वाराणसी में माय भारत युवा सम्मेलन को किस केंद्रीय मंत्री ने संबोधित किया?
- A.केंद्रीय शिक्षा मंत्री
- B.डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री
- C.गिरीश चंद्र यादव
- D.सुनील पालीवाल
सही उत्तर
B. डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री
व्याख्या
सही उत्तर डॉ. मनसुख मांडविया हैं, जो केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री हैं और उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए युवाओं से विकसित भारत के दूत बनने का आग्रह किया। विकल्प ए गलत है क्योंकि यह आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का था, शिक्षा मंत्रालय का नहीं, चाहे इसमें प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया हो। विकल्प सी में उत्तर प्रदेश सरकार के युवा कल्याण एवं खेल राज्य मंत्री का नाम है, जो उपस्थित थे पर वे राज्य मंत्री हैं, केंद्रीय मंत्री नहीं। विकल्प डी में युवा कार्यक्रम विभाग के सचिव का नाम है, जो अधिकारी के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए, मंत्री के रूप में नहीं। केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री तथा सचिव की भूमिकाओं का अंतर परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है, इसलिए इसे स्पष्ट रखें।
पूरा लेख पढ़ें: वाराणसी के बीएचयू में माय भारत युवा सम्मेलन आयोजित
अभ्यास प्रश्न
विकसित भारत के लिए युवा: माय भारत युवा सम्मेलन कहां आयोजित किया गया?
- A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- B.स्वतंत्रता भवन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
- C.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- D.इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर स्वतंत्रता भवन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी है, जहां युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने मेरा युवा भारत के माध्यम से यह सम्मेलन कराया। स्थान का महत्व इस कारण भी है कि इसी परिसर में आईआईटी (बीएचयू) है, जहां प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों को सम्मेलन में सम्मानित किया गया। विकल्प ए का विज्ञान भवन और विकल्प सी का भारत मंडपम, दोनों नई दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए जाने जाते हैं, पर यह आयोजन वहां नहीं हुआ। विकल्प डी का इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का बड़ा सम्मेलन केंद्र है और उसमें राज्य के मंत्री की भागीदारी के कारण भ्रम हो सकता है, लेकिन सम्मेलन वाराणसी में हुआ, लखनऊ में नहीं। इसलिए आयोजन स्थल और शहर, दोनों को साथ याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न इसी अंतर पर बनते हैं।
माय भारत युवा सम्मेलन में नशे के विरुद्ध किस अभियान को रेखांकित किया गया?
- A.नशा मुक्त युवा विकसित भारत अभियान
- B.फिट इंडिया मूवमेंट
- C.खेलो इंडिया युवा अभियान
- D.एक भारत श्रेष्ठ भारत
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर नशा मुक्त युवा विकसित भारत अभियान है। मंत्री ने कहा कि नशा युवाओं की क्षमता, परिवारों के कल्याण तथा राष्ट्रीय प्रगति के लिए चुनौती है, और युवाओं से जागरूकता फैलाने, सकारात्मक विकल्प अपनाने तथा समुदायों को नशा मुक्त समाज की दिशा में जोड़ने को कहा। विकल्प बी का फिट इंडिया मूवमेंट इसी मंत्रालय का शारीरिक फिटनेस से जुड़ा अलग अभियान है। विकल्प सी का खेलो इंडिया युवा अभियान युवा खिलाड़ियों की पहचान और प्रशिक्षण से जुड़ी योजना है, जो भावना में निकट है पर यहां चर्चा का विषय नहीं थी। विकल्प डी का एक भारत श्रेष्ठ भारत जोड़ीदार राज्यों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान की पहल है, इसलिए वह बिलकुल अलग कार्यक्रम है। सही विकल्प वाला अभियान ही वह है जिसे मंत्री ने सीधे इस सम्मेलन से जोड़ा था।
राष्ट्र को समर्पित हो रहा सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क केंद्र किस संस्थान में है और वहां कौन सा एटलस जारी हो रहा है?
