सीआईएमएल बैठक में जिक्र हुई 'एक राष्ट्र, एक समय' भारत की किस परियोजना का नाम है?
- A.पूरे देश के लिए एक समय क्षेत्र
- B.राष्ट्रीय समय प्रसार परियोजना
- C.सभी राज्यों के लिए एक वित्त वर्ष
- D.रेल समय-सारणी के लिए एक घड़ी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय समय प्रसार परियोजना है। उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे ने 'एक राष्ट्र, एक समय' को इसी परियोजना के रूप में बताया, जिसका उद्देश्य पूरे देश में सटीक, विश्वसनीय और पता लगाने योग्य भारतीय मानक समय उपलब्ध कराना है। समय तालमेल मजबूत होने से बैंकिंग, दूरसंचार, 5जी नेटवर्क, नौवहन, डिजिटल अवसंरचना और विद्युत प्रणालियों को लाभ मिलने की आशा है, क्योंकि ये सभी एक समान और सटीक संदर्भ समय पर निर्भर रहते हैं। विकल्प A इसे समय क्षेत्र की अलग बहस से जोड़ता है, विकल्प C वित्त वर्ष से और विकल्प D रेल समय-सारणी से, जबकि परियोजना मानक समय के प्रसार से ही जुड़ी है। सचिव ने ई-माप राष्ट्रीय पोर्टल और सरकार द्वारा स्वीकृत परीक्षण केंद्रों का भी उल्लेख किया।
पूरा लेख पढ़ें: भारत ने नई दिल्ली में 61वीं सीआईएमएल बैठक की मेजबानी की
अभ्यास प्रश्न
अक्टूबर 2026 में भारत नई दिल्ली में विधिक माप विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय समिति (सीआईएमएल) की कौन सी बैठक की मेजबानी कर रहा है?
- A.59वीं
- B.60वीं
- C.61वीं
- D.62वीं
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भारत नई दिल्ली में विधिक माप विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय समिति की 61वीं बैठक की मेजबानी कर रहा है और इसके सत्र 26 से 28 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विधिक माप विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय समिति (सीआईएमएल) किस अंतरराष्ट्रीय संगठन की समिति है?
- A.विधिक माप विज्ञान का अंतरराष्ट्रीय संगठन (ओआईएमएल)
- B.अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ)
- C.विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ)
- D.अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू)
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सीआईएमएल इसी संगठन की समिति है और नई दिल्ली की बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधि, अधिकारी तथा तकनीकी विशेषज्ञ मापन मानकों, उपभोक्ता संरक्षण और निष्पक्ष व्यापार में सहयोग आगे बढ़ाने के लिए जुटे हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नई दिल्ली में सीआईएमएल बैठक के उद्घाटन पर हुई अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय क्या था?
- A.विकसित भारत के लिए माप
- B.विधिक माप विज्ञान में विकास
- C.निष्पक्ष व्यापार के मानक
- D.डिजिटल युग में माप विज्ञान
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नई दिल्ली का कार्यक्रम इसी विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी से शुरू हुआ और उसके बाद समिति का पहला सत्र हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की भूमिका पर लिखने वाले श्री ओम बिरला किस पद पर हैं?
- A.लोकसभा अध्यक्ष
- B.राज्यसभा उपसभापति
- C.केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री
- D.लोकसभा में विपक्ष के नेता
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श्री ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष हैं और इसी हैसियत से उन्होंने लिखा कि मंच ब्रिक्स के सदस्य तथा साझेदार देशों के बीच संसदीय संवाद और सहयोग मजबूत करने में क्या भूमिका निभाता है, जिसका एजेंडा संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग तथा संवहनीयता है और जो भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता…
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा विषय 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की चर्चा में शामिल नहीं है?
- A.संस्थागत लचीलापन
- B.एआई शासन
- C.साझा मुद्रा संघ
- D.दक्षिण-दक्षिण सहयोग
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मंच के सामने जो विषय हैं, वे संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग और संवहनीयता हैं, तथा ये चारों भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार स्तंभों से निर्देशित हैं।
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