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GK24
रक्षामध्यम

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात किस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा?

  1. A.21,083 करोड़ रुपये
  2. B.38,424 करोड़ रुपये
  3. C.45,600 करोड़ रुपये
  4. D.52,900 करोड़ रुपये

सही उत्तर

B. 38,424 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 38,424 करोड़ रुपये है। नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के आठवें वार्षिक सत्र में रक्षा मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा वस्तुओं का निर्यात इस स्तर पर पहुंच गया, जो देश का अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है, और पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि 60 प्रतिशत से अधिक रही। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस वर्ष के लिए ऐसा कोई आंकड़ा नहीं बताया गया। विकल्प C भी गलत है; यह उपलब्धि और लक्ष्य के बीच का आंकड़ा है, परंतु किसी से मेल नहीं खाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह उस लक्ष्य से भी ऊपर चला जाता है जिसे मंत्री ने आगे का लक्ष्य बताया, अर्थात 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये। परीक्षा के लिए तीन आंकड़े साथ याद रखें: उपलब्धि 38,424 करोड़ रुपये, वृद्धि 60 प्रतिशत से अधिक और लक्ष्य 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात।

पूरा लेख पढ़ें: रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पर: राजनाथ सिंह

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Q1.रक्षाआसान

भारत ने 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य किस वर्ष तक रखा है?

  1. A.2027
  2. B.2028
  3. C.2029
  4. D.2032
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2029

व्याख्या

सही उत्तर 2029 है। एसआईडीएम चैंपियन पुरस्कार प्रदान करते समय रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा निर्यात को इस वर्ष तक 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया। संदर्भ से इसे याद रखना आसान है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, इसलिए लक्ष्य प्राप्त स्तर से कुछ ही अधिक है। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि बताया गया लक्ष्य वर्ष इनमें से कोई नहीं है, और विकल्प D गलत है क्योंकि वह बताए गए वर्ष से बहुत बाद का है। इसी भाषण में रखा दूसरा लक्ष्य भी याद रखें, जिसमें कुल रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक ले जाने की बात कही गई, और मंत्री के अनुसार पिछले बारह वर्षों में इस दिशा में अच्छी प्रगति हुई है।

Q2.रक्षामध्यम

सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.2011
  2. B.2014
  3. C.2017
  4. D.2020
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2017

व्याख्या

सही उत्तर 2017 है। एसआईडीएम की स्थापना इसी वर्ष हुई और तब से यह बड़े रक्षा उद्यमों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप, शिक्षा संस्थानों तथा विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं का साझा मंच बन गया है। आठवें वार्षिक सत्र में रक्षा मंत्री ने घरेलू रक्षा औद्योगिक तंत्र को मजबूत करने और उद्योग की बात नीति-निर्माण तक पहुंचाने में इस संस्था की भूमिका को स्वीकार किया। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि इनमें से कोई भी स्थापना वर्ष नहीं है। परीक्षा के लिए स्थापना वर्ष के साथ उन सुधारों को भी जोड़ लें जिन्हें मंत्री ने निजी क्षमता बढ़ाने वाला बताया: रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया, रक्षा खरीद नियमावली, सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची, सृजन पोर्टल और आईडेक्स।

यह भी याद रखें कि आठवें वार्षिक सत्र में रक्षा मंत्री ने घरेलू रक्षा उद्योग से निजी भागीदारी बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास को मजबूत करने तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया, जिससे भारत की सामरिक स्वायत्तता और आत्मनिर्भरता को बल मिले।

Q3.रक्षामध्यम

9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री ने कुल कितने एसआईडीएम चैंपियन पुरस्कार प्रदान किए?

