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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

वैज्ञानिक अनुसंधान सुविधाओं को साझा करने वाले आई-स्टेम पोर्टल का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने किस माह और वर्ष में किया था?

  1. A.जनवरी 2018
  2. B.जनवरी 2020
  3. C.अगस्त 2021
  4. D.जनवरी 2023

सही उत्तर

B. जनवरी 2020

व्याख्या

सही उत्तर जनवरी 2020 है। आई-स्टेम, यानी इंडियन साइंस टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज़ मैप, की परिकल्पना और सहयोग प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने किया, और प्रधानमंत्री ने जनवरी 2020 में इसका शुभारंभ किया। तब से यह लगभग 4,000 संस्थानों के 31,000 से अधिक वैज्ञानिक उपकरणों और 65,000 से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं वाला राष्ट्रीय संसाधन बन चुका है।

बाकी तिथियां भ्रम के लिए हैं। पोर्टल 21 सितंबर 2026 को फिर चर्चा में आया, जब पीएसए कार्यालय ने वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी की अध्यक्षता में 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ पहली राज्य सरकार नोडल अधिकारी बैठक की। उद्देश्य यह है कि राज्य विश्वविद्यालय और प्रयोगशालाएं आई-स्टेम से जुड़ें, ताकि सार्वजनिक धन से खरीदे गए महंगे उपकरण साझा हों और हर संस्थान को उन्हें दोबारा न खरीदना पड़े।

पूरा लेख पढ़ें: पीएसए कार्यालय ने आई-स्टेम पर राज्य नोडल अधिकारियों की पहली बैठक की

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आई-स्टेम पोर्टल की परिकल्पना और सहयोग किस कार्यालय ने किया है?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  3. C.प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय
  4. D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय

व्याख्या

सही उत्तर प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय है। पीएसए कार्यालय ने आई-स्टेम की परिकल्पना की और इसे सहयोग देता है, और इसी कार्यालय ने 21 सितंबर 2026 को पोर्टल के लिए पहली राज्य सरकार नोडल अधिकारी बैठक बुलाई। बैठक की अध्यक्षता पीएसए कार्यालय की वैज्ञानिक सचिव डॉ. (श्रीमती) परविंदर मैनी ने की।

बाकी विकल्प इसलिए विश्वसनीय लगते हैं क्योंकि ये सभी भारत के विज्ञान प्रशासन का हिस्सा हैं। नीति आयोग सरकार का नीति थिंक टैंक है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अनुसंधान को वित्त देता है और कई विज्ञान कार्यक्रम चलाता है। सीएसआईआर राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है, और उपकरणों के लिए उसका अपना एनालिटिक्स पोर्टल अब एपीआई के ज़रिए आई-स्टेम से जोड़ा जा रहा है, इसलिए यह खास तौर पर आकर्षक गलत उत्तर है। लेकिन पोर्टल स्वयं पीएसए कार्यालय का है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

पीएसए कार्यालय के अनुसार आई-स्टेम पोर्टल पर कितने से अधिक वैज्ञानिक उपकरण दर्ज हैं?

  1. A.11,000
  2. B.21,000
  3. C.31,000
  4. D.41,000
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 31,000

व्याख्या

सही उत्तर 31,000 है। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के अनुसार आई-स्टेम पर अब लगभग 4,000 संस्थानों के 31,000 से अधिक वैज्ञानिक उपकरण दर्ज हैं, और इसके 65,000 से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। ₹20 लाख से अधिक लागत वाले सार्वजनिक वित्तपोषित उपकरणों को पोर्टल पर सूचीबद्ध करने से अनुसंधान अवसंरचना तक साझा पहुंच और मज़बूत होती है।

बाकी आंकड़े भ्रम के लिए हैं। परीक्षा के लिए तीनों पैमाने वाले आंकड़े साथ याद रखें: 31,000 से अधिक उपकरण, लगभग 4,000 संस्थान और 65,000 से अधिक उपयोगकर्ता। बैठक के आंकड़ों को पोर्टल के आंकड़ों से अलग रखें: 21 सितंबर 2026 की पहली राज्य सरकार नोडल अधिकारी बैठक में 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी शामिल हुए। पोर्टल का उद्देश्य मौजूदा उपकरणों का बेहतर उपयोग और अनुसंधान तंत्र में निवेश के दोहराव को कम करना है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड यह सहायता किस वित्तीय माध्यम से दे रहा है?

