विशेष अभियान 6.0 का कार्यान्वयन चरण किस अवधि में चलेगा?
- A.16 सितंबर से 30 सितंबर 2026
- B.2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
- C.1 नवंबर से 30 नवंबर 2026
- D.2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026
सही उत्तर
B. 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर है 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026, यानी पूरे महीने चलने वाला कार्यान्वयन चरण, जो मंत्रालयों, विभागों, उनके उपक्रमों और क्षेत्रीय कार्यालयों में एक साथ चलेगा। विकल्प क तैयारी चरण की अवधि है, जिसमें नोडल अधिकारी नामित और प्रशिक्षित किए गए, लंबित संदर्भ चिह्नित हुए, स्वच्छता अभियान वाले कार्यालय तय हुए और पोर्टल पर लक्ष्य अपलोड किए गए, इसलिए यह विकल्प भ्रमित करता है पर गलत है। विकल्प ग अभियान को अगले महीने खिसका देता है, जिसका कोई आधार नहीं है। विकल्प घ अवधि घटाकर पंद्रह दिन कर देता है, जबकि अभियान पूरे अक्टूबर चलता है। दोनों चरणों की तिथियां साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न किसी भी चरण पर पूछा जा सकता है।
यह भी याद रखें कि अभियान अपने छठे वर्ष में है, इसकी प्रगति एक समर्पित पोर्टल पर दर्ज होती है और इसमें मंत्रालयों के साथ उनके सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त निकाय तथा क्षेत्रीय कार्यालय भी शामिल किए जाते हैं, ताकि सफाई, अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों का निपटान पूरे तंत्र में एक साथ हो सके।
पूरा लेख पढ़ें: विशेष अभियान 6.0 का क्रियान्वयन 2 अक्टूबर से शुरू होगा
अभ्यास प्रश्न
विशेष अभियान 6.0 का नोडल विभाग कौन सा है?
- A.व्यय विभाग
- B.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
- C.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
- D.उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
व्याख्या
सही उत्तर है प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, जो कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन है और एक समर्पित पोर्टल के जरिए इस अभियान की निगरानी करता है। इसकी सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने नोडल अधिकारियों की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अपर सचिव पुनीत यादव ने अभियान की प्रगति रखी। विकल्प क सार्वजनिक व्यय और बजट से जुड़ा विभाग है, इस अभियान में उसकी ऐसी भूमिका नहीं है। विकल्प ख इसलिए भ्रमित करता है क्योंकि वह इसी मंत्रालय के अधीन सेवा मामलों को देखता है, पर स्वच्छता और लंबित मामलों का यह अभियान उसका दायित्व नहीं है। विकल्प घ उद्योग और व्यापार से संबंधित है। याद रखने की कुंजी यह है कि सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का संकलन भी यही विभाग जारी करता है।
इस वर्ष विशेष अभियान का मुख्य विषय क्या है?
- A.ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान
- B.कागज रहित कार्यालय और डिजिटल हस्ताक्षर
- C.प्लास्टिक मुक्त सरकारी परिसर
- D.सरकारी भवनों का ऊर्जा लेखा परीक्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान
व्याख्या
सही उत्तर है ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान। इस वर्ष अभियान में ई-कचरे की पहचान और निपटान पर विशेष जोर है, जो ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार किया जाएगा। इसके साथ कार्यालय स्थान का बेहतर उपयोग, कबाड़ और अनावश्यक सामान का निपटान, अभिलेख प्रबंधन तथा लंबित जन शिकायतों का समयबद्ध निपटान भी शामिल है। विकल्प ख उस सुधार दिशा की बात करता है जिस पर सरकार अलग तरीकों से काम करती है, पर वह इस संस्करण का घोषित विषय नहीं है। विकल्प ग और विकल्प घ पर्यावरण से जुड़े ऐसे उपाय हैं जो सुनने में अभियान के करीब लगते हैं, फिर भी इस वर्ष का जोर उन पर नहीं है। विषय के साथ संबंधित नियम भी याद रखें।
आंध्र प्रदेश के 74 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर कितना निवेश किया जा रहा है?
- A.1500 करोड़ रुपये
- B.2500 करोड़ रुपये
- C.3500 करोड़ रुपये
- D.4500 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 3500 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 3500 करोड़ रुपये है। गुंटूर में पुल की आधारशिला रखते समय रेल राज्य मंत्री ने बताया कि पुलों के अलावा आंध्र प्रदेश के 74 रेलवे स्टेशनों को 3500 करोड़ रुपये के निवेश से आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D में दी गई राशियां इस स्टेशन उन्नयन कार्यक्रम के लिए घोषित नहीं की गई हैं, इसलिए वे गलत हैं। इस आंकड़े को पुल से जुड़े अन्य तथ्यों के साथ याद रखना चाहिए, जैसे 668 मीटर लंबाई, 108 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत और 2.9 एकड़ भूमि की आवश्यकता, क्योंकि किसी राज्य विशेष में स्टेशनों के आधुनिकीकरण से जुड़े प्रश्न रेलवे और कर्मचारी चयन परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।
गुंटूर के पास बनने वाला नया चार लेन पुल किस लेवल क्रॉसिंग गेट की जगह लेगा?
- A.गेट नंबर 1
- B.गेट नंबर 3
- C.गेट नंबर 7
- D.गेट नंबर 9
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गेट नंबर 3
व्याख्या
सही उत्तर गेट नंबर 3 है। यह चार लेन रोड ओवर ब्रिज गुंटूर-कृष्णा नहर खंड पर स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 3 की जगह बनाया जा रहा है, जो गुंटूर-नंबूर लाइन पर पड़ता है। गेट हटने से सड़क पर चलने वाले लोगों को गाड़ी गुजरने के समय रुकना नहीं पड़ेगा और ट्रेनों की समयबद्धता भी सुधरेगी। विकल्प A, C और D में दिए गए गेट इस परियोजना से नहीं जुड़े हैं, क्योंकि यहां जिस गेट को हटाया जा रहा है उसका क्रमांक तीन है। यह पुल गुंटूर शहर के इनर रिंग रोड के पास बनेगा और बस स्टैंड रोड को गोरंटला गांव से जोड़ेगा। इसी अवसर पर राज्य भर में लेवल क्रॉसिंग हटाने की व्यापक योजना का भी उल्लेख किया गया।
गुंटूर-नंबूर रोड ओवर ब्रिज की 108 करोड़ रुपये की पूरी लागत कौन वहन कर रहा है?
- A.आंध्र प्रदेश सरकार
- B.रेल मंत्रालय
- C.भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
- D.टोल समझौते के तहत एक निजी कंपनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रेल मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर रेल मंत्रालय है। इस चार लेन पुल की अनुमानित लागत 108 करोड़ रुपये है और यह पूरी राशि रेल मंत्रालय दे रहा है, इसलिए राज्य सरकार पर कोई भार नहीं पड़ रहा। विकल्प A गलत है, क्योंकि आंध्र प्रदेश सरकार इस परियोजना में लागत साझा नहीं कर रही, भले ही पुल गुंटूर शहर के काम आएगा। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह रेल लाइन के लेवल क्रॉसिंग की जगह बनने वाला पुल है और इसमें राजमार्ग प्राधिकरण की कोई भूमिका नहीं है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि इसके लिए किसी निजी कंपनी या टोल व्यवस्था की घोषणा नहीं हुई है। ध्यान रखें कि रेल लाइन पर बनने वाले कई पुलों की लागत रेलवे और राज्य मिलकर उठाते हैं, इसलिए पूरी तरह रेलवे द्वारा वित्तपोषित यह उदाहरण परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।