युवा संगम चरण सात के प्रतिनिधियों ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल से भेंट की। वे कौन हैं?
- A.श्री आर. एन. रवि
- B.श्री सी. वी. आनंद बोस
- C.श्री गुरमीत सिंह
- D.श्री ला. गणेशन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर श्री आर. एन. रवि है, जिन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में आए हुए दल से भेंट की। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनसे सीखने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा देश के विभिन्न हिस्सों के युवाओं के बीच संबंध बनाने के महत्व पर चर्चा की, और इस भेंट से उन्हें मेजबान राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान की झलक मिली। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि इस भेंट के संदर्भ में जिन राज्यपाल का नाम बताया गया है वे श्री आर. एन. रवि ही हैं, कोई अन्य नहीं। परीक्षार्थियों को यह युग्म ध्यान से याद रखना चाहिए, क्योंकि युवा संगम पर प्रश्न अक्सर भेंट करने वाले पदाधिकारी, मेजबान राज्य, नोडल संस्थान और मेजबान संस्थान को मिलाकर पूछे जाते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: युवा संगम चरण सात में उत्तराखंड का दल पश्चिम बंगाल पहुंचा
अभ्यास प्रश्न
युवा संगम भारत सरकार के किस कार्यक्रम के तहत चलाया जाता है?
- A.एक भारत श्रेष्ठ भारत
- B.राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान
- C.उन्नत भारत अभियान
- D.स्टडी इन इंडिया
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व्याख्या
सही उत्तर एक भारत श्रेष्ठ भारत है। युवा संगम इसी कार्यक्रम के तहत होने वाला युवा आदान-प्रदान है और इसका सातवां चरण शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच संपर्क बनाना है। इसमें बीस युग्मित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागी शामिल होते हैं, जिन्हें जोड़े गए राज्य की सांस्कृतिक परंपराएं, शिक्षण संस्थान, नवाचार केंद्र और विकास कार्य दिखाए जाते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह योजना राज्यों में उच्च शिक्षा को वित्तीय सहायता देती है, युवा आदान-प्रदान नहीं कराती। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह अभियान संस्थानों को गांवों के विकास कार्य से जोड़ता है और एक अलग पहल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उसका उद्देश्य विदेशी विद्यार्थियों को भारतीय संस्थानों में लाना है।
युवा संगम चरण सात में उत्तराखंड का दल किस राज्य के दौरे पर गया?
- A.ओडिशा
- B.पश्चिम बंगाल
- C.असम
- D.तमिलनाडु
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व्याख्या
सही उत्तर पश्चिम बंगाल है। उत्तराखंड का यह दल, जिसका नोडल संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय है, पश्चिम बंगाल गया और वहां उसकी मेजबानी आईआईटी खड़गपुर कर रहा है। यात्रा की शुरुआत में दल का स्वागत हुआ, फिर उसने मेजबान राज्य के राज्यपाल से भेंट की और सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत कोलकाता में नदी किनारे के प्रसिद्ध स्थल देखे। विकल्प A यानी ओडिशा गलत है, क्योंकि इस चरण में उत्तराखंड के साथ वह राज्य नहीं जोड़ा गया है। विकल्प C यानी असम भी इसी कारण गलत है, क्योंकि यात्रा के लिए बताया गया मेजबान संस्थान पश्चिम बंगाल में स्थित है। विकल्प D यानी तमिलनाडु भी गलत है, क्योंकि प्रतिनिधियों का पूरा कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की परंपराओं, संस्थानों और स्थलों के इर्द-गिर्द बनाया गया था।
युवा संगम चरण सात की यात्रा में उत्तराखंड के दल की मेजबानी कौन सा संस्थान कर रहा है?
- A.जादवपुर विश्वविद्यालय
- B.विश्व-भारती विश्वविद्यालय
- C.आईआईटी खड़गपुर
- D.प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय
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व्याख्या
सही उत्तर आईआईटी खड़गपुर है, जो आने वाले दल की मेजबानी कर रहा है और उसे मेजबान राज्य के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक तथा शैक्षिक जीवन से परिचित कराने की व्यवस्था कर रहा है। उत्तराखंड की ओर से इस दल का नोडल संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय है, इसलिए यह युग्म इन दोनों संस्थानों पर आधारित है। विकल्प A यानी जादवपुर विश्वविद्यालय गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में मेजबान के रूप में खड़गपुर स्थित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का नाम है। विकल्प B यानी विश्व-भारती विश्वविद्यालय भी इसी कारण गलत है, भले वह भी उसी राज्य में है। विकल्प D यानी प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय भी गलत है। दलों को ऐसे संस्थानों के माध्यम से भेजना सोची-समझी व्यवस्था है, जिससे सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ शैक्षणिक आदान-प्रदान भी हो सके।
दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत बीज प्रमाणन और ट्रेसेबिलिटी के लिए किस पोर्टल का उपयोग होता है?
- A.साथी पोर्टल
- B.कृषि मैपर
- C.विस्तार
- D.ई-समृद्धि
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व्याख्या
सही उत्तर साथी पोर्टल है, जिसका पूरा नाम सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी है। यह बीज उत्पादन से लेकर प्रमाणन और बिक्री तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को स्वचालित करके बीज की हर पीढ़ी पर नजर रखता है, जिससे किसानों को जांची-परखी गुणवत्ता वाला बीज मिलता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कृषि मैपर एक मोबाइल ऐप है जो जियो-फेंसिंग, भूमि की भू-टैगिंग तथा बीज किस्मों के प्रदर्शन और उपज की वास्तविक समय निगरानी के लिए है, बीज प्रमाणन के अभिलेख के लिए नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि विस्तार भी ई-समृद्धि की तरह सीधे भुगतान, बाजार के ताजा आंकड़े और कीमतों में स्थिरता के लिए बना मंच है। विकल्प D इसी कारण गलत है। याद रखें: साथी का संबंध बीज से, कृषि मैपर का भू-टैगिंग से और ई-समृद्धि तथा विस्तार का भुगतान एवं बाजार सूचना से है।
दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत तुअर, मसूर और उड़द की खरीद के लिए कौन दो एजेंसियां अधिकृत हैं?
- A.एफसीआई और सीडब्ल्यूसी
- B.एनसीसीएफ और नेफेड
- C.नाबार्ड और एसएफएसी
- D.एपीडा और एनसीडीसी
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व्याख्या
सही उत्तर एनसीसीएफ और नेफेड है, अर्थात भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड। मिशन के तहत ये दोनों एजेंसियां 2025-26 से 2028-29 तक चार वर्षों के लिए इच्छुक और पंजीकृत किसानों से तुअर, मसूर और उड़द की पूरी मात्रा खरीद सकती हैं, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर निश्चित बाजार मिलता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय खाद्य निगम और केंद्रीय भंडारण निगम को इस मिशन में खरीद एजेंसी नहीं बनाया गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि नाबार्ड कृषि और ग्रामीण ऋण का विकास बैंक है, दालों का खरीदार नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि एपीडा कृषि उत्पादों के निर्यात संवर्धन का काम करता है। इसलिए केवल विकल्प B सही है।