सीएक्यूएम: एनसीआर उद्योगों में पीटीजेड कैमरे अनिवार्य
सीएक्यूएम ने एनसीआर में निर्देश संख्या 98 के दायरे वाले सभी उद्योगों के लिए पीटीजेड कैमरे अनिवार्य किए, जिन्हें 30 नवंबर 2026 तक चालू करना होगा।

चर्चा में क्यों
16 अक्टूबर 2026 को सीएक्यूएम ने आदेश जारी किया, जिसके तहत एनसीआर में सांविधिक निर्देश संख्या 98 के दायरे वाले हर उद्योग पर पीटीजेड कैमरों से दूरस्थ निगरानी लागू होगी और समय सीमा 30 नवंबर 2026 है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने वायु प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों पर दूर से रखी जाने वाली निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। नए आदेश के तहत पैन-टिल्ट-जूम (पीटीजेड) कैमरे लगाने और चलाने की शर्त अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आयोग के सांविधिक निर्देश संख्या 98 के दायरे में आने वाली सभी श्रेणियों के उद्योगों पर लागू होगी। यह आदेश आयोग के 5 अक्टूबर 2026 के पहले आदेश का स्थान लेता है।
कौन से उद्योग दायरे में
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा चिह्नित अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की सभी 17 श्रेणियाँ
- मध्यम और बड़े आकार की रेड श्रेणी की वायु प्रदूषणकारी इकाइयाँ
- बॉयलर या थर्मिक फ्लूइड हीटर चलाने वाली खाद्य, खाद्य प्रसंस्करण तथा वस्त्र इकाइयाँ
- भट्ठी चलाने वाली धातु इकाइयाँ
कैमरों को क्या देखना होगा
कैमरे बॉयलर, थर्मिक फ्लूइड हीटर, भट्ठी, भट्टे तथा अन्य ईंधन आधारित उपकरणों के हर ईंधन डालने वाले स्थान पर लगाने होंगे, ताकि दिखे कि असल में कौन सा ईंधन जलाया जा रहा है। गैसीय ईंधन वाली इकाइयों को कैमरे वहाँ लगाने होंगे जहाँ से गैस मीटर और गेज पढ़े जा सकें। चिमनी से निकलने वाले उत्सर्जन, ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी तंत्र के नमूना स्थल तथा धुआँ निकासी क्षेत्र के लिए भी कैमरे जरूरी हैं। कैमरों की संख्या और दायरा ऐसा हो कि कोई बड़ा अदृश्य कोना न बचे, और जहाँ एक कैमरा पर्याप्त न हो वहाँ और कैमरे लगाने होंगे।
सीधा प्रसारण और रखरखाव
हर कैमरे को रियल टाइम स्ट्रीमिंग प्रोटोकॉल के जरिए सीपीसीबी तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों या दिल्ली की समिति के सर्वर और पोर्टल पर लगातार सीधा प्रसारण भेजना होगा। इकाइयों की जिम्मेदारी है कि बैकअप सहित बिजली बाधित न हो, उपकरण चालू रहें, और कोई लंबी रुकावट होने पर संबंधित बोर्ड को उठाए गए कदम के साथ सूचना दी जाए। जहाँ रात में काम होता है, वहाँ तस्वीर की स्पष्टता रात में भी बनी रहनी चाहिए।
समय सीमा और अनुपालन
कैमरे लगाने, चालू करने और सीधा प्रसारण शुरू करने का काम 30 नवंबर 2026 तक पूरा करना होगा। सीपीसीबी को फीड लेने के लिए पोर्टल और सर्वर की व्यवस्था करनी है, जबकि राज्य बोर्ड तथा दिल्ली की समिति अपने क्षेत्र में अनुपालन जाँचेंगे। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारें तथा दिल्ली प्रशासन आदेश का पालन सुनिश्चित करेंगे। आयोग के उड़न दस्तों को जाँच में ऐसी इकाइयाँ मिलीं जो मंजूरी के बाहर का ईंधन जला रही थीं, इसी कारण निगरानी कड़ी की गई। चिमनी से निकलने वाले कणिका तत्व द्वितीयक कणिका तत्व भी बनाते हैं और सर्दियों में इनका असर सबसे अधिक होता है, जब ठहरी हवा प्रदूषकों को जमीन के पास रोक लेती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| नियामक | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) |
|---|---|
| आदेश | सांविधिक निर्देश संख्या 98 के तहत पीटीजेड कैमरा निगरानी का विस्तार |
| स्थान लेता है | आयोग का 5 अक्टूबर 2026 का आदेश |
