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GK24
अंतरराष्ट्रीयमध्यम

सिंगापुर को आसियान की अध्यक्षता किस वर्ष मिलनी है?

  1. A.2026
  2. B.2027
  3. C.2028
  4. D.2030

सही उत्तर

B. 2027

व्याख्या

सही उत्तर 2027 है। केंद्रीय वित्त मंत्री की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-आसियान सहयोग और क्षेत्रीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर विचार साझा किए, और यह चर्चा सिंगापुर की आसियान अध्यक्षता के संदर्भ में हुई, जो इसी वर्ष पड़ती है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि सिंगापुर लंबे समय से भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन के बीच पुल की भूमिका निभाता आया है, और अध्यक्षता का वर्ष मेजबान देश को संगठन के एजेंडे पर प्रभाव देता है। यह यात्रा 8 से 11 अक्टूबर 2026 तक चली, इसलिए अध्यक्षता उसके अगले वर्ष में आती है और विकल्प A अपने आप हट जाता है। विकल्प C और D ऐसे वर्ष हैं जिनका इस अध्यक्षता के साथ उल्लेख नहीं हुआ। परीक्षार्थी इसे दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी से भी जोड़ें।

पूरा लेख पढ़ें: सीतारमण की सिंगापुर यात्रा संपन्न, निवेश पर जोर

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Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

अक्टूबर 2026 की यात्रा में केंद्रीय वित्त मंत्री ने सिंगापुर के किस राष्ट्रपति से भेंट की?

  1. A.लॉरेंस वोंग
  2. B.थर्मन शनमुगरत्नम
  3. C.गान किम योंग
  4. D.विवियन बालकृष्णन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. थर्मन शनमुगरत्नम

व्याख्या

सही उत्तर थर्मन शनमुगरत्नम हैं, जो सिंगापुर के राष्ट्रपति हैं। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने 8 से 11 अक्टूबर 2026 तक चली अपनी यात्रा में उनसे भेंट की और उस भोज में भी शामिल हुईं, जिसकी मेजबानी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक के साथ मिलकर की थी। अन्य विकल्पों में उन्हीं नेताओं के नाम हैं जिनसे वित्त मंत्री मिलीं, लेकिन वे दूसरे पदों पर हैं, और इसी कारण ये विकल्प भ्रमित करते हैं। विकल्प A, लॉरेंस वोंग, सिंगापुर के प्रधानमंत्री हैं। विकल्प C, गान किम योंग, उपप्रधानमंत्री तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्री हैं। विकल्प D, डॉ. विवियन बालकृष्णन, विदेश मंत्री हैं। परीक्षार्थी इन चारों नामों को उनके पदों के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि प्रश्न नाम देकर पद या पद देकर नाम पूछ सकता है।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

वित्त मंत्री की सिंगापुर नेतृत्व के साथ हुई बातचीत में किस द्विपक्षीय व्यवस्था के नतीजों की समीक्षा की गई?

  1. A.दूसरी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक
  2. B.तीसरी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक
  3. C.चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक
  4. D.छठी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक

व्याख्या

सही उत्तर चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक है, जिसे संक्षेप में आईएसएमआर कहा जाता है। सिंगापुर में हुई बैठकों से दोनों पक्षों को इस गोलमेज बैठक के नतीजों को आगे बढ़ाने में हुई प्रगति की समीक्षा करने तथा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के रास्ते तलाशने का अवसर मिला। मंत्रिस्तरीय गोलमेज वह व्यवस्था है जिसमें दोनों सरकारों के वरिष्ठ मंत्री एक साथ बैठकर विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग को दिशा देते हैं, इसलिए इसका संस्करण क्रमांक याद रखने योग्य है। विकल्प A, B और D में पहले या बाद के संस्करण दिए गए हैं, जो इस समीक्षा का विषय नहीं थे। इसके साथ यह भी याद रखें कि बातचीत में 2027 में सिंगापुर की आसियान अध्यक्षता से पहले भारत-आसियान सहयोग तथा निवेशकों के सामने एनआईआईएफ और गिफ्ट आईएफएससी रखने की बात भी शामिल रही।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक कौन हैं, जो सिंगापुर में वित्त मंत्री के भोज की सह-मेजबान थीं?

