वायुसेना दिवस 2026 की औपचारिक परेड की कमान किसने संभाली?
- A.एयर चीफ मार्शल एपी सिंह
- B.ग्रुप कैप्टन मनीष शर्मा
- C.थल सेनाध्यक्ष
- D.प्रमुख रक्षा अध्यक्ष
सही उत्तर
B. ग्रुप कैप्टन मनीष शर्मा
व्याख्या
सही उत्तर ग्रुप कैप्टन मनीष शर्मा है, जिन्होंने हिंडन में वायुसेना दिवस परेड का नेतृत्व किया। विकल्प ए सबसे आम भ्रम है: वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने परेड की समीक्षा की और संबोधन दिया, और परेड की समीक्षा करना उसकी कमान संभालने से अलग भूमिका है। समीक्षा अधिकारी सलामी लेता है, जबकि परेड कमांडर टुकड़ियों का नेतृत्व करता है। विकल्प सी गलत है क्योंकि थल सेनाध्यक्ष अतिथि के रूप में उपस्थित थे, उनके साथ नौसेना प्रमुख, पूर्व वायु सेना प्रमुख तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नागरिक भी थे। विकल्प डी गलत है क्योंकि परेड के संदर्भ में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष का नाम कहीं नहीं आया। परीक्षा के लिए जोड़ी याद रखें: समीक्षा वायु सेना प्रमुख ने की, कमान एक ग्रुप कैप्टन ने संभाली।
पूरा लेख पढ़ें: भारतीय वायु सेना ने हिंडन में मनाया 94वां वायुसेना दिवस
अभ्यास प्रश्न
भारतीय वायु सेना ने अपनी 94वें वायुसेना दिवस की परेड कहां आयोजित की?
- A.वायु सेना स्टेशन हिंडन, गाजियाबाद
- B.वायु सेना स्टेशन पालम, दिल्ली
- C.वायु सेना स्टेशन चंडीगढ़
- D.वायु सेना स्टेशन प्रयागराज
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व्याख्या
सही उत्तर वायु सेना स्टेशन हिंडन, गाजियाबाद है। वायु सेना ने 8 अक्टूबर 2026 को सेवा के 94 वर्ष पूरे किए और औपचारिक वायुसेना दिवस परेड हिंडन पर आयोजित की, जहां वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने थल सेनाध्यक्ष, नौसेना प्रमुख, पूर्व वायु सेना प्रमुखों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में परेड की समीक्षा की। विकल्प बी पालम गलत है, क्योंकि इस वर्ष का कोई भी हिस्सा वहां नहीं हुआ, हालांकि पहले के वर्षों में पालम परेड की मेजबानी करता रहा है और इसी कारण यह भ्रमित करने वाला विकल्प बनता है। विकल्प सी चंडीगढ़ गलत है क्योंकि इस स्टेशन का कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प डी प्रयागराज भी गलत है। इस वर्ष जिस दूसरी जगह का नाम आया वह वाराणसी का नमो घाट है, पर वह 25 अक्टूबर 2026 के अलग हवाई प्रदर्शन के लिए है, परेड के लिए नहीं।
वायुसेना दिवस 2026 की थीम क्या थी?
- A.भारतीय वायु सेना: तेज, मौन, सर्वोच्च
- B.भारतीय वायु सेना: अचूक, अभेद्य व सटीक
- C.भारतीय वायु सेना: नभः स्पृशं दीप्तम्
- D.भारतीय वायु सेना: चुस्त, वायुवाहित, आत्मनिर्भर
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व्याख्या
सही उत्तर भारतीय वायु सेना: अचूक, अभेद्य व सटीक है, जिसे अंग्रेजी में इनफैलिबल, इम्परवियस एंड प्रिसाइज लिखा गया। वायु सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ये तीन शब्द कोई नारा नहीं, बल्कि बल की शक्ति और संकल्प की अभिव्यक्ति हैं, और ये आसमान की रक्षा सटीकता, दृढ़ता तथा परिचालन उत्कृष्टता के साथ करने के वादे से मेल खाते हैं। विकल्प ए इस प्रश्न के लिए गढ़ा गया है और थीम नहीं था। विकल्प सी गलत है क्योंकि ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ भारतीय वायु सेना का स्थायी ध्येय वाक्य है, किसी एक वर्ष के लिए चुनी गई थीम नहीं, इसलिए अभ्यर्थियों को दोनों में अंतर रखना चाहिए। विकल्प डी में आत्मनिर्भरता जोड़ी गई है, जिसे वायु सेना प्रमुख ने क्षमता निर्माण का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया था, पर वह भाषण का एक बिंदु था, दिवस की थीम नहीं।
94वें वायुसेना दिवस समारोह में निम्नलिखित में से किस इकाई को प्रशस्ति पत्र नहीं मिला?
