राष्ट्र को समर्पित हो रहा सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क केंद्र किस संस्थान में है और वहां कौन सा एटलस जारी हो रहा है?
- A.आईआईटी मद्रास; सी-स्ट्रोक, मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस
- B.एम्स नई दिल्ली; हृदय इमेजिंग एटलस
- C.आईआईएससी बेंगलुरु; जीनोम एटलस
- D.निमहंस बेंगलुरु; रीढ़ चोट एटलस
सही उत्तर
A. आईआईटी मद्रास; सी-स्ट्रोक, मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस
व्याख्या
सही उत्तर आईआईटी मद्रास; सी-स्ट्रोक, मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस है। सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क केंद्र आईआईटी मद्रास में है और चेन्नई दौरे के दौरान इसे राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। इसके साथ एक वैश्विक वैज्ञानिक मिशन शुरू होगा, जिसमें भ्रूण अवस्था से वृद्धावस्था तक, जीवन के हर चरण में 100 से अधिक मानव मस्तिष्कों का कोशिकीय स्तर पर त्रि-आयामी नक्शा तैयार किया जाएगा। सी-स्ट्रोक को अपनी तरह का पहला मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस बताया गया है और इसमें स्ट्रोक से प्रभावित मस्तिष्क के 1,000 से अधिक सूक्ष्मदर्शीय खंडों का विस्तृत विवरण है, जिससे दुनिया भर के शोधकर्ता उपचार के नए लक्ष्य पहचान सकेंगे। विकल्प B, C और D में दूसरे प्रसिद्ध संस्थानों तथा दूसरी तरह के एटलस के नाम हैं, जिनका इस घोषणा में कोई उल्लेख नहीं है। याद रखने योग्य जोड़ी है — मस्तिष्क केंद्र के साथ आईआईटी मद्रास और एटलस का नाम सी-स्ट्रोक।
पूरा लेख पढ़ें: चेन्नई को 11 अक्टूबर को 13,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं
अभ्यास प्रश्न
11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में सौंपी जा रही विकास परियोजनाओं की कुल लागत लगभग कितनी है?
- A.3,700 करोड़ रुपये से अधिक
- B.8,500 करोड़ रुपये से अधिक
- C.13,000 करोड़ रुपये से अधिक
- D.21,000 करोड़ रुपये से अधिक
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व्याख्या
सही उत्तर 13,000 करोड़ रुपये से अधिक है। घोषणा के अनुसार चेन्नई में एक साथ सौंपी जा रही परियोजनाओं की कुल कीमत 13,000 करोड़ रुपये से अधिक है और इनका दायरा मेट्रो रेल, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह, पेट्रोलियम तथा शिक्षा तक फैला है। विकल्प A में दिया 3,700 करोड़ रुपये का आंकड़ा केवल राज्य की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का है, पूरे पैकेज का नहीं, इसलिए वह बहुत कम बैठता है। विकल्प B का 8,500 करोड़ रुपये इस घोषणा के किसी भी हिस्से से मेल नहीं खाता। विकल्प D में राशि 21,000 करोड़ रुपये बताई गई है, जो वास्तविक पैकेज से काफी ऊपर है। कुल राशि में मेट्रो खंड लगभग 4,900 करोड़ रुपये, राजमार्ग करीब 3,700 करोड़ रुपये, रेल परियोजनाएं 750 करोड़ रुपये से अधिक और एलओबीएस संयंत्र लगभग 1,620 करोड़ रुपये का हिस्सा रखते हैं, जिससे बड़ी राशि की बनावट समझ आती है।
चेन्नई में खुलने वाला पूनामल्ली-वडापलानी कॉरिडोर किस परियोजना का हिस्सा है और इसकी खास बात क्या है?
- A.चेन्नई मेट्रो का पहला चरण, भूमिगत जुड़वां सुरंग के साथ
- B.चेन्नई मेट्रो का दूसरा चरण, 3.7 किलोमीटर लंबे दो-स्तरीय ढांचे के साथ
- C.चेन्नई उपनगरीय रेल, केबल आधारित एलिवेटेड पुल के साथ
- D.चेन्नई मेट्रो का तीसरा चरण, तैरते स्टेशन के साथ
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व्याख्या
सही उत्तर चेन्नई मेट्रो का दूसरा चरण, 3.7 किलोमीटर लंबे दो-स्तरीय ढांचे के साथ है। पूनामल्ली से वडापलानी तक का यह खंड चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का भाग है, इसे लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, और इसकी पहचान 3.7 किलोमीटर लंबा दो-स्तरीय ढांचा है। इसमें चालक-रहित ट्रेनों के संचालन में सहायक उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली भी लगी है। इससे यात्रियों का दैनिक यात्रा समय घटने तथा शहर के तेजी से बढ़ते पश्चिमी उपनगरों और केंद्र के बीच संपर्क सुधरने की उम्मीद है। विकल्प A इसे गलत ढंग से पहले चरण में रखता है और भूमिगत सुरंग जोड़ देता है। विकल्प C इसे उपनगरीय रेल प्रणाली का हिस्सा बताता है, जो घोषणा में नहीं है। विकल्प D इसे तीसरे चरण में ले जाकर तैरते स्टेशन की बात करता है, जिसका कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए केवल विकल्प B चरण और ढांचे, दोनों के हिसाब से सही है।
पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमकुडी और नमक्कल के पांच रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किस योजना के तहत हुआ है?
