सितंबर 2026 तक जारी सूचियों में कितने इस्पात उत्पादकों को हरित इस्पात प्रमाणपत्र दिए गए हैं?
- A.51
- B.101
- C.151
- D.201
सही उत्तर
B. 101
व्याख्या
सही उत्तर 101 है। इस्पात मंत्रालय की हरित इस्पात पहल के अंतर्गत सितंबर 2026 तक जारी सूचियों में 101 अलग-अलग उत्पादकों को हरित इस्पात प्रमाणपत्र दिए गए हैं। इस प्रमाणन के दायरे में टीएमटी सरिया, हॉट रोल्ड तथा कोल्ड रोल्ड कॉइल, प्लेट, वायर रॉड, पाइप और अन्य इस्पात उत्पाद आते हैं, तथा प्रमाणित उत्पादों में अधिकतर को पांच सितारा रेटिंग मिली है। मंत्रालय इसे कम उत्सर्जन वाली इस्पात निर्माण पद्धतियों के बढ़ते उपयोग का संकेत मानता है। बाकी तीनों विकल्प मिलते-जुलते अंक हैं, जिन्हें यह परखने के लिए रखा जाता है कि सही संख्या याद है या नहीं। परीक्षार्थी इसे इसी समीक्षा की दूसरी हरित खबर से जोड़ें, जिसमें जादवपुर विश्वविद्यालय सेल, डीवीसी तथा एचयूआरएल के साथ 8.18 करोड़ रुपये की लागत से हरित हाइड्रोजन शोध का उत्कृष्टता केंद्र बना रहा है।
पूरा लेख पढ़ें: इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद बनेगी, छमाही समीक्षा जारी
अभ्यास प्रश्न
इस्पात मंत्रालय द्वारा घोषित इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कौन करेगा?
- A.केंद्रीय इस्पात मंत्री
- B.सेल के अध्यक्ष
- C.इस्पात मंत्रालय के सचिव
- D.एनएमडीसी के अध्यक्ष
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सही उत्तर: C. इस्पात मंत्रालय के सचिव
व्याख्या
सही उत्तर इस्पात मंत्रालय के सचिव है। इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद को पूरे इस्पात उद्योग की शीर्ष संस्था के रूप में बनाया जा रहा है, जिसका दायित्व सुरक्षा मानकों को मजबूत करना, दुर्घटनाओं की रोकथाम करना तथा सुरक्षा संस्कृति विकसित करना है, और इसकी अध्यक्षता मंत्रालय के सचिव करेंगे। तकनीकी कार्य के लिए अलग इस्पात उद्योग सुरक्षा निदेशालय बनेगा, जो सुरक्षा ऑडिट करेगा, गंभीर घटनाओं की जांच करेगा और भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल मानक जारी करेगा। इसका दायरा लोहा-इस्पात उत्पादकों तथा केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की खदानों तक रहेगा। विकल्प A मंत्रालय के राजनीतिक प्रमुख का नाम है, जिन्हें यह दायित्व नहीं दिया गया। विकल्प B एक ही उत्पादक कंपनी का प्रमुख है, जो पूरे उद्योग की निगरानी करने वाली संस्था का अध्यक्ष नहीं हो सकता। विकल्प D उस खनन कंपनी से जुड़ा है जिसने नगरनार पेलेट संयंत्र शुरू किया, जो इसी समीक्षा की अलग खबर है।
एनएमडीसी ने नगरनार में 2 एमटीपीए का पेलेट संयंत्र शुरू किया है। नगरनार किस राज्य में है?
- A.ओडिशा
- B.झारखंड
- C.छत्तीसगढ़
- D.पश्चिम बंगाल
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सही उत्तर: C. छत्तीसगढ़
व्याख्या
सही उत्तर छत्तीसगढ़ है। 2 एमटीपीए क्षमता का पेलेट संयंत्र छत्तीसगढ़ के नगरनार में शुरू किया गया है और इसके साथ एनएमडीसी की 5,427 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना पूरी हो गई है। इसी परियोजना में बचेली का लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र तथा 15 एमटीपीए क्षमता की 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन शामिल है, जबकि पेलेट संयंत्र स्ट्रेट ग्रेट इंड्यूरेशन तकनीक पर आधारित है। इसका उद्देश्य बैलाडीला के लौह अयस्क के बारीक कणों और स्लाइम से मूल्यवर्धन करना तथा सड़क मार्ग से अयस्क की ढुलाई कम करना है। विकल्प A और B खनिज तथा इस्पात क्षमता से संपन्न दो अन्य राज्य हैं, पर यह संयंत्र वहां नहीं है। विकल्प D पश्चिम बंगाल है, जहां सेल और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने दो कोयला ब्लॉक मिलकर विकसित करने पर सहमति दी है, इसलिए वह इसी समीक्षा की अलग खबर है।
सेल ने पश्चिम बंगाल में दो कोयला ब्लॉक मिलकर विकसित करने का समझौता किस कंपनी के साथ किया है?
