मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
रक्षामध्यम

सिम्बेक्स-2026 का उद्घाटन समारोह भारतीय नौसेना के किन पोतों पर आयोजित हुआ?

  1. A.आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य
  2. B.आईएनएस नीलगिरि और आईएनएस कामोर्ता
  3. C.आईएनएस दिल्ली और आईएनएस मुंबई
  4. D.आईएनएस शिवालिक और आईएनएस सतपुड़ा

सही उत्तर

B. आईएनएस नीलगिरि और आईएनएस कामोर्ता

व्याख्या

सही उत्तर आईएनएस नीलगिरि और आईएनएस कामोर्ता है। सिम्बेक्स-2026 का उद्घाटन समारोह 21 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में इन्हीं दो भारतीय युद्धपोतों पर हुआ और इसमें पूर्वी नौसेना कमान के मुख्य स्टाफ अधिकारी (संचालन), सिंगापुर गणराज्य की नौसेना के फ्लीट कमांडर तथा दोनों नौसेनाओं के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। विकल्प A में दिए विमानवाहक पोत गलत हैं, क्योंकि किसी विमानवाहक पोत पर यह समारोह नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि इन विध्वंसकों की इस संस्करण के उद्घाटन में कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प D भी इसी कारण गलत है। बंदरगाह पर आया आरएसएन का पोत आरएसएस सुप्रीम था, जो पहले ही दिन पहुंचा। परीक्षा के लिए यह भी याद रखने योग्य है कि अभ्यास बंदरगाह चरण (21 से 23 अक्टूबर) और समुद्री चरण (24 से 26 अक्टूबर) में बंटा है, और समुद्री चरण बंगाल की खाड़ी में होता है।

पूरा लेख पढ़ें: सिम्बेक्स-2026 का 33वां संस्करण विशाखापत्तनम में शुरू

Q1.रक्षाआसान

सिम्बेक्स समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास भारत और किस देश के बीच होता है?

  1. A.इंडोनेशिया
  2. B.सिंगापुर
  3. C.थाईलैंड
  4. D.मलेशिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सिंगापुर

सिम्बेक्स, सिंगापुर-भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास का संक्षिप्त नाम है और इसमें भाग लेने वाली दो सेनाएं भारतीय नौसेना तथा सिंगापुर गणराज्य की नौसेना हैं, जिसे आरएसएन लिखा जाता है।

Q2.रक्षामध्यम

सिम्बेक्स श्रृंखला 1994 में किस नाम से पहली बार आयोजित हुई थी?

  1. A.एक्सरसाइज सी ड्रैगन
  2. B.एक्सरसाइज लायन किंग
  3. C.एक्सरसाइज टाइगर ट्रायंफ
  4. D.एक्सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एक्सरसाइज लायन किंग

जिस श्रृंखला को आज सिम्बेक्स कहा जाता है, वह पहली बार 1994 में इसी नाम से आयोजित हुई थी और तब से इसका दायरा तथा जटिलता बढ़ते हुए यह भारतीय नौसेना एवं सिंगापुर गणराज्य की नौसेना के बीच एक महत्वपूर्ण समुद्री अभ्यास बन गई है।

Q3.रक्षामध्यम

वायु सेना ने मानवरहित एवं स्वायत्त प्रणालियों के लिए निम्न में से किसे महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्र बताया?

  1. A.सुदृढ़ नौवहन
  2. B.हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन
  3. C.विमानों के लिए नाभिकीय प्रणोदन
  4. D.उपग्रह प्रक्षेपण यान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सुदृढ़ नौवहन

संपर्क कार्यक्रम में वायु सेना ने चार क्षेत्रों को विशेष ध्यान देने योग्य बताया: स्वदेशी प्रणोदन, स्वायत्त सॉफ्टवेयर, सुदृढ़ नौवहन और मानकीकृत इंटरफेस, जिनका उद्देश्य बाहरी स्रोतों पर निर्भरता घटाना तथा घरेलू रक्षा तंत्र को मजबूत करना है।

Q4.रक्षामध्यम

21 अक्टूबर 2026 को वायु सेना के मानवरहित प्रणालियों संबंधी उद्योग संपर्क कार्यक्रम की अध्यक्षता किस पद पर आसीन अधिकारी ने की?

  1. A.वायु सेना प्रमुख
  2. B.महानिदेशक (हथियार प्रणालियां), एयर मुख्यालय
  3. C.रक्षा सचिव
  4. D.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. महानिदेशक (हथियार प्रणालियां), एयर मुख्यालय

इसमें ड्रोन कंपनियों तथा संबद्ध उद्योग भागीदारों के लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसे वायु सेना ने देश के मानवरहित प्रणाली क्षेत्र के साथ अपने बढ़ते जुड़ाव का प्रमाण माना।

Q5.रक्षामध्यम

भारतीय वायु सेना का मानवरहित एवं स्वायत्त प्रणालियों संबंधी रोडमैप किस आयोजन में जारी किया गया था?

  1. A.एयरो इंडिया 2026, बेंगलुरु
  2. B.आईएएफ ड्रोनथॉन 2026, पोखरण
  3. C.डेफएक्सपो 2026, गांधीनगर
  4. D.वायु शक्ति अभ्यास, जैसलमेर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईएएफ ड्रोनथॉन 2026, पोखरण

यह रोडमैप वहीं 14 सितंबर 2026 को जारी किया गया था और 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ उद्योग संपर्क कार्यक्रम इसी पर आधारित था, जिसमें रोडमैप पुस्तिका उद्योग भागीदारों को वितरित की गई।