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GK24
पर्यावरणआसान

वर्ष 2026 में जिस संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र का परिचालन मैनुअल जारी हुआ, वह भारत और किस देश के बीच की व्यवस्था है?

  1. A.जर्मनी
  2. B.जापान
  3. C.दक्षिण कोरिया
  4. D.ऑस्ट्रेलिया

सही उत्तर

B. जापान

व्याख्या

सही उत्तर जापान है। पर्यावरण मंत्रालय की विज्ञप्ति में इस दस्तावेज को भारत-जापान संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र का परिचालन मैनुअल बताया गया है, और इसे भारत में जापान के राजदूत श्री केइची ओनो तथा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्कालीन सचिव श्री तन्मय कुमार ने जारी किया। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि इस विज्ञप्ति में जर्मनी, दक्षिण कोरिया या ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी कोई व्यवस्था नहीं है। यह तंत्र द्विपक्षीय है और इसका आधार वह सहयोग ज्ञापन है जिस पर भारत तथा जापान ने 07 अगस्त 2025 को हस्ताक्षर किए, जिसके बाद 08 जून 2026 को कार्यान्वयन नियम अपनाया गया। यह तंत्र पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के अंतर्गत आता है और इसका उद्देश्य भारत की परियोजनाओं में कम कार्बन प्रौद्योगिकी तथा जलवायु वित्त लाना है। परीक्षार्थी को देश, तंत्र और संधि प्रावधान, तीनों की जोड़ी साथ याद रखनी चाहिए।

पूरा लेख पढ़ें: भारत और जापान ने जारी किया जेसीएम परिचालन मैनुअल

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Q1.पर्यावरणमध्यम

भारत-जापान संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र पेरिस समझौते के किस अनुच्छेद के अंतर्गत सहयोग को व्यावहारिक रूप देता है?

  1. A.अनुच्छेद 4.1
  2. B.अनुच्छेद 5.3
  3. C.अनुच्छेद 6.2
  4. D.अनुच्छेद 9.4
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 6.2

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 6.2 है। विज्ञप्ति के अनुसार मैनुअल का जारी होना पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के अंतर्गत भारत और जापान के द्विपक्षीय सहयोग को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। यही प्रावधान देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तांतरित शमन परिणामों के माध्यम से सहयोग की अनुमति देता है। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि इस तंत्र के संदर्भ में विज्ञप्ति में इनमें से किसी प्रावधान का उल्लेख नहीं है और इन्हें जोड़ना तंत्र के विधिक आधार को गलत बताना होगा। परीक्षा के लिए तथ्यों की यह श्रृंखला उपयोगी है, अर्थात 07 अगस्त 2025 के सहयोग ज्ञापन से व्यवस्था बनी, 08 जून 2026 के कार्यान्वयन नियम से यह तय हुआ कि काम कैसे होगा, और 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में जारी परिचालन मैनुअल से पूरी परियोजना प्रक्रिया की विधि मिली, जो प्रोजेक्ट आइडिया नोट से शुरू होती है।

Q2.पर्यावरणकठिन

भारत-जापान संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र से जुड़ा कौन-सा दस्तावेज 08 जून 2026 को अपनाया गया था?

  1. A.सहयोग ज्ञापन
  2. B.कार्यान्वयन नियम
  3. C.परिचालन मैनुअल
  4. D.प्रोजेक्ट आइडिया नोट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कार्यान्वयन नियम

व्याख्या

सही उत्तर कार्यान्वयन नियम है। विज्ञप्ति में तीन चरण क्रम से दिए गए हैं और इनमें कार्यान्वयन नियम वही दस्तावेज है जो 08 जून 2026 को अपनाया गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत और जापान के बीच सहयोग ज्ञापन पर इससे पहले 07 अगस्त 2025 को हस्ताक्षर हुए थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि परिचालन मैनुअल वह दस्तावेज है जो 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में जारी हुआ और जिसकी घोषणा इस विज्ञप्ति में की गई; मंत्रालय इसे संस्थागत तैयारी से कार्यान्वयन की ओर बढ़ने का पड़ाव मानता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रोजेक्ट आइडिया नोट कोई द्विपक्षीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि मैनुअल में वर्णित परियोजना प्रक्रिया का पहला प्रस्तुतीकरण है, और यह प्रक्रिया जेसीएम क्रेडिट जारी करने तथा प्राधिकरण तक चलती है। तीनों तिथियों को तीन दस्तावेजों से मिलाकर याद रखना सबसे सुरक्षित तरीका है।

