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GK24
पर्यावरणमध्यम

प्रयागराज का बहु-फीडस्टॉक बायो-सीएनजी संयंत्र प्रतिदिन कितना जैविक कचरा संसाधित कर सकता है?

  1. A.143 टन
  2. B.243 टन
  3. C.343 टन
  4. D.443 टन

सही उत्तर

C. 343 टन

व्याख्या

सही उत्तर 343 टन है। उत्तर प्रदेश का यह संयंत्र रोज इतना जैविक कचरा लेता है और लगभग इक्कीस टन बायो-सीएनजी देता है, साथ ही अट्ठाईस टन अच्छी गुणवत्ता की खाद बनाता है जो आसपास के किसानों को मिलती है। इसका बहु-फीडस्टॉक ढांचा गीला कचरा, पुआल, गोबर और मुर्गी के अपशिष्ट को स्वीकार करता है, इसी कारण फसल अवशेष को जलाने के बजाय उसका लाभकारी उपयोग हो पाता है। विकल्प A यानी 143 टन, विकल्प B यानी 243 टन और विकल्प D यानी 443 टन केवल पहला अंक बदलकर बनाए गए भ्रमजाल हैं, जो उस परीक्षार्थी को फंसाते हैं जिसे आंकड़े के अंतिम दो अंक ही याद रहते हैं। इसी संयंत्र से जुड़े अन्य आंकड़े भी याद रखें: गीले कचरे की आपूर्ति सात-आठ टन से बढ़कर करीब 125 टन हो गई है, पाइप से गैस लगभग 45,000 घरों तक पहुंचेगी और सालाना उत्सर्जन में करीब 57,000 टन की कमी अपेक्षित है।

पूरा लेख पढ़ें: स्वच्छ भारत में कचरे से ऊर्जा: प्रयागराज से ग्वालियर तक

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Q1.पर्यावरणमध्यम

संपीडित जैव गैस संयंत्र पर आधारित देश की पहली आधुनिक और आत्मनिर्भर गौशाला कही जाने वाली आदर्श गौशाला किस शहर में है?

  1. A.भोपाल
  2. B.ग्वालियर
  3. C.इंदौर
  4. D.जबलपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्वालियर

व्याख्या

सही उत्तर ग्वालियर है, जो मध्य प्रदेश में है। आदर्श गौशाला लालटीपारा में स्थित है और शहर की सबसे बड़ी गौशाला है, जहां दस हजार से अधिक मवेशी रहते हैं। इसका 100 टन प्रतिदिन क्षमता का संपीडित जैव गैस संयंत्र अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ, पांच एकड़ में फैला है, 31 करोड़ रुपये की लागत से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सहयोग से बना और राज्य का पहला ऐसा संयंत्र है जो गोबर के साथ बाजारों तथा घरों से आने वाले सब्जी-फल के कचरे को भी ले सकता है। यह रोज 100 टन गोबर से दो टन गैस और दस से पंद्रह टन सूखी जैव खाद बनाता है। विकल्प A भोपाल राज्य की राजधानी है पर यह स्थल नहीं है। विकल्प C इंदौर स्वच्छता रैंकिंग के कारण ध्यान खींचता है, इसीलिए वह भ्रमित करता है। विकल्प D जबलपुर का इस सुविधा से कोई संबंध नहीं है।

Q2.पर्यावरणआसान

सब्जी के कचरे से बनी बिजली से स्ट्रीट लाइट जलाने वाली बोवेनपल्ली सब्जी मंडी किस शहर में है?

  1. A.बेंगलुरु
  2. B.चेन्नई
  3. C.हैदराबाद
  4. D.पुणे
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हैदराबाद

व्याख्या

सही उत्तर हैदराबाद है। बोवेनपल्ली सब्जी मंडी में रोज करीब दस टन सब्जी और फल का कचरा जुटता है, और वहीं जैव गैस संयंत्र लगने के बाद उसका लगभग पूरा हिस्सा काम में आ जाता है, पहले वह लैंडफिल जाता था। संयंत्र रोज करीब 400 से 500 यूनिट बिजली और 30 किलो जैव ईंधन बनाता है, जिससे मंडी की स्ट्रीट लाइट, दुकानें, प्रशासनिक भवन और जल आपूर्ति नेटवर्क चलते हैं, जबकि जैव ईंधन मंडी की रसोई और पूरी तरह जैव गैस पर चलने वाले जनरेटर को मिलता है। बिजली का बिल महीने के करीब तीन लाख रुपये से घटकर लगभग आधा रह गया है और गुडीमलकापुर, गद्दीअन्नाराम, एर्रागड्डा, अलवाल तथा सरूरनगर में पांच और संयंत्रों के लिए धन स्वीकृत हुआ है। विकल्प A, B और D दूसरे राज्यों के बड़े शहर हैं और इस मॉडल से जुड़े नहीं हैं।

Q3.पर्यावरणआसान

स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत किस महीने और वर्ष में हुई थी?

