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GK24
अर्थव्यवस्थामध्यम

पीयूष गोयल के अनुसार 2047 तक भारतीय अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी हो सकती है?

  1. A.10 ट्रिलियन डॉलर
  2. B.20 ट्रिलियन डॉलर
  3. C.30 ट्रिलियन डॉलर
  4. D.50 ट्रिलियन डॉलर

सही उत्तर

C. 30 ट्रिलियन डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 30 ट्रिलियन डॉलर है। मंत्री ने कहा कि अभी करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था में 2047 तक इस आकार तक पहुंचने की क्षमता है; यही वर्ष स्वतंत्रता का सौवां वर्ष और विकसित भारत के लक्ष्य का वर्ष है। विकल्प A, B और D में दिए गोल आंकड़े इस संबोधन में नहीं आए। इसी भाषण की दूसरी तिथियां और आंकड़े भी दोहराने लायक हैं: प्रधानमंत्री के सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे करना, जिसकी गिनती 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से शुरू होती है और 26 मई 2014 से प्रधानमंत्री पद पर जारी है; तथा इंडिया मोबाइल कांग्रेस से दोहराई गई यह बात कि डिजिटल इंडिया से पिछले 12 वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक, यानी 55 अरब डॉलर से ऊपर की बचत हुई है। पांच टी भी याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: गोयल ने इस साल 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य रखा

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Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

पीयूष गोयल के अनुसार पिछले साल भारत का निर्यात कितना रहा और इस साल का लक्ष्य क्या है?

  1. A.पिछले साल 712 अरब डॉलर, लक्ष्य 900 अरब डॉलर
  2. B.पिछले साल 863 अरब डॉलर, लक्ष्य 1 ट्रिलियन डॉलर
  3. C.पिछले साल 925 अरब डॉलर, लक्ष्य 1.2 ट्रिलियन डॉलर
  4. D.पिछले साल 650 अरब डॉलर, लक्ष्य 800 अरब डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पिछले साल 863 अरब डॉलर, लक्ष्य 1 ट्रिलियन डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर पिछले साल 863 अरब डॉलर और इस साल 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने 31वें सीआईआई भागीदारी सम्मेलन के कर्टेन रेजर में दोनों आंकड़े दिए और बताया कि एक से दूसरे तक पहुंचने का अर्थ करीब 16 प्रतिशत की बढ़त है, और यह उस साल में जब विश्व व्यापार के केवल 2.5 से 3 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था के 3 प्रतिशत से कम बढ़ने की आशंका है। विकल्प A, C और D में दिए आंकड़े कहे ही नहीं गए थे। मंत्री ने यह भी जोर दिया कि लक्ष्य केवल सरकार ने नहीं, देश के उद्यमों ने तय किया है, जिनमें 6.3 करोड़ एमएसएमई, छोटे-बड़े उद्योग, वैश्विक क्षमता केंद्र और लगभग 250,000 स्टार्टअप शामिल हैं, और उन्होंने भरोसा जताया कि भारत 7 प्रतिशत से अधिक की रफ्तार बनाए रखेगा।

Q2.अर्थव्यवस्थाआसान

31वां सीआईआई भागीदारी सम्मेलन कहां और कब होगा?

  1. A.अमरावती, 12 और 13 दिसंबर
  2. B.विशाखापत्तनम, 12 और 13 नवंबर
  3. C.नई दिल्ली, 20 और 21 नवंबर
  4. D.हैदराबाद, 5 और 6 दिसंबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विशाखापत्तनम, 12 और 13 नवंबर

व्याख्या

सही उत्तर विशाखापत्तनम, 12 और 13 नवंबर है। सम्मेलन का कर्टेन रेजर 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ था, इसलिए विकल्प C भ्रमित कर सकता है, लेकिन राजधानी में केवल पूर्वावलोकन कार्यक्रम हुआ, सम्मेलन नहीं। विकल्प A में अमरावती का नाम है, जिसका जिक्र उसी संबोधन में क्वांटम वैली के रूप में उभरने के संदर्भ में हुआ था, और विकल्प D में हैदराबाद है; इनमें से कोई भी सम्मेलन का स्थान नहीं है। मंत्री ने दूसरे देशों से इस बंदरगाह शहर में मजबूत प्रतिनिधिमंडल भेजने का आग्रह किया और आंध्र प्रदेश को देश का उदीयमान राज्य बताया, जिसका श्रेय उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के तकनीक आधारित विकास और शासन को दिया; नायडू कर्टेन रेजर में मौजूद भी थे। उन्होंने यह भी कहा कि गूगल का पहला एआई केंद्र उसी शहर में बन रहा है।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

विशावरी टोलवे और नौ सड़क एसपीवी खरीदने वाली कॉन्सेसॉक 41 एसएएस पर अंततः किस कंपनी का नियंत्रण है?