  1. A.क्रिस्टीन लगार्द
  2. B.क्रिस्टालिना जॉर्जीवा
  3. C.गीता गोपीनाथ
  4. D.अजय बंगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. क्रिस्टालिना जॉर्जीवा

व्याख्या

सही उत्तर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक हैं। उन्होंने और सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम ने मिलकर उस भोज की मेजबानी की, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 8 से 11 अक्टूबर 2026 तक की अपनी यात्रा के दौरान शामिल हुईं। इस आयोजन में वैश्विक वित्तीय संस्थानों, निवेश कंपनियों, शिक्षा जगत और सिंगापुर सरकार के वरिष्ठ लोग एक साथ आए, और बातचीत विश्व की आर्थिक तथा वित्तीय घटनाओं पर केंद्रित रही। विकल्प A, C और D में दिए नाम इस भोज में इस पद पर नहीं बताए गए। परीक्षा के लिए पद और नाम साथ याद रखें: प्रबंध निदेशक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख होता है, जो विश्व बैंक के अध्यक्ष पद से अलग है, और प्रश्न अक्सर इन दोनों संस्थाओं को आपस में मिलाकर यही अंतर जांचते हैं।

Q4.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

16वीं जेटको बैठक में सिटी ऑफ लंदन के साथ सहयोग के लिए भारत के किस वित्तीय केंद्र का नाम प्रस्तावित किया गया?

  1. A.बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मुंबई
  2. B.गिफ्ट सिटी, गांधीनगर
  3. C.साइबर सिटी, गुरुग्राम
  4. D.हाइटेक सिटी, हैदराबाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गिफ्ट सिटी, गांधीनगर

व्याख्या

सही उत्तर गिफ्ट सिटी, गांधीनगर है, जो गुजरात में है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने जो पांच प्राथमिकता क्षेत्र बताए, उनमें वित्तीय सेवाएं चौथे स्थान पर थीं और इसी के तहत उन्होंने सिटी ऑफ लंदन तथा गिफ्ट सिटी के बीच अधिक सहयोग की बात रखी। उन्होंने फिनटेक, बीमा, सीमा पार भुगतान, संक्रमण वित्त और व्यापार वित्त को काम के क्षेत्र बताया, ताकि दोनों वित्तीय केंद्र समृद्धि का जुड़ा हुआ रास्ता बनें। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D भारत के महत्वपूर्ण कारोबारी इलाके हैं, लेकिन इस प्रस्ताव में इनका नाम नहीं था और इनमें से कोई उस तरह का अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र नहीं है, जिसे मंत्री लंदन के साथ जोड़ रहे थे। बाकी चार क्षेत्र अधोसंरचना और स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और नवाचार तथा स्वास्थ्य एवं उपभोक्ता क्षेत्र थे।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

17वीं भारत-ब्रिटेन जेटको बैठक कहां और कब होगी?

  1. A.भारत में 2027 में
  2. B.ब्रिटेन में 2027 में
  3. C.ब्रिटेन में 2028 में
  4. D.भारत में 2029 में
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ब्रिटेन में 2027 में

व्याख्या

सही उत्तर ब्रिटेन में 2027 में है। 16वीं बैठक के संयुक्त वक्तव्य में यह निर्णय दर्ज है कि संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति का अगला सत्र ब्रिटिश पक्ष की मेजबानी में उसी वर्ष होगा। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस बार की बैठक की मेजबानी भारत ने नई दिल्ली में की थी और दोनों देश बारी-बारी से मेजबानी करते हैं। विकल्प C में देश सही है, पर वर्ष गलत है, और विकल्प D में देश तथा वर्ष दोनों गलत हैं। परीक्षार्थी यह भी ध्यान रखें कि जनवरी 2022 में व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते पर वार्ता शुरू होने के बाद यह पहली जेटको बैठक थी, इसकी सह-अध्यक्षता पीयूष गोयल और जोनाथन रेनॉल्ड्स ने की तथा दोनों पक्षों ने समझौता लागू होने के एक वर्ष बाद से हर साल उपयोग के आंकड़े साझा करने पर सहमति दी।