- A.110 हेलीकॉप्टर यूनिट 'द वैनगार्ड्स'
- B.200 स्क्वाड्रन 'स्कंद'
- C.18 स्क्वाड्रन 'फ्लाइंग बुलेट्स'
- D.इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर रेंज
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व्याख्या
सही उत्तर 18 स्क्वाड्रन 'फ्लाइंग बुलेट्स' है, जो सम्मानित इकाइयों में शामिल नहीं थी। परेड के बाद हुए अलंकरण समारोह में पांच इकाई प्रशस्ति पत्र दिए गए और वे 24 स्क्वाड्रन 'द हॉक्स', 110 हेलीकॉप्टर यूनिट 'द वैनगार्ड्स', 200 स्क्वाड्रन 'स्कंद', 2402 स्क्वाड्रन 'वज्र' तथा इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर रेंज को मिले। इसलिए विकल्प ए, बी और डी इस सूची में आते हैं और उत्तर नहीं हो सकते। यह सूची परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें एक लड़ाकू स्क्वाड्रन, एक हेलीकॉप्टर यूनिट, एक उड़ान इकाई और एक जमीनी प्रतिष्ठान सब शामिल हैं, इसलिए केवल विमानों के नाम याद रखने वाला अभ्यर्थी चूक जाता है। प्रशस्ति पत्रों के साथ ही उसी समारोह में वायु योद्धाओं को वीरता तथा विशिष्ट सेवा के पदक भी दिए गए, जो इकाई प्रशस्ति पत्रों से अलग सम्मान हैं।
सारेक्स-2026 में कितने विदेशी पर्यवेक्षकों ने और कितने देशों से भाग लिया?
- A.18 देशों के 22 पर्यवेक्षक
- B.30 देशों के 32 पर्यवेक्षक
- C.25 देशों के 45 पर्यवेक्षक
- D.40 देशों के 52 पर्यवेक्षक
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व्याख्या
सही उत्तर 30 देशों के 32 पर्यवेक्षक है। पारादीप तट पर हुए इस अभ्यास में उनकी मौजूदगी को समुद्र में बचाव को लेकर देशों के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया, क्योंकि इससे अच्छी कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान हुआ, अलग-अलग बलों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ी और यह भी सामने आया कि अपने क्षेत्र में भारत पर खोज एवं बचाव के भरोसेमंद साथी के रूप में निर्भर किया जाता है। विकल्प A, C और D में दिए आंकड़े इस संस्करण के लिए बताए ही नहीं गए थे। अभ्यास में तटरक्षक बल के पंद्रह जहाज, तीन डोर्नियर विमान, तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, एक चेतक, वायुसेना का सी-130जे और एमआई-17 तथा नौसेना के दो जहाज भी लगाए गए थे, और परिदृश्य में 228 लोगों वाला यात्री विमान समुद्र में उतरा हुआ माना गया।
अक्टूबर 2026 में हुए सारेक्स-2026 अभ्यास का विषय क्या था?
- A.सुरक्षित समुद्र, सुरक्षित तट
- B.प्रौद्योगिकी के सहारे खोज एवं बचाव तैयारी तथा समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना
- C.लचीले तट के लिए नीली अर्थव्यवस्था
- D.एक महासागर, एक प्रतिक्रिया
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर प्रौद्योगिकी के सहारे खोज एवं बचाव तैयारी तथा समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है। पारादीप तट पर हुए 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास के लिए यही विषय चुना गया था और यह उसी दिन दूर-संचालित वाहन के प्रदर्शन तथा तेज, तकनीक से लैस और तालमेल भरे बचाव ढांचे पर दिए गए जोर से साफ भी हुआ। विकल्प A, C और D समुद्र से जुड़े सुनने में सही लगने वाले नारे हैं, लेकिन इनमें से कोई भी इस अभ्यास का विषय नहीं था। यह अभ्यास राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव बोर्ड के तत्वावधान में हुआ, इसकी समीक्षा तटरक्षक महानिदेशक परमेश शिवमणि ने की और इसमें समुद्र तथा हवा में काम करने वाली एजेंसियों को एक साथ लाकर बड़े बचाव अभियान में उनकी तैयारी और आपसी तालमेल को परखा गया। परीक्षा में संस्करण, विषय और स्थान को एक साथ जोड़कर याद रखना चाहिए।