  1. A.विंची एसए
  2. B.बेन कैपिटल
  3. C.कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड
  4. D.मैक्वायरी एसेट मैनेजमेंट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विंची एसए

व्याख्या

सही उत्तर विंची एसए है। अधिग्रहणकर्ता फ्रांस के कानूनों के तहत पंजीकृत कंपनी है और उस पर अंततः विंची एसए का नियंत्रण विंची हाईवेज तथा विंची कंसेशंस के माध्यम से है। विंची रियायतों, ऊर्जा और निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाला वैश्विक समूह है और बहुत से देशों में सक्रिय है। लक्षित कंपनियां वे विशेष प्रयोजन इकाइयां हैं जो आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्गों के विशिष्ट हिस्सों का संचालन करती हैं, तथा इनके साथ वह कंपनी भी है जो उन्हें परिचालन एवं रखरखाव के अलावा इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण सेवाएं देती है। विकल्प ख उसी दिन मंजूर हुए न्यूट्रास्यूटिकल्स सौदे से जुड़ी निजी इक्विटी फर्म है। विकल्प ग आतिथ्य सौदे के पीछे का पेंशन कोष है। विकल्प घ केवल एक संभावित नाम है।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

जेएसडब्ल्यू प्रोजेक्ट्स के पास इस समय बीएमएम इस्पात लिमिटेड की कितनी इक्विटी हिस्सेदारी है?

  1. A.26.00 प्रतिशत
  2. B.51.00 प्रतिशत
  3. C.58.47 प्रतिशत
  4. D.74.90 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 58.47 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 58.47 प्रतिशत है। मुंबई मुख्यालय वाली गैर-सूचीबद्ध कंपनी जेएसडब्ल्यू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के पास इस समय बीएमएम इस्पात लिमिटेड की इतनी इक्विटी है, और प्रस्तावित संयोजन का उद्देश्य बीएमएम को जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड में मिलाकर इस बहुलांश हिस्सेदारी को पूर्ण स्वामित्व में बदलना है। बताया गया उद्देश्य पैमाने की अर्थव्यवस्था, संसाधनों के एकत्रीकरण तथा पूंजी के युक्तिकरण के जरिये परिचालन, वित्तीय और संगठनात्मक दक्षता बढ़ाना है, क्योंकि बीएमएम पहले से ही समूह के भीतर बिक्री और खरीद के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला में जुड़ी हुई है। बाकी विकल्पों में कंपनी कानून से जुड़ी सामान्य हिस्सेदारी सीमाएं दी गई हैं, पर इस सौदे के लिए बताया गया आंकड़ा उनमें से कोई नहीं है। बीएमएम कर्नाटक में एकीकृत इस्पात संयंत्र चलाती है।

Q5.अर्थव्यवस्थाआसान

बीएमएम इस्पात के जेएसडब्ल्यू स्टील में विलय वाले प्रस्तावित संयोजन को किस नियामक ने मंजूरी दी?

  1. A.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  2. B.भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
  3. C.भारतीय रिजर्व बैंक
  4. D.भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग है। यही वह वैधानिक संस्था है जो निर्धारित सीमा से ऊपर के प्रस्तावित संयोजनों, यानी विलय, समामेलन और अधिग्रहण की जांच करती है कि कहीं उनसे भारत में प्रतिस्पर्धा पर उल्लेखनीय प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ेगा। आयोग ने जेएसडब्ल्यू समूह के इस आंतरिक पुनर्गठन के साथ उसी दिन तीन और संयोजनों को भी मंजूरी दी। विकल्प क यानी प्रतिभूति बाजार नियामक शेयर बाजारों, सूचीबद्ध कंपनियों, म्यूचुअल फंडों और बाजार मध्यस्थों की निगरानी करता है, पर इस तरह की संयोजन मंजूरी नहीं देता। विकल्प ग केंद्रीय बैंक है, जो बैंकों, भुगतान प्रणालियों और मौद्रिक नीति को देखता है और तभी आता है जब कोई बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी शामिल हो। विकल्प घ दिवाला संहिता के तहत समाधान और परिसमापन से जुड़ा है, जो यहां का विषय नहीं है।