- A.आईआईटी मद्रास; सी-स्ट्रोक, मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस
- B.एम्स नई दिल्ली; हृदय इमेजिंग एटलस
- C.आईआईएससी बेंगलुरु; जीनोम एटलस
- D.निमहंस बेंगलुरु; रीढ़ चोट एटलस
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर आईआईटी मद्रास; सी-स्ट्रोक, मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस है। सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क केंद्र आईआईटी मद्रास में है और चेन्नई दौरे के दौरान इसे राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। इसके साथ एक वैश्विक वैज्ञानिक मिशन शुरू होगा, जिसमें भ्रूण अवस्था से वृद्धावस्था तक, जीवन के हर चरण में 100 से अधिक मानव मस्तिष्कों का कोशिकीय स्तर पर त्रि-आयामी नक्शा तैयार किया जाएगा। सी-स्ट्रोक को अपनी तरह का पहला मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस बताया गया है और इसमें स्ट्रोक से प्रभावित मस्तिष्क के 1,000 से अधिक सूक्ष्मदर्शीय खंडों का विस्तृत विवरण है, जिससे दुनिया भर के शोधकर्ता उपचार के नए लक्ष्य पहचान सकेंगे। विकल्प B, C और D में दूसरे प्रसिद्ध संस्थानों तथा दूसरी तरह के एटलस के नाम हैं, जिनका इस घोषणा में कोई उल्लेख नहीं है। याद रखने योग्य जोड़ी है — मस्तिष्क केंद्र के साथ आईआईटी मद्रास और एटलस का नाम सी-स्ट्रोक।
पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमकुडी और नमक्कल के पांच रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किस योजना के तहत हुआ है?
- A.अमृत भारत स्टेशन योजना
- B.आदर्श स्टेशन योजना
- C.सेतु भारतम
- D.भारतमाला परियोजना
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर अमृत भारत स्टेशन योजना है। तमिलनाडु में उद्घाटन के लिए नामित पांच स्टेशन — पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमकुडी और नमक्कल — इसी योजना के तहत पुनर्विकसित हुए हैं और अमृत स्टेशन के रूप में खोले जा रहे हैं। ये 750 करोड़ रुपये से अधिक की उन रेल परियोजनाओं का हिस्सा हैं, जिनमें कराइकल-पेरालम रेल लाइन और कोयंबटूर क्षेत्र के तीन रेल उपरिगामी पुल भी शामिल हैं। विकल्प B की आदर्श स्टेशन योजना रेलवे का एक अलग कार्यक्रम है और यहां उसका नाम नहीं है। विकल्प C सेतु भारतम राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुलों और समपारों से जुड़ा कार्यक्रम है, स्टेशन भवनों से नहीं। विकल्प D भारतमाला परियोजना राजमार्ग विकास का कार्यक्रम है, जिसका स्टेशन पुनर्विकास से कोई संबंध नहीं है। अभ्यर्थी अमृत स्टेशन शब्द को इसी योजना से जोड़कर पांचों नाम याद रखें।
चेन्नई में खुलने वाला पूनामल्ली-वडापलानी कॉरिडोर किस परियोजना का हिस्सा है और इसकी खास बात क्या है?
- A.चेन्नई मेट्रो का पहला चरण, भूमिगत जुड़वां सुरंग के साथ
- B.चेन्नई मेट्रो का दूसरा चरण, 3.7 किलोमीटर लंबे दो-स्तरीय ढांचे के साथ
- C.चेन्नई उपनगरीय रेल, केबल आधारित एलिवेटेड पुल के साथ
- D.चेन्नई मेट्रो का तीसरा चरण, तैरते स्टेशन के साथ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर चेन्नई मेट्रो का दूसरा चरण, 3.7 किलोमीटर लंबे दो-स्तरीय ढांचे के साथ है। पूनामल्ली से वडापलानी तक का यह खंड चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का भाग है, इसे लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, और इसकी पहचान 3.7 किलोमीटर लंबा दो-स्तरीय ढांचा है। इसमें चालक-रहित ट्रेनों के संचालन में सहायक उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली भी लगी है। इससे यात्रियों का दैनिक यात्रा समय घटने तथा शहर के तेजी से बढ़ते पश्चिमी उपनगरों और केंद्र के बीच संपर्क सुधरने की उम्मीद है। विकल्प A इसे गलत ढंग से पहले चरण में रखता है और भूमिगत सुरंग जोड़ देता है। विकल्प C इसे उपनगरीय रेल प्रणाली का हिस्सा बताता है, जो घोषणा में नहीं है। विकल्प D इसे तीसरे चरण में ले जाकर तैरते स्टेशन की बात करता है, जिसका कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए केवल विकल्प B चरण और ढांचे, दोनों के हिसाब से सही है।