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GK24
राष्ट्रीयमध्यम

विरासत संरक्षण परियोजनाओं के लिए एचएएल ने कितनी राशि की सैद्धांतिक मंजूरी दी है?

  1. A.13.60 करोड़ रुपये
  2. B.23.60 करोड़ रुपये
  3. C.33.60 करोड़ रुपये
  4. D.123.60 करोड़ रुपये

सही उत्तर

B. 23.60 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 23.60 करोड़ रुपये है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने इसी राशि की वित्तीय सहायता को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक खर्च होगी, और यह व्यय कंपनी के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व का हिस्सा है। इस राशि से तीनों स्थलों पर संरक्षण तथा परिरक्षण का कार्य होगा और दर्शनार्थियों के लिए सुविधाएं भी सुधरेंगी, जिससे सतत विरासत पर्यटन को बल मिलेगा। शेष तीनों आंकड़े गलत हैं, क्योंकि इस समझौते में ऐसी कोई राशि घोषित नहीं हुई। राशि के साथ व्यय की तीन वर्ष की अवधि और भूमिकाओं का विभाजन भी याद रखें, जिसमें निधि क्रियान्वयन में सहयोग देती है और एएसआई तकनीकी निगरानी करता है। हम्पी में उत्तरी तथा दक्षिणी बाजार क्षेत्रों में लगभग 270 मीटर और 250 मीटर की लंबाई में काम प्रस्तावित है।

पूरा लेख पढ़ें: एचएएल, एनसीएफ और एएसआई ने तीन विरासत स्थलों के लिए समझौता किया

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Q1.राष्ट्रीयआसान

एचएएल, एनसीएफ और एएसआई के सहमति ज्ञापन में कौन-से तीन विरासत स्थल शामिल हैं?

  1. A.हम्पी, ताजमहल और बेकल किला
  2. B.हम्पी, खजुराहो और गोलकुंडा किला
  3. C.ताजमहल, कोणार्क और चित्तौड़गढ़ किला
  4. D.अजंता गुफाएं, ताजमहल और बेकल किला
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हम्पी, ताजमहल और बेकल किला

व्याख्या

सही उत्तर हम्पी, ताजमहल और बेकल किला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, राष्ट्रीय संस्कृति निधि और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बीच हुए समझौते में कर्नाटक के हम्पी, उत्तर प्रदेश में आगरा के ताजमहल और केरल के बेकल किले पर संरक्षण तथा विकास कार्य शामिल हैं। शेष विकल्प गलत हैं, क्योंकि उनमें खजुराहो, गोलकुंडा किला, कोणार्क, चित्तौड़गढ़ किला और अजंता गुफाओं जैसे ऐसे स्मारक जोड़े गए हैं जो इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं, भले वे स्वयं संरक्षित स्मारक हैं। परीक्षा की दृष्टि से ध्यान रखें कि चुने गए तीनों स्थल कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और केरल में फैले हैं, तथा धन कंपनी देती है जबकि तकनीकी निगरानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पास रहती है। समझौते पर हस्ताक्षर नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-02 में हुए और एचएएल की ओर से कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) प्रदीप कुमार ने हस्ताक्षर किए।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

समझौते के किस स्थल पर उत्तरी बाजार और दक्षिणी बाजार क्षेत्रों में कार्य प्रस्तावित है?

  1. A.ताजमहल
  2. B.बेकल किला
  3. C.हम्पी
  4. D.कर्तव्य भवन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हम्पी

व्याख्या

सही उत्तर हम्पी है, जो कर्नाटक में है और यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल है। वहां ऐतिहासिक उत्तरी बाजार और दक्षिणी बाजार क्षेत्रों में काम प्रस्तावित है, जिसमें पहले में लगभग 270 मीटर और दूसरे में लगभग 250 मीटर की लंबाई में विकास कार्य होंगे। ताजमहल और बेकल किले पर समझौते के अनुसार पहले से स्वीकृत संरक्षण तथा स्थल विकास के कार्य एएसआई के परामर्श से होंगे, परंतु उनके लिए किसी बाजार क्षेत्र की लंबाई नहीं बताई गई, इसलिए विकल्प क और ख गलत हैं। विकल्प घ विरासत स्थल ही नहीं है: नई दिल्ली का कर्तव्य भवन-02 वह भवन है जहां संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर हुए। हम्पी की दोनों लंबाइयां याद रखें।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

इस समझौते की पक्षकार राष्ट्रीय संस्कृति निधि की स्थापना किसने की थी?

