राजपत्र की प्रतियाँ जनता को उपलब्ध होने की तारीख से कितने दिन के भीतर हितधारक एफएसएसएआई के इस मसौदे पर आपत्ति भेज सकते हैं?
- A.30 दिन
- B.45 दिन
- C.60 दिन
- D.90 दिन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 60 दिन है। शिशु आहार में सुक्रोज और फ्रक्टोज से जुड़ी यह अधिसूचना जन परामर्श के लिए मसौदे के रूप में प्रकाशित हुई है, और हितधारकों से आपत्तियाँ तथा सुझाव उस तारीख से साठ दिन के भीतर आमंत्रित किए गए हैं जब राजपत्र की प्रतियाँ जनता को उपलब्ध करा दी जाती हैं। इस अवधि में प्राप्त हर अभ्यावेदन पर प्राधिकरण विचार करेगा और उसके बाद ही संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा; इसीलिए यह रोक अभी प्रस्ताव है, लागू नियम नहीं। शेष विकल्पों में दी गई अवधि अधिसूचना में निर्धारित नहीं है। इस संख्या के साथ मसौदे की मूल बातें भी याद रखनी चाहिए: रोक वाली शर्कराएँ सुक्रोज और फ्रक्टोज हैं, आयु वर्ग छह माह तक का शिशु है, राजपत्र तिथि 16 अक्टूबर 2026 है, और संशोधित होने वाले मूल नियम शिशु पोषण आहार से जुड़े वर्ष 2020 के विनियम हैं।
पूरा लेख पढ़ें: एफएसएसएआई मसौदा: शिशु आहार में सुक्रोज-फ्रक्टोज पर रोक
अभ्यास प्रश्न
एफएसएसएआई के मसौदा संशोधन में छह माह तक की आयु के शिशुओं के उत्पादों से किन दो शर्कराओं को बाहर रखने का प्रस्ताव है?
- A.लैक्टोज और माल्टोज
- B.सुक्रोज और फ्रक्टोज
- C.ग्लूकोज पॉलिमर और लैक्टोज
- D.सॉर्बिटोल और मैनिटोल
उत्तर देखें
खाद्य संरक्षा एवं मानक (शिशु पोषण आहार) संशोधन विनियम, 2026 का मसौदा, जो 16 अक्टूबर 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ, प्रस्ताव करता है कि छह माह तक की आयु के शिशु के लिए बने किसी भी उत्पाद में ये दोनों शर्कराएँ न मिलाई जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एफएसएसएआई का वर्ष 2026 का मसौदा संशोधन शिशु पोषण आहार से जुड़े किन मूल विनियमों में बदलाव करता है?
- A.शिशु पोषण आहार विनियम, 2011
- B.शिशु पोषण आहार विनियम, 2016
- C.शिशु पोषण आहार विनियम, 2020
- D.शिशु पोषण आहार विनियम, 2024
उत्तर देखें
ये वही मूल नियम हैं जिनमें संशोधन विनियम, 2026 नाम का नया मसौदा बदलाव करना चाहता है। मूल विनियम जन्म से लेकर चौबीस माह तक की आयु के बच्चों के लिए बिकने वाले शिशु पोषण उत्पादों की हर श्रेणी की संरचना, गुणवत्ता और सुरक्षा के मानक तय करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →KAUMARACON 2026 का विषय कौमारभृत्य आयुर्वेद की किस शाखा से संबंधित है?
- A.शल्य चिकित्सा
- B.बाल स्वास्थ्य
- C.विष विज्ञान
- D.वृद्धावस्था चिकित्सा
उत्तर देखें
कौमारभृत्य आयुर्वेद की बाल चिकित्सा शाखा है, और इसी नाम पर आयोजित सम्मेलन आयुर्वेद के माध्यम से बाल स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एआईआईए गोवा ने किस विश्वविद्यालय के साथ हुए अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत आयुर्वेद अकादमिक चेयर स्थापित करने का प्रावधान किया है?
- A.महर्षि इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, अमेरिका
- B.कोलंबो विश्वविद्यालय, श्रीलंका
- C.मेलबर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया
- D.हाइडलबर्ग विश्वविद्यालय, जर्मनी
उत्तर देखें
यह अंतरराष्ट्रीय समझौता एआईआईए गोवा और उस विश्वविद्यालय के बीच हुआ, जो अमेरिका के आयोवा राज्य के फेयरफील्ड में स्थित है, और इसके तहत विश्वविद्यालय के शरीरक्रिया एवं स्वास्थ्य विभाग में आयुर्वेद अकादमिक चेयर स्थापित की जाएगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अपने 10वें स्थापना दिवस पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने किन दो संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन किए?
- A.राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ और आरोग्य भारती
- B.राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और आरोग्य भारती
- C.राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद
- D.आयुष मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग
उत्तर देखें
दोनों समझौतों पर स्थापना दिवस समारोह में हस्ताक्षर हुए, जिनका उद्देश्य संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना और आयुर्वेद से जुड़े ज्ञान का आदान-प्रदान करना है।
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