शिल्प समागम मेले में प्रचारित भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम क्या है?
- A.पारंपरिक कारीगर उत्थान आजीविका कार्यक्रम
- B.जनजातीय उद्योग आजीविका निवेश कार्यक्रम
- C.वस्त्र उन्नयन एवं स्थानीय उद्योग प्रोत्साहन
- D.शहरी आजीविका एवं औद्योगिक उत्पादन प्रशिक्षण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर पारंपरिक कारीगर उत्थान आजीविका कार्यक्रम है। भारत-ट्यूलिप उस कार्यक्रम का नाम है जिसके तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अपने लक्षित समूहों के कारीगरों को भौतिक आउटलेट तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, दोनों पर उत्पाद बेचने में मदद करता है, जिससे शिल्पकार केवल मेले में आने वाले ग्राहकों तक सीमित न रहे। विकल्प B, C और D ऐसे गढ़े हुए पूरे नाम हैं जो शिल्प या उद्योग की योजना जैसे लगते हैं, परंतु इनमें से कोई आधिकारिक नाम नहीं है। सही विस्तार याद रखना जरूरी है, क्योंकि परीक्षा में अक्सर केवल संक्षिप्त नाम देकर पूरा नाम पूछा जाता है। गुवाहाटी मेले में यह कार्यक्रम तीनों निगमों की योजनाओं के साथ प्रदर्शित किया गया। गुवाहाटी मेले में एलईडी स्क्रीन वाले समर्पित पवेलियन से कारीगरों के लिए उपलब्ध ऋण और प्रशिक्षण की जानकारी भी दी जा रही है, जो इस कार्यक्रम का व्यावहारिक पक्ष है।
पूरा लेख पढ़ें: गुवाहाटी में शिल्प समागम मेला 2026, 75 कारीगर शामिल
अभ्यास प्रश्न
शिल्प समागम मेला किस मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है?
- A.वस्त्र मंत्रालय
- B.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- C.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- D.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
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सही उत्तर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय है, जो अपने तीन राष्ट्रीय निगमों से जुड़े कारीगरों और लाभार्थियों को विपणन सहायता देने के लिए शिल्प समागम मेला आयोजित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वित्त वर्ष 2026-27 का पहला शिल्प समागम मेला कहाँ आयोजित हुआ था?
- A.गुवाहाटी, असम
- B.मैसूरु, कर्नाटक
- C.विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश
- D.भुवनेश्वर, ओडिशा
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सही उत्तर मैसूरु, कर्नाटक है, जहाँ इस वित्त वर्ष का पहला मेला दशहरा एग्जिबिशन ग्राउंड्स में हुआ और 19 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक समाप्त हो गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन उन तीन राष्ट्रीय निगमों में शामिल नहीं है जिनके लाभार्थियों को शिल्प समागम मेला सहायता देता है?
- A.एनएसएफडीसी
- B.एनएसकेएफडीसी
- C.एनबीसीएफडीसी
- D.एनएमडीएफसी
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मेले के संदर्भ में जिन तीन निगमों का नाम आता है, वे हैं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम यानी एनएसएफडीसी, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम यानी एनएसकेएफडीसी और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम यानी एनबीसीएफडीसी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत क्विज़' का स्वरूप क्या है?
- A.10 मिनट में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न
- B.20 मिनट में 10 बहुविकल्पीय प्रश्न
- C.30 मिनट में 25 बहुविकल्पीय प्रश्न
- D.60 मिनट में 50 बहुविकल्पीय प्रश्न
उत्तर देखें
क्विज़ जानबूझकर छोटी रखी गई है, जिससे पहली बार आने वाला व्यक्ति भी उसे पूरा कर सके। जमा करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को सहभागिता प्रमाण पत्र मिलता है और उसके बाद सही उत्तर दिखते हैं, जिससे यह अभ्यास मादक पदार्थों के सेवन से बचाव का पाठ भी बन जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नशा मुक्त भारत अभियान शुरू में कितने संवेदनशील जिलों में लागू किया गया था?
- A.112
- B.272
- C.372
- D.500
उत्तर देखें
अभियान पहले उन 272 जिलों में लिया गया जिन्हें मादक पदार्थों के सेवन के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना गया, और बाद में इसे देश के सभी जिलों तक बढ़ा दिया गया, इसलिए आज इसका दायरा राष्ट्रव्यापी बताया जाता है।
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