ट्राई की अप्रैल-जून 2026 रिपोर्ट के अनुसार प्रति वायरलेस डेटा उपभोक्ता मासिक डेटा उपयोग कितना रहा?
- A.21.45 जीबी
- B.26.70 जीबी
- C.28.39 जीबी
- D.32.80 जीबी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 28.39 जीबी है। जून 2026 को समाप्त तिमाही में प्रति वायरलेस डेटा उपभोक्ता मासिक औसत डेटा उपयोग इस स्तर पर पहुंच गया, जो मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में 26.70 जीबी था। विकल्प B वही पुराना आंकड़ा है और इसलिए पिछली तिमाही का है, समीक्षाधीन तिमाही का नहीं। विकल्प A और विकल्प D रिपोर्ट की किसी भी तिमाही से मेल नहीं खाते। इसी रिपोर्ट में तिमाही की कुल मोबाइल डेटा खपत 77,953 पीबी से बढ़कर 84,424 पीबी दर्ज हुई है, जबकि प्रति जीबी वायरलेस डेटा से औसत आय 7.51 रुपये से घटकर 7.13 रुपये रह गई। इससे समझ आता है कि डेटा का दाम गिरते रहने पर भी खपत कैसे बढ़ती है। इसके बावजूद वायरलेस सेवा का मासिक एआरपीयू बढ़कर 187.12 रुपये हो गया, क्योंकि उपभोक्ता पहले से काफी अधिक डेटा खर्च कर रहे हैं।
पूरा लेख पढ़ें: ट्राई रिपोर्ट: टेलीफोन उपभोक्ता 1,348.08 मिलियन हुए
अभ्यास प्रश्न
ट्राई की प्रदर्शन संकेतक रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 के अंत में भारत में कुल टेलीफोन उपभोक्ता कितने थे?
- A.1,330.58 मिलियन
- B.1,300.25 मिलियन
- C.1,348.08 मिलियन
- D.1,114.17 मिलियन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 1,348.08 मिलियन है। जून 2026 को समाप्त तिमाही की रिपोर्ट में वायरलेस और वायरलाइन कनेक्शनों को मिलाकर यही कुल संख्या दर्ज है, जो पिछली तिमाही से 1.31 प्रतिशत और एक साल पहले की समान तिमाही से 10.65 प्रतिशत अधिक है। विकल्प A मार्च 2026 के अंत का आंकड़ा है, यानी पिछली तिमाही की संख्या, जहां से यह आधार बढ़ा है। विकल्प B केवल मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस कनेक्शनों का कुल है, इसलिए इसमें वायरलाइन उपभोक्ता शामिल नहीं हैं। विकल्प D तिमाही के अंत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या है, जो बिल्कुल अलग संकेतक है, क्योंकि बहुत से कनेक्शन टेलीफोन उपभोक्ता के रूप में गिने जाते हैं, पर इंटरनेट उपभोक्ता नहीं होते। परीक्षार्थी को हर आंकड़े को उसके संकेतक से जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि कुल टेलीफोन उपभोक्ता, वायरलेस उपभोक्ता और इंटरनेट उपभोक्ता एक ही रिपोर्ट की तीन अलग गणनाएं हैं।
जून 2026 को समाप्त तिमाही के अंत में भारत का कुल टेली-घनत्व कितना था?
- A.90.96 प्रतिशत
- B.93.26 प्रतिशत
- C.94.31 प्रतिशत
- D.153.43 प्रतिशत
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 94.31 प्रतिशत है। टेली-घनत्व हर सौ लोगों पर टेलीफोन कनेक्शन की संख्या बताता है और कुल टेली-घनत्व मार्च 2026 के अंत के 93.26 प्रतिशत से बढ़कर जून 2026 के अंत में 94.31 प्रतिशत हो गया। इसलिए विकल्प B पिछली तिमाही का आंकड़ा है, मौजूदा तिमाही का नहीं। विकल्प A वायरलेस टेली-घनत्व है, जिसमें मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस कनेक्शन गिने जाते हैं और जो कुल आंकड़े से कम रहता है, क्योंकि कुल आंकड़े में वायरलाइन कनेक्शन भी जुड़ते हैं। विकल्प D शहरी टेली-घनत्व है, जो सौ से अधिक है, क्योंकि शहरों में बहुत लोग एक से अधिक कनेक्शन रखते हैं; इसके मुकाबले ग्रामीण टेली-घनत्व 60.89 प्रतिशत रहा। चारों टेली-घनत्व अलग-अलग याद रखने चाहिए, क्योंकि परीक्षा में शहरी आंकड़ा कुल आंकड़े की जगह रख दिया जाता है।
382वें प्रतिवेदन के अनुसार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में पदों की स्थिति क्या है?
- A.39 स्वीकृत पदों में 23 अधिकारी पदस्थ
- B.52 स्वीकृत पदों में 39 अधिकारी पदस्थ
- C.39 स्वीकृत पदों में 16 अधिकारी पदस्थ
- D.सभी स्वीकृत पद स्थायी आधार पर भरे हुए
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 39 स्वीकृत पदों में 23 अधिकारी पदस्थ है, यानी 41 प्रतिशत पद रिक्त हैं। समिति ने इस कमी को रेखांकित किया और याद दिलाया कि जनशक्ति की भर्ती डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की प्रमुख सिफारिशों में थी। विकल्प B गलत है क्योंकि इसमें दी गई स्वीकृत संख्या प्रतिवेदन में कहीं नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि 16 सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के पदों की संख्या है, जिन्हें समिति वरिष्ठ नेतृत्व की केवल पूरक परत मानती है, विशेषज्ञता का विकल्प नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रतिवेदन इसके उलट कहता है कि सभी 39 स्थायी पद प्रतिनियुक्ति से भरे हैं, और चूँकि प्रतिनियुक्ति दो से तीन वर्ष की होती है, समिति साइकोमेट्रिक्स, परीक्षा सुरक्षा और डाटा एनालिटिक्स के विशेषज्ञों वाला स्थायी काडर चाहती है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर 382वाँ प्रतिवेदन प्रस्तुत करने वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष कौन हैं?
- A.डॉ. के. राधाकृष्णन
- B.श्री मुकुल वासनिक
- C.श्री हरिवंश
- D.श्री जयंत चौधरी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर श्री मुकुल वासनिक है। वे राज्यसभा के सदस्य हैं और शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षता करते हैं, जिसने "राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार और सुदृढ़ीकरण" विषय पर 382वाँ प्रतिवेदन 9 अक्तूबर 2026 को राज्यसभा के सभापति को प्रस्तुत किया। विकल्प A गलत है क्योंकि अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव डॉ. के. राधाकृष्णन परीक्षा सुधार पर बनी अलग उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष थे और इस समिति के सामने केवल अपने विचार रखने आए थे। विकल्प C गलत है क्योंकि श्री हरिवंश राज्यसभा के उपसभापति हैं और इस समिति की अध्यक्षता उनके पास नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि श्री जयंत चौधरी कौशल विकास से जुड़े मंत्री हैं, इस समिति के अध्यक्ष नहीं। परीक्षा के लिए प्रतिवेदन संख्या, अध्यक्ष और सदन को साथ जोड़कर याद रखें।
382वें प्रतिवेदन के अनुसार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की परीक्षाओं में हर वर्ष लगभग कितने अभ्यर्थी बैठते हैं?
- A.लगभग 50 लाख
- B.लगभग 80 लाख
- C.लगभग 1.2 करोड़
- D.लगभग 2.5 करोड़
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर लगभग 1.2 करोड़ है। समिति ने दर्ज किया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी जिन परीक्षाओं का आयोजन करती है, उनमें प्रतिवर्ष करीब 1.2 करोड़ छात्र बैठते हैं, और इसी कारण वह एजेंसी को उच्च शिक्षा प्रणाली का प्रवेश द्वार कहती है। प्रतिवेदन में जेईई-मुख्य, नीट-यूजी, यूजीसी-नेट और सीयूईटी का नाम आया है, तथा यह भी कहा गया है कि नीट जैसी अखिल भारतीय परीक्षा के लिए संघ, राज्य और स्थानीय प्रशासन को एक साथ काम करना पड़ता है। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि वे प्रतिवेदन में दिए आँकड़े से कम संख्या बताते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि वह आँकड़े को बढ़ाकर दिखाता है। यह संख्या परीक्षा के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है, क्योंकि समिति इसी आधार पर कहती है कि एजेंसी के संसाधन और जवाबदेही उसकी जिम्मेदारी के अनुरूप होने चाहिए।