- A.अमृत भारत स्टेशन योजना
- B.आदर्श स्टेशन योजना
- C.सेतु भारतम
- D.भारतमाला परियोजना
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व्याख्या
सही उत्तर अमृत भारत स्टेशन योजना है। तमिलनाडु में उद्घाटन के लिए नामित पांच स्टेशन — पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमकुडी और नमक्कल — इसी योजना के तहत पुनर्विकसित हुए हैं और अमृत स्टेशन के रूप में खोले जा रहे हैं। ये 750 करोड़ रुपये से अधिक की उन रेल परियोजनाओं का हिस्सा हैं, जिनमें कराइकल-पेरालम रेल लाइन और कोयंबटूर क्षेत्र के तीन रेल उपरिगामी पुल भी शामिल हैं। विकल्प B की आदर्श स्टेशन योजना रेलवे का एक अलग कार्यक्रम है और यहां उसका नाम नहीं है। विकल्प C सेतु भारतम राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुलों और समपारों से जुड़ा कार्यक्रम है, स्टेशन भवनों से नहीं। विकल्प D भारतमाला परियोजना राजमार्ग विकास का कार्यक्रम है, जिसका स्टेशन पुनर्विकास से कोई संबंध नहीं है। अभ्यर्थी अमृत स्टेशन शब्द को इसी योजना से जोड़कर पांचों नाम याद रखें।
भारतीय लाइटहाउस महोत्सव का तीसरा संस्करण किस शहर में आयोजित हुआ?
- A.पुरी
- B.पणजी
- C.कोच्चि
- D.विशाखापत्तनम
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व्याख्या
सही उत्तर विशाखापत्तनम है। भारतीय लाइटहाउस महोत्सव अब तक तीन बार हुआ है: पहला आयोजन 2023 में गोवा के फोर्ट अगुआडा में, दूसरा 2024 में ओडिशा के पुरी में और तीसरा 2026 में विशाखापत्तनम में। विशाखापत्तनम में लाइटहाउस तटीय पहचान के बड़े जश्न का केंद्र बना, जहाँ स्थानीय शिल्प, तटीय खान-पान और रात की रोशनी के साथ परिवार, युवा, कलाकार, उद्यमी और छात्र शामिल हुए। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुरी में दूसरा संस्करण हुआ था, जिसमें सैंड आर्ट, बोट आर्ट, योग और लोक नृत्य के साथ ओडिशा के पाँच विकसित लाइटहाउस गोपालपुर, पुरी, चंद्रभागा, पारादीप और फ़ॉल्स पॉइंट सामने रखे गए। विकल्प B गलत है, क्योंकि गोवा का आयोजन पणजी के बजाय फोर्ट अगुआडा में हुआ था। विकल्प C में कोच्चि का नाम है, जहाँ तीनों संस्करणों में कोई आयोजन नहीं हुआ।
अंदरूनी जलमार्ग पर भारत के पहले लाइटहाउस किस नदी के किनारे बनाए जा रहे हैं?
- A.गंगा
- B.गोदावरी
- C.ब्रह्मपुत्र
- D.महानदी
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व्याख्या
सही उत्तर ब्रह्मपुत्र है। इस नदी के किनारे पांडु, बोगीबील, सिलघाट और विश्वनाथ घाट पर चार लाइटहाउस बनाए जा रहे हैं और ये समुद्र तट के बजाय अंदरूनी जलमार्ग पर देश का पहला लाइटहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर होंगे। हर टावर 20 मीटर ऊँचा होगा, कुल खर्च लगभग ₹84 करोड़ आएगा और हर लाइटहाउस में सौर ऊर्जा के साथ मौसम की जानकारी देने वाले सेंसर भी लगेंगे। ये चारों स्थल पर्यटकों के लिए भी तैयार किए जा रहे हैं, जहाँ संग्रहालय, एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया, बच्चों के खेलने की जगह, स्मृति-चिह्न की दुकान और सुंदर सार्वजनिक जगहें होंगी। विकल्प A, B और D में गंगा, गोदावरी और महानदी का नाम है, जो भारत की महत्वपूर्ण नदियाँ हैं, लेकिन इन पर इस तरह की कोई परियोजना इस दस्तावेज़ में दर्ज नहीं है। परीक्षा में चारों स्थानों के नाम याद रखना सबसे सुरक्षित तरीका है।