  1. A.संस्कृति मंत्रालय
  2. B.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
  3. C.पर्यटन मंत्रालय
  4. D.हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संस्कृति मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर संस्कृति मंत्रालय है। राष्ट्रीय संस्कृति निधि की स्थापना इसी मंत्रालय ने की थी, जिसका उद्देश्य देश की मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा प्रचार के लिए सरकार और कंपनियों के बीच साझेदारी कराना है, और यह समझौता उसी उद्देश्य का उदाहरण है। विकल्प ख गलत है, क्योंकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण स्मारकों की रक्षा करने वाली तथा कार्य की तकनीकी निगरानी करने वाली एजेंसी है, निधि की स्थापना करने वाली संस्था नहीं। विकल्प ग गलत है क्योंकि इस समझौते में पर्यटन मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। विकल्प घ गलत है क्योंकि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड वह रक्षा सार्वजनिक उपक्रम है जो अपने सामाजिक उत्तरदायित्व कोष से परियोजनाओं के लिए धन दे रहा है। हस्ताक्षर के समय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल भी उपस्थित थे, और यह साझेदारी विरासत क्षेत्र में सरकारी-निजी सहयोग का उदाहरण है।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

एमएसडीसी के निर्णय के अनुसार वन नेशन वन पोर्ट प्रोसेस सुधार सभी बंदरगाहों पर कब तक लागू होंगे?

  1. A.मार्च 2026
  2. B.दिसंबर 2026
  3. C.मार्च 2027
  4. D.मार्च 2030
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मार्च 2027

व्याख्या

सही उत्तर मार्च 2027 है। परिषद ने तय किया कि वन नेशन वन पोर्ट प्रोसेस सुधार, जिनमें एक राष्ट्र एक दस्तावेज़ीकरण, बंदरगाह प्रक्रियाओं का पुनर्गठन और अंतर-मंत्रालयी प्रक्रिया सुधार शामिल हैं, सभी बंदरगाहों पर मार्च 2027 तक लागू किए जाएंगे। यह भी तय हुआ कि सभी बंदरगाह इसी तिथि तक सागर सेतु नामक समुद्री एकल खिड़की से जुड़ जाएं, जिससे दस्तावेज़ और मंजूरियां पूरे देश में एक समान डिजिटल प्रक्रिया से निपटें। एक समान अमल के लिए मंत्री ने रेडी रेकनर जारी किया, जिसमें संबंधित केंद्रीय परिपत्रों के संदर्भ भी हैं। शेष विकल्प गलत हैं क्योंकि इस सुधार के लिए इससे पहले या बाद की कोई समय-सीमा तय नहीं हुई। इसी बैठक में अपनाए गए विजन 2030 और 2047 की अवधि को इस समय-सीमा से नहीं मिलाना चाहिए।

Q5.राष्ट्रीयमध्यम

जहाज निर्माण की निर्यात परियोजनाओं के लिए ऋण जोखिम बीमा नीति किस संस्था ने तैयार की है?

  1. A.न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी
  2. B.ईसीजीसी लिमिटेड
  3. C.भारतीय जीवन बीमा निगम
  4. D.भारतीय साधारण बीमा निगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ईसीजीसी लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर ईसीजीसी लिमिटेड है। बैठक में राष्ट्रीय जहाज निर्माण मिशन के अंतर्गत जहाज निर्माताओं के लिए दो ऋण जोखिम बीमा उत्पादों की घोषणा हुई और दोनों जहाज निर्माण विकास योजना के तहत बनाए गए हैं। शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट क्रेडिट रिस्क इंश्योरेंस पॉलिसी ईसीजीसी लिमिटेड ने तैयार की है और यह निर्यात परियोजनाओं को कवर करती है। विकल्प क में दी गई न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी दूसरी नीति, बिजनेस क्रेडिट शील्ड पॉलिसी, की कर्ता है, जो घरेलू परियोजनाओं की रक्षा करती है, इसलिए वह मिलता-जुलता परंतु गलत विकल्प है। शेष दोनों विकल्पों की इन नीतियों में कोई भूमिका नहीं है। सरकार प्रीमियम पर सहायता देगी और दावा दाखिल होने पर बीमा कंपनियों को भी सहारा देगी। इसका उद्देश्य यह है कि किसी एक किश्त के अटकने से वर्षों चलने वाली जहाज निर्माण परियोजना न रुके। परीक्षा की दृष्टि से निर्यात और घरेलू परियोजनाओं का यह विभाजन तथा दोनों बीमा कंपनियों के नाम अलग-अलग याद रखना चाहिए।