  1. A.ब्याज रहित सीधा अनुदान
  2. B.सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड
  3. C.वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर
  4. D.व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण सब्सिडी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर

व्याख्या

सही उत्तर वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर है। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को यह सहायता इसी माध्यम से दे रहा है। यह एक प्रकार का ऋण पत्र होता है, जिसे रखने वाले के पास तय अवधि के बाद उसे कंपनी के इक्विटी शेयरों में बदलने का विकल्प होता है। विकल्प क गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में इस राशि को अनुदान नहीं बताया गया और परिवर्तनीय साधन का चुनाव ही इसे सामान्य सब्सिडी से अलग करता है। विकल्प ख गलत है, क्योंकि सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड सरकार पर्यावरण से जुड़े खर्च के लिए बाजार से जुटाती है और उसका इस स्वीकृति से कोई संबंध नहीं है। विकल्प घ भी गलत है, क्योंकि व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण मुख्य रूप से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दिया जाता है। जिस कोष से यह राशि आई है, वह 1 लाख करोड़ रुपये का है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने आरडीआई कोष से यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज को कितनी सहायता स्वीकृत की है?

  1. A.150 करोड़ रुपये
  2. B.285 करोड़ रुपये
  3. C.570 करोड़ रुपये
  4. D.1,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 285 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 285 करोड़ रुपये है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन काम करने वाले प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने चेन्नई की यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को उसके स्वदेशी ई-प्लेन उन्नत हवाई गतिशीलता समाधान के लिए अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष से यह राशि स्वीकृत की है। विकल्प ग सबसे अधिक भ्रमित करने वाला है, क्योंकि वह पूरी परियोजना की स्वीकृत लागत है, बोर्ड का हिस्सा नहीं। इस तरह बोर्ड कुल खर्च का लगभग आधा हिस्सा उठा रहा है और शेष राशि दूसरे स्रोतों से आएगी। विकल्प क और विकल्प घ घोषणा में कहीं नहीं आते और केवल संभावित दिखने वाले आंकड़े हैं। यह सहायता सीधे अनुदान के रूप में नहीं, बल्कि वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के जरिए दी जा रही है और इसका उद्देश्य तकनीक को टीआरएल-6 से टीआरएल-9 तक पहुंचाना है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित किया जा रहा ई 200 एक्स किस प्रकार का विमान है?

  1. A.पिस्टन इंजन वाला दो सीट का प्रशिक्षण विमान
  2. B.तीन सीटों वाला कार्बन उत्सर्जन रहित हवाई गतिशीलता विमान
  3. C.बिना पायलट वाला मालवाहक ड्रोन
  4. D.साठ यात्रियों वाला टर्बोप्रॉप यात्री विमान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीन सीटों वाला कार्बन उत्सर्जन रहित हवाई गतिशीलता विमान

व्याख्या

सही उत्तर तीन सीटों वाला कार्बन उत्सर्जन रहित हवाई गतिशीलता विमान है। विज्ञप्ति के अनुसार ई 200 एक्स में एक पायलट और दो यात्री बैठते हैं, इसकी लक्षित उड़ान सीमा 110 किलोमीटर और गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है तथा इसका लैंडिंग गियर पारंपरिक और ऊर्ध्वाधर दोनों तरह की लैंडिंग के लिए बना है, जिससे यह कम जगह से भी संचालित हो सकता है। विकल्प क गलत है क्योंकि यह विमान बिजली से चलता है, इसमें तीन सीटें हैं और इसे प्रशिक्षण विमान नहीं बताया गया। विकल्प ग इसलिए गलत है कि इसमें पायलट विमान में ही बैठता है, इसलिए यह मानवरहित मंच नहीं है। विकल्प घ हर दृष्टि से गलत है, क्योंकि ई 200 एक्स एक छोटा विद्युत विमान है, कोई यात्री विमान नहीं। इसके स्वदेशी हिस्सों में वर्टिकल रोटर, फॉरवर्ड प्रोपेलर और शीतलन प्रणाली वाले बैटरी पैक शामिल हैं।