सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय किस वर्ष से शिल्प समागम मेले लगा रहा है?
- A.2015
- B.2019
- C.2022
- D.2024
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 2022 है। मंत्रालय इसी वर्ष से ये मेले लगा रहा है और अब तक 13 मेले हो चुके हैं, जिनसे 975 कारीगरों को अपना सामान ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिला। 20 अक्टूबर 2026 को संपन्न मैसूरु का मेला इस श्रृंखला में वित्त वर्ष 2026-27 का पहला आयोजन था, और आगे गुवाहाटी, नई दिल्ली के दिल्ली हाट, जोधपुर तथा लखनऊ में भी मेले प्रस्तावित हैं। विकल्प A, B और D ऐसे वर्ष बताते हैं जब यह श्रृंखला शुरू नहीं हुई थी, इसलिए इनमें से कोई भी कार्यक्रम के दिए गए विवरण से मेल नहीं खाता। इन तीनों आंकड़ों को साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न किसी एक पर आ सकता है - शुरुआत का वर्ष 2022, मेलों की संख्या 13 और लाभ पाने वाले कारीगर 975। आयोजक मंत्रालय तथा उसके तीन निगमों NSFDC, NBCFDC और NSKFDC के नाम भी याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: मैसूरु में नौ दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026 संपन्न
अभ्यास प्रश्न
20 अक्टूबर 2026 को संपन्न शिल्प समागम मेला 2026 कहां आयोजित किया गया था?
- A.दशहरा प्रदर्शनी मैदान, मैसूरु
- B.दिल्ली हाट, नई दिल्ली
- C.सूरजकुंड, फरीदाबाद
- D.भारत मंडपम, नई दिल्ली
उत्तर देखें
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का नौ दिवसीय यह मेला कर्नाटक के मैसूरु स्थित इसी मैदान में लगा था और 20 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ, जिसमें हजारों लोग हस्तशिल्प तथा हथकरघा उत्पाद देखने पहुंचे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मैसूरु के शिल्प समागम मेला 2026 में कुल 83 स्टॉल में से कितने कारीगरों को दिए गए थे?
- A.60
- B.75
- C.80
- D.83, सभी
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मेले में कुल 83 स्टॉल लगाए गए थे और इनमें 80 स्टॉल कारीगरों को दिए गए, बाकी में खाने के स्टॉल शामिल थे जहां पारंपरिक व्यंजन परोसे गए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का BHARAT TULIP किस कार्यक्रम का नाम है?
- A.पारंपरिक कारीगर उत्थान जीविका कार्यक्रम
- B.जनजातीय उत्थान और स्थानीय उद्योग प्रोत्साहन योजना
- C.वस्त्र इकाई जीविका सुधार कार्यक्रम
- D.पारंपरिक उपयोगिता और स्थानीय निवेश योजना
उत्तर देखें
BHARAT TULIP वह ब्रांड है जिसके नाम से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय अपने लक्षित वर्गों के उत्पाद देश और विदेश के डिजिटल मंचों पर बेचता है, ताकि कारीगर मेले के मैदान से बहुत आगे के ग्राहकों तक पहुंच सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उड़ान के किस हवाई अड्डे पर बिहार का सबसे लंबा, लगभग 2.8 किलोमीटर का रनवे है?
- A.देवघर हवाई अड्डा
- B.तेजू हवाई अड्डा
- C.किशनगढ़ हवाई अड्डा
- D.पूर्णिया हवाई अड्डा
उत्तर देखें
यह 2025 में चालू हुआ, इसने बिहार के दस से अधिक जिलों को हवाई सेवा दी, कोलकाता की यात्रा घटकर लगभग दो घंटे और पटना की करीब एक घंटे रह गई, और इसका लगभग 2.8 किलोमीटर लंबा रनवे राज्य में सबसे लंबा है, जिस पर ए320 तथा बी737 विमान उतर…
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित उड़ान योजना का कुल परिव्यय कितना है?
- A.12,159 करोड़ रुपये
- B.10,043 करोड़ रुपये
- C.28,840 करोड़ रुपये
- D.5,091 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
यह 4 जुलाई 2026 को शुरू हुए अगले चरण का कुल प्रावधान है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक चलेगा।
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