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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

प्रधानमंत्री ने 8 अक्टूबर 2026 को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के किस संस्करण का उद्घाटन किया?

  1. A.8वें
  2. B.9वें
  3. C.10वें
  4. D.12वें

सही उत्तर

C. 10वें

व्याख्या

सही उत्तर 10वें संस्करण है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस ने इस आयोजन के साथ दस वर्ष पूरे किए और प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली के यशोभूमि में 8 अक्टूबर 2026 को इसका उद्घाटन किया। उन्होंने इस दसवीं वर्षगांठ के साथ देश में जीएसएमए बोर्ड की बैठक होने को भी खास बताया। विकल्प A यानी 8वां संस्करण गलत है, क्योंकि वह संस्करण इस श्रृंखला के पहले के वर्षों का है और प्रधानमंत्री ने यहां दस साल के बदलाव का ब्यौरा दिया। विकल्प B यानी 9वां संस्करण भी गलत है, क्योंकि वह इससे पिछला आयोजन था। विकल्प D यानी 12वां संस्करण गलत है, क्योंकि यह श्रृंखला अभी बारहवें पड़ाव तक नहीं पहुंची है। याद रखने का सहारा यह है कि 5जी की शुरुआत इसी मंच से 2022 में हुई थी और उसी यात्रा को प्रधानमंत्री ने दसवें संस्करण में दोहराया।

पूरा लेख पढ़ें: यशोभूमि में 10वीं इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्घाटन

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का उद्घाटन किस स्थान पर हुआ?

  1. A.भारत मंडपम, नई दिल्ली
  2. B.यशोभूमि, नई दिल्ली
  3. C.प्रगति मैदान, नई दिल्ली
  4. D.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यशोभूमि, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर यशोभूमि, नई दिल्ली है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दसवें संस्करण का उद्घाटन वहीं हुआ, जहां देश और दुनिया के दूरसंचार ऑपरेटर, उद्योग जगत के अग्रणी लोग, विशेषज्ञ तथा कॉलेजों और स्टार्टअप से आए युवा मौजूद थे। विकल्प A यानी भारत मंडपम भरोसेमंद लगता है पर गलत है, क्योंकि वह राजधानी का दूसरा सम्मेलन स्थल है जहां अन्य राष्ट्रीय आयोजन होते रहे हैं, इस बार की मोबाइल कांग्रेस वहां नहीं हुई। विकल्प C यानी प्रगति मैदान भी इसी कारण गलत है, हालांकि वह दिल्ली का पुराना प्रदर्शनी परिसर है और भ्रम पैदा कर सकता है। विकल्प D यानी विज्ञान भवन गलत है, क्योंकि वहां इस आकार की प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी के बजाय छोटी सरकारी बैठकें होती हैं। दोहराते समय स्थान के साथ इस संस्करण की थीम स्केल विदाउट बाउंड्रीज को भी जोड़कर याद रखें।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

10वीं इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम क्या थी?

  1. A.स्केल विदाउट बाउंड्रीज
  2. B.डिजिटल इंडिया, डिजिटल वर्ल्ड
  3. C.फ्यूचर इज नाउ
  4. D.कनेक्टिंग द अनकनेक्टेड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. स्केल विदाउट बाउंड्रीज

व्याख्या

सही उत्तर स्केल विदाउट बाउंड्रीज है। प्रधानमंत्री ने इस थीम को सीधे उठाया और कहा कि भारत का अनुभव बताता है कि बिना सीमा के विस्तार का अर्थ व्यवहार में क्या होता है, इसके उदाहरण में उन्होंने 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशनों से हर जिले तक पहुंची 5जी सेवा तथा सस्ते डेटा और उपकरणों के प्रसार को रखा। विकल्प B गलत है, क्योंकि डिजिटल इंडिया वह अभियान है जिसके केंद्र में मोबाइल फोन को लाया गया, पर वह इस संस्करण की थीम नहीं थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऐसी कोई थीम इस आयोजन के लिए तय नहीं हुई। विकल्प D भी गलत है, भले वह भरोसेमंद लगे, क्योंकि संबोधन में डिजिटल खाई मिटाने की बात जरूर हुई थी। परीक्षा में थीम, संस्करण संख्या और स्थान, ये तीन तथ्य साथ पूछे जाने की संभावना सबसे अधिक रहती है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

इंडिया मोबाइल कांग्रेस में बताए अनुसार पीएम किसान सम्मान निधि से छोटे किसानों तक कितनी राशि सीधे पहुंची है?