Q3.पर्यावरणमध्यम

फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात करने वाले सीएक्यूएम ने इस तैनाती से संबंधित पत्र किस संस्था को भेजा था?

  1. A.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
  2. B.राष्ट्रीय हरित अधिकरण
  3. C.भारत मौसम विज्ञान विभाग
  4. D.राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड है। विज्ञप्ति के अनुसार फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती सीएक्यूएम द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजे गए पत्र के बाद की गई, जिसे सामान्यतः सीपीसीबी लिखा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण पर्यावरण से जुड़े विवादों का न्यायिक निकाय है और इस तैनाती में उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग मौसम पूर्वानुमान का काम करता है और यहां उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प D गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आपदा प्रबंधन से जुड़ा है और विज्ञप्ति में उसका जिक्र नहीं है। सीएक्यूएम का पूरा नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग है, और मैदान में दल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों, राज्य नोडल अधिकारियों, जिला अधिकारियों, पराली सुरक्षा बल तथा किसानों के साथ समन्वय करते हैं।

Q4.पर्यावरणमध्यम

पंजाब और हरियाणा में फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती किस अवधि के लिए की गई है?

  1. A.01 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026
  2. B.01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026
  3. C.15 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2026
  4. D.01 नवंबर से 31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 है। विज्ञप्ति में तैनाती की अवधि ठीक यही बताई गई है, क्योंकि पंजाब और हरियाणा में इसी दौरान धान की कटाई होती है तथा फसल अवशेष जलाने की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं, और यही वह समय भी है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वायु गुणवत्ता तेजी से गिरती है। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि ये अवधि को विज्ञप्ति में बताए कटाई मौसम से पहले या बाद खिसका देते हैं, जबकि आयोग ने तैनाती को इसी अवधि के भीतर क्रमिक चरणों में व्यवस्थित किया है। इस अवधि में दलों को अलग-अलग समय के लिए जिले सौंपे गए हैं, जिससे मौसम के बीच निगरानी न टूटे। दल किसानों, पराली सुरक्षा बल, जिला स्तर के अधिकारियों, राज्य सरकार के नोडल अधिकारियों तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ काम करते हैं और प्रतिदिन रिपोर्ट देते हैं।

Q5.पर्यावरणआसान

सीएक्यूएम ने पराली जलाने की रोकथाम के लिए पंजाब और हरियाणा के कितने जिलों में फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं?

  1. A.24 जिले
  2. B.30 जिले
  3. C.34 जिले
  4. D.42 जिले
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 34 जिले

व्याख्या

सही उत्तर 34 जिले है। पर्यावरण मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों राज्यों के 34 जिलों में 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 की अवधि के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, और इसमें पंजाब के 18 तथा हरियाणा के 16 जिले बताए गए हैं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि ये विज्ञप्ति में दिए आंकड़े से मेल नहीं खाते, और अठारह तथा सोलह का योग केवल चौंतीस ही बनता है। पंजाब के लिए नामित जिलों में संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर, पटियाला और लुधियाना शामिल हैं, जबकि हरियाणा के लिए जींद, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, करनाल तथा कुरुक्षेत्र जैसे जिले बताए गए हैं। यह तैनाती सीएक्यूएम द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजने के बाद हुई, और दल जमीनी स्थिति की रिपोर्ट एसएएस नगर स्थित सीएक्यूएम सेल को प्रतिदिन देते हैं। परीक्षार्थी को कुल आंकड़े के साथ राज्यवार बंटवारा भी याद रखना चाहिए।