- A.कोल इंडिया लिमिटेड
- B.भारत कोकिंग कोल लिमिटेड
- C.एनएमडीसी लिमिटेड
- D.दामोदर घाटी निगम
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सही उत्तर: B. भारत कोकिंग कोल लिमिटेड
व्याख्या
सही उत्तर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड है। यह समझौता पश्चिम बंगाल के दो ब्लॉक को मिलकर विकसित करने और चलाने के लिए हुआ है, जिनमें सेल का इंडिकट्टा रामनगोर कोयला ब्लॉक और बीसीसीएल का ईस्ट ऑफ दामागोड़िया यानी कल्याणेश्वरी ब्लॉक शामिल है। दोनों कंपनियां केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम हैं और यह साझेदारी उनके बीच सहयोग बढ़ाने तथा कोकिंग कोल के घरेलू स्रोत विकसित करने के लिए है, क्योंकि भारतीय इस्पात संयंत्र यह कोयला बड़ी मात्रा में आयात करते हैं। विकल्प A मूल कोयला कंपनी का नाम है, पर समझौते में वह पक्ष नहीं है। विकल्प C वही लौह अयस्क कंपनी है जिसने नगरनार में पेलेट संयंत्र शुरू किया, इसलिए वह पड़ोसी खबर से लिया गया भ्रमक विकल्प है। विकल्प D दामोदर घाटी निगम इसी समीक्षा में आता है, पर जादवपुर विश्वविद्यालय, सेल तथा एचयूआरएल के साथ हरित हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र में, इस कोयला समझौते में नहीं।
कंपनी अधिनियम, 2013 की किस धारा का हवाला देकर कहा गया कि कंपनी की जिम्मेदारी कर्मचारियों, समुदाय और पर्यावरण के प्रति भी है, केवल शेयरधारकों के प्रति नहीं?
- A.धारा 135
- B.धारा 149
- C.धारा 166(2)
- D.धारा 173
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सही उत्तर: C. धारा 166(2)
व्याख्या
सही उत्तर धारा 166(2) है। भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कंपनी अधिनियम, 2013 के इसी प्रावधान का हवाला देते हुए कहा कि कानून खुद यह मानता है कि कंपनी समाज के भीतर काम करती है और उसकी जिम्मेदारी अपने कर्मचारियों, समुदाय तथा पर्यावरण के प्रति है, केवल शेयरधारकों के प्रति नहीं। विकल्प A, B और D इसी अधिनियम के दूसरे प्रावधानों के नाम हैं और मिलते-जुलते विकल्प के तौर पर रखे गए हैं, क्योंकि सीएसआर पर सवाल अक्सर उद्धृत धारा पर ही टिकते हैं। संबोधन में ढांचे का सफर भी बताया गया, पालन करो या कारण बताओ वाले शुरुआती दौर से 2019 के संशोधनों और 2021 के नियमों तक, जो अव्ययित सीएसआर खाता, कई साल की परियोजनाएं, धन के इस्तेमाल का प्रमाणन तथा प्रभाव आकलन लेकर आए। खर्च करीब 10 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में लगभग 35 हजार करोड़ रुपये हो गया।
किस पूर्व राष्ट्रपति ने सुझाया था कि 2 अक्टूबर का दिन कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए रखा जाए?
- A.प्रणब मुखर्जी
- B.रामनाथ कोविंद
- C.ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
- D.द्रौपदी मुर्मू
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रामनाथ कोविंद
व्याख्या
सही उत्तर रामनाथ कोविंद है। सीएसआर दिवस मनाने की बात उनके उस सुझाव से निकली जो उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में 2019 के राष्ट्रीय सीएसआर पुरस्कार समारोह में रखा था कि 2 अक्टूबर का दिन कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए समर्पित किया जाए। इस तारीख के चुनाव से आयोजन महात्मा गांधी की जयंती और उनकी ट्रस्टीशिप की सोच से जुड़ जाता है, जिसे भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान देश में कॉरपोरेट जिम्मेदारी की नींव मानता है। विकल्प A उनसे पहले पद पर रहे राष्ट्रपति का नाम है और विकल्प C उससे भी पहले के राष्ट्रपति का, जबकि विकल्प D मौजूदा राष्ट्रपति का नाम है। इनमें से किसी का इस सुझाव से नाता नहीं है। संस्थान ने अब तक तीन बार सीएसआर दिवस मनाया है और ताजा आयोजन नई दिल्ली में होने वाले एनसीसीएसआर 2026 से पहले का कार्यक्रम था। इसलिए केवल विकल्प B सही है।