  1. A.8
  2. B.12
  3. C.15
  4. D.21
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 15

व्याख्या

सही उत्तर 15 है। कुल पंद्रह चैंपियन पुरस्कार दिए गए, जिनमें स्वदेशी तकनीक के विकास, उत्पाद नवाचार, डिजाइन क्षमता, आयात प्रतिस्थापन, निर्माण उत्कृष्टता और निर्यात प्रदर्शन के लिए संस्थानों को सम्मानित किया गया। विकल्प A गलत है, हालांकि आठ की संख्या इस आयोजन से दूसरे रूप में जुड़ी है, क्योंकि पुरस्कार एसआईडीएम के आठवें वार्षिक सत्र में दिए गए। विकल्प B और D गलत हैं, क्योंकि पुरस्कारों की ऐसी कोई संख्या नहीं बताई गई। पुनरावृत्ति के समय दोनों संख्याएं अलग रखें: वार्षिक सत्र का संस्करण आठवां और पुरस्कारों की संख्या पंद्रह। सत्र का विषय सार्वभौम क्षमताओं तथा विवादित सीमाओं, यानी बाधाओं के दौर में भारत की सामरिक स्वायत्तता पर केंद्रित था।

पुरस्कार छह व्यापक क्षेत्रों में उपलब्धि के लिए दिए गए, अर्थात स्वदेशी तकनीक का विकास, उत्पाद नवाचार, डिजाइन, आयात प्रतिस्थापन, निर्माण उत्कृष्टता तथा निर्यात प्रदर्शन। इस अवसर पर रक्षा सचिव, महानिदेशक (अधिग्रहण) तथा उद्योग संगठन के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्तमान अध्यक्ष भी उपस्थित रहे।

Q4.रक्षाआसान

मंगरोल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  1. A.यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी है
  2. B.इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है और यह वाटरजेट प्रणोदन से चलता है
  3. C.यह पश्चिमी नौसेना कमान का विमानवाहक पोत है
  4. D.यह तटरक्षक बल के लिए बना सर्वेक्षण पोत है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है और यह वाटरजेट प्रणोदन से चलता है

व्याख्या

सही उत्तर B है। पोत का चार-पांचवें से अधिक भाग भारत में बना है और इसे तीन डीजल इंजन वाटरजेट के माध्यम से गति देते हैं, जिससे उथले जल में आवश्यक फुर्ती मिलती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मंगरोल पनडुब्बियों की खोज के लिए बना सतही पोत है, स्वयं पनडुब्बी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह छोटा उथले जल पोत है, विमानवाहक नहीं, हालांकि मुंबई में शामिल होने के बाद यह पश्चिमी नौसेना कमान के अंतर्गत ही सेवा देगा। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह भारतीय नौसेना में शामिल हो रहा है और इसका कार्य पनडुब्बी रोधी युद्ध, पानी के नीचे निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान तथा बारूदी सुरंग युद्ध से जुड़े कार्य हैं। यह बंदरगाहों, पोताश्रयों और तटीय मार्गों की सुरक्षा में भी सहयोग देगा।

Q5.रक्षामध्यम

युद्धपोत मंगरोल का नाम किस राज्य के तटीय नगर पर रखा गया है?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.केरल
  3. C.गुजरात
  4. D.ओडिशा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गुजरात

व्याख्या

सही उत्तर गुजरात है। मंगरोल इस राज्य के जूनागढ़ जिले का तटीय नगर और प्रसिद्ध मछली पकड़ने का बंदरगाह है। नौसेना इस नाम का उपयोग पहले भी कर चुकी है, क्योंकि पेनेंट एम85 वाले माइनस्वीपर आईएनएस मंगरोल ने अप्रैल 2004 तक सेवा दी थी। सेवानिवृत्त पोत के नाम पर नया पोत रखना नौसेना की स्थापित परंपरा है, जिससे पुराने पोत की विरासत आगे बढ़ती है। विकल्प A गलत है, हालांकि महाराष्ट्र का मुंबई वह स्थान है जहां समारोह होगा। विकल्प B गलत है, परंतु केरल का कोच्चि पोत के निर्माण का स्थान है, इसलिए दोनों राज्यों में भ्रम हो सकता है। विकल्प D का इस पोत से कोई संबंध नहीं है। तीनों स्थान अलग याद रखें: नाम गुजरात, निर्माण केरल और शामिल होना महाराष्ट्र में।