सीईएन संख्या 06/2026 के एनटीपीसी स्नातक पदों के लिए अधिसूचित आयु सीमा क्या है?
- A.1 जनवरी 2027 को 18 से 30 वर्ष
- B.1 जनवरी 2027 को 18 से 33 वर्ष
- C.1 जुलाई 2027 को 21 से 35 वर्ष
- D.1 जनवरी 2027 को 20 से 28 वर्ष
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 1 जनवरी 2027 को 18 से 33 वर्ष है, जिसमें नियमानुसार पात्र श्रेणियों को आयु में छूट मिलेगी। उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए और उसे संबंधित पद के लिए निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होंगी। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि उनमें वर्षों की सीमा या संदर्भ तिथि बदल दी गई है, जबकि दोनों विवरण अधिसूचना से पूरी तरह मेल खाने चाहिए। चयन पहले चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा, दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा तथा उसके बाद दस्तावेज सत्यापन और आवश्यकतानुसार चिकित्सा परीक्षा से होगा। आवेदन 8 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए और 6 नवंबर 2026 तक चलेंगे, जबकि शुल्क 8 नवंबर 2026 तक जमा किया जा सकता है और आवेदन में सुधार 9 से 18 नवंबर 2026 तक किया जा सकता है।
पूरा लेख पढ़ें: रेलवे ने सीईएन 06/2026 में 3,548 स्नातक एनटीपीसी पद निकाले
अभ्यास प्रश्न
सीईएन संख्या 06/2026 के तहत भारतीय रेलवे ने कितनी स्नातक स्तरीय एनटीपीसी रिक्तियां अधिसूचित की हैं?
- A.2,750
- B.3,548
- C.5,696
- D.8,113
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 3,548 है। भारतीय रेलवे ने रेलवे भर्ती बोर्डों द्वारा जारी केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना के माध्यम से गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों में इतने ही स्नातक स्तरीय पद अधिसूचित किए हैं, जो वाणिज्यिक सेवाओं, ट्रेन संचालन, लेखा और प्रशासन से जुड़ी चार श्रेणियों में फैले हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2,750 केवल एक श्रेणी, मालगाड़ी प्रबंधक के पदों की संख्या है, जो कुल का सबसे बड़ा हिस्सा है, कुल संख्या नहीं। विकल्प C और D गलत हैं, क्योंकि ऐसी कोई कुल संख्या अधिसूचित नहीं की गई; ये बड़े दिखने वाले आंकड़े स्मरण परखने के लिए रखे गए हैं। अधिसूचना में शेष पद वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट के 371, कनिष्ठ लेखा सहायक सह टाइपिस्ट के 300 और मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक के 127 हैं।
वर्ष 2026 की एनटीपीसी स्नातक भर्ती में सबसे अधिक रिक्तियां किस पद पर हैं?
- A.वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट
- B.कनिष्ठ लेखा सहायक सह टाइपिस्ट
- C.मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक
- D.मालगाड़ी प्रबंधक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर मालगाड़ी प्रबंधक है, जिसके 2,750 पद अधिसूचित हैं और यह इस भर्ती का सबसे बड़ा हिस्सा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट के 371 पद हैं, जो दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा होने पर भी बहुत छोटा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कनिष्ठ लेखा सहायक सह टाइपिस्ट के 300 पद हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक के केवल 127 पद हैं, जो सबसे कम हैं, जबकि इस पद का वेतन चारों में सबसे अधिक वेतन स्तर 6 पर है। अभ्यर्थियों को चारों श्रेणियों का क्रम याद रखना चाहिए, क्योंकि रिक्तियों का विभाजन परीक्षा में पूछा जाने वाला पसंदीदा प्रश्न है। घटते क्रम में यह क्रम है, मालगाड़ी प्रबंधक, वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट, कनिष्ठ लेखा सहायक सह टाइपिस्ट और अंत में मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक।
इस भर्ती में मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक का प्रारंभिक मूल वेतन कितना है?
- A.19,900 रुपये प्रति माह
- B.29,200 रुपये प्रति माह
- C.35,400 रुपये प्रति माह
- D.44,900 रुपये प्रति माह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 35,400 रुपये प्रति माह है, जो सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अंतर्गत वेतन स्तर 6 पर मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक का प्रारंभिक मूल वेतन है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वेतन स्तर 5 पर 29,200 रुपये प्रति माह इस अधिसूचना के शेष तीन पदों, अर्थात मालगाड़ी प्रबंधक, कनिष्ठ लेखा सहायक सह टाइपिस्ट और वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट का प्रारंभिक मूल वेतन है। विकल्प A और D गलत हैं, क्योंकि वे प्रवेश वेतन वेतनमान के अन्य स्तरों से जुड़े हैं और इन पदों के लिए अधिसूचित नहीं हैं। भत्ते तथा सेवा शर्तें संबंधित नियमों के अनुसार लागू होंगी। परीक्षा के लिए पद, स्तर और वेतन को जोड़कर याद रखें, अर्थात पर्यवेक्षक पद के साथ वेतन स्तर 6 और 35,400 रुपये, तथा शेष तीन पदों के साथ वेतन स्तर 5 और 29,200 रुपये।
भारत में मेथेम्फेटामाइन के लिए अधिसूचित वाणिज्यिक मात्रा कितनी है?
- A.5 ग्राम
- B.20 ग्राम
- C.50 ग्राम
- D.500 ग्राम
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 50 ग्राम है। मादक पदार्थ कानून में सजा इस बात पर निर्भर करती है कि जब्त मात्रा अल्प, मध्यवर्ती या वाणिज्यिक श्रेणी में आती है, और मेथेम्फेटामाइन के लिए वाणिज्यिक मात्रा 50 ग्राम निर्धारित है। इस मामले में जब्त 5.753 किलोग्राम उस सीमा से कई गुना अधिक है, इसलिए अपराध पर 10 से 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 1 से 2 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान लागू होता है। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि ये इस पदार्थ के लिए अधिसूचित आंकड़े से मेल नहीं खाते; अभ्यर्थी अलग-अलग पदार्थों की सीमाओं में भ्रमित हो जाते हैं, इसलिए याद रखें कि प्रत्येक मादक पदार्थ की अपनी अल्प और वाणिज्यिक मात्रा होती है। मेथेम्फेटामाइन, जिसे आइस भी कहा जाता है, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर असर डालने वाला कृत्रिम उत्तेजक पदार्थ है।
डीआरआई ने जब्त क्रिस्टल मेथ किस कानून के प्रावधानों के तहत अपने कब्जे में ली?
- A.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- B.स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
- C.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
- D.औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 है, जिसे सामान्यत: एनडीपीएस अधिनियम कहा जाता है। भारत में मेथेम्फेटामाइन को मन:प्रभावी पदार्थ माना गया है और इसी कानून से इसका नियमन होता है, जिसके तहत बिना अनुमति इसे रखना, बनाना, बेचना, खरीदना, ढोना, आयात या निर्यात करना अपराध है। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर इसी अधिनियम के अंतर्गत गठित सक्षम न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में भेजा। विकल्प A गलत है, क्योंकि सीमा शुल्क कानून शुल्क और सीमा पार माल से जुड़ा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि धन शोधन कानून अपराध से अर्जित धन पर केंद्रित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1940 का कानून दवाओं की गुणवत्ता और बिक्री को नियंत्रित करता है। एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत सजा अपराध की प्रकृति तथा जब्त की गई मात्रा के अनुसार तय होती है।