  1. A.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  2. B.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  3. C.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  4. D.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। मोबाइल आधारित शासन से लीकेज रुकने की बात समझाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वही पैसा सही लाभार्थी तक पहुंच रहा है और उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि का उदाहरण देते हुए बताया कि इस योजना से छोटे तथा सीमांत किसानों तक चार लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचे हैं, जिन्हें पहले सरकारी मदद का लाभ नहीं मिल पाता था। विकल्प A और B राशि को कम बताते हैं, इसलिए गलत हैं; ये वे गोल आंकड़े हैं जो योजना के शुरुआती वर्षों से याद रह जाते हैं। विकल्प D राशि को बढ़ाकर बताता है, इसलिए गलत है, पर इसे सभी योजनाओं के कुल सीधे अंतरण से भ्रमित किया जा सकता है, जिसे प्रधानमंत्री ने 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया और उसमें करीब 5 लाख करोड़ रुपये की लीकेज रुकने की बात कही। योजना का आंकड़ा और कुल अंतरण का आंकड़ा अलग रखना ही इस प्रश्न की कुंजी है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सरकार के वक्तव्य के अनुसार भारत में लाइसेंस प्राप्त जीएमपीसीएस सेवाएँ किस प्रकार की उपग्रह कक्षा पर आधारित हैं?

  1. A.केवल भूस्थिर कक्षा
  2. B.गैर-भूतुल्यकालिक उपग्रह कक्षा
  3. C.चंद्र अंतरण कक्षा
  4. D.भूतुल्यकालिक अंतरण कक्षा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गैर-भूतुल्यकालिक उपग्रह कक्षा

व्याख्या

सही उत्तर गैर-भूतुल्यकालिक उपग्रह कक्षा है। संचार मंत्रालय ने कहा कि उपग्रह के जरिये वैश्विक वैयक्तिक मोबाइल संचार सेवाओं के दूरसंचार लाइसेंस गैर-भूतुल्यकालिक उपग्रह कक्षा पर आधारित उपग्रह संचार के लिए दिए गए हैं। ऐसी कक्षाओं के उपग्रह पृथ्वी के किसी एक स्थिर बिंदु के ऊपर नहीं ठहरते, इसलिए इनमें उपग्रहों की पूरी श्रृंखला काम में लाई जाती है और एक उपग्रह निकलते समय उपयोगकर्ता को अगले उपग्रह को सौंप देता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वक्तव्य में इन सेवाओं को भूस्थिर नहीं बताया गया; भूस्थिर उपग्रह भूमध्य रेखा के ऊपर एक ही स्थान पर स्थिर प्रतीत होता है, जो गैर-भूतुल्यकालिक का उल्टा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि चंद्र अंतरण कक्षा का उपयोग यानों को चंद्रमा की ओर भेजने में होता है और भारत में उपयोगकर्ताओं को दूरसंचार सेवा देने से उसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भूतुल्यकालिक अंतरण कक्षा केवल एक अस्थायी पथ है जिससे उपग्रह को ऊपर उठाया जाता है, यह इन सेवाओं की संचालन कक्षा नहीं है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सरकार के वक्तव्य के अनुसार भारत में किसी उपग्रह संचार लाइसेंसधारक को स्पेक्ट्रम आवंटन माँगने से पहले क्या करना अनिवार्य है?

  1. A.अपने शेयर किसी मान्यता प्राप्त शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराना
  2. B.लाइसेंस की सुरक्षा शर्तों के पालन का प्रमाण देना
  3. C.भारतीय भूमि से अपना उपग्रह स्वयं प्रक्षेपित करना
  4. D.कम से कम दस लाख ग्राहक जोड़ना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लाइसेंस की सुरक्षा शर्तों के पालन का प्रमाण देना

व्याख्या

सही उत्तर लाइसेंस की सुरक्षा शर्तों के पालन का प्रमाण देना है। संचार मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस की नियम-शर्तों के अंतर्गत हर उपग्रह संचार लाइसेंसधारक को यह दिखाना होता है कि वह सुरक्षा शर्तों का पालन कर रहा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दी जा रही सेवाएँ सुरक्षा अपेक्षाओं पर खरी उतरें और सभी उपयोगकर्ताओं तथा उनके आँकड़ों की सुरक्षा बनी रहे। यह सुरक्षा मूल्यांकन हर लाइसेंसधारक के मामले में चल रहा है और इसके पूरा होने पर ही कोई कंपनी स्पेक्ट्रम आवंटन के अगले चरण में जा सकती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना इस ढाँचे में स्पेक्ट्रम की कोई शर्त नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्राधिकरण का संबंध भारत में सेवाएँ देने से है, यह नहीं देखा जाता कि उपग्रह कहाँ से छोड़े गए; ये कंपनियाँ गैर-भूतुल्यकालिक कक्षा की उपग्रह श्रृंखला का उपयोग करती हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्पेक्ट्रम से पहले ग्राहकों की कोई न्यूनतम संख्या तय नहीं की गई है; शर्त सुरक्षा मूल्यांकन है, व्यावसायिक आकार नहीं।