सूरजकुंड शिल्प मेला किस वर्ष आरंभ हुआ?
- A.1966
- B.1987
- C.1995
- D.2013
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, 1987 है। सूरजकुंड मेला 1987 में राज्य के शिल्प मेले के रूप में आरंभ हुआ और तब से प्रति वर्ष फरवरी में लगता है, जिसमें देश भर से शिल्पकार तथा लोक कलाकार सूरजकुंड के परिसर में आते हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि 1966 वह वर्ष है जब 1 नवंबर को हरियाणा राज्य बना, इसी कारण यह तिथि आकर्षक भ्रम बनती है। विकल्प C गलत है क्योंकि 1995 का इस मेले से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D गलत है, पर दूसरे कारण से याद रखने योग्य है: मेले को अंतरराष्ट्रीय मेले का दर्जा 2013 में मिला, इसलिए 1987 उसके आरंभ का और 2013 उसके अंतरराष्ट्रीय दर्जे का वर्ष है। दोनों वर्ष पूछे जाते हैं, और मेला स्वयं 1 से 15 फरवरी तक चलता है।
पूरा लेख पढ़ें: हरियाणा के मेले और त्योहार: सूरजकुंड और गीता जयंती
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला हरियाणा के किस जिले में लगता है?
- A.गुरुग्राम
- B.फरीदाबाद
- C.पलवल
- D.पंचकूला
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यह मेला दिल्ली की सीमा के पास फरीदाबाद जिले के सूरजकुंड में लगता है, जहां तोमर राजा सूरजपाल का माना जाने वाला सीढ़ीदार जलाशय इस स्थान को उसका नाम और परिवेश देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला प्रति वर्ष कब लगता है?
- A.1 से 15 फरवरी
- B.1 से 15 नवंबर
- C.15 से 30 जनवरी
- D.1 से 15 अप्रैल
उत्तर देखें
यह मेला प्रति वर्ष फरवरी में पंद्रह दिन चलता है, और इसी कारण इसे आगरा के ताज महोत्सव तथा खजुराहो नृत्य समारोह के साथ उत्तर और मध्य भारत के फरवरी आयोजनों में गिना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गीता जयंती हिंदू पंचांग के किस दिन मनाई जाती है?
- A.मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
- B.कार्तिक पूर्णिमा
- C.श्रावण शुक्ल तृतीया
- D.भाद्रपद कृष्ण नवमी
उत्तर देखें
गीता जयंती मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ती है, जिसे मोक्षदा एकादशी कहा जाता है और जो कुरुक्षेत्र में भगवद्गीता कहे जाने का दिन माना जाता है; राज्य इसे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के रूप में मनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम कुरुक्षेत्र के किस सरोवर पर होते हैं?
- A.ब्रह्म सरोवर
- B.सूरजकुंड
- C.ऋण मोचन
- D.ब्लू बर्ड झील
उत्तर देखें
कुरुक्षेत्र का ब्रह्म सरोवर, जो भारत के सबसे बड़े पवित्र सरोवरों में है, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का केंद्र है, जहां संध्या को सीढ़ियों पर दीपदान, गीता यज्ञ, संगोष्ठियां और शिल्प बाजार होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फरीदाबाद जिले का सूरजकुंड जलाशय किस शासक का माना जाता है?
- A.अनंगपाल तोमर
- B.तोमर वंश के सूरजपाल
- C.फिरोजशाह तुगलक
- D.पृथ्वीराज चौहान
उत्तर देखें
सूरजकुंड का सीढ़ीदार कुंड, जिसकी पाल पहाड़ी ढाल पर सीढ़ियों के रूप में बनी है, परंपरा से तोमर राजा सूरजपाल का माना जाता है, और स्थान का नाम उनके नाम से लिया गया है, इसी कारण आधुनिक शिल्प मेला भी वही नाम रखता है।
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