  1. A.अक्टूबर 2014
  2. B.अगस्त 2014
  3. C.अक्टूबर 2015
  4. D.अप्रैल 2016
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अक्टूबर 2014

व्याख्या

सही उत्तर अक्टूबर 2014 है। उसी शुरुआत से नगरीय ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन इस मिशन का मूल उद्देश्य रहा है, और जैसे-जैसे मिशन आगे बढ़ा, जैविक कचरे को कूड़ा मानने के बजाय स्वच्छ ऊर्जा के संसाधन के रूप में देखा जाने लगा। प्रयागराज, ग्वालियर, हैदराबाद और गांधीनगर में बताए गए कचरे से ऊर्जा वाले सभी काम इसी मिशन के शहरी हिस्से के दूसरे चरण के अंतर्गत आते हैं। विकल्प B यानी अगस्त 2014 वर्ष के हिसाब से इतना निकट है कि जल्दबाजी में पढ़ने वाला फंस सकता है, परंतु महीना गलत है। विकल्प C यानी अक्टूबर 2015 में महीना ठीक है और वर्ष एक साल आगे खिसका दिया गया है, जो तिथि वाले प्रश्नों का सबसे आम जाल है। विकल्प D यानी अप्रैल 2016 किसी से मेल नहीं खाता। याद रखने का सहारा यह है कि स्वच्छता महात्मा गांधी की जयंती से जुड़ी है, जो दो अक्टूबर को पड़ती है।

Q4.पर्यावरणआसान

गणेश पंडाल के जागरूकता कार्यक्रम में लोगों से किन मूर्तियों को पीने के पानी की टंकियों में विसर्जित न करने को कहा गया?

  1. A.मिट्टी से बनी मूर्तियां
  2. B.प्लास्टर ऑफ पेरिस और हानिकारक रासायनिक रंगों वाली मूर्तियां
  3. C.कागज की लुगदी से बनी मूर्तियां
  4. D.हल्दी से बनी मूर्तियां
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्लास्टर ऑफ पेरिस और हानिकारक रासायनिक रंगों वाली मूर्तियां

व्याख्या

सही उत्तर प्लास्टर ऑफ पेरिस और हानिकारक रासायनिक रंगों वाली मूर्तियां है। कार्यक्रम में लोगों को पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी की मूर्तियों के बारे में जागरूक किया गया और सलाह दी गई कि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी या हानिकारक रासायनिक रंगों वाली मूर्तियां पीने के पानी की टंकियों में विसर्जित न करें। विकल्प A गलत है, क्योंकि मिट्टी की मूर्तियां ही वह विकल्प थीं जिन्हें अपनाने की सलाह दी गई, न कि जिनसे मना किया गया। विकल्प C और D में दी गई सामग्री की चर्चा इस कार्यक्रम में हुई ही नहीं। मूर्ति की सामग्री के अलावा लोगों से यह भी कहा गया कि वे विसर्जन के लिए तय स्थानों का ही उपयोग करें, मूर्तियों और पूजा सामग्री को प्राकृतिक जल स्रोतों में न डालें तथा विसर्जन स्थलों पर सफाई और सुरक्षा का ध्यान रखें, क्योंकि जल स्रोतों की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी और लोगों की भागीदारी पर टिकी है।

Q5.पर्यावरणआसान

गणेश विसर्जन के बाद आईसीएआर के ये जागरूकता और सफाई कार्यक्रम किस अभियान के तहत आयोजित किए गए?

  1. A.नमामि गंगे
  2. B.मिशन लाइफ
  3. C.स्वच्छता ही सेवा
  4. D.जल जीवन मिशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्वच्छता ही सेवा

व्याख्या

सही उत्तर स्वच्छता ही सेवा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने अपने संस्थानों में जागरूकता और सफाई की ये पहलें इसी अभियान के तहत आयोजित कीं, जिनका ध्यान गणेश विसर्जन के बाद की सफाई, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन पर था। विकल्प A यानी नमामि गंगे गंगा नदी के कायाकल्प से जुड़ा कार्यक्रम है और यहां उसका नाम नहीं आया। विकल्प B यानी मिशन लाइफ पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देता है, लेकिन ये कार्यक्रम उसके तहत नहीं हुए। विकल्प D यानी जल जीवन मिशन घरों तक नल से पानी पहुंचाने से जुड़ा है और इस अभियान से उसका कोई संबंध नहीं है। इस अभियान के तहत लोगों को मिट्टी की मूर्तियों, तय विसर्जन स्थलों के उपयोग तथा फूल, पूजा सामग्री, प्लास्टिक और थर्मोकोल के सही निपटान के बारे में जागरूक किया गया।