वर्ष 2025-26 में अंतर्देशीय जलमार्गों पर कितनी माल ढुलाई हुई?
- A.11.8 करोड़ मीट्रिक टन
- B.16.8 करोड़ मीट्रिक टन
- C.21.8 करोड़ मीट्रिक टन
- D.31.8 करोड़ मीट्रिक टन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 21.8 करोड़ मीट्रिक टन है। अंतर्देशीय जलमार्गों पर माल ढुलाई वर्ष 2014-15 में 2.9 करोड़ मीट्रिक टन थी, जो बढ़कर 2025-26 में 21.8 करोड़ मीट्रिक टन हो गई। इस वृद्धि की चक्रवृद्धि वार्षिक दर 20.13 प्रतिशत बैठती है। यह आंकड़ा इसलिए अहम है, क्योंकि समुद्री भारत दृष्टिकोण 2030 के तहत रखा गया 20 करोड़ मीट्रिक टन का लक्ष्य समय से पहले ही पार हो चुका है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह वास्तविक ढुलाई से काफी कम है। विकल्प B भी गलत है और यह तय लक्ष्य से भी नीचे रह जाता है, जबकि लक्ष्य पहले ही पार किया जा चुका है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह बताई गई मात्रा से अधिक है। परीक्षा में दोनों सिरे साथ याद रखें, आधार वर्ष 2014-15 का आंकड़ा और 2025-26 का आंकड़ा।
पूरा लेख पढ़ें: 111 राष्ट्रीय जलमार्ग: सुरक्षित नौवहन की नई व्यवस्था
अभ्यास प्रश्न
भारत में इस समय कितने राष्ट्रीय जलमार्ग हैं?
- A.101
- B.106
- C.111
- D.121
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नौवहन और जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए देश में 111 राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किए गए हैं। इनकी कुल लंबाई 20,187 किलोमीटर है और ये 23 राज्यों तथा 4 केंद्रशासित प्रदेशों में फैले हुए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →देश के पहले नदी प्रकाशस्तंभ किस नदी पर बनाए जा रहे हैं?
- A.गंगा, राष्ट्रीय जलमार्ग-1
- B.ब्रह्मपुत्र, राष्ट्रीय जलमार्ग-2
- C.पश्चिमी तट नहर, राष्ट्रीय जलमार्ग-3
- D.गोदावरी, राष्ट्रीय जलमार्ग-4
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देश में किसी अंतर्देशीय जलमार्ग पर पहली बार प्रकाशस्तंभ बन रहे हैं और ये चार प्रकाशस्तंभ पांडु, बोगीबील, सिलघाट तथा बिश्वनाथ घाट में स्थापित किए जा रहे हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनएचएआई की नई प्रणाली में महत्वपूर्ण राजमार्ग संरचनाओं के डिजाइन की स्वतंत्र जांच मुख्य रूप से कौन करेगा?
- A.पैनल में शामिल आईआईटी और प्रतिष्ठित सरकारी तकनीकी संस्थान
- B.भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
- C.केवल भारतीय मानक ब्यूरो
- D.राज्यों के लोक निर्माण विभाग
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प्रक्रिया के अनुसार प्राधिकरण के पैनल से तीन ऐसे संस्थान या फर्म प्रस्तावित होते हैं और परियोजना की जरूरत के हिसाब से एक या अधिक चुने जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी बड़े नदी पुल के डिजाइन की स्वतंत्र जांच कब जरूरी होगी, जब उसका डिजाइन निर्वहन कम से कम हो:
- A.1,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड
- B.2,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड
- C.3,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड
- D.5,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड
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डिजाइन निर्वहन की यही सीमा है, जिस पर कोई बड़ा नदी पुल इस नई सत्यापन व्यवस्था में आ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पुलों के डिजाइन की स्वतंत्र जांच से जुड़ी एनएचएआई की नीति किस तिथि से प्रभावी होगी?
- A.1 नवंबर 2026
- B.1 दिसंबर 2026
- C.1 जनवरी 2027
- D.1 अप्रैल 2027
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उस तिथि से स्वतंत्र सत्यापन की शर्त इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण मॉडल, हाइब्रिड एन्युटी मॉडल तथा बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर दी जाने वाली हर नई राजमार्ग परियोजना पर लागू होगी, और उन परियोजनाओं पर भी जिनमें डिजाइन सत्यापन या प्रमाण जांच शुरू नहीं हुई थी।
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