीमार एक नागरिक मरीज को देर रात लेह से विमान में लाया गया और पालम पर उतारा गया, ताकि राजधानी में उसका इलाज जारी रह सके। तीस वर्ष के इस मरीज को उतरने के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स ले जाया गया।

बहुत कम समय में तैयार हुई उड़ान

चालक दल को इस उड़ान के लिए बहुत कम समय मिला। विमान ने अंधेरे में और ऐसे मौसम में उड़ान भरी जिसे रक्षा मंत्रालय ने चुनौतीपूर्ण बताया। ऐसी परिस्थिति में न देरी की गुंजाइश रहती है और न किसी चूक की। मंत्रालय के अनुसार इस मिशन के लिए उच्च स्तर की परिचालन तैयारी, विभिन्न एजेंसियों के बीच पेशेवर तालमेल और तय समय के भीतर काम पूरा करना जरूरी था।

लेह से उड़ान क्यों कठिन होती है

लेह लद्दाख की ऊंचाई पर बसा है, जहां पतली हवा, पहाड़ी भूभाग और तेजी से बदलता मौसम उड़ान को सामान्य दिनों में भी कठिन बना देते हैं, और रात के अंधेरे में यह कठिनाई और बढ़ जाती है। ऐसे क्षेत्र के अस्पताल मरीज की हालत संभाल तो सकते हैं, लेकिन गंभीर मामलों को अक्सर किसी बड़े संस्थान तक पहुंचाना पड़ता है। इतनी दूरी समय रहते तय करने का व्यावहारिक रास्ता हवाई मार्ग ही बचता है और यही कमी सैन्य परिवहन विमान पूरी करता है।

मिशन की मुख्य बातें

  • यह उड़ान भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान ने लेह से पालम के लिए भरी
  • मरीज एक नागरिक था, इसलिए यह उड़ान वायुसेना के मानवीय कार्यों में गिनी जाएगी
  • मरीज को आगे के इलाज के लिए एम्स को सौंपा गया

अभ्यर्थियों के लिए

मरीज को विमान से निकालने की यह प्रक्रिया सशस्त्र बलों के उन कार्यों में आती है जो वे नागरिक प्रशासन की मदद के लिए करते हैं, जैसे बाढ़ राहत, भूकंप के बाद बचाव और फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकालना। सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्रों में आमतौर पर यही पूछा जाता है कि कौन सा विमान इस्तेमाल हुआ, मरीज को कहां से लाया गया और विमान कहां उतरा। इसलिए लेह से पालम और फिर एम्स की कड़ी, विमान का नाम तथा रात में उड़ान भरने की बात याद रखनी चाहिए।

महत्वपूर्ण तथ्य

मिशनकम समय की सूचना पर चिकित्सा निकासी
बलभारतीय वायुसेना
विमानसी-130जे परिवहन विमान
कहां सेलेह
कहां उतरापालम
मरीजगंभीर रूप से बीमार नागरिक, आयु तीस वर्ष
परिस्थितिदेर रात, अंधेरा और चुनौतीपूर्ण मौसम
अस्पतालअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: विमान सी-130जे, बल भारतीय वायुसेना, निकासी का मार्ग लेह से पालम, मरीज गंभीर रूप से बीमार नागरिक जिसे रात में कठिन मौसम में लाया गया, और अस्पताल एम्स। इस तरह की चिकित्सा निकासी सशस्त्र बलों के मानवीय कार्यों में गिनी जाती है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षामध्यम

लेह से मरीज को निकालने की उड़ान भारतीय वायुसेना के किस विमान ने भरी?

  1. A.सी-17 ग्लोबमास्टर III
  2. B.सी-130जे
  3. C.एएन-32
  4. D.आईएल-76
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सी-130जे

रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसी प्रकार के विमान ने यह उड़ान भरी और गंभीर रूप से बीमार एक नागरिक मरीज को देर रात लेह से उठाकर पालम पर उतारा, जहां से उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया।

Q2.रक्षामध्यम

गंभीर रूप से बीमार मरीज को लेह से लाकर कहां उतारा गया?

  1. A.हिंडन
  2. B.पालम
  3. C.चंडीगढ़
  4. D.श्रीनगर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पालम

भारतीय वायुसेना का विमान मरीज को लेह से लेकर पालम पर उतरा और इसके बाद मरीज को आगे के इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया।

Q3.रक्षाआसान

वायुसेना का विमान उतरने के बाद मरीज को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया?

  1. A.अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
  2. B.सफदरजंग अस्पताल
  3. C.लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज
  4. D.बेस अस्पताल, लेह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान

रक्षा मंत्रालय के अनुसार विमान के पालम पर उतरने के बाद मरीज को आगे के इलाज के लिए वहीं भेजा गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेह से मरीज को किस विमान से लाया गया?

भारतीय वायुसेना के सी-130जे परिवहन विमान से। यह विमान गंभीर रूप से बीमार एक नागरिक मरीज को देर रात लेह से पालम लाया और फिर मरीज को एम्स ले जाया गया।

यह उड़ान कठिन क्यों मानी जा रही है?

यह उड़ान कम समय की सूचना पर, अंधेरे में और चुनौतीपूर्ण मौसम में भरी गई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसके लिए उच्च स्तर की परिचालन तैयारी, पेशेवर तालमेल और समय पर काम पूरा करना जरूरी था।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा