स्वदेशी 32-स्लाइस सीटी स्कैनर के विकास के लिए किस कंपनी को सहायता दी गई है?
- A.पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
- B.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
- C.हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड
- D.एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड है, जो कर्नाटक के मलूर में स्थित निर्माता है और जिसका पहले का काम रेडियोथेरेपी तथा रेडियोलॉजी में रहा है। उच्च परिशुद्धता वाली इमेजिंग में अपनी क्षमता के आधार पर कंपनी ने नैदानिक स्कैनर का डिजाइन, विकास और तैनाती का काम उठाया है, और बोर्ड के साथ हुआ समझौता इस प्रयास को व्यावसायिक बिक्री तक पैसा देगा। विकल्प ख रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स का सार्वजनिक उपक्रम है और इस समझौते का पक्ष नहीं था। विकल्प ग सार्वजनिक क्षेत्र की दवा कंपनी है, उपकरण डिजाइन करने वाली नहीं। विकल्प घ स्वास्थ्य उत्पादों और गर्भनिरोधकों से जुड़ा सार्वजनिक उपक्रम है। कंपनी, उसके राज्य कर्नाटक और स्कैनर की स्लाइस संख्या, तीनों अलग-अलग पूछे जा सकते हैं, इसलिए तीनों को साथ याद रखना चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि मेक इन इंडिया के तहत चिकित्सा उपकरणों को प्राथमिकता वाला क्षेत्र माना गया है।
पूरा लेख पढ़ें: स्वदेशी 32-स्लाइस सीटी स्कैनर के लिए टीडीबी ने समझौता किया
अभ्यास प्रश्न
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड किस विभाग के अधीन काम करता है?
- A.जैव प्रौद्योगिकी विभाग
- B.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
- C.स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग
- D.फार्मास्यूटिकल्स विभाग
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बोर्ड इसी विभाग के भीतर है और उन भारतीय उद्यमों को आर्थिक मदद देता है जो स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित कर उसे बाजार तक पहुंचाते हैं, इसलिए स्वदेशी कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैनर का समझौता करने वाली संस्था यही बनी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैनर अपनी तस्वीरें किस तरह बनाता है?
- A.शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र शरीर के हाइड्रोजन नाभिकों को एक दिशा में करते हैं
- B.उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगें ऊतकों से टकराकर लौटती हैं
- C.घूमता एक्स-रे तंत्र और डिजिटल डिटेक्टर, जिनकी रीडिंग कंप्यूटर एल्गोरिदम से जुड़ती है
- D.रक्त में डाले गए रेडियोसक्रिय ट्रेसर की गति पर नजर रखी जाती है
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कंप्यूटेड टोमोग्राफी मशीन में एक्स-रे स्रोत मरीज के चारों ओर घूमता है और डिटेक्टर शरीर से पार निकली किरणों को दर्ज करते हैं, फिर सॉफ्टवेयर उन रीडिंग से शरीर के भीतर की संरचनाओं की अनुप्रस्थ काट वाली तस्वीरें जोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्यशाला में बताई गई पांच संप्रभु प्रतिबद्धताओं में निम्न में से कौन सम्मिलित नहीं थी?
- A.ऊर्जा स्वतंत्रता
- B.नेट-जीरो उत्सर्जन और औद्योगिक कार्बन उन्मूलन
- C.सबके लिए ऊर्जा की पहुंच
- D.परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता
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आईआईटी दिल्ली-अबू धाबी के प्रोफेसर आर. आर. सोंडे ने सम्मानित अतिथि के रूप में पांच संप्रभु प्रतिबद्धताएं रखीं, जिनमें ऊर्जा स्वतंत्रता, आर्थिक विकास, नेट-जीरो उत्सर्जन तथा औद्योगिक कार्बन उन्मूलन, सबके लिए ऊर्जा की पहुंच और स्वच्छ पर्यावरण आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय हाइड्रोजन और ईंधन सेल दिवस की कार्यशाला कहां आयोजित हुई?
- A.आईआईटी दिल्ली, नई दिल्ली
- B.आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क, चेन्नई
- C.आईआईएससी बेंगलुरु
- D.एआरसीआई परिसर, हैदराबाद
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सही उत्तर आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क, चेन्नई है, जहां 13 अक्टूबर 2026 को हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में हाल की प्रगति पर 9वीं कार्यशाला हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला पर 9वीं कार्यशाला किस केंद्र ने आयोजित की?
- A.एआरसीआई, अंतरराष्ट्रीय चूर्ण धातुकर्म एवं नव पदार्थ उन्नत अनुसंधान केंद्र
- B.राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान
- C.केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान
- D.राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला
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इसने राष्ट्रीय हाइड्रोजन और ईंधन सेल दिवस के अवसर पर चेन्नई के आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क में यह कार्यशाला की, जिसमें शिक्षा जगत, शोध संस्थानों तथा उद्योग से लगभग 150 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
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