शिल्प समागम मेले में प्रोत्साहित किया जा रहा भारत-तुलिप किस कार्यक्रम का नाम है?
- A.पारंपरिक कारीगरों के उत्थान एवं आजीविका कार्यक्रम
- B.जनजातीय शहरी संपर्क एवं निवेश कार्यक्रम
- C.वस्त्र इकाई एवं स्थानीय उद्योग संवर्धन योजना
- D.शहरी आजीविका उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर पारंपरिक कारीगरों के उत्थान एवं आजीविका कार्यक्रम है। यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य लक्षित वर्गों यानी अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई मित्र तथा विमुक्त जनजाति के कारीगरों के बनाए उत्पादों की बिक्री भौतिक बिक्री केंद्रों और ई-कॉमर्स मंचों के माध्यम से कराना है, ताकि कारीगर मेले के मैदान से बहुत आगे के ग्राहकों तक पहुंच सकें। विकल्प B, C और D में ऐसे नाम गढ़े गए हैं, जो किसी आजीविका योजना के लिए सही लग सकते हैं, किंतु इस कार्यक्रम का नाम इनमें से कोई नहीं है। पूरा नाम याद रखने का सरल तरीका यह है कि इसे उद्देश्य से जोड़कर देखें, क्योंकि यह पहल पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और उनकी आजीविका को मजबूत करने के लिए ही बनाई गई है, और गुवाहाटी का मेला इसे लोगों के सामने लाने का एक अवसर है।
पूरा लेख पढ़ें: गुवाहाटी में शिल्प समागम मेला 2026 शुरू, 75 कारीगर शामिल
अभ्यास प्रश्न
21 अक्टूबर को आरंभ हुआ शिल्प समागम मेला 2026 किस शहर में आयोजित हो रहा है?
- A.मैसूरु
- B.गुवाहाटी
- C.भुवनेश्वर
- D.पटना
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सही उत्तर गुवाहाटी है, जो असम की राजधानी है और जहां खानापारा के फार्म गेट में यह आठ दिवसीय मेला आरंभ हुआ तथा महीने की अट्ठाईस तारीख तक चलेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुवाहाटी के शिल्प समागम मेला 2026 में कितने कारीगर भाग ले रहे हैं और उनमें कितनी महिलाएं हैं?
- A.60 कारीगर, जिनमें 25 महिलाएं
- B.75 कारीगर, जिनमें 31 महिलाएं
- C.90 कारीगर, जिनमें 45 महिलाएं
- D.120 कारीगर, जिनमें 50 महिलाएं
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मंत्रालय ने गुवाहाटी आयोजन के लिए भागीदारी का यही आंकड़ा बताया है और ये कारीगर मिलकर हथकरघा तथा हस्तशिल्प की लगभग चालीस किस्में प्रदर्शित कर रहे हैं, जिनमें पूर्वोत्तर राज्यों के साथ देश के अन्य क्षेत्रों के उत्पाद भी शामिल हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नशा मुक्त भारत अभियान के संदर्भ में राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन का नंबर क्या है?
- A.1800
- B.14416
- C.14446
- D.15100
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यह राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन है और इसके जरिए व्यक्ति तथा परिवार नशे से जुड़ी चिंताओं पर जानकारी और सहायता मांग सकते हैं, जो मदद को आसान बनाने तथा उस सामाजिक कलंक को घटाने के अभियान के जोर से मेल खाता है जिसके कारण लोग मदद मांगने से हिचकते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार भारत से नशे का कारोबार किस तिथि तक समाप्त कर दिया जाएगा?
- A.31 दिसंबर 2027
- B.15 अगस्त 2028
- C.31 दिसंबर 2029
- D.15 अगस्त 2047
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केंद्रीय गृह मंत्री ने यह समय सीमा नई दिल्ली में सितंबर में हुए नशीले पदार्थों के विरुद्ध कार्य बल के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताई थी, और इसके साथ उन्होंने आपसी समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य, जवाबदेही तथा नशे के नेटवर्क को तोड़ने का आह्वान किया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शुरुआत के समय नशा मुक्त भारत अभियान का ध्यान कितने संवेदनशील जिलों पर था?
- A.112
- B.272
- C.372
- D.750
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अभियान 15 अगस्त 2020 को इतने ही संवेदनशील जिलों से शुरू हुआ था, जिन्हें वहां नशे के व्यापक प्रसार के कारण चुना गया था, और बाद में इसका दायरा पूरे देश तक फैल गया।
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