| समय सीमा | 30 नवंबर 2026 तक कैमरे लगाकर चालू करना |
| दायरे के उद्योग | सीपीसीबी की 17 अत्यधिक प्रदूषणकारी श्रेणियाँ, मध्यम-बड़ी रेड श्रेणी इकाइयाँ, बॉयलर वाली खाद्य एवं वस्त्र इकाइयाँ, भट्ठी वाली धातु इकाइयाँ |
| प्रसारण | रियल टाइम स्ट्रीमिंग प्रोटोकॉल से सीपीसीबी, राज्य बोर्ड तथा डीपीसीसी के सर्वर पर |
| अनुपालन | हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली प्रशासन, सीपीसीबी तथा बोर्डों के साथ |
| कारण | उड़न दस्तों की जाँच में एनसीआर की इकाइयों में मंजूरी के बाहर का ईंधन मिला |
परीक्षा की दृष्टि से
नियामक (सीएक्यूएम), निर्देश संख्या (98), तकनीक (पैन-टिल्ट-जूम कैमरे तथा आरटीएसपी सीधा प्रसारण), समय सीमा (30 नवंबर 2026), सीपीसीबी की 17 अत्यधिक प्रदूषणकारी श्रेणियाँ, फीड पाने वाली संस्थाएँ और अनुपालन के लिए नामित राज्य याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
नए सीएक्यूएम आदेश के दायरे वाले एनसीआर उद्योगों को पीटीजेड कैमरे कब तक लगाकर चालू करने होंगे?
- A.31 अक्टूबर 2026
- B.30 नवंबर 2026
- C.31 दिसंबर 2026
- D.31 मार्च 2027
उत्तर देखें
आदेश के अनुसार दायरे में आने वाली हर औद्योगिक इकाई को इस तारीख तक कैमरे लगाकर चालू करने होंगे और सीधा प्रसारण की व्यवस्था भी तैयार रखनी होगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पीटीजेड कैमरा आधारित दूरस्थ निगरानी बढ़ाने का आदेश किस संस्था ने जारी किया?
- A.राष्ट्रीय हरित अधिकरण
- B.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- C.वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (एनसीआर एवं निकटवर्ती क्षेत्र)
- D.दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति
उत्तर देखें
उसी ने अपने सांविधिक निर्देश के तहत यह आदेश जारी किया और कैमरा आधारित निगरानी का दायरा बढ़ाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीएक्यूएम आदेश के तहत पीटीजेड कैमरों को किस प्रोटोकॉल से वीडियो भेजना होगा?
- A.फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल
- B.रियल टाइम स्ट्रीमिंग प्रोटोकॉल
- C.सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल
- D.हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल
उत्तर देखें
आदेश में कैमरों की फीड को प्रदूषण नियंत्रण संस्थाओं के निर्धारित सर्वर और पोर्टल पर लगातार सीधे भेजने के लिए यही प्रोटोकॉल बताया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीएक्यूएम ने एनसीआर के उद्योगों के लिए क्या अनिवार्य किया है?
सांविधिक निर्देश संख्या 98 के दायरे वाले सभी उद्योगों के लिए पैन-टिल्ट-जूम कैमरे लगाना और सीधा प्रसारण के साथ चालू करना, 30 नवंबर 2026 तक।
पीटीजेड कैमरे कहाँ लगाने होंगे?
बॉयलर, थर्मिक फ्लूइड हीटर, भट्ठी और भट्टे के ईंधन डालने वाले स्थानों पर, गैसीय ईंधन वाली इकाइयों में गैस मीटर पर, तथा चिमनी उत्सर्जन, ओसीईएमएस नमूना स्थल और धुआँ निकासी क्षेत्र को कवर करने के लिए।
सीधा वीडियो प्रसारण किसे मिलेगा?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों या दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के निर्धारित सर्वर और पोर्टल को, रियल टाइम स्ट्रीमिंग प्रोटोकॉल के जरिए।
सीएक्यूएम ने निगरानी क्यों कड़ी की?
आयोग के उड़न दस्तों को एनसीआर की औद्योगिक इकाइयों की जाँच में मंजूरी के बाहर का ईंधन जलाए जाने के मामले मिले, जिससे अनुपालन निगरानी मजबूत करने की जरूरत सामने आई।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2324557 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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